- सुबह सवा सात बजे जोधपुर पुलिस के सब इंस्पेक्टर भंवरसिंह और हेड कांस्टेबल सुरेंद्रसिंह नोटिस लेकर खंडवा रोड स्थित आश्रम पहुंचे।
- पुलिस को देख सेवादारों ने आश्रम का मुख्यद्वार बंद रखते हुए पुलिस को अंदर जाने से मना कर दिया।
- जोधपुर पुलिस करीब आधे घंटे तक आश्रम के बाहर ही खड़ी रही।
- सुबह 8 बजे भंवरकुआं थाने से टीआई अशोक तिवारी पुलिस दल के साथ आश्रम पहुंचे।
- कुछ देर तक बातचीत के बाद टीआई ने जोधपुर पुलिस के जवानों को अंदर दाखिल करवाया। करीब आधे घंटे तक आश्रम के भीतर पुलिस से न ही किसी ने बात की और न ही कोई नोटिस लेने आया। वे यहां इंतजार करते रहे।
- काफी देत तक इंतजार के बाद करीब 8.30 बजे पुलिसवालों को आसाराम के सेवादारों ने बापू के योग में बैठे होने की जानकारी दी।
- सुबह नौ बजे आसाराम की ओर से एक वकील ने जोधपुर पुलिस से चर्चा की।
- सवा नौ बजे पुलिस को सचिव ने जानकारी दी कि बापू ध्यान में लीन हो गए हैं।
- साढ़े 10 बजे के करीब इंदौर पुलिस आश्रम से बाहर आ गई, जबकि जोधपुर पुलिस वहीं बापू के बाहर आने का इंतजार करती रही।
- दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब विधायक रमेश मेंदोला कुछ लोगों के साथ आश्रम पहुंचे।
- दोपहर करीब एक बजे बजे जोधपुर पुलिस ने नोटिस तामील करवाया। इसके बाद पुलिस जवान आश्रम से बाहर आ गए।
- दोपहर करीब चार बजे आसाराम ने चर्चा के लिए मीडिया को आश्रम में बुलाया।
- सफाई देने के बाद करीब सवा चार बजे मीडिया के सामने एक युवती आई, जिसका परिचय पीडि़ता की सहेली के रूप में करवाया गया। युवती ने बापू के बचाव में मीडिया से बातें की।
- इसके बाद बापू आश्रम से निकलकर सीधे एयरपोर्ट पहुंचे।
आसाराम के सत्संग के बाद आश्रम से जुड़े पदाधिकारी एक युवती को मीडिया के सामने लाए। युवती ने कहा-मैं पीडि़ता (जिसने दुष्कर्म का आरोप लगाया है) की सहेली हूं। पिछले साल हम दोनों आसाराम बापू के छिंदवाड़ा आश्रम में साथ-साथ रहते थे। ताजा मामला सामने आया तो दो दिन पहले मैंने उससे फोन पर बात की। उसने कहा कि माता-पिता के दबाव में उसने आसाराम बापू पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया है। युवती से जब मीडिया ने नाम पूछा तो उसने नाम बताने से इनकार किया। हालांकि, आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि उसका नाम अश्विनी है। sabhar : bhaskar.com