मृत्यु के बाद का जीवन

"अपनी इच्छा से प्रकट और अदृश्य हो सकती है आत्‍मा" आत्मा और भूत-प्रेतों की दुनया बड़ी रहस्यमयी है। जिनका इससे सामना हो जाता है वह मानते हैं की आत्मा और भूत-प्रेत होते हैं और जिनका इनसे सामना नहीं होता है वह इसे कल्पना मात्र मानते हैं। लेकन भूत-प्रेत या आत्माओं का वजूद नहीं है इसे सरे से खारिज करना सही नहीं होगा कई बार कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जो अशरीरी आत्मा के वजूद को मानने पर विवश कर देती है। विज्ञानं भी इस विषय पर परीक्षण कर रहा है और कई ऐसे प्रमाण सामने आए हैं जो यह बताते हैं कि मृत्यु के बाद भी आत्मा का अस्तित्व रहता है और यह कभी भी अपनी इच्छा से प्रकट और अदृश्य हो सकती है। इसी तरह की एक घटना के बारे में यहां हम बात कर रहे हैं।हम जिस घटना की बात करने जा रहे हैं वह लुधयाना के एक निवासी की है जो कारोबार के सिलसिले में पूर्वी अफ्रीका की राजधानी नैरोबी में जाकर बस गए। एक बार इनकी पत्नी अफ्रीका से पंजाब आई तो अचानक दिल का दौड़ा पड़ा और स्‍थि गंभीर हो गई।कत्सकों ने काफी प्रयास किया लेकन वह नाकामयाब रहे और व्यवसायी की पत्नी ने देह त्याग दया। मरने से पहले इन्होंने अपने अंतिम संस्कार की जैसी बात की थी उसी विधऔर तरीके से अंतम संस्कार कर दिया गया।हम जिस घटना की बात करने जा रहे हैं वह लुधियाना के एक निवासी की है जो कारोबार के सलसले में पूर्वी अफ्रीका की राजधानी नैरोबी में जाकर बस गए। एक बार इनकी पत्नी अफ्रीका से पंजाब आई तो अचानक दिल का दौड़ा पड़ा और स्थिति गंभीर हो गई।चिकित्सकों ने काफी प्रयास कया लेकिन वह नाकामयाब रहे और व्यवसायी की पत्नी ने देह त्याग दिया। मरने से पहले इन्होंने अपने अंतम संस्कार की जैसी बात की थी उसी और तरीके से अंतम संस्कार कर दिया गया।कुछ ऐसे बीता और कारोबारी की तबीयत भी खराब हो गयी और चिकित्सकों ने लंदन जाकर उपचार कराने की सलाह दी। लंदन में जब चित्सकों ने जांच की और बताया क रोग अधिक गंभीर नहीं है कुछ दिन के उपचार से स्वस्‍थ हो जाएंगे तो तैयार होकर कारोबारी अपने होटल में पहुंचे।उस रात जैसे ही इन्होंने ने कमरे का दरवाजा खोला इन्हें लगा कि कमरे में कोई पहले से मौजूद है। आगे बढ़कर जब इन्होंने देखा तो सामने इनकी मरी हुई पत्नी पलंग पर बैठी नजर आई। इस दृश्य को देखकर कारोबारी ठिठक गए लेकिन इनकी पत्नी की आत्मा ने आगे बढ़कर बोलना शुरु कया।कारोबारी की पत्नी बोली तुमने जो मेरा अंतिम संस्कार करवाया है उससे मैं संतुष्ट हूं। मैंने दक्षिणा में दी हुई अंगूठी भी देखी है। मैं हमेशा आपके साथ रहती हूं और अफ्रीका से साथ-साथ लंदन आई हूं। यहां डाक्टरों की जांच के बाद अब मुझे शांति मिली है।अमेरिका में कुछ दिनों पहले हुई दुर्घटना में अपने दूसरे बेटे की जान मैंने ही बचाई थी। जब पत्नी की आत्मा ने विदाई मांगी तो कारोबारी की आंखें भर आई और उन्होंने अपनी पत्नी को गले लगा लिया कारोबारी ने अपने इस अनुभव को 'रूहों की दुनिया' नामक की पुस्तक में लिखा है। यह लखते हैं क उस समय जब इन्होंने पत्नी को गले लगाया तो उसका शरीर वैसा ही था जैसे वह जीवनकाल में थी। इसके बाद वह अदृश्य हो गई।इस घटना का उल्लेख परलोक और पुनर्जन्म नाम की पुस्तक में भी है साभार अमरउजाला डाट कॉम

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