हमजा अमेजॉन के नीचे बहने वाली नदी

 वैज्ञानिकों ने हाल में ही एक ऐसी भूमिगत नदी का पता लगाया है जो विशाल अमेजन के मिलो नीचे बहती है वैज्ञानिकों ने ब्राजील के आयल कंपनी पेट्रोब्रास द्वारा 1970 एवं 1980 के दशक में अमेजन क्षेत्र में खुदाई किए गए तेल कुआं के आंकड़े के विश्लेषण के आधार पर इसकी खोज की है उन्होंने इस नदी को ब्राजील के नेशनल ऑब्जर्वेटरी के वैज्ञानिक वालिया हमजा के नाम पर हम जा रखा कंप्यूटर विश्लेषकों के द्वारा यह बताया गया कि यह नदी अमेजन कि भारत ही पश्चिम से पूर्व तक पृथ्वी तल से 13000 फीट नीचे बहती है वैज्ञानिकों ने अभी बताया कि पृथ्वी से लगभग 2000 फीट की गहराई पर या नदी ऊर्ध्वाधर रूप में बहती है यह नदी लगभग अमेजॉन जितनी लंबी है लेकिन इसमें अमेजन के कुल जल प्रवाह का एक बटे 33 वां भाग ही जल प्रभावित होता है हमजा की चौड़ाई 125 से 250 मील के बीच है जबकि अमेजन की चौड़ाई 0.6 मील से 7 मील के बीच है वैज्ञानिकों के इस दल ने अपने इस विश्लेषण के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि पृथ्वी के अन्य भागों में भी हमजा जैसे भूगर्भीय नदियां हो सकती हैं वैज्ञानिकों ने कहा उल्लेखनीय है कि वालिया हमजा तथा एलिजाबेथ तेरस के नेतृत्व में वैज्ञानिकों के एक दल ने 2 वर्ष के गहन अध्ययन के बाद यह रिपोर्ट तैयार की  जिसे कांग्रेश ऑफ द ब्राजीलियन सोसाइटी ऑफ जियोफिजिक्स में प्रस्तुत किया जिले में प्रस्तुत किया गया

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अमेरिकी लोग योग के बाद ध्यान में प्रविष्ट हो रहे है

बाहरी दुनिया शोर गुल से भरी है और भीतर मन की उथल पुथल है. ऐसे में क्या ध्यान शांति दे पाएगा? योग के बाद अब ध्यान अमेरिका को अपनी आगोश में ले रहा शाम के पांच बजते ही 31 साल की जूलिया लायंस अपना काम काज समेटती हैं. न्यू यॉर्क से सटे शहर मैनहटन में रहने वाली जूलिया सीधे ध्यान केंद्र की ओर बढ़ती हैं. वहां वह आधे घंटे गहरे ध्यान में डूबने की कोशिश करेंगी. जूलिया इनवेस्टमेंट बैंकर हैं. अप्रैल 2016 में अचानक उन्होंने ध्यान शुरू किया. ध्यान केंद्र के सोफे में बैठकर वह कहती हैं, "मैं शांति का एक लम्हा चाहती हूं. इस शहर में आप हमेशा भाग रहे होते हैं और यहां कोई भी ऐसा कोना नहीं जहां शांति हो."योग भले ही दुनिया भर में मशहूर हो चुका हो, लेकिन ध्यान अभी भी चुनिंदा लोगों तक ही सीमित है. पश्चिम में अब तक ध्यान को आध्यात्मिकता की ओर् झुके हुए लोगों से जोड़कर देखा जाता रहा है. लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. अमेरिका के कई अस्पतालों में गंभीर बीमारियों के इलाज में ध्यान की मदद ली जा रही है. स्कूलों में टेलिविजन के जरिये ध्यान सिखाया जा रहा है. स्मार्टफोन तक सिमट चुकी जिंदगी का ही नतीजा है कि अमेर