मंगलवार, 29 अप्रैल 2014
तृतीय विश्व युद्ध शुरू करना चाहता है रूस
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मास्को। यूक्रेन को लेकर रूस पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इस दबाव का ही नतीजा है कि अब उसके आक्रामक रुख में नरमी दिखने लगी है। शुक्रवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन मसले को सुलझाने और वहां शांति कायम करने के लिए मास्को अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। जबकि यूक्रेन के प्रधानमंत्री आर्सेनी यात्सेन्युक का आरोप है कि रूस शांति कायम करने की बजाय तृतीय विश्व युद्ध प्रारंभ करना चाहता है।
इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने रूसी रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि बातचीत के लिए अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की ओर से कोई अनुरोध नहीं किया गया है। लेकिन यूक्रेन में स्थिति सामान्य बनाने के लिए रूस का रक्षा मंत्रालय बातचीत को तैयार है। इस बीच यूक्रेन के प्रधानमंत्री आर्सेनी यात्सेन्युक ने उनके देश को लेकर रूस पर तृतीय विश्व युद्ध प्रारंभ करने की आधारशिला रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने रूस की आक्रामकता के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है।
कैबिनेट की बैठक के दौरान यात्सेन्युक ने कहा, 'यूक्रेन की धरती पर रूस की सेना द्वारा आक्रामक कार्रवाई के प्रयास से यूरोप में संघर्ष प्रारंभ हो जाएगा। दुनिया के देश द्वितीय विश्व युद्ध को नहीं भूल पाए हैं और रूस तृतीय विश्व युद्ध प्रारंभ करना चाहता है।' इंटरफैक्स ने यूक्रेन के रक्षा मंत्री मायखैलो कोवाल के हवाले से कहा है कि इस सप्ताह रूसी सेना उनके देश की सीमा से एक किलोमीटर की दूरी पर पहुंच गई है। उनका कहना है कि रूसी सेना यूक्रेन की सीमा के पास युद्धाभ्यास कर रही है और यूक्रेन की सेना किसी भी हमले को रोकने के लिए तैयार है। यूक्रेन के गृह मंत्री आर्सेन अवाकोव ने कहा है कि रूस की चेतावनी के बावजूद उनके देश के पूर्वी हिस्से में रूसी अलगाववादियों के खिलाफ अभियान जारी है। उधर शुक्रवार को यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में स्थित शहर स्लोविआंस्क में एक सैन्य हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी की गई, जिससे उसमें आग लग गई। इस घटना में पायलट घायल हो गया। विद्रोहियों के नियंत्रण वाले शहर स्लोविआंस्क में यूक्रेन के विशेष बलों ने शुक्रवार को नाकाबंदी और मजबूत कर दी। जबकि रूस ने यूक्रेन को देश के पूर्वी हिस्से में खूनी अपराध के लिए न्याय के कठघरे में खड़ा करने की चेतावनी दी है। sabhar :http://www.jagran.com/
महिला जज ऑफिस में न्यूड होकर करती थी एक्सरसाइज
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अप्रैल 29, 2014 in महिला जज ऑफिस में न्यूड होकर करती थी एक्सरसाइज
ये कैसी आदत?
हममें से ज्यादातर लोग एक्सरसाइज करने से पहले स्पोर्टी कपड़े पहनकर किसी खुली जगह को एक्सरसाइज करने के लिए चुनते हैं।
लेकिन इस महिला की कहानी हममें से ज्यादातर लोगों की कहानी से बहुत अलग है।
ऐसा इसलिए क्योंकि ये महिला ऑफिस में ही एक्सरसाइज करती थी। एक्सरसाइज भी ऐसी अवस्था में जिसे देखकर किसी के भी होश उड़ जाएं।
लेकिन इस महिला की कहानी हममें से ज्यादातर लोगों की कहानी से बहुत अलग है।
ऐसा इसलिए क्योंकि ये महिला ऑफिस में ही एक्सरसाइज करती थी। एक्सरसाइज भी ऐसी अवस्था में जिसे देखकर किसी के भी होश उड़ जाएं।
न्यूड हो जाती वो
वो एक महिला जज थी। उसे अक्सर ही केस को सुनने और उसपर फैसला करने के लिए वहां जाना होता था।
लेकिन कोर्ट रूम में आने से पहले वो अपने ऑफिस में न्यूड होकर एक्सरसाइज करती थी। इतना ही नहीं, वो अपने ऑफिस डेस्क पर ही न्यूड अवस्था में सनबाथ भी लेती थी।
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उसकी इस आदत का किसी को पता नहीं था। लेकिन तभी एक दिन किसी अंजान व्यक्ति ने उसको न्यूड ही एक्सरसाइज करते हुए तस्वीरें खींच ली।
लेकिन कोर्ट रूम में आने से पहले वो अपने ऑफिस में न्यूड होकर एक्सरसाइज करती थी। इतना ही नहीं, वो अपने ऑफिस डेस्क पर ही न्यूड अवस्था में सनबाथ भी लेती थी।
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उसकी इस आदत का किसी को पता नहीं था। लेकिन तभी एक दिन किसी अंजान व्यक्ति ने उसको न्यूड ही एक्सरसाइज करते हुए तस्वीरें खींच ली।
निकाली गई कोर्ट से
जज की ऐसी तस्वीरें सभी हैरान रह गए। उसके ऊपर डिस्पिलिनेरी एक्शन कमेटी बैठी। कमेटी ने ये तय किया कि एनिसा बिलाजैक जैसी सीनियर जज से ऐसी हरकतों की उम्मीद नहीं की जाती है।
उसे कोर्ट से निकालने का फैसला ले लिया गया। उसे ऑफिस में आपत्तिजनक काम करने के लिए बाहर से निकाल भी दिया गया।
लेकिन थोड़ी दिनों बाद उसने अपनी हरकत के लिए माफी मांगी और प्रोफेशनल रूप से अच्छा काम करने की बात करते हुए उसे रखने की बात कही। कोर्ट उसकी बात मान गई। मामला यूरोप स्थित बोस्निया के हाई कोर्ट का है। sabhar :http://www.amarujala.com/
उसे कोर्ट से निकालने का फैसला ले लिया गया। उसे ऑफिस में आपत्तिजनक काम करने के लिए बाहर से निकाल भी दिया गया।
लेकिन थोड़ी दिनों बाद उसने अपनी हरकत के लिए माफी मांगी और प्रोफेशनल रूप से अच्छा काम करने की बात करते हुए उसे रखने की बात कही। कोर्ट उसकी बात मान गई। मामला यूरोप स्थित बोस्निया के हाई कोर्ट का है। sabhar :http://www.amarujala.com/
सोमवार, 28 अप्रैल 2014
सनी ने सबके सामने उतारे कपड़े, किया स्ट्रिप डांस
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अप्रैल 28, 2014 in किया स्ट्रिप डांस, सनी ने सबके सामने उतारे कपड़े


पोर्न स्टार और अभिनेत्री सनी लियोन की मुंबई-पुणे हाइवे पर स्थित किसी क्लब में स्ट्रिप डांस करती हुई तस्वींरों ने तहलका मचा दिया है. सोशल मीडिया पर सनी लियोन की कुछ तस्वीरें आजकल जबदस्त चर्चा का विषय बनी हुई हैं. इन तस्वीरों में सनी मुंबई-पुणे हाइवे पर स्थित किसी क्लब में स्ट्रिप डांस करती हुई नजर आ रही है. कहा जा रहा है कि सनी ने यह हॉट डांस एक व्यापारी की प्राइवेट पार्टी में किया था और इस परफॉर्मेस के लिए सनी को 40 लाख रुपए मिले थे. इन तस्वीरों और अटकलों में कितनी सच्चाई है, यह अभी कहा नहीं जा सकता. इंटरनेट पर इन तस्वीरों का लोग जमकर मजा जरूर ले रहे हैं. आपको बता दें सनी लियोन अपने एक और हॉट ऐड के साथ तैयार हैं. सनी लियोन ने हाल ही में डियोड्रेंट का एक हॉट ऐड शूट किया है. ये ऐड जल्द ही टीवी पर आग लगाने के लिए आ रहा है.

इससे पहले सनी ने कंडोम के कई हॉट ऐड किए हैं. सनी हाल ही में फिल्म रागिनी एमएमएस-2 में नजर आईं थीं. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रही.

इस ऐड में सनी बहुत ही सेक्सी और बोल्ड नजर आ रही हैं. इस ऐड में सनी बिकनी पहनकर बीच पर गीलों बालों के साथ खेल रही हैं. sabhar :http://www.samaylive.com/
पोर्न स्टार और अभिनेत्री सनी लियोन की मुंबई-पुणे हाइवे पर स्थित किसी क्लब में स्ट्रिप डांस करती हुई तस्वींरों ने तहलका मचा दिया है. सोशल मीडिया पर सनी लियोन की कुछ तस्वीरें आजकल जबदस्त चर्चा का विषय बनी हुई हैं. इन तस्वीरों में सनी मुंबई-पुणे हाइवे पर स्थित किसी क्लब में स्ट्रिप डांस करती हुई नजर आ रही है. कहा जा रहा है कि सनी ने यह हॉट डांस एक व्यापारी की प्राइवेट पार्टी में किया था और इस परफॉर्मेस के लिए सनी को 40 लाख रुपए मिले थे. इन तस्वीरों और अटकलों में कितनी सच्चाई है, यह अभी कहा नहीं जा सकता. इंटरनेट पर इन तस्वीरों का लोग जमकर मजा जरूर ले रहे हैं. आपको बता दें सनी लियोन अपने एक और हॉट ऐड के साथ तैयार हैं. सनी लियोन ने हाल ही में डियोड्रेंट का एक हॉट ऐड शूट किया है. ये ऐड जल्द ही टीवी पर आग लगाने के लिए आ रहा है.
इससे पहले सनी ने कंडोम के कई हॉट ऐड किए हैं. सनी हाल ही में फिल्म रागिनी एमएमएस-2 में नजर आईं थीं. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रही.
इस ऐड में सनी बहुत ही सेक्सी और बोल्ड नजर आ रही हैं. इस ऐड में सनी बिकनी पहनकर बीच पर गीलों बालों के साथ खेल रही हैं. sabhar :http://www.samaylive.com/
पत्नी की 6 सहेलियों समेत 18 को फंसाया प्यार जाल में
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अप्रैल 28, 2014 in पत्नी की 6 सहेलियों समेत 18 को फंसाया प्यार जाल में

वॉशिंगटन
अडेल थेरन शादी के बाद से ही अपने पति ब्रूस के साथ बहुत खुश थी। वह अपने पति पर पूरा भरोसा करती थी। इस बीच अडेल ने अपनी दोस्तों को भी घर पर बुलाना जारी रखा। उसके क्या पता था कि उसके पीछे से ब्रूस उसे किस तरह से धोखा दे रहा है। ब्रूस का अडेल की दोस्तों के साथ अफेयर शुरू हो गया। एक या दो नहीं, ब्रूस ने अपनी वाइफ की 6 दोस्तों के साथ चक्कर चला रखे थे।
काफी दिनों तक यह बात वाइफ से छुपी रही। लेकिन एक दिन उसे अपनी एक करीबी सहेली की बात से शक हुआ। उसने पता लगाना शुरू किया तो उसके होश उड़ गए। वह यह जानकर हैरान रह गई कि ब्रूस ने उसकी 6 सहेलियों को अपने जाल में फंसा रखा है और उसकी सहेलियों ने भी यह बात उससे छुपाई हुई है।
मामला यहीं नहीं खत्म हुआ। बात पर बात खुलती गई और पति देव की पोल भी। पता चला कि ब्रूस के सिर्फ 6 महिलाओं से ही नहीं बल्कि 12 और महिलाओं से भी अफेयर हैं। उसने पहले तो तलाक दिया, लेकिन बाद में खुश रहने के लिए उसने अपने पति को माफ कर दिया। मामला अमेरिका का है।
वॉशिंगटन
अडेल थेरन शादी के बाद से ही अपने पति ब्रूस के साथ बहुत खुश थी। वह अपने पति पर पूरा भरोसा करती थी। इस बीच अडेल ने अपनी दोस्तों को भी घर पर बुलाना जारी रखा। उसके क्या पता था कि उसके पीछे से ब्रूस उसे किस तरह से धोखा दे रहा है। ब्रूस का अडेल की दोस्तों के साथ अफेयर शुरू हो गया। एक या दो नहीं, ब्रूस ने अपनी वाइफ की 6 दोस्तों के साथ चक्कर चला रखे थे।
काफी दिनों तक यह बात वाइफ से छुपी रही। लेकिन एक दिन उसे अपनी एक करीबी सहेली की बात से शक हुआ। उसने पता लगाना शुरू किया तो उसके होश उड़ गए। वह यह जानकर हैरान रह गई कि ब्रूस ने उसकी 6 सहेलियों को अपने जाल में फंसा रखा है और उसकी सहेलियों ने भी यह बात उससे छुपाई हुई है।
मामला यहीं नहीं खत्म हुआ। बात पर बात खुलती गई और पति देव की पोल भी। पता चला कि ब्रूस के सिर्फ 6 महिलाओं से ही नहीं बल्कि 12 और महिलाओं से भी अफेयर हैं। उसने पहले तो तलाक दिया, लेकिन बाद में खुश रहने के लिए उसने अपने पति को माफ कर दिया। मामला अमेरिका का है।
पत्नी के रहते हुए 18 महिलाओं से अफेयर की बात जानकर अडेल बुरी तरह टूट गई। उसने अपने पति को तलाक देने का फैसला कर लिया। एक दिन वह अपने पति से अलग भी हो गई और सभी सहेलियों से रिश्ता तोड़ लिया। एक दिन अकेले रहते हुए अहसास हुआ कि जिंदगी बहुत कठिन हो गई है। उसका पति भी बार-बार उससे माफी मांग रहा था।
उसने फैसला किया कि वह अपने पति को माफ कर देगी और नए सिरे से लाइफ शुरू करेगी। उसने ब्रूस को माफ भी कर दिया। यही नहीं उसने अपनी धोखेबाज सहेलियों को भी माफ कर दिया। उसका कहना है कि वह भावुक जरूर हैं, लेकिन बेवकूफ नहीं।
वह पढ़ी-लिखी और एक मजबूत महिला है। अडेल ने कहा कि वह मानती है कि ज्यादातर लोगों के लिए यह फैसला बेहद कठिन होगा, लेकिन ब्रूस को पूरी तरह माफ कर चुकी हूं।
खुश रहने के लिए सही एक रास्ता था। पुरानी बातें अपने दिलोदिमाग से निकाल कर अपनी जिंदगी खुशहाल बनाने में लगी है। बहुत सारी महिलाएं उनके इस फैसले से हैरान होंगी, लेकिन वह अपने फैसले से खुश है। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/
उसने फैसला किया कि वह अपने पति को माफ कर देगी और नए सिरे से लाइफ शुरू करेगी। उसने ब्रूस को माफ भी कर दिया। यही नहीं उसने अपनी धोखेबाज सहेलियों को भी माफ कर दिया। उसका कहना है कि वह भावुक जरूर हैं, लेकिन बेवकूफ नहीं।
वह पढ़ी-लिखी और एक मजबूत महिला है। अडेल ने कहा कि वह मानती है कि ज्यादातर लोगों के लिए यह फैसला बेहद कठिन होगा, लेकिन ब्रूस को पूरी तरह माफ कर चुकी हूं।
खुश रहने के लिए सही एक रास्ता था। पुरानी बातें अपने दिलोदिमाग से निकाल कर अपनी जिंदगी खुशहाल बनाने में लगी है। बहुत सारी महिलाएं उनके इस फैसले से हैरान होंगी, लेकिन वह अपने फैसले से खुश है। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/
बुझा सकेंगे दिमाग की बत्ती
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अप्रैल 28, 2014 in बुझा सकेंगे दिमाग की बत्ती

एजेंसियां, लंदन
अब जब चाहें दिमाग को 'स्विच ऑफ' मोड में डाला जा सकता है। वैज्ञानिकों ने लाइट पल्स के जरिए दिमाग की न्यूरल एक्टिविटी को शटडॉउन करने का तरीका खोज निकाला है। अमेरिकी यूनिवर्सिटी स्टैनफोर्ड के वैज्ञानिक कार्ल डिसरोथ ने 2005 में दिमागी कोशिकाओं को ऑन और ऑफ करने की जो तकनीक विकसित की थी, जिसे 'ऑप्टोजेनेटिक्स' नाम दिया गया। हालांकि अब डिसरोथ की टीम ने इस टेक्नॉलजी को और बेहतर बना दिया है। इसके जरिए दिमाग को अब पूरी तरह शटडाउन मोड में भेजा जा सकता है।
ब्रिटेन के नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ के डायरेक्टर के अनुसार, यह टेक्नॉलजी शोधकर्ताओं को इंसानी सोच, भावनाएं और बर्ताव से जुड़े ब्रेन सर्किट को समझने में बेहतर तरीके से मदद कर सकेगी। दरअसल दिमाग के बाईं ओर ऑप्सिन नाम का पदार्थ होता है, जो कंप्यूटराइज्ड इमेज में लाल रंग का दिखता है। यह लाल रंग दिमाग में मौजूद नेगेटिव सोच वाले चार्जर्स को दिखाता है और इस तकनीक जरिए नेगेटिव सोच के चार्जर्स को पॉजिटिव में बदला जा सकता है। दरअसल नई तकनीक में कुछ चैनल बनाए गए हैं, जो नकारात्मक सोच वाले आयनों को सकारात्मक में परिवर्तित करती है।
मिरगी के मरीजों को फायदा
बायोइंजीनियरिंग और बिहैवियेरियल साइंस के प्रफेसर और सीनियर ऑथर डिसरोथ ने कहा कि यह कुछ ऐसा है जो हम पिछले काफी वर्षों से चाह रहे थे। उन्होंने बताया कि नई तकनीक 10 अमीनो एसिड को ऑप्टोजेनेटिक प्रोटीन में बदलने पर निर्भर होगी। इसके जरिए एक ऐसा टूल इजाद हुआ है, जिससे न्यूरोसाइंटिस्ट्स दिमाग के किसी भी सर्किट को बंद कर सकते हैं। इस टेक्नॉलजी के साथ ही साइंटिस्ट दिमागी मरीजों के लिए स्पेशल ट्रीटमेंट बना पाएंगे, जिससे दिमाग के किसी भी हिस्से को रोशनी डालकर बंद किया जाएगा। स्वीडन में लुंड यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल की पीएचडी प्रफेसर मेराब कोकइया ने मिरगी की स्टडी के लिए ऑप्टोजेनेटिक्स का सहारा लिया और उन्होंने इस तकनीक की काफी सराहना भी की। उन्होंने बताया कि यह टेक्नॉलजी जानवरों में बिहेवियरल स्टडी को समझने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। यह तकनीक मिरगी की ऐसी स्थितियों में इस्तेमाल की जा सकती है जहां दवाइयां भी काम नहीं करतीं। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/
एजेंसियां, लंदन
अब जब चाहें दिमाग को 'स्विच ऑफ' मोड में डाला जा सकता है। वैज्ञानिकों ने लाइट पल्स के जरिए दिमाग की न्यूरल एक्टिविटी को शटडॉउन करने का तरीका खोज निकाला है। अमेरिकी यूनिवर्सिटी स्टैनफोर्ड के वैज्ञानिक कार्ल डिसरोथ ने 2005 में दिमागी कोशिकाओं को ऑन और ऑफ करने की जो तकनीक विकसित की थी, जिसे 'ऑप्टोजेनेटिक्स' नाम दिया गया। हालांकि अब डिसरोथ की टीम ने इस टेक्नॉलजी को और बेहतर बना दिया है। इसके जरिए दिमाग को अब पूरी तरह शटडाउन मोड में भेजा जा सकता है।
ब्रिटेन के नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ के डायरेक्टर के अनुसार, यह टेक्नॉलजी शोधकर्ताओं को इंसानी सोच, भावनाएं और बर्ताव से जुड़े ब्रेन सर्किट को समझने में बेहतर तरीके से मदद कर सकेगी। दरअसल दिमाग के बाईं ओर ऑप्सिन नाम का पदार्थ होता है, जो कंप्यूटराइज्ड इमेज में लाल रंग का दिखता है। यह लाल रंग दिमाग में मौजूद नेगेटिव सोच वाले चार्जर्स को दिखाता है और इस तकनीक जरिए नेगेटिव सोच के चार्जर्स को पॉजिटिव में बदला जा सकता है। दरअसल नई तकनीक में कुछ चैनल बनाए गए हैं, जो नकारात्मक सोच वाले आयनों को सकारात्मक में परिवर्तित करती है।
मिरगी के मरीजों को फायदा
बायोइंजीनियरिंग और बिहैवियेरियल साइंस के प्रफेसर और सीनियर ऑथर डिसरोथ ने कहा कि यह कुछ ऐसा है जो हम पिछले काफी वर्षों से चाह रहे थे। उन्होंने बताया कि नई तकनीक 10 अमीनो एसिड को ऑप्टोजेनेटिक प्रोटीन में बदलने पर निर्भर होगी। इसके जरिए एक ऐसा टूल इजाद हुआ है, जिससे न्यूरोसाइंटिस्ट्स दिमाग के किसी भी सर्किट को बंद कर सकते हैं। इस टेक्नॉलजी के साथ ही साइंटिस्ट दिमागी मरीजों के लिए स्पेशल ट्रीटमेंट बना पाएंगे, जिससे दिमाग के किसी भी हिस्से को रोशनी डालकर बंद किया जाएगा। स्वीडन में लुंड यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल की पीएचडी प्रफेसर मेराब कोकइया ने मिरगी की स्टडी के लिए ऑप्टोजेनेटिक्स का सहारा लिया और उन्होंने इस तकनीक की काफी सराहना भी की। उन्होंने बताया कि यह टेक्नॉलजी जानवरों में बिहेवियरल स्टडी को समझने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। यह तकनीक मिरगी की ऐसी स्थितियों में इस्तेमाल की जा सकती है जहां दवाइयां भी काम नहीं करतीं। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/
रविवार, 27 अप्रैल 2014
डॉक्टर ने 8 साल तक किया सगी बहन से रेप
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अप्रैल 27, 2014 in डॉक्टर ने 8 साल तक किया सगी बहन से रेप

दिल दहला देने वाली घटना
यह बताने की जरूरत नहीं है कि हमारे देश्ा में भाई-बहन के रिश्ते को कितना पवित्र माना जाता है। पूरी दुनिया में बस हमारे यहां बहनें, भाई के हाथ में रक्षा-सूत्र बांधकर जीवनभर अपनी रक्षा करने का वचन लेती हैं।
यह बस कहने की ही बात नहीं है, हर रोज ऐसे कई उदाहरण भी हम अपने आस-पास देखते हैं, जब भाई अपनी बहन की लाज रखने के लिए जान की बाजी लगा देते हैं।
लेकिन यहीं कुछ ऐसे हैवान भी हैं, जो हवस की आग बुझाने के लिए ऐसी घटना को अंजाम दे देते, जिसे जानने-सुनने वालों का भी दिल दहल जाता है। इस सगे भाई ने ऐसी ही करतूत कर दी है।
यह बस कहने की ही बात नहीं है, हर रोज ऐसे कई उदाहरण भी हम अपने आस-पास देखते हैं, जब भाई अपनी बहन की लाज रखने के लिए जान की बाजी लगा देते हैं।
लेकिन यहीं कुछ ऐसे हैवान भी हैं, जो हवस की आग बुझाने के लिए ऐसी घटना को अंजाम दे देते, जिसे जानने-सुनने वालों का भी दिल दहल जाता है। इस सगे भाई ने ऐसी ही करतूत कर दी है।
पांच बहनों में है इकलौता भाई
सगी बहन के साथ आठ सालों से रेप करने वाला भाई अपनी पांच बहनों में इकलौता है। बहन ने शनिवार को पुलिस को बताया कि उसका भाई बारहवीं कक्षा के बाद से लगातार उससे दुष्कर्म कर रहा है।
वह समाज के डर और रिश्ते के कारण पहले कुछ नहीं बोल पाई। लेकिन अब भाई का अत्याचार इतना बढ़ गया था कि उसे सह पाना असंभव हो गया था।
दरअसल, पांच बहनों में इकलौता भाई होने के चलते परिवार के लोग भी मामले की जानकारी होने के बावजूद कुछ नहीं बोल रहे थे।
वह समाज के डर और रिश्ते के कारण पहले कुछ नहीं बोल पाई। लेकिन अब भाई का अत्याचार इतना बढ़ गया था कि उसे सह पाना असंभव हो गया था।
दरअसल, पांच बहनों में इकलौता भाई होने के चलते परिवार के लोग भी मामले की जानकारी होने के बावजूद कुछ नहीं बोल रहे थे।
इसलिए किया खुलासा
बहन लोक-लाज के डर से पिछले आठ सालों से यह अत्याचार सह रही थी। लेकिन जब भाई ने शादी के बाद भी यह शर्मनाक काम बंद नहीं किया, तब बहन को इसके खिलाफ आवाज उठानी पड़ी।
दरअसल इस हैवान भाई ने अपनी यह करतूत तब भी जारी रखी जब बहन की शादी हो गई।
रेप पीड़िता ने बताया कि पिछले आठ सालों में वह कई बार भाई का विरोध कर चुकी है। लेकिन ऐसा करने पर भाई उसे कई तरह की धमकियां देने लगता है।
दरअसल इस हैवान भाई ने अपनी यह करतूत तब भी जारी रखी जब बहन की शादी हो गई।
रेप पीड़िता ने बताया कि पिछले आठ सालों में वह कई बार भाई का विरोध कर चुकी है। लेकिन ऐसा करने पर भाई उसे कई तरह की धमकियां देने लगता है।
नामचीन अस्पताल में डॉक्टर है आरोपी
भाई-बहन के रिश्ते को कलंकित करने वाला भाई गुड़गांव के एक नामचीन निजी अस्पताल में डॉक्टर है। ताज्जुब की बात है कि डॉक्टरी जैसे पेशे में होने की बावजूद वह इस तरह की शर्मनाक हरकत कर रहा था।
परिजनों व पीड़ित की शिकायत पर मानेसर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मानेसर थाना प्रभारी के अनुसार मामला दर्ज होने के बाद आरोपी भूमिगत हो गया था।
लेकिन बाद में पुलिस ने लगातार छापे मारकर शनिवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। sabhar :http://www.amarujala.com/
परिजनों व पीड़ित की शिकायत पर मानेसर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मानेसर थाना प्रभारी के अनुसार मामला दर्ज होने के बाद आरोपी भूमिगत हो गया था।
लेकिन बाद में पुलिस ने लगातार छापे मारकर शनिवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। sabhar :http://www.amarujala.com/
तो क्या पानी पर चलना हो सकता है संभव
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अप्रैल 27, 2014 in तो क्या पानी पर चलना हो सकता है संभव

हम रोजाना जिन चीजों का इस्तेमाल करते हैं उन्हें बनाने में विज्ञान की क्या भूमिका है।
किस तरह सामान्य प्रक्रियाओं के जरिये पदार्थ की खास प्रकृति को बदलकर तरह-तरह की चीजें बनाई जा सकती हैं। यहां तक कि पानी पर चलना संभव है। बेंगलूर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस के प्रोफेसर अजय के . सूद ने अत्यंत सरल भाषा और उदाहरणों के जरिये इस बाबत बताया।
श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल रिसर्च के 50वें फाउंडर मेमोरियल लेक्चर में 'ड्रिवेन सॉफ्ट मैटर : कनेक्टिंग डीप साइंस टू एवरीडे लाइफ' विषय पर बोलते हुए प्रो. सूद ने कहा कि दूध, मक्खन, साबुन, शैंपू, चाकलेट, फेस क्रीम, पेंट जैसे अर्द्ध ठोस-अर्द्ध तरल पदार्थ ड्रिवेन या चलायमान श्रेणी में आते हैं। इनमें हलचल पैदा कर न केवल इनके गुणों में बदलाव लाया जा सकता है, बल्कि इन्हें जरूरत के मुताबिक विभिन्न आकार-प्रकार या रंग या स्वाद दिया जा सकता है।
मथने, विद्युत क्षेत्र में रखने या किसी माध्यम में घुमाने या हिलाने से इन पदार्थो की प्रकृति बदल जाती है। केवलार की शीट में सामान्य मजबूती होती है। लेकिन जब इसकी दो शीटों के बीच ऐसे खास पदार्थ को खास प्रक्रिया के तहत भरा जाता है तो यह बुलेट प्रूफ बन जाती है। पैथोलॉजी लैब में एंटीजेन कणों को एंटीबॉडी कणों संग घुमाने से वे आपस में चिपक जाते हैं और इस तरह खास बीमारियों का पता चल जाता है। यदि पानी में 50 फीसद मे की स्टार्च मिला दी जाए तो इस घोल से भरे पूल को पैदल पार किया जा सकता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में निदेशक डॉ. केएम चाको ने श्रीराम इंस्टीट्यूट की उपलब्धियों की चर्चा की। साथ ही सर लाला श्रीराम के दूरदर्शी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। डॉ. श्रीमती मंजू शर्मा ने प्रो. सूद को धन्यवाद दिया। लेक्चर सुनने वालों में प्रो. एमजीके मेनन, प्रो. यशपाल समेत कई वैज्ञानिक, शिक्षाविद तथा इंस्टीट्यूट के छात्र व गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। sabhar :http://hindi.ruvr.ru/
और पढ़ें: http://hindi.ruvr.ru/news/2014_04_26/271699858/
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शनिवार, 26 अप्रैल 2014
टी-शर्ट पर ही प्रिंट होंगे सेलफोन
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अप्रैल 26, 2014 in टी-शर्ट पर ही प्रिंट होंगे सेलफोन

मेलबर्न: कुछ दिनों में ऐसा हो सकता है कि आपको मोबाइल पॉकेट में रखने की जरूरत ही न पड़े। आपके टी-शर्ट पर ही रिंगटोन बजे और आप टी-शर्ट पर प्रिंट किए गए मोबाइल से बात कर सकें। जी हां, वैज्ञानिक सेल फोन को बेहद पतला, फ्लेक्सिबल और कारगर बनाने पर काम कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के मोनॉश यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ही सेलफोन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसे टी-शर्ट पर प्रिंट किया जा सके।
स्पासर टेक्नॉलजी की मदद
इस मोबाइल फोन को बेहद पतला बनाने में स्पासर टेक्नॉलजी की मदद ली जाएगी। मोनॉश के वैज्ञानिकों ने काबर्न से बनने वाले दुनिया के पहले स्पासर (सर्फेश प्लासमोन एम्पलिफिकेशन बाइ स्टिमुलेटेड इमिशन ऑफ रेडिएशन) को बनाने में सफलता हासिल कर ली है। इस प्रोजेक्ट के प्रमुख वैज्ञानिक चनाका रुपासिंघे ने कहा कि कार्बन बेस्ड स्पासर टेक्नॉलजी काफी कारगर साबित होगी। यह न सिर्फ सस्ती होगी, बल्कि बेहतर नतीजे भी देगी और इको फ्रैंडली भी होगी। अभी स्पासर टेक्नॉलजी में सोने और चांदी के नैनोपार्टिकल का इस्तेमाल होता है। एसिएस नैनो मैगजीन में इस संबंध में रिसर्च पेपर प्रकाशित किया गया है।
यह है स्पासर टेक्नॉलजी
स्पॉसर एक नैनोस्केल लेसर या नैनोलेसर है। इसके फ्री इलेक्ट्रॉन के वाइब्रेशन से लाइट बीम निकलती है। यह ट्रडिशनल लेसर के इलेक्ट्रो मैग्नेटिक वेब इमिशन की तरह जगह नहीं खाती है। इस प्रोजेक्ट में लगे वैज्ञानिकों को पहली बार पता चला कि कार्बन और ग्रैफाइट के नैनोट्यूब एक-दूसरे से प्रकाश के सहारे ऊर्जा का आदान-प्रदान कर सकते हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि कार्बन नैनोट्यूब में ऑप्टिकल इंटरेक्शन काफी तेज था और यह टेक्नॉलजी कंप्यूटर चिप बनाने में इस्तेमाल की जा सकती है।
मेलबर्न: कुछ दिनों में ऐसा हो सकता है कि आपको मोबाइल पॉकेट में रखने की जरूरत ही न पड़े। आपके टी-शर्ट पर ही रिंगटोन बजे और आप टी-शर्ट पर प्रिंट किए गए मोबाइल से बात कर सकें। जी हां, वैज्ञानिक सेल फोन को बेहद पतला, फ्लेक्सिबल और कारगर बनाने पर काम कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के मोनॉश यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ही सेलफोन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसे टी-शर्ट पर प्रिंट किया जा सके।
स्पासर टेक्नॉलजी की मदद
इस मोबाइल फोन को बेहद पतला बनाने में स्पासर टेक्नॉलजी की मदद ली जाएगी। मोनॉश के वैज्ञानिकों ने काबर्न से बनने वाले दुनिया के पहले स्पासर (सर्फेश प्लासमोन एम्पलिफिकेशन बाइ स्टिमुलेटेड इमिशन ऑफ रेडिएशन) को बनाने में सफलता हासिल कर ली है। इस प्रोजेक्ट के प्रमुख वैज्ञानिक चनाका रुपासिंघे ने कहा कि कार्बन बेस्ड स्पासर टेक्नॉलजी काफी कारगर साबित होगी। यह न सिर्फ सस्ती होगी, बल्कि बेहतर नतीजे भी देगी और इको फ्रैंडली भी होगी। अभी स्पासर टेक्नॉलजी में सोने और चांदी के नैनोपार्टिकल का इस्तेमाल होता है। एसिएस नैनो मैगजीन में इस संबंध में रिसर्च पेपर प्रकाशित किया गया है।
यह है स्पासर टेक्नॉलजी
स्पॉसर एक नैनोस्केल लेसर या नैनोलेसर है। इसके फ्री इलेक्ट्रॉन के वाइब्रेशन से लाइट बीम निकलती है। यह ट्रडिशनल लेसर के इलेक्ट्रो मैग्नेटिक वेब इमिशन की तरह जगह नहीं खाती है। इस प्रोजेक्ट में लगे वैज्ञानिकों को पहली बार पता चला कि कार्बन और ग्रैफाइट के नैनोट्यूब एक-दूसरे से प्रकाश के सहारे ऊर्जा का आदान-प्रदान कर सकते हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि कार्बन नैनोट्यूब में ऑप्टिकल इंटरेक्शन काफी तेज था और यह टेक्नॉलजी कंप्यूटर चिप बनाने में इस्तेमाल की जा सकती है।
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3डी प्रिंटिग टेक्नॉलजी के जरिए सिर्फ 24 घंटे में 10 घरों का समूह तैयार कर दिया।
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अप्रैल 26, 2014 in 3डी प्रिंटिग टेक्नॉलजी24 घंटे में 10 घरों का समूह

पेइचिंग
3डी प्रिंटर की मदद से बहुत कुछ किया जा सकता है। इसका हालिया कमाल है एक दिन में घर तैयार करना, वह भी एक नहीं पूरे 10 घर। चीन की एक कंपनी ने 3डी प्रिंटिग टेक्नॉलजी के जरिए सिर्फ 24 घंटे में 10 घरों का समूह तैयार कर दिया। इन घरों को बनाने में रिसाइकल मटिरियल का इस्तेमाल किया गया है। शंघाई के क्विंगपू जिले में तैयार हुई यह इमारत 200 वर्गमीटर के इलाके में फैली है।
इन इमारतों को तैयार करने के लिए 500 फुट लंबा, 33 फुट चौड़ा और 20 फुट बड़ा 3डी प्रिंटर तैयार किया गया। इस प्रिंटर का इस्तेमाल कर घरों के कंपोनेंट तैयार किए गए। इस टेक्नॉलजी से बने एक घर की कीमत लगभग 4800 डॉलर यानी 2.8 लाख रुपये है।
इन इमारतों को चीन के शंघाई विनशुन डेकोरेशन डिजाइन इंजीनियरिंग कंपनी ने तैयार किया है। इमारतों के कंपोनेंट बनाने के लिए एक स्पेशल इंक का इस्तेमाल किया गया है। इस इंक को वेस्ट मटीरियल से तैयार किया गया है। कंपनी की सीईओ मा येह के अनुसार इस तरह की इमारत इकोफ्रेंडली और कॉस्ट इफेक्टिव भी है। यह कंपनी चीन में 100 से ज्यादा रिसाइकलिंग फैक्ट्री खोलने की तैयारी में है। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/
पेइचिंग
3डी प्रिंटर की मदद से बहुत कुछ किया जा सकता है। इसका हालिया कमाल है एक दिन में घर तैयार करना, वह भी एक नहीं पूरे 10 घर। चीन की एक कंपनी ने 3डी प्रिंटिग टेक्नॉलजी के जरिए सिर्फ 24 घंटे में 10 घरों का समूह तैयार कर दिया। इन घरों को बनाने में रिसाइकल मटिरियल का इस्तेमाल किया गया है। शंघाई के क्विंगपू जिले में तैयार हुई यह इमारत 200 वर्गमीटर के इलाके में फैली है।
इन इमारतों को तैयार करने के लिए 500 फुट लंबा, 33 फुट चौड़ा और 20 फुट बड़ा 3डी प्रिंटर तैयार किया गया। इस प्रिंटर का इस्तेमाल कर घरों के कंपोनेंट तैयार किए गए। इस टेक्नॉलजी से बने एक घर की कीमत लगभग 4800 डॉलर यानी 2.8 लाख रुपये है।
इन इमारतों को चीन के शंघाई विनशुन डेकोरेशन डिजाइन इंजीनियरिंग कंपनी ने तैयार किया है। इमारतों के कंपोनेंट बनाने के लिए एक स्पेशल इंक का इस्तेमाल किया गया है। इस इंक को वेस्ट मटीरियल से तैयार किया गया है। कंपनी की सीईओ मा येह के अनुसार इस तरह की इमारत इकोफ्रेंडली और कॉस्ट इफेक्टिव भी है। यह कंपनी चीन में 100 से ज्यादा रिसाइकलिंग फैक्ट्री खोलने की तैयारी में है। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/
मजाक-मजाक में पॉर्न स्टार को छत से नीचे फेंका, टूट गया पैर, देखें तस्वीरें
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अप्रैल 26, 2014 in पॉर्न स्टार को छत से नीचे फेंका

इंटरनेशनल डेस्क। डैन बिलजेरियन फोटो शेयरिंग साइट इंस्टाग्राम के सबसे बड़े प्लेब्वॉय सेलिब्रिटी हैं। डैन पेशे से पोकर प्लेयर हैं। उन्हें शायद ही इस गेम में कोई हरा पाए। डैन ने गैम्बलिंग के जरिए ही 100 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में 6 अरब, 6 करोड़ 40 लाख रुपए की संपत्ति बनाई है। उसने पोकर के कई टूर्नामेंट्स अपने नाम किए हैं। 2009 में वर्ल्ड सीरीज ऑफ पोकर में डैन बुलंदियों पर था। डैन ऑनलाइन पोकर रूम 'विक्टरी पोकर' का सह-संस्थापक भी है।
क्या है मामला?
डैन को पार्टी करने में बड़ा मजा आता है। अरबपति व बेहद चर्चित हस्ती होने के कारण कई हसीन व कमसिन लड़कियां उसके इर्द-गिर्द मौजूद रहती हैं। यही वजह है कि डैन इंस्टाग्राम का सबसे सेक्सी सेलिब्रिटी माना जाता है। हालांकि, बीते बुधवार पार्टी के दौरान डैन ने मजाक-मस्ती में कुछ ऐसा कर डाला कि 18 वर्षीय पॉर्न स्टार जैनिस ग्रिफित का एक पैर टूट गया। बाद में जब डैन ने अपने किए पर माफी नहीं मांगी, तो इस पॉर्न स्टार ने उस पर मुकदमा ठोक दिया।
फ्लैशबैक
हॉलीवुड मैनसन में एक लाउड पार्टी चल रही थी। पार्टी डैन ने दी थी। उस दिन जैनिस (नग्न अवस्था) भी वहां मौजूद थी। दोनों की ये पहली मुलाकात थी। जैनिस को देख डैन के मन में शानदार फोटो शूट करने की सूझी। उसने जैनिस को उठा लिया। इस दौरान जैनिस चिल्लाई, लेकिन डैन ने मजाक-मजाक में उसे छत से नीचे फेंक दिया। हालांकि, डैन ने उसे स्वीमिंग पूल में फेंका था, लेकिन अंतिम पलों में डर से जैनिस ने उसकी टी-शर्ट पकड़ ली थी। इस कारण गिरते वक्त उसका एक पैर पूल के किनारे से टकरा गया।
वीडियो में चिल्लाहट साफ
पार्टी में मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया था। वीडियो में जैनिस के चिल्लाने की आवाज साफ सुनाई दे रही है। जैनिस का कहना है, "मुझे पैर टूटने का जितना दुख है, उससे कहीं ज्यादा इस बात का गुस्सा है कि डैन ने मुझसे इस गलती के लिए माफी तक नहीं मांगी।" उस हादसे को याद करते हुए जैनिस कहती है, "मुझे हैरानी है कि मेरा वजन सिर्फ 40 किलो है, इसके बाद भी पूल तक पहुंच नहीं पाई।" पैर टूटने से दुखी जेनिस ने शुक्रवार को ट्वीट कर लिखा, "मैं अपने काम पर वापस लौटना चाहती हूं...बस यही सबसे बड़ी चिंता है।" जैनिस ने आगे लिखा, "क्या कोई टूटे पैर वाली लड़की बुक करना चाहता है?"
हादसे से चिंतित पॉर्न स्टार
जैनिस हादसे के बाद से काफी चिंतित है। दो हफ्ते तक अब वह टूटे पैर के साथ ही रहेगी। उसे इसके लिए इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। जैनिस के मुताबिक, एक्स रेटेड साइट किंक डॉट कॉम के लिए उसे फोटो शूट करवाना था। जैनिस डैन से बेहद गुस्सा है, क्योंकि उसे अपने किए पर जरा भी अफसोस नहीं है। डैन ने जैनिस के आरोप पर रीट्वीट किया, "डैन बिलजेरियन की एक नग्न लड़की ने लगभग हत्या कर दी थी। उसने उसे छत से खींचने की कोशिश की थी...हाहाहा...वह हल्क जैसी है।"
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शुक्रवार, 25 अप्रैल 2014
गांधी वनिता आश्रम में छह बिस्तरों पर सुलाई जाती थीं 24 लड़कियां, CCTV से रखी जाती थी नजर
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अप्रैल 25, 2014 in CCTV से रखी जाती थी नजर

गांधी वनिता आश्रम। बेसहारा लड़कियों का घर। हर महीने लाखों का बजट। मगर अंदर कैदखाने से भी बुरे हाल। प्राइवेसी पर भी हमला। सिविल जज राणा कंवरदीप कौर वीरवार शाम यहां आईं। ताला खुलवाया तो अंदर 24 लड़कियां एक ही कमरे में बंद थीं। जज से लिपटकर कई रोने लगीं। छह बिस्तरों पर 24 लड़कियां सुलाई जाती हैं। ऊपर से कैमरे लगा दिए। लड़कियां बोलीं हम तो कमरे में कपड़े चेंज भी नहीं कर सकतीं।
जालंधर। कपूरथला चौक के पास गांधी वनिता आश्रम में बेहद खराब हालात में रह रहीं लड़कियों ने सिविल जज को अपना दर्द सुनाया। एक कमरे में 24 लड़कियां रह रहीं थीं। उनके कमरे में वार्डन ने सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। गुरुवार शाम चेकिंग के लिए जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी की सचिव व सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राणा कंवरदीप कौर को लड़कियों ने बताया कि कैमरे की वजह से उन्हें कपड़े बदलने में भी परेशानी हो गई है। जब लड़कियों ने वार्डन से सीसीटीवी कैमरे की शिकायत की तो वार्डन ने उन्हें डांट दिया। जज कंवरदीप कौर के साथ एडवोकेट हरलीन कौर और नवजोत कौर सिद्धू भी साथ थीं।
लड़कियों ने जज से बताया कि वे नरक जैसी जिंदगी जी रही हैं। सुबह चार बजे उन्हें उठा दिया जाता है और देर शाम कमरे में बंद कर दिया जाता है। लाइट बंद होने के बाद भी उन्हें बाहर आने की इजाजत नहीं। सुबह खाने में सिर्फ एक परांठा मिलता है। दो टाइम खाने में एक बार में तीन रोटियां और थोड़ी सी सब्जी। रोटियां खाने को दिल नहीं करता। जब कुछ कहती हैं तो गलत तरीके से बोला जाता है।
आश्रम में लड़कियों के खेलने का सामान और साइकिलें कमरे में बंद थे। गांधी वनिता आश्रम सीनियर सेकेंडरी स्कूल भी परिसर में ही है। ऐसा ही हाल चिल्ड्रन होम (शॉर्ट स्टे होम) में था। इसमें 20 लड़कियां थी। इसके अलावा चिल्ड्रन होम फॉर गर्ल्स में बेसहारा 52 लड़कियां थीं। वे यहां शिक्षा ले रही हैं। उन्होंने भी कई आरोप लगाए।
रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी : जज
सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राणा कंवरदीप कौर ने बताया कि वह बस्ती गुजां स्थित प्रोटेक्टिव होम गईं थीं। लड़कियों की परेशानी देखी तो लगा कि ऐसा ही गांधी वनिता आश्रम में तो नहीं हो रहा है। इसलिए वह रूटीन चेकिंग के लिए वालंटियर हरलीन और नवजोत के साथ गई थीं। यहां बच्चियों ने तरह-तरह के आरोप लगाए हैं। सभी विभागों को रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी।
तीन गर्भवती लड़कियां बोलीं- खाना बनवाते हैं, नहीं मिल रहीं मेडिकल सुविधाएं
तीन लड़कियां गर्भवती थीं। उन्होंने बताया कि उनसे खाना बनवाया जाता है। एक लड़की ने तो कैल्शियम की कमी की शिकायत थी, लेकिन उसकी डाक्टरी जांच नहीं करवाई गई। एक बच्ची ने बताया कि गार्ड अंकल ने उसे थप्पड़ मारा था, जिससे उसे सुनने में परेशानी आ रही है, लेकिन उसका इलाज नहीं करवाया गया।
हमें नहीं पता था कैमरे लगाना गलत है : वार्डन
आश्रम की वार्डन पूनम और जसविंदर कौर का कहना है कि बच्चियां झूठ बोल रही हैं। पूनम ने माना कि मार्च महीने में सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए गए थे, लेकिन किसी भी बच्ची ने कोई शिकायत नहीं की थी। पता नहीं था कि यह गलत है। अगर गलत है तो कैमरे हटवा कर सुबह परिसर में लगवा दिए जाएंगे।
मजिस्ट्रेट जांच होगी : डीसी
डिप्टी कमिश्नर वरुण रूजम ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाएगी। पूरे मामले की तह तक जाएंगे। दो दिन में जांच रिपोर्ट देनी होगी। गांधी वनिता आश्रम में कुप्रबंधन के लिए जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरे के जरिए यहां से होती थी निगरानी।
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