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सुपर कंडक्टिव - ग्रैफीन कंडोम

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कंडोम के क्षेत्र में नई नई खोजें हो रही हैं. 2004 में जिस अति प्रवाहकीय, अति मजबूत पदार्थ ग्रैफीन की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था, अब उसका एक महत्वपूर्ण इस्तेमाल सामने आया है. इससे बेहतर कंडोम बनाने की कोशिश हो रही है. sabhar :http://www.dw.com/

जब वो धरती पर थे... )

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होमो फ्लोरेसिएन्सिस (हॉबिट गंभीर दिखने वाला ये इंसान 2003 में इंडोनेशियाई द्वीप पर मिला. यह सिर्फ एक मीटर लंबा था और जेआरआर टल्कियेन की लॉर्ड ऑफ द रिंग्स कहानी में हॉबिट जैसा दिखता था. इसलिए इसे हॉबिट कहा जाता है. शायद यह आधुनिक मनुष्य से अलग प्रजाति का था. धरती पर दोनों ही रहते थे. करीब 15,000 साल पहले हॉबिट प्रजाति ने दुनिया को अलविदा कह दिया. ब्रैकियोसॉरस ये प्राणी धरती से 15 करोड़ साल पहले विलुप्त हो गया था. शाकाहारी ब्रैकियोसॉरस धरती पर रहने वाली सबसे बड़ी प्रजातियों में से एक था. पूरे आकार का डायनोसोर बनने में इसे 10 से 15 साल लगते थे. खूब भूख और बढ़िया मैटाबोलिज्म वाला ये प्राणी 13 मीटर ऊंचा और इससे दुगना बड़ा होता था. क्वागा घोड़े और जेबरा का मिक्स दिखने वाला ये जानवर असल में एक जेबरा है. दक्षिण अफ्रीकी जेबरा की ये एक उप प्रजाति है. लोग इसका शिकार करते और खाने में इसकी टक्कर थी पालतू जानवरों से. क्वागा 1883 में धरती से खत्म हो गया. वुली मैमथ   आइस एज में जिंदा रहने के लिए वुली मैमथ की खाल बहुत ऊनी होती थी. ये हाथी भी आज के हाथी जितने ही बड़े होते थे. ह

अगले महाविनाश में इंसान का सफाया!

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कभी डायनासोर सबसे ज्यादा शक्तिशाली जीव थे जो पूरी तरह खत्म हो गए. आज इंसान सबसे ज्यादा शक्तिशाली है, लेकिन उसके सफाये की आशंका भी उतनी ही प्रबल है. पृथ्वी पर जीवन बीते 50 करोड़ साल से है. अब तक पांच बार ऐसे मौके आए हैं जब सबसे ज्यादा फैली और प्रभावी प्रजातियां पूरी तरह विलुप्त हुई हैं. भविष्य में सर्वनाश का छठा चरण आएगा और इंसान के लिए यह बुरी खबर है, क्योंकि इस वक्त धरती पर सबसे ज्यादा प्रबल प्रजाति उसी की है. इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने सर्वनाश और क्रमिक विकास पर शोध किया है. वैज्ञानिकों के मुताबिक आखिरी सर्वनाश की घटना 6.6 करोड़ साल पहले घटी. तब एक बड़ा धूमकेतु पृथ्वी से टकराया और 15 करोड़ साल तक धरती पर विचरण करने वाले डायनासोर एक झटके में खत्म हो गए. डायनासोरों की तुलना में इंसान ने पृथ्वी पर बहुत कम समय गुजारा है, करीब 15 लाख साल. वैज्ञानिकों के मुताबिक बीती घटनाओं के दौरान, एक समान दिखने वाली या बहुत ही कम अंतर वाली प्रजातियों का 50 से 95 फीसदी तक सफाया हुआ. शोध टीम के प्रमुख प्रोफेसर एलेक्जेंडर डनहिल कहते हैं, "जीवाश्मों के आधार पर बीते दौर

सिरकटा मुर्गा, जो 18 महीने तक ज़िंदा रहा!

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क्रिस स्टोकल वॉकर बीबीसी मैग्ज़ीन संवाददाता 12 सितंबर 2015 साझा कीजिए Image copyright BBC World Service अमरीका में 70 साल पहले एक किसान ने एक मुर्गे का सिर काट दिया, लेकिन वह मरा नहीं बल्कि 18 महीने तक जिंदा रहा. चकित करने वाली इस घटना के बाद यह मुर्गा 'मिरैकल माइक' नाम से मशहूर हुआ. ये सिरकटा मुर्गा इतने दिनों तक ज़िंदा कैसे रहा? पढ़ें विस्तार से 10 सितंबर 1945 को कोलाराडो में फ़्रूटा के अपने फ़ार्म पर लॉयल ओल्सेन और उनकी पत्नी क्लारा मुर्गे-मुर्गियों को काट रहे थे. लेकिन उस दिन 40 या 50 मुर्गे-मुर्गियों में से एक सिर कट जाने के बाद भी मरा नहीं. ओल्सेन और क्लारा के प्रपौत्र ट्रॉय वाटर्स बताते हैं, “जब अपना काम ख़त्म कर वे मांस उठाने लगे तो उनमें से एक जिंदा मिला जो बिना सिर के भी दौड़े चला जा रहा था.” दम्पति ने उसे सेब के एक बक्से में बंद कर दिया, लेकिन जब दूसरी सुबह लॉयल ओल्सेन ये देखने गए कि क्या हुआ तो उसे ज़िंदा पाकर उन्हें बहुत हैरानी हुई. बचपन में वाटर्स ने अपने परदादा से ये कहानी सुनी थी. Image copyright BBC World Service Image caption अमरीक

सम्राट अशोक की 9 रहस्यमय लोगों की सोसाइटी

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प्रतीकात्मक फोटो। इतिहास की रहस्यमय चीजों में सम्राट अशोक की 9 लोगों की एक सोसायटी का जिक्र सामने आता है। इसे The nine unknown के नाम से भी जाना जाता है। सम्राट अशोक ने 273 ई.पू. में इस कथित शक्तिशाली लोगों की सोसाइटी की नींव रखी थी। इस सोसाइटी का निर्माण कलिंग के युद्ध में 1 लाख से अधिक लोगों की मौत के बाद हुआ था। कहा जाता है कि इन 9 लोगों के पास ऐसी सूचनाएं थीं, जो गलत हाथों में जाने पर खतरनाक हो सकती थी। इनमें प्रोपेगंडा सहित माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित किताबें थी। कुछ किताबों के बारे में कहा जाता है कि इनमें एंटी ग्रेविटी और टाइम ट्रैवल के गुप्त सिद्धांत दर्ज थे। ये 9 लोग विश्व के कई स्थानों में फैले थे। सबसे आश्चर्य की बात है कि इनमें से कई विदेशी भी थे। sabhar : bhaskar.com

खास है एप्पल टीवी का सीरी फीचर और रिमोट कंट्रोल

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गैजेट डेस्क। एप्पल कंपनी ने 9 सितंबर के इवेंट में आईफोन के दो मॉडल्स के साथ कुल 5 प्रोडक्ट्स लॉन्च किए लेकिन जिस प्रोडक्ट ने अपनी तरफ लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा वो है एप्पल टीवी। * क्या है एप्पल टीवी- एप्पल टीवी एक तरह का डिजिटल मीडिया प्लेयर या सेट टॉप बॉक्स है। ये दिखने में बहुत छोटा है। इंटरनेट से कनेक्ट होने पर यह डिवाइस टीवी स्क्रीन पर इंटरनेट से वीडियो स्ट्रीम कर सकता है। आसान शब्दों में कहें तो इसकी मदद से इंटरनेट के लाइव टीवी चैनल्स और मूवी वेबसाइट्स, जैसे नेटफ्लिक्स और HBO की फिल्मों के अलावा ऑनलाइन टीवी शो और वीडियो टीवी पर देखे जा सकते हैं। एप्पल टीवी के जरिए स्ट्रीम किए गए कंटेंट की क्वालिटी बहुत अच्छी होती है। TECH GUIDE: प्रचलित टेक टर्म्स और उनके मतलब * क्या हैं फीचर्स- कंपनी की ये एप्पल टीवी ऐप के जरिए काम करेगी। ये टच सरफेस रिमोट कंट्रोल के साथ आएगी। इस रिमोट पर ग्लास टच सरफेस के जरिए यूजर को म्यूट बटन, डिस्प्ले बटन, सिरी बटन, प्ले/पॉज, वॉल्यूम जैसे फीचर्स मिलेंगे। इस टीवी को एप्पल की दूसरी डिवाइस जैसे आईफोन, आईपैड यहां तक की एप्पल पेंसिल के जरिए भी ऑपरेट

रोबोट से भी सेक्स करेगा इंसान?

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ज़ी मीडिया ब्यूरो नई दिल्ली: एक मशहूर वैज्ञानिक के किए गए दावों के मुताबिक अगले 50 साल में इंसान न सिर्फ रोबोट से प्रेम करने लगेगा बल्कि उससे यौन संबंध बनाना भी बेहद आम बात हो जाएगी। डॉ. हेलेन ड्रिसकॉल के मुताबिक जिस तेजी से तकनीक का विकस हो रहा है उससे यह मुमकिन है कि वर्ष 2070 तक दो मानवों के बीच बनने वाले शारीरिक संबंधों को पिछड़ेपन की निशानी माना जाने लगे। गौर हो कि कई देशों में लोग इंसानों की तरह दिखने वाले पुतलों को या सेक्स डॉल्स को अपने सेक्स पार्टनर के तौर पर खरीद रहे हैं। आने वाले वक्त में ऐसे सेक्स रोबोट बनाए जा सकते हैं जो न सिर्फ इंसानों की तरह दिखेंगे बल्कि आपसे बात कर सकेंगे और आपकी हरकतों को भांप कर उसी मुताबिक व्यवहार भी कर करेंगे। डॉ ड्रिस्कॉल के मुताबिक यह उन लोगों के लिए बहुत काम का साबित होगा जिनके साथी की मौत हो चुकी है या जो अकेले रहते हैं क्योंकि कोई भी साथी न होने से तो बेहतर रोबोट साथी होना ही है। यहां तक कि लोग इनसे सच में प्यार भी कर बैठेंगे। रोबोट के बारे में यह बात हमेशा से चर्चा का विषय रही है कि रोबोट इंसान की तरह ही सबकुछ कर सकते है। इ