अखिलेश बहादुर पाल: अपनी जड़ों की खोज और कत्यूरी-पाल विरासत के संवाहक
अखिलेश बहादुर पाल: अपनी जड़ों की खोज और कत्यूरी-पाल विरासत के संवाहक लेखक: विशेष लेख उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक संबंधों में अखिलेश बहादुर पाल का नाम उन लोगों में लिया जाता है जिन्होंने अपने पूर्वजों के इतिहास और वंश परंपरा को समझने तथा संरक्षित करने का प्रयास किया। वे विशेष रूप से कत्यूरी-पाल वंश, अस्कोट, महुली-हरिहरपुर तथा अयोध्या से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों पर अध्ययन और जनजागरूकता के लिए जाने जाते हैं। ऐतिहासिक विरासत से जुड़ाव अखिलेश बहादुर पाल का मानना है कि इतिहास केवल पुस्तकों का विषय नहीं, बल्कि समाज की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर का आधार है। इसी उद्देश्य से उन्होंने कत्यूरी राजवंश की विभिन्न शाखाओं और उनके इतिहास के अध्ययन में रुचि दिखाई तथा अनेक ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। अस्कोट यात्रा उनकी अस्कोट यात्रा विशेष रूप से चर्चा में रही, जहाँ उन्होंने स्थानीय राजपरिवार, इतिहासकारों और समाज के लोगों से मुलाकात कर अपने पूर्वजों से जुड़े तथ्यों की जानकारी प्राप्त की। इस यात्रा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत वंशावली जानना नहीं था, बल्कि कत्यूरी-पाल परंपरा के ऐतिहासिक सूत्रो...


