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पूर्वजन्म की घटना

फ़रवरी 02, 2021
वर्ष 1930 में एक संपन्न और भले परिवार में शांति देवी का जन्म हुआ था। लेकिन जब वे महज 4 साल की थीं तभी उन्होंने अपने माता-पिता को पहचानने से ...
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अद्भुत स्मरणशक्ति

फ़रवरी 02, 2021
;हमें अपने जीवन और आसपास हुई कुछ अहम घटनाओं के अलावा शायद ही कोई बीती बात याद रहती है, लेकिन क्वींसलैंड की रबेका के पास अद्भुत स्मरणशक्ति;...
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भारतीय कृषि की अर्थब्यवस्था में योगदान

जनवरी 31, 2021
भारतीय कृषि भारतीय कृषि में लगभग 70% से अधिक जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए प्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है भारत की भारत की अर्थव्यवस्था का...
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मौसम टाइम मशीन का निर्माण

जनवरी 31, 2021
अभी तक मौसम विज्ञानियों को मौसम से संबंधित ऐतिहासिक डेटा नहीं मिल पाता था जिसकी वजह से वह सटीक तौर पर मौसम की भविष्यवाणी नहीं कर पाते थे मौस...
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हड़प्पा सभ्यता ऋतु परिवर्तन से नष्ट हुई

जनवरी 30, 2021
सिंधु घाटी सभ्यता अथवा हड़प्पा सभ्यता विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक है यह विश्व की पहली शहरी सभ्यता थी जो भारतीय महाद्वीप में फली फूली...
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घेरता बचपन में बुढ़ापा प्रोजेरिया

जनवरी 29, 2021
 फिल्म पा में जब लोगों ने अमिताभ बच्चन की को प्रोजेरिया नामक बीमारी से पीड़ित बच्चे की भूमिका निभाते देखा तो कई लोगों को यकीन भी नहीं हुआ ऐ...
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अनुमानित समय से भी एक करोड़ वर्ष पहले थे डायनासोर

जनवरी 29, 2021
 एक नए शोध के अनुसार डायनासोरों के बारे में जितना माना जाता रहा है डायनासोर उससे भी एक करोड़ वर्ष पहले धरती पर अस्तित्व में थे द नेचर की रिप...
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पूर्वजन्म की घटना

वर्ष 1930 में एक संपन्न और भले परिवार में शांति देवी का जन्म हुआ था। लेकिन जब वे महज 4 साल की थीं तभी उन्होंने अपने माता-पिता को पहचानने से इनकार कर दिया और यह कहने लगीं कि ये उनके असली अभिभावक नहीं हैं। उनका कहना था कि उनका नाम लुग्दी देवी है और बच्चे को जन्म देते समय उनकी मौत हो गई थी। इतना ही नहीं वह अपने पति और परिवार से संबंधित कई और जानकारियां भी देने लगीं।जब उन्हें, उनके कहे हुए स्थान पर ले जाया गया तो उनकी कही गई हर बात सच निकलने लगी। उन्होंने अपने पति को पहचान लिया और अपने पुत्र को देखकर उसे प्यार करने लगीं। कई समाचार पत्रों, पत्रिकाओं में भी शांति देवी की कहानी प्रकाशित हुई। यहां तक कि महात्मा गांधी भी शांति देवी से मिले। शांति देवी को ना सिर्फ अपना पूर्वजन्म याद था बल्कि उन्हें यह भी याद था कि मृत्यु के बाद और जन्म से पहले भगवान कृष्ण के साथ बिताया गया उनका समय कैसा था। उनका कहना था कि वह कृष्ण से मिली थीं और कृष्ण चाहते थे कि वह अपने पूर्वजन्म की घटना सबको बताएं इसलिए शांति देवी को हर घटना याद है। बहुत से लोगों ने प्रयास किया लेकिन कोई भी शांति देवी को झूठा साबित नहीं कर प

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