आखिर क्यों बैन हुई ये फिल्में
इनमें से कईयों को बैन कर दिया गया तो कुछ एक के निर्माता को अपनी जान तक से हाथ धोना पड़ा। ऐसी ही फिल्मों और इनसे जुड़ी पूरी जानकारियां हम आपको दे रहे हैं।
निर्माता की ही जान ले गई 'सालो/द 120 डेज ऑफ सोडम'
बच्चों के साथ रेप, मर्डर के अलावा कई वीभत्स टार्चर दिखाए गए। जिसमें ऐनल रेप जैसी कई गंदी हरकतें भी शामिल थीं। फिल्म आस्ट्रेलिया में 1993 तक बेन रही इसके बाद 1998 में इसको फिर से बेन कर दिया गया।
यही नहीं फिल्म बनाने वाले पॉयर पाओलो पासोलोनी के पास तो अपनी फिल्म की सफाई देने का भी वक्त नहीं बचा क्योंकि फिल्म रिलीज के बाद ही उनकी बेहद निर्ममतापूर्ण हत्या भी कर दी गई।
लॉस्ट हाउस ऑन द लेफ्ट: शूटिंग में घबरा गई हीरोइन ही
बताया जाता है कि फिल्म की हीरोइन सांड्रा पीबॉडी खुद शूटिंग के दौरान इतना विचलित हो गई थीं कि वह सैट ही छोड़ कर चली गईं।
डायरेक्टर को ही जेल में ले गई 'लॉस्ट टेंगो इन पेरिस'
फिल्म में सेक्स की खुशी पाने के लिए की गई हरकतें लोगों को जरा भी रास नहीं आईं। कई देशों में फिल्म को पूरी तरह से बेन कर दिया गया। इटली, पुर्तगाल और चिली में फिल्म पर 30 साल तक रोक लग गई।
वहशियाना हरकतों से भी आगे निकल गए ये 'किड्स'
सेक्स, नशा और वहशियाना हरकतों से भरपूर थी ये फिल्म। जिसने दर्शकों और क्रिटिक्स को चौंका कर रख दिया। फिल्म की खूब आलोचना हुई।
'एंटीक्रिस्ट' देख बेहोश हो गए थे चार लोग
फिल्म में एक कपल्स के सेक्स मूमेंट के दौरान उनके बेटे की खिड़की से गिरकर मौत हो जाती है। निराशा में ये पति-पत्नी एक दूसरे को ही टार्चर करने लगते हैं। फिल्म में पत्नी द्वारा पति के पैर में ड्रिल मशीन से छेद कर लकड़ी डालने जैसे भयंकर दृश्य थे।
बेसी-मोईः सताई महिलाओं ने जब लोगों को सताया
जिसकी जिम्मेदार ये दोनों महिलाएं होती है। दोनों को देश की मोस्ट वांटेड नॉटीरिअस घोषित कर दिया जाता है। फिल्म की दोनों हीरोइनें पूर्व पोर्न स्टार थीं। फिल्म इतनी वॉयलेंटेड थी कि फ्रांस में इसकी जमकर आलोचना हुई।
ब्रिटेन में फिल्म में 10 सेकेंड के कट के बाद 18 सार्टिफिकेट के साथ रिलीज की इजाजत मिली। फिल्म का पोस्टर लंडन में पूरी तरह बेन कर दिया गया। फ्रांस की ये फिल्म 2000 में आई थी।
रिलीज न हो सकी'द एक्सोरिस्ट'
बैन ही रही 'ए क्लोकवाइज ऑरेंज'
यही नहीं डायरेक्टर और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी मिलती रहीं। आखिरकार ये फिल्म बैन कर दी गई।
धार्मिक भावनाओं को हिला गई'लाइफ ऑफ ब्रॉयन'
1979 में आई ब्रिटेन की ये फिल्म आते ही विवादों में छा गई। फिल्म को धार्मिक आस्थाओं पर प्रहार करने वाली माना गया। चर्च और धार्मिक संगठनों ने इस फिल्म को पूरी तरह से बेन करने की मांग कर दी।स्पिट ऑन योर ग्रेव
फिल्म को रिलीज से पहले ही अमेरिका में सेंसर्ड कर दिया गया। बाद में युरोप के कई देशा में फिल्म पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया। क्रिटिक्स का मानना था कि ये फिल्म क्रिमिलन दिमाग वाले लोगों को और अधिक क्राइम करने के लिए प्रेरित करेगी। sabhar :http://www.amarujala.com/
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