इसके लिए यूजर्स को कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वो अपने कंप्यूटर पर ऑनलाइन होते ही प्रवाल शैलमाला के विस्तृत इलाकों में भ्रमण कर सकेंगे और समुद्र की खूबसूरत दुनिया से परिचित हो सकेंगे। फिलहाल यूजर्स केवल केटलिन सीव्यू सर्वे के नक्शे को देख सकते हैं। इस प्रोजेक्ट से वैज्ञानिक भी आशान्वित है। वे मानते हैं कि प्रोजेक्ट में मिलने वाले आंकड़े मौसम और ग्रेट बैरियर रीफ जैसे समुद्री इलाकों पर अन्य पर्यावरण अवस्था से प्रभावित पारस्थितितंत्र को अधिक बेहतरी समझ सकेंगे। क्वींसलैंड क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के ग्लोबल चेंज इंस्टीट्यूट के प्रो. ओवे होइग-गुल्डबर्ग का मानना है कि इस प्रोजेक्ट का विजुअल नेचर, वैज्ञानिक जानकारियों और जनता की जागरूकता के बीच पुल का काम करेगा। sabhar : patrika.com