बच्चेदानी के बदले पेट में पल रही थी बच्ची लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बच्चेदानी के बदले पेट में पल रही थी बच्ची लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
शनिवार, 21 दिसंबर 2013
बच्चेदानी के बदले पेट में पल रही थी बच्ची
0
रांची। रिम्स के लेबर रूम में शुक्रवार को डॉक्टरों को हैरान कर देनेवाली घटना घटी। नौ माह तक जिस बच्ची को मां की बच्चेदानी में होना चाहिए था, वह मां के पेट से निकली। गायनी विभाग के डॉ प्रीती बाला सहाय यूनिट के डॉक्टरों की टीम यह देख भौचक्क रह गयी और सबके मुंह से एक ही शब्द निकले अरे... यह क्या? बच्ची तो पेट में पल रही थी। बच्चेदानी तो एकदम अलग है।
सबने इसे कुदरत का करिश्मा कहा और बताया कि यह घटना रेयर है। हालांकि, बच्ची को जन्म देनेवाली मां अनि देवी(30) और उसकी बेटी दोनों स्वस्थ है। बच्ची का वजन भी 2.5 किलोग्राम है। अनि रांची के बेड़ो स्थित खत्री गांवकी रहनेवाली है। डॉ सहाय ने इसकी सूचना रिम्स अधीक्षक डॉ वसुंधरा को दी। ऑपरेशन टीम में डॉ सहाय, डॉ मधुलिका और पीजी छात्रा डॉ अंशु व नीतू और एनेस्थिसिया के डॉ सपन व डॉ सुनीत शामिल थे।ऑपरेशन टीम में शामिल डॉ अर्चना ने बताया कि अनि देवी कल शाम को बेड़ो पीएचसी से गर्भ में पल रहे शिशु के धड़कन कम होने की शिकायत पर भेजा गया। रिम्स में जांच किया गया। अनि के अनुसार वह नौ माह की गर्भवती थी। लेकिन, जांच के क्रम में सबकुछ सही नहीं मिला। अल्ट्रासाउंड जांच में पता नहीं चला। आज जब ऑपरेशन से पहले क्लीनिकली चेक किया गया तो पता चला कि बच्ची बच्चेदानी में नहीं बल्कि पेट में है। बच्चेदानी खाली था। इसे एब्डोमिनल प्रेगनेंसी कहा जाता है। जिसे सिजेरियन नहीं बल्कि लेप्रोटॉमी करके निकाला गया। दोनों की हालत ठीक है। पेट में पलने के कारण अंदरूनी अंगों पर दवाब था।
सहिया ने दिया अनि देवी को खून
अनि देवी के ऑपरेशन के वक्त डॉक्टरों ने एक यूनिट खून की जरूरत बतायी। साथ में पति नहीं था। मरीज को लेकर अस्पताल पहुंची सहिया संगीता देवी पशोपेश में पड़ गयी। अंत में उसने ही खून दी तब ऑपरेशन हुआ।
sabhar : bhaskar.com
Ads
-
पुरुषों में कमजोरी की समस्या आजकल आम है। नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष आदि ऐसी समस्याएं हैं जो वैवाहिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं। ...
-
जयपुर। हिंदुस्तान का थार रेगिस्तान सिर्फ अपने उजड़ेपन और सूनेपन के लिए ही पूरी दुनिया में नहीं जाना जाता है, बल्कि यहां की रेतों में कई...
-
भोपाल। भारत यूं तो विविधताओं का देश है, लेकिन इस धरा पर भी कई ऐसी जगह हैं, जो आश्चर्यचकित करने के साथ-साथ डराती भी हैं। इन जगहों में छिप...
-
अहमदाबाद। शहर के पॉश इलाके में रहने वाली और साइंस (कक्षा 12वीं) की एक छात्रा का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। छात्रा को अपने घर पर पले ...
-
अहमदाबाद। शहर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाले एक धनाढ्य परिवार का युवक मुंंह के कैंसर की बीमारी से पीड़ित हो गया ह...
-
मृत्यु एक ऐसा सच है जिसे कोई भी झुठला नहीं सकता। हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद स्वर्ग-नरक की मान्यता है। पुराणों के अनुसार जो मनुष्य अच्छ...
-
साइंस आज हमें बहुत सी बातों को समझने और समस्याओं को सुलझाने में मदद करता है। लेकिन आज भी कई ऐसी बातें हैं, जिनके बारे में इसके पास कोई जव...