जब पहली बार शिरडी में आए बाबा
इतनी कम उम्र में सर्दी-गर्मी, भूख-प्यास की जरा भी चिंता किए बगैर उस बालयोगी को अति कठिन तपस्या करते देखकर लोगों को बड़ा आश्चर्य हुआ।
जब अचानक शिरडी से चले गए साईं बाबा
कुछ समय शिरडी में रहकर वह तरुण योगी एक दिन किसी से कुछ कहे बिना अचानक वहां से चला गया।
इस घटना के बाद कहलाने लगे वह साईं बाबा
उसके बाद बाबा बारात के साथ वापस नहीं लौटे और सदा-सदा के लिए शिरडी के होकर रह गए।