Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): स्ट्रिंग थ्योरी भारतीय दर्शन के करीब

दिसंबर 18, 2020
Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): स्ट्रिंग थ्योरी भारतीय दर्शन के करीब : इस सिद्धांत के अनुसार सभी कण एक धागे रूपी रचना ...
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कोरोना से जीत चुके मरीजों की जान ले रही यह बीमारी, अहमदाबाद में नौ लोगों ने गंवाई जान

दिसंबर 18, 2020
कोरोना महामारी का खौफ पूरी दुनिया में है, लेकिन इस खौफनाक वायरस से जंग जीतने वाले भी करोड़ों लोग हैं। इस बीच एक ऐसी बीमारी का पता लगा है, जो...
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Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): शरीर के इन अंगों पर तिल मानते हैं बेहद शुभ, धनवान ...

दिसंबर 18, 2020
Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): शरीर के इन अंगों पर तिल मानते हैं बेहद शुभ, धनवान ... : Many mole are born on the body and many ...
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खुशबू का विज्ञान

दिसंबर 15, 2020
खुशबू का विज्ञान:नींबू की खुशबू तरोताजा और फिट होने का अहसास कराती है, वनीला की महक मोटापा महसूस कराती है इंग्लैंड की सुसेक्स यूनिवर्सिटी के...
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Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): वैज्ञानिकों ने मिरर न्यूरॉन्स का रिकार्डिंग क...

दिसंबर 02, 2020
Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): वैज्ञानिकों ने मिरर न्यूरॉन्स का रिकार्डिंग क... : ब्रेन के अंदर मोटर रीजन में , बल्कि विज...
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अमेरिकी लोग योग के बाद ध्यान में प्रविष्ट हो रहे है

बाहरी दुनिया शोर गुल से भरी है और भीतर मन की उथल पुथल है. ऐसे में क्या ध्यान शांति दे पाएगा? योग के बाद अब ध्यान अमेरिका को अपनी आगोश में ले रहा शाम के पांच बजते ही 31 साल की जूलिया लायंस अपना काम काज समेटती हैं. न्यू यॉर्क से सटे शहर मैनहटन में रहने वाली जूलिया सीधे ध्यान केंद्र की ओर बढ़ती हैं. वहां वह आधे घंटे गहरे ध्यान में डूबने की कोशिश करेंगी. जूलिया इनवेस्टमेंट बैंकर हैं. अप्रैल 2016 में अचानक उन्होंने ध्यान शुरू किया. ध्यान केंद्र के सोफे में बैठकर वह कहती हैं, "मैं शांति का एक लम्हा चाहती हूं. इस शहर में आप हमेशा भाग रहे होते हैं और यहां कोई भी ऐसा कोना नहीं जहां शांति हो."योग भले ही दुनिया भर में मशहूर हो चुका हो, लेकिन ध्यान अभी भी चुनिंदा लोगों तक ही सीमित है. पश्चिम में अब तक ध्यान को आध्यात्मिकता की ओर् झुके हुए लोगों से जोड़कर देखा जाता रहा है. लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. अमेरिका के कई अस्पतालों में गंभीर बीमारियों के इलाज में ध्यान की मदद ली जा रही है. स्कूलों में टेलिविजन के जरिये ध्यान सिखाया जा रहा है. स्मार्टफोन तक सिमट चुकी जिंदगी का ही नतीजा है कि अमेर