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मंगलवार, 29 अप्रैल 2014

ड्रैकुला थेरपी: थम जाएगी उम्र

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photo :navbharattimes.indiatimes.com

ब्लड निकालकर उसे वैंपायर्स के लिए कलेक्ट करना तो हम सबने सुना है , लेकिन उसे ब्यूटी के लिए यूज करना थोड़ा नया कॉन्सेप्ट है। कॉस्मेटोलॉजी में अब अपने ही ब्लड को इंजेक्ट करके रिंकल्स को दूर किया जा रहा है। आइए जानते हैं इस ट्रेंड के बारे में-

बोटोक्स और कॉस्मेटिक फिलर्स के बाद अब बारी है , ड्रैकुला थेरपी की। आपके चेहरे पर उम्र का असर न दिखे , इसके लिए आपके ही ब्लड को आपके फेस पर इंजेक्ट किया जाता है। गौरतलब है कि ड्रैकुला थेरपी में बगैर किसी सर्जरी के बेहद यूथफुल लुक मिलता है। बता दें कि इस थेरपी को पहली बार ब्रिटेन में इंट्रोड्यूस किया गया था। लंदन - बेस्ड फ्रेंच कॉस्मेटिक डॉक्टर डेनियल सिस्टर का यह कॉन्सेप्ट अब इंडिया में अपने रिजल्ट की वजह से पॉप्युलर हो रहा है। इस थेरपी के बाद बेबी - सॉफ्ट और नेचरल स्किन मिलती है। दरअसल , इस थेरपी में आपके ही प्लेटलेट रिच प्लाज्मा को इंजेक्ट किया जाता है। इसे इंजेक्ट करने से स्किन रिजेनरेट हो जाती है और साथ में रिजुनेवेट भी। अगर आपको सिंथेटिक प्रॉडक्ट्स से प्रॉब्लम है , तो यह आपके लिए बेहतर है। 

क्या है प्रोसेस 
फोर्टिस हॉस्पिटल के सीनियर कॉस्मेटिक सर्जन डॉ . अजय कश्यप बताते हैं कि इस नॉन - सर्जिकल एज डिफाइंग ट्रीटमेंट में डॉक्टर आपका ब्लड निकालते हैं। फिर उसे उसे रेड ब्लड सेल्स , सीरम और प्लेटलेट्स में सेपरेट कर देते हैं। फिर इसे छोटे सीरिंज नीडल से पेशंट के फेस में इंजेक्ट किया जाता है। इसके बाद नए यंगर सेल्स बनने की प्रोसेस शुरू हो जाती है। चूंकि इस प्रोसेस में कोई फॉरन बॉडी इंजेक्ट नहीं की जाती , इसलिए यह सेफ है। यही नहीं , जरूरत पड़ने पर इसे दोबारा भी करवाया जा सकता है। 

बोटोक्स से अलग 
अगर बोटोक्स की बात करें , तो यह एक नर्व पारालिटिक एजेंट है। यह फेशियल लाइंस के लुक को इंप्रूव तो करता है , लेकिन सेल्स को रिजेनरेट नहीं करता , जबकि ड्रैकुला थेरपी से स्किन की कंडीशनिंग हो जाती है।

हेयर फॉल में भी 
ड्रैकुला थेरपी का यूज बालों की प्रॉब्लम्स में भी किया जाता है। स्किन स्पेशलिस्ट डॉ . रोहित बतरा बताते हैं कि अगर इसे स्कैल्प में इंजेक्ट किया जाता है , तो बहुत अच्छा रिजल्ट मिलता है। इसका रिजल्ट इंस्टैंट नहीं दिखता , लेकिन आपकी स्किन बिल्कुल इंप्रूव हो जाती है। वैसे , इसे स्टिमुलेटेड सेल्फ सीरम स्किन थेरपी भी कहते हैं। चूंकि यह अपना ही ब्लड है , इसलिए कोई एलर्जी भी नहीं होती। हां , इसे कराने के बाद एक हफ्ते तक आप सोशलाइज न करें , तो बेहतर रहता है। 

हिट है दिल्ली में 
दिल्ली में 35 से लेकर 50 की एज ग्रुप की महिलाएं इस थेरपी को पिछले कुछ महीनों से आजमा रही हैं। वैसे , कॉस्मेटिक डर्मेटॉलजिस्ट डॉ . दीप्ति ढिल्लन की मानें , तो दिल्ली में फिलहाल इसे सेलिब्रिटीज ज्यादा करा रहे हैं। हां , इंटरनेट से दिल्ली वालों को इस बारे में जानकारी मिल रही है। वैसे , इस थेरपी के लिए स्किन पर बहुत ज्यादा रिंकल्स आने का इंतजार न करें , बल्कि हल्के रिंकल्स में ही आजमाएं। आपको बेहतर रिजल्ट मिलेंगे। इस बात का खास ध्यान रखें कि आप इसे किसी एक्सपर्ट से ही कराएं। - ट्रेंड कॉस्मेटॉलजिस्ट से ही करवाएं यह थेरपी। - चूंकि थेरपी के बाद स्किन थोड़ी सेंसिटिव हो जाती है , इसलिए हमेशा घर से निकलने से पहले सनस्क्रीन का यूज जरूर करें। - आप चाहें , तो दो साल बाद इस थेरपी को रिपीट भी कर सकती हैं।

कितना है खर्च 
हालांकि यह टेक्नीक हमारे यहां अभी नई है, लेकिन बहुत तेजी से पॉपुलर हो रही है। इस थेरपी के हर सेशन में आपका 25,000 से लेकर 30,000 रुपये तक का खर्च आ सकता है। 


चूंकि यह आपका अपना ही ब्लड है , इसलिए कोई एलर्जी भी नहीं होती-डॉ.रोहित बतरा। (प्रीतंभरा प्रकाश,नवभारत टाइम्स,दिल्ली,

sabhar :http://upchar.blogspot.in/

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