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शुक्रवार, 18 दिसंबर 2020

Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): स्ट्रिंग थ्योरी भारतीय दर्शन के करीब

Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): स्ट्रिंग थ्योरी भारतीय दर्शन के करीब: इस सिद्धांत के अनुसार सभी कण एक धागे रूपी रचना के रूप में है जिसे स्ट्रिंग कहते है यह अति छोटी इकाई है तथा फ्रीकवेंसी पे ...

कोरोना से जीत चुके मरीजों की जान ले रही यह बीमारी, अहमदाबाद में नौ लोगों ने गंवाई जान

कोरोना महामारी का खौफ पूरी दुनिया में है, लेकिन इस खौफनाक वायरस से जंग जीतने वाले भी करोड़ों लोग हैं। इस बीच एक ऐसी बीमारी का पता लगा है, जो कोरोना से जंग जीतने वालों को निशाना बना रही है। इस बीमारी का नाम म्यूकोरमाइकोसिस है, जिससे गुजरात के अहमदाबाद में अब तक नौ लोग जान गंवा चुके हैं। वहीं, दिल्ली में भी म्यूकोरमाइकोसिस के 12 मामले सामने आ चुके हैं।  अहमदाबाद में मिले 44 मामले जानकारी के मुताबिक, म्यूकोरमाइकोसिस बीमारी उन मरीजों को हो रही है, जो कोरोना से ठीक हो चुके हैं, लेकिन डायबिटीज से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों में हृदय, लिवर और ब्रेन स्ट्रोक जैसे मामलों में भी इजाफा हुआ है। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में अब तक म्यूकोरमाइकोसिस के 44 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से नौ लोगों की मौत हो चुकी है।  ये हैं म्यूकोरमाइकोसिस के लक्षण बता दें कि म्यूकोरमाइकोसिस एक तरह का फंगस इंफेक्शन है, जो कोरोना से ठीक होने के बाद मरीजों को ज्यादा चपेट में ले रही है। इस बीमारी में सबसे पहले जुकाम होता है, जो दिमाग पर असर डालने लगता है। इसके बाद मरीज धीरे-धीरे अंधेपन का शिकार हो जाता है। यह बीमारी आंखों और दिमाग पर ज्यादा असर डालती है।  ऐसे फैलता है म्यूकोरमाइकोसिस अहमदाबाद के सिविल अस्पताल की ईएनटी हेड डॉ. बेला प्रजापति के मुताबिक, म्यूकोरमाइकोसिस के अब तक जितने भी मामले मिले हैं, उनमें मरीजों की उम्र 50 साल से ज्यादा है और वे खासतौर पर डायबिटीज या अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। बता दें कि म्यूकोरमाइकोसिस को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी ट्वीट किए हैं। sabhar amarujala.com

Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): शरीर के इन अंगों पर तिल मानते हैं बेहद शुभ, धनवान ...

Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): शरीर के इन अंगों पर तिल मानते हैं बेहद शुभ, धनवान ...: Many mole are born on the body and many mole emerge later. Over time, many mole also become small and big. According to oceanography, the pr...

मंगलवार, 15 दिसंबर 2020

खुशबू का विज्ञान

खुशबू का विज्ञान:नींबू की खुशबू तरोताजा और फिट होने का अहसास कराती है, वनीला की महक मोटापा महसूस कराती है इंग्लैंड की सुसेक्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा कहा- शरीर के लिए हमारी निगेटिव सोच बदल सकती है खुशबू नींबू की खुशबू आपको तरोताजा और दुबले-पतले होने का अहसास कराती है वहीं, वनीला की महक अहसास कराती है कि आपका वजन ज्यादा है। यह दावा इंग्लैंड का सुसेक्स यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में किया है। सुसेक्स यूनिवर्सिटी की पीएचडी स्कॉलर गियाडा ब्रिआंजा कहती है, हमारी रिसर्च बताती है कि कैसे खुशबू हमारे शरीर के बारे में हमारी निगेटिव सोच को बदल देती है। हमारा चीजों को महसूस करने का तरीका और इमोशंस बदल जाते हैं। खुशबू भी थैरेपी की तरह गियाडा कहती हैं, तकनीक और कपड़ों में खुशबू का इस्तेमाल करके बॉडी परसेप्शन डिसऑर्डर का इलाज किया जा सकता है। कई लोग अपने शरीर के बारे में निगेटिव नजरिया रखते हैं, खुशबू की मदद से यह बदला जा सकता है। खासकर है अधिक वजन वाले लोगों की निगेटिव सोच को बदला जा सकता है। सुसेक्स यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मारियाना ऑब्रिस्ट कहती हैं, जब नींबू या दूसरी चीजों की खुशबू नाक से होकर गुजरती है तो हमारी अपने शरीर के प्रति सोच बदल जाती है। नींबू पानी के फायदे : झुर्रियां घटेंगी, कैंसर का खतरा कम होगा वेबएमडी के मुताबिक, नींबू पानी पीते हैं तो विटामिन-सी की कमी पूरी होती है। यह स्किन पर झुर्रियों और बढ़ती उम्र के असर को कम करता है। नींबू में फ्लेवेनॉयड्स, फिनॉलिक एसिड और कई ऐसे ऑयल्स पाए जाते हैं तो शरीर की कोशिकाओं को डैमेज करने वाले फ्री-रेडिकल्स से लड़ते हैं। नींबू पानी पीते हैं तो रोगों से लड़ने की क्षमता यानी इम्युनिटी बढ़ती है जो कई तरह की मौसमी बीमारियों से दूर रखता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स बोन, लिवर, ब्रेस्ट, कोलोन और स्टमक कैंसर से बचाते हैं। इसमें खास तरह का केमिकल पाया जाता है तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को जहरीले तत्वों से सुरक्षित रखता है। इसलिए अल्जाइमर्स और पार्किंसंस डिसीज का खतरा कम होता है। sabhar : bhaskar.com

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