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बुधवार, 7 अगस्त 2013

महिलाओं से संबंध के चलते सुर्खियों में आया साधू, फोन पर घंटों करता था बात

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महिलाओं से संबंध के चलते सुर्खियों में आया साधू, फोन पर घंटों करता था बात


जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में मंगलवार को पुलिस की ओर से बनाड़ निवासी रामस्नेही महाराज समरथराम के चाल-चलन व पुलिस रिकॉर्ड संबंधित रिपोर्ट पेश की गई। इसमें बताया गया कि घर से भाग कर संन्यासिन बनने जोधपुर आई भीलवाड़ा जिलांतर्गत गंगापुर निवासी 22 वर्षीय युवती से समरथराम ने 13 अगस्त 2012 से 17 जून 2013 के बीच कुल 51 हजार 749 सैकंड बात की।

इसके लिए युवती की मां के फोन पर 98 बार संपर्क साधा गया। इस मामले में महाराज के खिलाफ गंगापुर पुलिस थाने में गत 20 जुलाई को एफआईआर दर्ज की गई है। महाराज के खिलाफ इसी थाने में एक अन्य एफआईआर अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार मामले के तहत भी दर्ज है। इस मामले में समरथराम पर एक दलित युवती की लज्जाभंग के प्रयास का आरोप है।

संन्यासिन बनने आई युवती के मामले में मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश एनके जैन व न्यायाधीश अरुण भंसाली की खंडपीठ में पुलिस की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद पुरोहित व प्रद्युम्न सिंह के माध्यम से केस डायरी व तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की गई।
पुलिस की रिपोर्ट पेश करते हुए सरकारी वकील राजलक्ष्मी सिंह चौधरी ने कहा कि रिपोर्ट में 58 वर्षीय महाराज के युवती से लंबी बातचीत का ब्यौरा कॉल डिटेल में आया है। उनके कई अन्य महिलाओं से बातचीत का भी ब्यौरा उजागर हुआ है। 
पुलिस ने 25 वर्षीय एक दलित महिला की उस रिपोर्ट पर भी एफआईआर दायर की है जिसमें महिला ने महाराज पर रामकथा के दौरान उसे एकांत में कमरे में बुला कर लज्जा भंग करने के प्रयास का आरोप लगाया है।

अदालत ने पूछा- एफआईआर के बावजूद गिरफ्तार क्यों नहीं किया
खंडपीठ ने पुलिस की ओर से एफआईआर की जानकारी देने के बाद पूछा कि इसके बावजूद अब तक महाराज को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? साथ ही संन्यासिन बनने आई युवती को अदालत में पेश करने के आदेश भी दिए। गौरतलब है कि युवती को हाईकोर्ट के न्यायाधीश पीके लोहरा की एकलपीठ के आदेश पर नारी निकेतन भेज दिया गया था।
इस आदेश के खिलाफ युवती की ओर से यह कहते हुए अपील की गई, कि वह बालिग है और अपनी इच्छा से संन्यासिन बन महाराज के साथ रहना चाहती है। इस पर सुनवाई के बाद खंडपीठ ने सरकारी वकील राजलक्ष्मी सिंह से महाराज के चाल-चलन के बारे में अदालत में रिपोर्ट पेश करने को कहा था। sabhar : bhaskar.com





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