"हल्दी और एंटीबायोटिक्स का मिश्रण कई गुना उपयोगी

भारत के हैदराबाद विश्वविद्यालय और रूस के नोवोसिबिर्स्क राजकीय विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक एक अंतर्राष्ट्रीय परियोजना के अंतर्गत ऐसी दवाइयां तैयार करने के काम में जुटे हुए हैं जिनके लिए हल्दी सहित अन्य पारंपरिक भारतीय मसालों का उपयोग किया जा सकता है। नोवोसिबिर्स्क राजकीय विश्वविद्यालय द्वारा जारी की गई एक सूचना के अनुसार, "प्रोफेसर अश्विनी नानिया के नेतृत्व में हैदराबाद विश्वविद्यालय के भारतीय वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि अगर हल्दी और एंटीबायोटिक्स को मिलाकर क्रिस्टल बनाए जाएं और आगे इन क्रिस्टलों को पीसकर दवाइयां बनाई जाएं तो ऐसी दवाइयों का असर कई गुना बढ़ जाएगा।"इस परियोजना में शामिल रूसी वैज्ञानिकों का नेतृत्व नोवोसिबिर्स्क राजकीय विश्वविद्यालय के ठोस रसायनिक विज्ञान विभाग की प्रमुख और इस विश्वविद्यालय की एक वरिष्ठ शोधकर्ता, प्रोफेसर ऐलेना बोल्दरेवा कर रही हैं। sabhar : sputanik news

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