Sakshatkar.com : Sakshatkartv.com

.

Item Post Navigation Display

Home Recent Posts Display

Related Posts Display

शुक्रवार, 13 जून 2014

धरती पर होगा मशीनों का राज, यहां कंप्यूटर ने खुद को साबित कर दिया इंसान!

0


A compuer that convinced humans that it was a 13 year old boy


मास्को। वो समय जल्द ही आने वाला है जब धरती पर मशीनों का राज होगा और इंसान उनके गुलाम! इसी कड़ी में रूस के एक कम्प्यूटर ने अपने आपको इंसान साबित कर दिखाया जो इस वक्त पूरी दुनिया में चौंकाने वाला विषय बना हुआ है।

दरअसल रूस की एक कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग टीम ने एक ऎसा प्रोग्राम तैयार किया है जिसने इंसानों को यकीन दिला दिया कि वह कोई कम्प्यूटर प्रोग्राम नहीं, बल्कि 13 साल का लड़का है। इस प्रोग्राम ने इंसानों और कम्प्यूटर्स में फर्क करने वाले ट्यूरिंग टेस्ट दिखाया। इससें पहले ऎसा आज तक कोई और कम्प्यूटर नहीं कर सका था।

इसें बनाने वालों के मुताबिक इंसानों और कम्प्यूटर्स बीच का फर्क पहचानने के लिए किए जाने वाले टेस्ट को लैंडमार्क माना जाता है। लेकिन इस तकनीक को इस नए कम्प्यूटर प्रोग्राम फेल कर दिया। दूसरी और बुद्धिजीवियों को डर है कि अब इस तकनीक का इस्तेमाल साइबर की दुनिया में इस्तेमाल न होने लगे। 

हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, कम्प्यूटिंग की दुनिया के बड़े जानकार माने जाने वाले ऎलन ट्यूरिंग का कहना है कि अगर कोई भी कम्प्यूटर इस टेस्ट को पास कर लेता है तो माना जा सकता है कि वह खुद की सोच रखता है। इसके लिए 5 मिनट की टेक्स्ट कन्वर्जेशन होती है जिसमें कोई कम्प्यूटर 30 फीसदी सवाल पूछने वाले इंसानों मात दे दे।

रूस की इस कम्प्यूटिंग टीम द्वारा बनाए गए इस यह कम्प्यूटर प्रोग्राम ने यूजीन गूस्टमन लंदन की रॉयल सोसायटी में यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के शिक्षाविदों द्वारा लिए गए टेस्ट में पास होकर दिखा दिया। इस प्रोग्राम ने 33 फीसदी जजों को यकीन दिला दिया कि यह कम्प्यूटर नहीं बल्कि इंसान है।

इसी के साथ ही माना जा रहा है कि यह दुनिया का पहला ऎसा कम्प्यूटर है जिसने यह टेस्ट पास किया है। यह कम्प्यूटर प्रोग्राम अपने आप को ओडेस्सा का एक 13 वर्षीय लड़का बताता है। इस प्रोग्राम को बनाने वाले ब्लादिमिर वेसेलोव कार क हना है कि "हमारी टीम का मानना था कि यह प्रोग्राम यह दावा करे कि यह सबकुछ जानता है, लेकिन इसकी उम्र ऎसी रखी गई है जिससे इस बात को भी बराबर वजन मिले कि इसे सबकुछ तो नहीं ही आता होगा। जिसके हमने एक ऎसा कै रेक्टर इजाद किया जिसके व्यक्तित्व पर यकीन हो सके।"

sabhar :patrika.com


0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

Ads

 
Design by Sakshatkar.com | Sakshatkartv.com Bollywoodkhabar.com - Adtimes.co.uk | Varta.tv