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मंगलवार, 25 फ़रवरी 2025

काला धतूरा के गुण

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THORN APPLE (KALA DHATURA)


#धतूरा के पौधे लगभग सभी जगह पाए जाते हैं और यह आसानी से नहीं मिलते हैं। काले धतूरे में गहरे बैंगनी फूल लगते हैं जो गोल आकार की होते हैं। इसके पत्ते कोमल व मुलायम होते हैं। इसके फल सेब की तरह गोल होते हैं और फल के ऊपर छोटे-छोटे कांटे होते हैं। धतूरे चार प्रकार के होते हैं- काला, सफेद, नीला व पीला। काले धतूरे का रंग गहरे काले रंग का होता है और इसके पत्ते, डंडी व फूल भी काले ही होते हैं।


काले धतूरे की जड़ –इसका पौधा सामान्य धतूरे जैसा ही होता है,हां इसके फूल अवश्य सफेद की जगह गहरे बैंगनी रंग के होते हैं तथा पत्तियों में भी कालापन होता है। इसकी जड़ को रविवार ,मंगलवार या किसी भी शुभ नक्षत्र में घर में लाकर रखने से घर में  ऊपरी हवा का असर नहीं होता, सुख -चैन बना रहता है तथा धन की वृद्धि होती है।


एक गमले में एक पौधा तुलसी का तथा एक पौधा काले धतूरे का लगाये। इन दोनों पौधों पर नियमित स्न्नान आदि से निवृत होकर शुद्ध जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें। ऐसा करने से व्यक्ति को ब्रहमा ,विष्णु ,महेश ,इन तीनों की सयुंक्त पूजा कर फल मिलता है। क्योंकि तुलसी विष्णु प्रिया है ,काला धतुरा शिव रूप  है एवं तुलसी की जड़ों में भगवान ब्रहमा का निवास स्थान माना जाता है।


भूतबाधा निवारण  में काले धतूरे जड़ का प्रयोग–..........


1.  अगर आप भूत बाधा से पीड़ित हैं तो निम्न प्रकार तैयार किया गया गंडा इससे मुक्ति दिलाएगा :

रविवार के दिन स्नान कर के तुलसी के आठ पत्ते, आठ काली मिर्च और सहदेवी की जड़ एकत्रित कर लें।

इन तीनों वस्तुओं को काले कच्चे सूत में बाँधकर गंडा तैयार करें। गंडे को गले में धारण कर लें।


2.  किसी परिचित को भूतबाधा से मुक्ति दिलाना :

रविवार के दिन सफेद सूत और काले धतूरे का गंडा बना लें।

अब इसे पीड़ित व्यक्ति की दायीं बाँह में बाँध दें, वह भूत-प्रेत की बाधा से मुक्त हो जाएगा।


3. वायव्य आत्माओं से मुक्ति का गंडा :

काले सूत के द्वारा सफेद घुंघुची की जड़ अथवा काले धतुरे की जड़ का गंडा बनाएँ।

इस गंडे को दाएँ हाथ में बाँधें। अपकी समस्त वायव्य आत्माओं से ग्रस्त पीड़ा दूर हो जाएगी।

यह प्रयोग किसी भी दिन किया जा सकता है। शनिवार को अगर किया जाए तो अधिक फलदायी होता है।


4.  सफेद मदार एवं काले धतूरे की जड़ की माला जादू-टोने व अभिचार कर्मों से रक्षा करती है।


विभिन्न रोगों में उपचार :-


1.  सूजन: धतूरे के पत्तों का रस, अफीम व सोंठ को मिलाकर पीस लें और इसका लेप हाथ-पैर करें। इससे सूजन दूर होती है। इससे वात के कारण आई सूजन व दर्द भी दूर होता है।


2.  सांस रोग: धतूरे को धूम्रपान की तरह सेवन करने से सांस रोग दूर होता है।


3. धतूरे के पत्तों का धूँआ दमा को शाँत करता है | तथा धतूरे के पत्तों का अर्क कान में डालने से आँख का दुखना बंद हो जाता है | 


4. . धतूरे की जड सूंघे तो मृगीरोग शाँत हो जाता है | धतूरे की फल को बीच से तरास कर उसमें लौंग रखे फिर कपड मिट्टी कर भूमर में भूने जब भून जावे तब पीस कर उसका उडद बराबर गोलीयाँ बनाये सबेरे साँझ एक -एक गोली खाने से ताप और तिजारी रोग दूर हो जाय और वीर्य का बंधेज होवे | 


5.  धतूरे के कोमल पत्तो पर तेल चुपडे और आग पर सेंक कर बालक के पेट पर बाँधे इससे बाल का सर्दी दूर हो जाती है | और फोडा पर बाँधने से फोडा अच्छा हो जाता है | बवासीर और भगन्दर पर धतूरे के पत्ते सेंक कर बाँधे स्त्री के प्रसूती रोग अथवा गठिया रोग होने से धतूरे के बीजों तेल मला जाता है!

साभार Facebook 

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सोमवार, 24 फ़रवरी 2025

घर में बनाएं खड़े मसालों से किचन किंग मसाला

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 मिलावट के जहर से बचे, बाजार से पैकेट बंद पीसे मसाले बिल्कुल नहीं खरीदें। घर में बनाएं खड़े मसालों से किचन किंग मसाला,

किचन किंग मसाला एक मिश्रण है, जिसमें विभिन्न मसालों का संतुलित अनुपात होता है। यह स्वाद में तीव्र और खुशबूदार होता है, जो भारतीय व्यंजनों को विशेष बनाता है।🌶️🫚🌹


आवश्यक सामग्री 👇👇


6 बड़ी इलायची

12 छोटी हरी इलायची

1 चम्मच सहजीरा 

1 चम्मच सोंठ पाउडर 

2 बड़े चम्मच काली मिर्च

2 बड़े चम्मच मेथी 

2 चम्मच सौंफ

1/2 छोटा चम्मच जायफल

दालचीनी का 1 टुकड़ा

2 जावित्री

12 लौंग

2 स्टार ऐनीज़ 

2 बड़े चम्मच जीरा

4 चम्मच धनिया

8-10 कश्मीरी मिर्ची 

2 बड़े चम्मच उड़द दाल 

2 बड़े चम्मच चना दाल

2 बड़े चम्मच राई (पीली)

1 बड़े चम्मच पिपली 

2 तेज पत्ते

2 बड़े चम्मच कसूरी मेथी 

1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर

1 चम्मच काला नमक

1 चम्मच नमक

1 चम्मच अमचूर पाउडर 


बनाने की विधि -


नमक और हल्दी को छोड़कर सभी सूखे मसालों को पैन में 5-6 मिनिट तक भून लीजिए ।


धीमी आंच पर भूनकर खड़े मसालों को ठंडा करके,मिक्सर में बारीक पीस लीजिये ।


आखिर में हल्दी और नमक डालकर पीसे, एक एयर टाइट जार में स्टोर करें। आपका दुनिया का No1 घर पर किचन किंग मसाला तैयार हैं।


हर तरह की ग्रेवी और सब्जियों को जायकेदार बनाने के लिए किचन किंग मसाला का इस्तेमाल करें ।।


निवेदन: आगे शेयर करें 🙏 साभार Facebook 

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शनिवार, 8 फ़रवरी 2025

मस्तिष्क एक रहस्यमयी यात्रा पर

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 क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप गहरी नींद में होते हैं, तब भी आपका मस्तिष्क एक रहस्यमयी यात्रा पर होता है? एक ऐसी यात्रा, जो जागृत संसार से परे, आपके अवचेतन मन (Subconscious Mind) के गहरे गलियारों में प्रवेश करती है। इस रहस्य की चाबी छुपी है मेलाटोनिन में—वह दिव्य रसायन, जो न केवल शरीर को विश्राम देता है, बल्कि आत्मा को भी ज्ञान, अंतर्ज्ञान और आध्यात्मिक जागरण के द्वार तक ले जाता है।


विज्ञान इसे नींद का हार्मोन कहता है, परंतु शास्त्रों में इसे ‘आज्ञाचक्र का अमृत’ कहा गया है। यह वह पुल है, जो बाहरी संसार से हमें भीतर की रहस्यमयी दुनिया तक पहुँचाता है—वह जगह, जहाँ आपके विचार, भावनाएँ और छुपे हुए संस्कार संचित होते हैं।


आधुनिक न्यूरोसाइंस की दृष्टि से देखें, तो मेलाटोनिन मस्तिष्क की जैविक घड़ी (Circadian Rhythm) को नियंत्रित करता है और शरीर को गहरी नींद के लिए तैयार करता है। लेकिन इसके प्रभाव यहीं खत्म नहीं होते! यह गहरी निद्रा के दौरान हमारे अवचेतन मन को सक्रिय करता है, जहाँ स्मृतियाँ संचित होती हैं, विचारों की सफाई होती है और मानसिक ऊर्जाओं का पुनर्निर्माण होता है।


जब मेलाटोनिन पर्याप्त मात्रा में स्रावित होता है, तब हमारा मस्तिष्क REM (Rapid Eye Movement) स्लीप में प्रवेश करता है—यानी वह अवस्था, जहाँ सपने जन्म लेते हैं। यह सपने केवल कल्पनाएँ नहीं, बल्कि हमारे अवचेतन मन की गहराइयों से आने वाले संदेश होते हैं, जिन्हें सही तरीके से समझा जाए, तो वे हमारे भविष्य के संकेत भी दे सकते हैं!


अब जरा योग शास्त्रों की ओर बढ़ते हैं। हिंदू दर्शन में पीनियल ग्रंथि (Pineal Gland) को ‘आज्ञाचक्र’ कहा गया है, जो तीसरी आँख का प्रतीक है। यही वह केंद्र है, जहाँ आत्मा और ब्रह्मांड के बीच का संचार स्थापित होता है।वेदांत और योग के अनुसार, यह अंग हमारे भीतर की दिव्य चेतना से जुड़ा हुआ है और यही वह स्थान है जहां हमारी आत्मा और ब्रह्मा का मिलन होता है। इस संदर्भ में, मेलाटोनिन को भी एक दिव्य स्राव के रूप में देखा जाता है, जो हमारे भीतर शांति और जागरूकता का संचार करता है।


जब ध्यान और साधना के द्वारा आज्ञाचक्र को सक्रिय किया जाता है, तो मेलाटोनिन का प्रवाह बढ़ता है, और साधक को गहरी शांति, अंतर्ज्ञान और दिव्य अनुभूतियाँ प्राप्त होती हैं। इसे ही आध्यात्मिक जागरण (Spiritual Awakening) कहा जाता है।


भगवद गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं—

"ध्यानयोगेन संयुक्तो मद्भावं आगता:।"

(जो ध्यान में लीन होता है, वह मेरी चेतना से एकाकार हो जाता है।)


यानी जब साधक अपने अवचेतन को नियंत्रित कर लेता है, तब वह संसार की सीमाओं से परे आत्मज्ञान के द्वार तक पहुँच सकता है।

साभार फेसबुक 

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गुरुवार, 6 फ़रवरी 2025

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 यहां तरीके दिए गए हैं जिनसे महिला को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं:-


1. अपनी वैल्यू बढ़ाएं

खुद को लगातार सुधारते रहना बेहद आकर्षक है। जिम जाएं, अपने लक्ष्य का पीछा करें और पैसे कमाएं। जब आप सफलता की सीढ़ी चढ़ रहे होंगे, तो वह भी आपके साथ चढ़ने के लिए बेताब होगी।

कमज़ोरी एक विकल्प है; ताकत एक निर्णय है।


2. रहस्यमयी बनें

अपनी सारी बातें उसे न बताएं। उसे अनुमान लगाने का मौका दें। जितना कम वह आपको समझेगी, उतना ज्यादा वह आपको जानने के लिए इच्छुक होगी।

रहस्य आकर्षक होता है।


3. अपना ध्यान नियंत्रित करें

उसे अपना ध्यान बेकार में न दें। ध्यान आपकी सबसे मूल्यवान चीज है, इसे सोने जैसा समझें।

कम देने से वह ज्यादा चाहने लगेगी। हमेशा उपलब्ध न रहें।


4. चुप रहने की ताकत जानें

कभी-कभी, चुप रहना शब्दों से ज्यादा ताकतवर होता है। जब वह आपके प्रतिक्रिया का इंतजार करती है, तो शांतिपूर्वक चुप रहें।

यह उसे पागल कर देगा, क्योंकि वह समझ नहीं पाएगी कि आप क्या सोच रहे हैं।


5. उसके टेस्ट्स को बिना घबराए पास करें

महिलाएं आपको परखने के लिए टेस्ट करती हैं।

इमोशनल न हों, न घबराएं। आत्मविश्वास से हंसकर उन टेस्ट्स को पास करें।


6. जरूरत पड़ने पर चले जाएं

सबसे बड़ी ताकत? चले जाना।

अगर वह आपको अपमानित करती है, तो यह जानने से कि आप चले जाने के लिए तैयार हैं, वह आपको पाने के लिए कोशिश करेगी।


7. सोशल प्रूफ बनाएं

जब दूसरी महिलाएं आपको पसंद करेंगी, तो वह और भी अधिक आकर्षित होगी।

दूसरी महिलाएं जब आपको देखती हैं, तो वह आपको पाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा करेगी।


8. बिना किसी प्रतिबद्धता के फ्लर्ट करें

फ्लर्ट करें, लेकिन उसे जल्दबाजी में बंद न करें।

खेल को हल्का रखें, और उसे सोचने दें कि वह कहां खड़ी है।


9. अपने इमोशंस पर नियंत्रण रखें

महिलाएं उन पुरुषों के पीछे भागती हैं जो भावनात्मक रूप से मजबूत होते हैं।

उसकी बातें या कार्य आपको हिला न पाएं। स्थिर रहें, और उसे यह न दिखने दें कि आप किसे परवाह करते हैं।


10. एक उद्देश्यपूर्ण आदमी बनें

जो आदमी एक मिशन पर होता है, वह अपराजेय होता है।

जब आप उससे कहीं बड़े लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं, तो वह भी आपके साथ आपके दुनिया का हिस्सा बनने के लिए दौड़ेगी।


यह खेल नहीं, आत्मनिर्भरता की कला है। जब आप खुद को सुधारते हैं, मजबूत होते हैं और अपनी स्थिति पर खड़े रहते हैं, तो वह आपके पीछे दौड़ेगी। साभार फेसबुक वॉल

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बुधवार, 5 फ़रवरी 2025

संसार में सबसे लंबा उत्तर से दक्षिण की दिशा में फैला हुआ देश चिली

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 संसार में सबसे लंबा (उत्तर से दक्षिण की दिशा में फैला हुआ) देश चिली (Chile) है। यह देश दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित है और अपनी अद्वितीय भूगोलिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है।


चिली की विस्तृत जानकारी:


1. लंबाई:

चिली लगभग 4,300 किलोमीटर (2,670 मील) उत्तर से दक्षिण की ओर फैला हुआ है, लेकिन इसकी चौड़ाई केवल 64 से 350 किलोमीटर (40 से 217 मील) के बीच है।


2. भौगोलिक स्थिति:


यह देश पश्चिम में प्रशांत महासागर और पूर्व में एंडीज़ पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है।


उत्तरी छोर पर अटाकामा रेगिस्तान (दुनिया का सबसे शुष्क रेगिस्तान) है, जबकि दक्षिणी छोर पर ठंडे और बर्फीले क्षेत्र स्थित हैं।


चिली का दक्षिणी भाग अंटार्कटिका के नजदीक स्थित है।


3. राजधानी: सैंटियागो (Santiago)


4. क्षेत्रफल: 756,102 वर्ग किलोमीटर


5. जनसंख्या: लगभग 1.9 करोड़ (2024 अनुमान)


6. भाषा: आधिकारिक भाषा स्पेनिश है।


7. राजनीतिक प्रणाली: गणतांत्रिक राष्ट्र


8. प्राकृतिक विविधता: चिली में रेगिस्तान, समुद्र तट, पर्वत, झीलें और ग्लेशियर मिलते हैं, जिससे यह जलवायु और पारिस्थितिकी की दृष्टि से अत्यंत विविधतापूर्ण देश है।


अन्य महत्वपूर्ण तथ्य:


चिली में ईस्टर द्वीप (Rapa Nui) स्थित है, जो अपनी विशाल मोई मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है।


यह देश पिस्को ब्रांडी, वाइन, और समुद्री भोजन के लिए प्रसिद्ध है।


पैटागोनिया क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्व प्रसिद्ध है।


चिली की इस अनूठी भूगोलिक बनावट के कारण इसे "दुनिया का सबसे लंबा देश" कहा जाता है।

 साभार फेसबुक वॉल


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गुरुवार, 23 जनवरी 2025

अधिकांश विवाह विच्छेद से बचने का एक ईमानदार प्रयास

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(नोट: पत्नी के करने के बाद भी अलग से पोस्ट की गई है। वही पोस्ट स्थगित कर दी गई है इसलिए इसे स्थगित कर दिया गया है। )


महिलाएं अपने पति के जीवन में कुछ ऐसे किरदार निभाती हैं जिनके बारे में ज्यादातर पुरुष नहीं जानते हैं

पत्नी के पति के लिए ११ महत्वपूर्ण भूमिकाएं:-


१. बॉयफ्रेंड: आपकी पत्नी एक बॉयफ्रेंड है; उससे प्यार का इजहार करो, अपनी पत्नी से नहीं। उसे दिल से प्यार करो; आपका प्यार अपने आसपास के लोगों तक सीमित न रहे। जो ख्याल रख रहा है वो जानता है


२. दोस्त: आपकी पत्नी आपकी दोस्त है, उस पर भरोसा करें, उसका पालन-पोषण करें, उसके साथ खुशी मनाएं, उसके साथ शोक करें और सबसे महत्वपूर्ण बात उसके साथ खुलकर हंसें।


३. बेबी: उसे एक बच्चे की तरह व्यवहार करो। उसे लाड़ प्यार करो, उसका पोषण करो, उसकी पसंदीदा चीजें खाओ। उसे आपके साथ सोने दो, उसे गले लगाओ और उसे आपके साथ आराम महसूस करने दो।


४. रूममेट: उसके साथ एक ही कमरे में रहो, उन्हें एहसास दिलाओ कि आप दोनों एक जैसे हैं।


५. बिस्तर दोस्त: उसके साथ एक ही कमरे में मत रहो। एक ही बिस्तर पर सो जाओ, उसे अपना बिस्तर दोस्त बनाओ।


६. साथी: आपकी पत्नी सिर्फ एक दोस्त नहीं है; वह आपकी पत्नी है। उससे कुछ भी मत छुपाओ। जीवन में हर बात शेयर करो, दोनों की राय से कुछ करो। आप जो जानते हैं उसके लिए उस पर रेंगना मत।


७. सम्भोग साथी: आपकी पत्नी ही आपकी सेक्स पार्टनर है; उससे प्यार करने में शर्म न करें। आनंद लो, सुनिश्चित करो कि वह भी आनंद लेगी। इसमें मतलबी मत बनो, उसका चेहरा देखो और देखो कि वो खुश तो नहीं है। संभोग करने के बाद भी उससे अजनबी औरत की तरह व्यवहार न करें। उसे दूरी मत होने दो। किसी अन्य महिला के साथ कभी भी अनैतिक संबंध न रखें, यह पाप है।


८. आपकी रानी: अपनी पत्नी को रानी की तरह करो; अगर तुम करोगे तो वह तुम्हें राजा की तरह करेगी। बादशाह हो तो अदब से पेश आओ, अदब से बात करो, अदब से पेश आओ।


९. आपकी प्रथम महिला: आपकी पत्नी आपकी प्रथम महिला होनी चाहिए, आपके जीवन की प्रथम महिला। कभी भी किसी अन्य महिला, अपनी माँ, बहन, सचिव या सहयोगियों को अपने जीवन में उसकी जगह न लेने दें।


१०. माँ: अपनी जिंदगी में माँ की जगह बीवी को लेने दो। अपनी माँ के प्यार को उसके पास भेज दो। रिश्ते निभाना सीखो माँ और पत्नी दोनों ही पत्नी होगी दोनों रिश्तों को मत मार डालो।


११. आपका छात्र: अपनी पत्नी को सिखाओ कि उसे क्या करना है। उससे नाराज मत बनो; उसे तुमसे सीखने दो, तुम उसके पहले गुरु हो। आप भी इनसे सीखो। जो बात समाज में काम आती है उसे सोच समझ कर सिखाएं। इस रवैये से बचें कि वह आपके बिना कुछ नहीं कर सकती। वरना आपकी जिंदगी में आपकी जगह किसी और को लेने में देर नहीं लगेगी।


मैं आपको १००% पक्का बताऊँगा अगर आप इस व्यक्ति को सोच समझ कर करोगे तो आप अपनी जिंदगी में कभी फेल नहीं होगे। ईश्वर आपके रिश्ते को बहुत सारी आशीर्वाद दे


साभार फेसबुक🙏🏻 देव कुमार 😊 

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मंगलवार, 21 जनवरी 2025

गिलोय

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 #गिलोय


एक ही ऐसी बेल है, जिसे आप सौ मर्ज की एक दवा कह सकते हैं। इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है। 

कहते हैं कि देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला और इस अमृत की बूंदें जहां-जहां छलकीं, वहां-वहां गिलोय की उत्पत्ति हुई।

#इसका वानस्पिक नाम( Botanical name) टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (tinospora cordifolia है। इसके पत्ते पान के पत्ते जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती। इसके बहुत सारे लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बल्कि आपकी सुंदरता को भी निखारते हैं। 

#आइए_जानते_हैं_गिलोय_के_फायदे…....

#गिलोय बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

गिलोय एक ऐसी बेल है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर उसे बीमारियों से दूर रखती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। यह खून को साफ करती है, बैक्टीरिया से लड़ती है। लिवर और किडनी की अच्छी देखभाल भी गिलोय के बहुत सारे कामों में से एक है। ये दोनों ही अंग खून को साफ करने का काम करते हैं।

#ठीक करती है बुखार

अगर किसी को बार-बार बुखार आता है तो उसे गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय हर तरह के बुखार से लडऩे में मदद करती है। इसलिए डेंगू के मरीजों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। डेंगू के अलावा मलेरिया, स्वाइन फ्लू में आने वाले बुखार से भी गिलोय छुटकारा दिलाती है।

#गिलोय के फायदे – डायबिटीज के रोगियों के लिए

गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है यानी यह खून में शर्करा की मात्रा को कम करती है। इसलिए इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है, जिसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को होता है।

#पाचन शक्ति बढ़ाती है

यह बेल पाचन तंत्र के सारे कामों को भली-भांति संचालित करती है और भोजन के पचने की प्रक्रिया में मदद कती है। इससे व्यक्ति कब्ज और पेट की दूसरी गड़बडिय़ों से बचा रहता है।

#कम करती है स्ट्रेस

गलाकाट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में तनाव या स्ट्रेस एक बड़ी समस्या बन चुका है। गिलोय एडप्टोजन की तरह काम करती है और मानसिक तनाव और चिंता (एंजायटी) के स्तर को कम करती है। इसकी मदद से न केवल याददाश्त बेहतर होती है बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी दुरूस्त रहती है और एकाग्रता बढ़ती है।

#बढ़ाती है आंखों की रोशनी

गिलोय को पलकों के ऊपर लगाने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए आपको गिलोय पाउडर को पानी में गर्म करना होगा। जब पानी अच्छी तरह से ठंडा हो जाए तो इसे पलकों के ऊपर लगाएं।

#अस्थमा में भी फायदेमंद

मौसम के परिवर्तन पर खासकर सर्दियों में अस्थमा को मरीजों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को नियमित रूप से गिलोय की मोटी डंडी चबानी चाहिए या उसका जूस पीना चाहिए। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा।

#गठिया में मिलेगा आराम

गठिया यानी आर्थराइटिस में न केवल जोड़ों में दर्द होता है, बल्कि चलने-फिरने में भी परेशानी होती है। गिलोय में एंटी आर्थराइटिक गुण होते हैं, जिसकी वजह से यह जोड़ों के दर्द सहित इसके कई लक्षणों में फायदा पहुंचाती है।

#अगर हो गया हो एनीमिया, तो करिए गिलोय का सेवन

भारतीय महिलाएं अक्सर एनीमिया यानी खून की कमी से पीडि़त रहती हैं। इससे उन्हें हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस होती है। गिलोय के सेवन से शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ जाती है और एनीमिया से छुटकारा मिलता है।

#बाहर निकलेगा कान का मैल

कान का जिद्दी मैल बाहर नहीं आ रहा है तो थोड़ी सी गिलोय को पानी में पीस कर उबाल लें। ठंडा करके छान के कुछ बूंदें कान में डालें। एक-दो दिन में सारा मैल अपने आप बाहर जाएगा।

#कम होगी पेट की चर्बी

गिलोय शरीर के उपापचय (मेटाबॉलिजम) को ठीक करती है, सूजन कम करती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है। ऐसा होने से पेट के आस-पास चर्बी जमा नहीं हो पाती और आपका वजन कम होता है।

#खूबसूरती बढ़ाती है गिलोय

गिलोय न केवल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, बल्कि यह त्वचा और बालों पर भी चमत्कारी रूप से असर करती है….

#जवां रखती है गिलोय

गिलोय में एंटी एजिंग गुण होते हैं, जिसकी मदद से चेहरे से काले धब्बे, मुंहासे, बारीक लकीरें और झुर्रियां दूर की जा सकती हैं। इसके सेवन से आप ऐसी निखरी और दमकती त्वचा पा सकते हैं, जिसकी कामना हर किसी को होती है। अगर आप इसे त्वचा पर लगाते हैं तो घाव बहुत जल्दी भरते हैं। त्वचा पर लगाने के लिए गिलोय की पत्तियों को पीस कर पेस्ट बनाएं। अब एक बरतन में थोड़ा सा नीम या अरंडी का तेल उबालें। गर्म तेल में पत्तियों का पेस्ट मिलाएं। ठंडा करके घाव पर लगाएं। इस पेस्ट को लगाने से त्वचा में कसावट भी आती है।

#बालों की समस्या भी होगी दूर

अगर आप बालों में ड्रेंडफ, बाल झडऩे या सिर की त्वचा की अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं तो गिलोय के सेवन से आपकी ये समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।

#गिलोय का प्रयोग ऐसे करें :--

अब आपने गिलोय के फायदे जान लिए हैं, तो यह भी जानिए कि गिलोय को इस्तेमाल कैसे करना है…

#गिलोय जूस

गिलोय की डंडियों को छील लें और इसमें पानी मिलाकर मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें। छान कर सुबह-सुबह खाली पेट पीएं। अलग-अलग ब्रांड का गिलोय जूस भी बाजार में उपलब्ध है।

#काढ़ा

चार इंच लंबी गिलोय की डंडी को छोटा-छोटा काट लें। इन्हें कूट कर एक कप पानी में उबाल लें। पानी आधा होने पर इसे छान कर पीएं। अधिक फायदे के लिए आप इसमें लौंग, अदरक, तुलसी भी डाल सकते हैं।

#पाउडर

यूं तो गिलोय पाउडर बाजार में उपलब्ध है। आप इसे घर पर भी बना सकते हैं। इसके लिए गिलोय की डंडियों को धूप में अच्छी तरह से सुखा लें। सूख जाने पर मिक्सी में पीस कर पाउडर बनाकर रख लें।

#गिलोय वटी

बाजार में गिलोय की गोलियां यानी टेबलेट्स भी आती हैं। अगर आपके घर पर या आस-पास ताजा गिलोय उपलब्ध नहीं है तो आप इनका सेवन करें।

साथ में अलग-अलग बीमारियों में आएगी काम

अरंडी यानी कैस्टर के तेल के साथ गिलोय मिलाकर लगाने से गाउट(जोड़ों का गठिया) की समस्या में आराम मिलता है।इसे अदरक के साथ मिला कर लेने से रूमेटाइड आर्थराइटिस की समस्या से लड़ा जा सकता है।खांड के साथ इसे लेने से त्वचा और लिवर संबंधी बीमारियां दूर होती हैं।आर्थराइटिस से आराम के लिए इसे घी के साथ इस्तेमाल करें।कब्ज होने पर गिलोय में गुड़ मिलाकर खाएं।

#साइड इफेक्ट्स का रखें ध्यान

वैसे तो गिलोय को नियमित रूप से इस्तेमाल करने के कोई गंभीर दुष्परिणाम अभी तक सामने नहीं आए हैं लेकिन चूंकि यह खून में शर्करा की मात्रा कम करती है। इसलिए इस बात पर नजर रखें कि ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम न हो जाए। 

#गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय के सेवन से बचना चाहिए। पांच साल से छोटे बच्चों को गिलोय न दें। 

🙏#एक निवेदन :--  अपने घर में बड़े गमले या आंगन में जंहा भी उचित स्थान हो गिलोय की बेल अवश्य लगायें यह बहु उपयोगी वनस्पति ही नही बल्कि आयुर्वेद का अमृत और ईश्वरीय वरदान है।

🙏❤🙏 साभार फेसबुक

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