Sakshatkar.com : Sakshatkartv.com

.

Item Post Navigation Display

Home Recent Posts Display

Related Posts Display

बुधवार, 16 जुलाई 2014

सेब और कामुकता का रिश्ता

0

पुरानी कहावत है कि रोज एक सेब खाइए और डॉक्टर को दूर रखिए. ताजा शोध से पता चला है कि सेब इससे भी अधिक काम करता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि रोजाना सेब खाने से महिलाओं का यौनजीवन बेहतर होता है.
ऐसे सबूत हैं कि फल या सब्जी से मिलने वाले एस्ट्रोजन, पोलीफेनोल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स के नियमित सेवन और महिलाओं के यौन स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध है. लेकिन रोजाना सेब खाने और महिलाओं के यौनजीवन के संबंधों पर पहले कोई शोध नहीं हुआ था. अमेरिका की नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नॉलॉजी इंफॉर्मेशन के अनुसार शोधकर्ताओं ने रोजाना सेब खाने और महिलाओं की यौन सक्रियता के बीच संबंधों पर शोध किया है.
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 731 यौन सक्रिय इताल्वी महिलाओं का विश्लेषण किया. ये महिलाएं 18 से 43 वर्ष के बीच की थीं और उनका यौन विकार का कोई इतिहास नहीं था. शोध में अवसाद की शिकार और दवा का इस्तेमाल कर रही महिलाओं को शामिल नहीं किया गया. शोध के नतीजे आर्काइव्स ऑफ गाइनोकॉलोजी एंड आब्सटेट्रिक्स में छपे हैं. इस शोध के लिए महिलाओं को दो अलग अलग ग्रुप में बांटा गया. एक ग्रुप में वे महिलाएं थीं जो प्रतिदिन नियमित रूप से एक से दो सेब खा रही थीं. दूसरे ग्रुप में वे महिलाएं थीं जो सेब का (0-0.5 प्रतिदिन) सेवन नहीं कर रही थीं.
इन महिलाओं ने स्त्री यौन कार्य सूचकांक (एफएसएफआई) वाली प्रश्नावली का जवाब दिया. जिसमें 19 सवाल शामिल थे. महिलाओं से सेक्सुअल फंक्शन, यौन आवृति, चरम आनंद, उपस्नेहन और कुल मिलाकर यौन संतुष्टि के बारे में पूछा गया. शोधकर्ताओं ने पाया कि, "सेब का रोजाना सेवन यौन सक्रिय महिलाओं में उच्च एफएसएफआई स्कोर से जुड़ा है. इस प्रकार से उनमें उपस्नेहन और समग्र यौन संतुष्टि बढ़ी."
शोधकर्ताओं का कहना है कि सेब का यौन संतुष्टि पर इसलिए बेहतर असर होता है क्योंकि रेडवाइन और चॉकलेट की तरह उनमें पॉलोफेनोल्स होते हैं और एंटीऑक्सिडेंट्स जननांग और योनि तक रक्त प्रवाह को प्रोत्साहित करने में मदद करते हैं, जिस कारण उत्तेजना में मदद मिलती है. सेब में फ्लोरीजिन भी पाए जाते हैं. फल और सब्जियों में पाया जाने वाला यह आम एस्ट्रोजन है और जो संरचनात्मक दृष्टि से एस्ट्राडियोल के समान है. यह महिला हार्मोन है और महिला कामुकता में बड़ी भूमिका निभाता है. बेशक अध्ययन की एक सीमा है. साथ ही शोध में अपेक्षाकृत छोटा सैंपल लिया गया था. हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि नतीजे दिलचस्प है.
रिपोर्ट: ए अंसारी (एनसीबीआई)
संपादन: महेश झा sabhar ;http://www.dw.de/

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

Ads

 
Design by Sakshatkar.com | Sakshatkartv.com Bollywoodkhabar.com - Adtimes.co.uk | Varta.tv