हड़प्पा सभ्यता ऋतु परिवर्तन से नष्ट हुई

सिंधु घाटी सभ्यता अथवा हड़प्पा सभ्यता विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक है यह विश्व की पहली शहरी सभ्यता थी जो भारतीय महाद्वीप में फली फूली सिंधु सभ्यता का चरम काल लगभग 26 ईसवी पूर्व से उन्नीस सौ ईसवी पूर्व के बीच में था इस सभ्यता के विकसित शहरों की मिसाल आज तक दी जाती है आज भी लोगों के लिए यह रहस्य है कि ऐसी फलती फूलती सभ्यता किसी समय अचानक समाप्त कैसे हो गई थी काफी समय से एक सिद्धांत या प्रस्तुत किया जाता है कि उत्तर-पश्चिम से हुए आर्यों के आक्रमण की वजह से उच्च विकसित सभ्यता नष्ट हो गई थी हालांकि इस सिद्धांत के पक्ष में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका था अब वैज्ञानिकों और पुरातत्व नेताओं ने इसका वास्तविक कारण ऋतु परिवर्तन को बताया है कैंब्रिज यूनिवर्सिटी और बनारस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध से पता चला है कि सिंधु घाटी क्षेत्र में लगभग 200 वर्ष तक सूखे के प्रकोप की श्रृंखला खेली जिसकी वजह से यह सभ्यता नष्ट हो गई यह बताता है कि 4100 वर्ष पूर्व उत्तर पश्चिम भारत अचानक कमजोर पड़े कृष्ण मानसून से प्रभावित हुआ था जिससे इस क्षेत्र में मरुस्थल जैसी स्थिति बन गई थी पुरातत्व व्यक्तियों ने को इस बात की भी प्रमाण मिले हैं कि लगभग इसी कालखंड के दौरान जो गलियां पहले साफ-सुथरी रहती थी वह गंदगी से भरने लगी थी उनकी हस्तकला की खुशियां धीरे-धीरे घटने लगी थी उनकी लिपि भी लुप्त होने लगी थी उस सीमा तक जनसांख्यिकीय स्थानांतरण भी हुआ इसी दौरान सिंध घाटी के बड़े शहर जिनकी जनसंख्या 100000 तक की तेजी से घटी संख्या घटने के साथ-साथ उनकी सभ्यता नष्ट हो गई

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