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रविवार, 9 फ़रवरी 2014

शिव प्रसन्न जिन पर उनके साथ होती हैं ये 3 बातें

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जिन पर हो जाते हैं शिव प्रसन्न, उनके साथ होती हैं ये 3 बातें

उज्जैन। हिन्दू धर्मशास्त्रों में शिव को गुणातीत कहकर भी पुकारा गया है। यानी शिव अनगिनत गुण व शक्तियों के स्वामी है। इन शक्तियों की महिमा भी अपार है। शिव का ऐसा बेजोड़ चरित्र ही शिव को देवों का देव यानी महादेव बनाता है। शास्त्रों में उजागर शिव के बेजोड़ चरित्र पर सांसारिक और व्यावहारिक नजरिए से गौर करें तो पता चलता है कि शिव के देवताओं में सर्वश्रेष्ठ होने के पीछे कुछ खूबियां खास अहमियत रखती हैं। जानिए, आख़िर शिव की ऐसी ही 3 अहम शक्तियां कौन सी हैं।  
दरअसल, इंसानी जीवन की दिशा व दशा तय करने में दो बातों की अहम भूमिका होती हैं - पहली रचना, उत्पत्ति या सृजन और दूसरी आजीविका। ये दोनों ही लक्ष्य पाने और कायम रखने के लिए यहां बताए जा रहे तीन गुण अहम हैं या यूं कहें कि इनके बिना न सृजन करना, न ही जीवन को चलाना संभव है। शिव चरित्र भी इन तीन बेजोड़ गुणों से संपन्न है। यहीं वजह है कि जिस भी व्यक्ति के जीवन में इन 3 गुणों से यश, धन व सुख नजर आता है, धार्मिक नजरिए से माना गया है कि ऐसा होना शिवजी की प्रसन्नता के ही संकेत हैं।
जिन पर हो जाते हैं शिव प्रसन्न, उनके साथ होती हैं ये 3 बातें
पावनता व वैभव - शुद्धता, पावनता या पवित्रता के अभाव में मानव जन्म हो या किसी वस्तु की रचना दोषपूर्ण हो जाती है। शिव चरित्र व उनका निराकार स्वरूप शिवलिंग भी सृजन का ही प्रतीक होकर जीवन व व्यवहार में पावनता और संयम का संदेश देता है। शिव का संयम और वैराग्य दोनों ही तन-मन की पवित्रता की सीख है। 
यही वजह है कि अचानक दरिद्रता, तंगी, रोग या क्लेशों से घिरे शिव या किसी देव भक्त को इन परेशानियों से छुटकारा मिलने लगे, तो धार्मिक आस्था से इसे उस व्यक्ति के जीवन पर शिव कृपा का ही बड़ा संकेत माना गया है। 

जिन पर हो जाते हैं शिव प्रसन्न, उनके साथ होती हैं ये 3 बातें
ज्ञान - ज्ञान या शिक्षा के अभाव में जीवनयापन संघर्ष और संकट भरा हो जाता है। ज्ञान व बुद्धि के मेलजोल से बेहतर आजीविका यानी जीवन के 4 पुरुषार्थों में एक 'अर्थ' प्राप्ति के रास्ते खुल जाते हैं। भगवान शिव भी जीवन के लिए जरूरी ज्ञान, कलाओं, गुण और शक्तियों के स्वामी होने से जगतगुरु भी पुकारे जाते हैं, जो धर्मशास्त्र, तंत्र-मंत्र और नृत्य के रूप में जगत को मिले। 
कोई भी धर्म व ईश्वर को मानने वाला अगर ज्ञान के जरिए यश व सफलता की बुलंदियों को छूने लगे, तो धार्मिक नजरिए से यह शिव कृपा ही मानी गई है, जिसे कायम रखने के लिए अहंकार से परे रहकर व विवेक के साथ ज्ञान, कला या हुनर को बढ़ाने या तराशने के लिए संकल्पित हो जाना चाहिए। 
जिन पर हो जाते हैं शिव प्रसन्न, उनके साथ होती हैं ये 3 बातें


पुरुषार्थ - जीवन के लक्ष्यों को पाने के लिए संकल्पों के साथ पूरी तरह डूबकर परिश्रम को अपनाना ही पुरुषार्थ का भाव है। इसे धर्म या अध्यात्म क्षेत्र में साधना या तप के रूप में भी जाना जाता है। भगवान शिव भी महायोगी, तपस्वी माने गए हैं।

शिव का योग व तप जीवन में सुख, सफलता व शांति के लिए पुरुषार्थ की अहमियत बताता है। मन व तन के आलस्य से परे श्रम के जरिए जीवन को साधना ही शिव के बेजोड़ तप और योग का संदेश है।
 
यही वजह है कि व्यावहारिक तौर पर जब भी किसी इंसान को नौकरी, कारोबार में या जीवनयापन के लिए किसी भी रूप में की गई भरसक कोशिशों के सुफल मिलते या सफलता हाथ लगती है, तो यह धर्म के नजरिए से शिव कृपा ही मानी जाती है।

इस तरह शिव चरित्र की ये तीन खासियत इंसानी जीवन में गहरी अहमियत रखने से भक्तों के मन में श्रद्धा और आस्था पैदा कर शिव भक्ति और उपासना को सर्वोपरि बनाती है। साथ ही शिव के महादेव स्वरूप को हृदय में बसाए रखती है। sabhar : bhskar.com




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दिन में 60 तक लोगों के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर किया जाता था

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सेक्स रैकेट पीड़िता की दर्दनाक दास्तां, एक दिन में 60 लोगों से बनवाते थे संबंध


न्यूयॉर्क। मानव तस्करी और सेक्स रैकेट का शिकार हुई महिला कैरमेन की आपबीती दिल दहला देने वाली है। मैक्सिको की रहने वाली कैरमेन ने आखिरकार कोर्ट में चुप्पी तोड़ी और अपने कैद होने के दौरान की भयानक सच्चाई बयां की। 
 
कैरमेन ने बताया कि उसे 14 साल की उम्र में ही वेश्यावृत्ति के धंधे में उतार दिया गया था। उसने बताया कि न्यूयार्क में उसकी जिंदगी नरक के जैसी थी। उसे कई बार दिन में 60 तक लोगों के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर किया जाता था। वहीं सेक्स रैकेट में पकड़ी गई दूसरी पीड़िता ने भी अपनी बात रखी।  
 
कैमरेन ने बताया कि न्यूयॉर्क में बिताई उनकी पांच साल की जिंदगी किसी नरक से कम नहीं थी। तीन भाइयों बेनिटो, एनसटासियो और जोस गेबिनो ने मिलकर उसे बंधक बना रखा था और उससे वेश्यावृत्ति कराते थे। इस मामले में तीनों भाइयों समेत दर्जनों लोगों को वेश्यावृत्ति कराने और यौन शोषण के आरोप में कैद की सजा सुनाई गई है।

कैमरन ने बताया कि बेनिटो नाम का शख्स उससे वेश्यावृत्ति कराता था। जिस दिन से वो न्यूयार्क आई थी और जब तक उसे छुड़ाया नहीं गया, तब तक बेनिटो उससे हफ्ते में सातों दिन काम कराता था। कैमरन ने बताया कि वो उसके लिए एक सौदे के सामान की तरह थी। बेनिटो के साथी और ग्राहक उसके साथ जानवरों की तरह पेश आते थे।  
 
कैमरेन ने कोर्ट में सबूत पेश करते हुए बताया कि बेनिट उससे वेश्यावृत्ति का काम अपने घर में ही कराता था। वेश्यावृत्ति के लिए उसे कनेक्टिकट, न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क से आने वाले मजदूरों के पास भी भेजता था। 
 
दलाल बेनिटो कई बार दिन में 60 लोगों के साथ उसे सेक्स करने पर मजबूर करता था। इतना ही नहीं अगर वो पैसे नहीं कमाकर नहीं दे पाती तो उसे जानवरों की तरह पीटता भी था।  
 
कैमरेन ने बताया कि जब बेनिटो उसे पीटता था तो वो चाहती थी कि उसे तब तक पीटा जाए जब तक वो मर ना जाए। लेकिन बेनिटो उसे जान से नहीं मारता था। उसे अगले दिन फिर वही प्रताड़ना झेलने के लिए छोड़ देता था। 
 
कैरमेन को आखिरकार साल 2010 में कैद से छुड़ाया गया। हालांकि, इसके बाद भी उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे सिटी हॉस्पिटल के सुसाइड वार्ड में रखा गया था। ताकि वो खुदकुशी जैसा कदम ना उठा ले। 
 
कैमरेन ने कहा कि यही एक ऐसा वक्त था, जब वो खुद को सुरक्षित महसूस कर रही थीं। जज के सामने अपनी बात रखते हुए उसने कहा, ''आपके लिए ये जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि कोई भी महिला खुद वेश्यावृत्ति के धंधे में जाने का फैसला कर ऐसी जिंदगी नहीं जीना चाहती। मैं मानव तस्करी का शिकार हूं।''
वहीं, दूसरी पीड़िता ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उस पर एनसटासियो वेश्यावृत्ति के लिए दबाव बनाता था। 
एनसटासियो ने तो उसके पेट पर अपना नाम भी गुदवाया था। वो पीड़िता को अपनी जागीर मानता था। तीसरे भाई जोस गेबिनो पर योजना में शामिल होने का आरोप है। जोस पर शहर में तमाम जगहों पर वेश्यावृत्ति के लिए महिलाओं को छिपाकर रखने का आरोप भी है। 
 
बेनिटो और एनसटासियो को कोर्ट ने 18 साल कैद की सज़ा सुनाई है। जबकि बड़े भाई जोस गेबिनो को 10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। sabhar : bhaskar.com

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शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2014

2013विज्ञान की दुनिया की तस्वीर

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photo ; gogale

1-जर्मनी के लिपिज में स्थित मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट फॉर इवोल्यूशनरी एंथ्रोपॉलॉजी के शोधकर्ताओं ने चार लाख साल पुराने इंसान की जांघ की हड्डियों में डीएनए का पता लगाया. यह हड्डी स्पेन में हड्डियों का गड्ढ़ा के नाम से मशहूर जगह से लाई गई थी. यहां से कम से कम 28 लोगों के अवशेष मिले हैं.

2-वैज्ञानिकों के मुताबिक फ़रवरी में रूस के आसमान में एक बहुत बड़ा क्षुद्रग्रह जलकर नष्ट हो गया. इस क्षुद्रग्रह ने दो बार पूरी दुनिया का चक्कर लगाया. एक हज़ार से अधिक लोग उस समय घायल हो गए जब 17 मीटर लंबा-चौड़ा और दस हज़ार टन भारी टुकड़ा चेल्याविंस्क के ऊपर जल गया.


3-चेल्याविंस्क इलाक़े के चेबराकुल की एक झील से इस क्षुद्रग्रह का एक बड़ा टुकड़ा बरामद किया गया.चेबराकुल की झील से जिस टुकड़े को स्थानीय अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने निकाला था, उसे चेल्याविंस्क के स्थानीय संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया.

4-यूरोप के सैटेलाइट प्लांक सर्वेयर ने आसमान में सबसे 'पुराना प्रकाश' दिखाने वाला एक मानचित्र पेश किया. इसके पैटर्न के आधार पर ब्रह्मांड की उत्पत्ति के 'बिग बैंग' सिद्धांत की पुष्टि हुई.


5-लंदन में क्रॉसरेल के लिए हो रही खुदाई के दौरान अचानक कुछ शव मिले. इनके 14वीं शताब्दी में पूरे यूरोप में महामारी की वजह से मरे लोगों का शव माना जा रहा है. माना जाता था कि लंदन के बाहरी इलाक़े में एक क़ब्रगाह बनाई गई थी लेकिन वह जगह वास्तव में कहाँ है, यह एक रहस्य था.

6-विज्ञान पत्रिका 'साइंस' में प्रकाशित एक अध्ययन से कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं. जापान में एक शोधकर्ता ने एमआरआई स्कैन का इस्तेमाल कर लोगों के सपनों को पढ़ने का दावा किया.कुछ स्वयंसेवक जब स्कैनर में सोते थे तो एक टीम उन पर नज़र रखती थी और बाद में उन्हें सवालों की एक सूची देती थी. इसके बाद शोधकर्ताओं ने वैसी तस्वीरों की कल्पना की, जिन्हें इन लोगों ने सोते समय देखा. उनकी भविष्यवाणी क़रीब 60 फ़ीसदी तक सही थी.


7-बीबीसी न्यूज़ ने मई में पहली बार यह ख़बर दी कि थ्री डी प्रिंटर से तैयार दुनिया की पहली बंदूक से अमरीका में सफलतापूर्वक फ़ायर किया गया है. टेक्सस के ऑस्टिन के फ़ायरिंग रेंज में एक विवादित समूह ने यह फ़ायरिंग की. बाद में अमरीकी सरकार ने इस बंदूक का ब्लूप्रिंट इंटरनेट से हटाने की अपील की.

8-आईबीएम के शोधकर्ताओं ने कॉपर (तांबे) की एक सतह पर एक अणु को लुढ़काकर दुनिया की सबसे छोटी फ़िल्म बनाई.

9-खगोलशास्त्रियों ने किसी ग्रह की परिक्रमा कर रहे उपग्रह के रंग का निर्धारण पहली बार किया. दुनिया इसे एचडी 189733बी के नाम से जानती है. यह गहरे नीले रंग का है, वातावरण में सिलिकेट की बारिश की वजह से ऐसा शायद हुआ हो, जिससे नीला प्रकाश निकलता है.

10-लंदन में अगस्त में हुए एक संवाददाता सम्मेलन में लैब में बना दुनिया का पहला बर्गर चखा गया. इसके लिए वैज्ञानिकों ने नीदरलैंड के एक संस्थान से एक गाय की कोशिका निकालकर उसे मांसपेशियों की एक पट्टी के रूप में विकसित किया था.

11-प्रोफ़ेसर पीटर हिग्स को स्कॉटहोम में आयोजित एक कार्यक्रम में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया. एडिनबरा विश्वविद्यालय के इस अवकाशप्राप्त प्रोफ़ेसर ने इस पुरस्कार को फ़्रांस्वा इंगलर्ट के साथ हिग्स बोसॉन के सिद्धांत पर किए काम के लिए साझा किया.

12-मार्च में वैज्ञानिकों ने बताया कि अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान वॉयज़र-1 अगस्त 2012 में हमारे सूर्य के बाहरी हिस्से हेलियोस्फ़ियर से बाहर चला गया है. सितंबर में वैज्ञानिकों ने इसके पिछले साल तारों के क्षेत्र में चल जाने की पुष्टि की. बहुत से वैज्ञानिकों का मानना है कि 1977 में छोड़ा गया वॉयज़र-1 तारों की दुनिया में पहुँचने वाला दुनिया का पहला मानवनिर्मित उपग्रह है.


13-चीन ने जेड रैबिट नाम के अपने पहले रोबोटिक रोवर को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतार दिया. पिछले 40 साल में यह इस तरह की पहली सफलता है.
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मार्च में वैज्ञानिकों ने बताया कि अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान वॉयज़र-1 अगस्त 2012 में हमारे सूर्य के बाहरी हिस्से हेलियोस्फ़ियर से बाहर चला गया है. सितंबर में वैज्ञानिकों ने इसके पिछले साल तारों के क्षेत्र में चल जाने की पुष्टि की. बहुत से वैज्ञानिकों का मानना है कि 1977 में छोड़ा गया वॉयज़र-1 तारों की दुनिया में पहुँचने वाला दुनिया का पहला मानवनिर्मित उपग्रह है.




मार्च में वैज्ञानिकों ने बताया मार्च में वैज्ञानिकों ने बताया कि अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान वॉयज़र-1 अगस्त 2012 में हमारे सूर्य के बाहरी हिस्से हेलियोस्फ़ियर से बाहर चला गया है. सितंबर में वैज्ञानिकों ने इसके पिछले साल तारों के क्षेत्र में चल जाने की पुष्टि की. बहुत से वैज्ञानिकों का मानना है कि 1977 में छोड़ा गया वॉयज़र-1 तारों की दुनिया में पहुँचने वाला दुनिया का पहला मानवनिर्मित उपग्रह है.कि अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान वॉयज़र-1 अगस्त 2012 में हमारे सूर्य के बाहरी हिस्से हेलियोस्फ़ियर से बाहर चला गया है. सितंबर में वैज्ञानिकों ने इसके पिछले साल तारों के क्षेत्र में चल जाने की पुष्टि की. बहुत से वैज्ञानिकों का मानना है कि 1977 में छोड़ा गया वॉयज़र-1 तारों की दुनिया में पहुँचने वाला दुनिया का पहला मानवनिर्मित उपग्रह है.



चेल्याविंस्क इलाक़े केयूरोप के सैटेलाइट प्लांक सर्वेयर ने आसमान में सबसे 'पुराना प्रकाश' दिखाने वाला एक मानचित्र पेश किया. इसके पैटर्न के आधार पर ब्रह्मांड की उत्पत्ति के 'बिग बैंग' सिद्धांत की पुष्टि हुई. चेबराकुल की एक झील से इस क्षुद्रग्रह का एक बड़ा टुकड़ा बरामद किया गया.

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श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर कितनी बड़ी हो गई है

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देखिए कितनी हॉट हो गई है श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी, बॉलीवुड में करेगी एंट्री


टाईम कैसे बीत जाता है पता ही नहीं चलता. अब श्रीदेवी की बेटी को ही देखिए...जाह्नवी कपूर कितनी बड़ी हो गई है. जी हां, अभी तक जाह्नवी की बॉलीवुड में एंट्री तक नहीं हुर्इ, फिर भी आज वह किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस से कम नहीं है. हाल ही में जाह्नवी ने अपनी फोटो ट्विटर पर डाली है. जिसमें वह काफी हॉट दिखाई दे रही है. इन फोटोज में वह खूब मस्ती करती नजर आ रही है.वैसे जहां तक श्रीदेवी की बात है तो वो अब तक यही कहती आई हैं कि उनकी बेटी बॉलीवुड में कदम नहीं रखेगी.








टाईम कैसे बीत जाता है पता ही नहीं च






लता. अब श्रीदेवी की बेटी को ही देखिए...जाह्नवी कपूर 


















श्री चाहती हैं कि जाह्नवी पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें, लेकिन अगर सूत्रों की मानें तो उन्हें अभी से बॉलीवुड फिल्मों के ऑफर मिलना शुरू हो गए हैं. ऐसे में उम्मीद तो यही की जा रही है कि वो जल्दी ही बड़े पर्दे पर दिखाई देंगी.
sabhar :http://www.samaylive.com/

श्री चाहती हैं कि 
जाह्नवी पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें, लेकिन अगर सूत्रों की मानें तो उन्हें अभी से बॉलीवुड फिल्मों के ऑफर मिलना शुरू हो गए हैं. ऐसे में उम्मीद तो यही की जा रही है कि वो जल्दी ही बड़े पर्दे पर दिखाई देंगी.

कितनी बड़ी हो गई है. जी हां, अभी तक जाह्नवी की बॉलीवुड में एंट्री तक नहीं हुर्इ, फिर भी आज वह किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस से कम नहीं है. हाल ही में जाह्नवी ने अपनी फोटो ट्विटर पर डाली है. जिसमें वह काफी हॉट दिखाई दे रही है. इन फोटोज में वह खूब मस्ती करती नजर आ रही है.वैसे जहां तक श्रीदेवी की बात है तो वो अब तक यही कहती आई हैं कि उनकी बेटी बॉलीवुड में कदम नहीं रखेगी.

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महिंद्रा ने अपनी एक ऐसी कार लॉन्च की है एक बार फुल चार्ज कर देने के बाद करीब 200 किमी तक जाती है

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1 घंटे चार्ज करके चलेगी 200 किमी, 8 सेकेंड में पकड़ लेगी 100 की स्पीड


महिंद्रा ने अपनी एक ऐसी कार लॉन्च की है जो स्पोर्ट्स के दीवानों के लिए बहुत खास है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने ऑटो एक्सपो में 6 फरवरी को अपनी स्पोर्ट्स कॉन्सेप्ट कार ‘होलो’ लॉन्च की है। यह कार सिर्फ 8 सेकंड के अंदर ही 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड पकड़ लेती है। इस कार की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटे की है। यह कार अगले तीन सालों के अंदर बाजार में लॉन्च हो जाएगी।
यह कार एक इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार है जो एक बार फुल चार्ज कर देने के बाद करीब 200 किमी तक जाती है। यह कार सिर्फ 1 घंटे में फुल चार्ज हो जाती है लेकिन अगर इसे 15 मिनट तक ही चार्ज किया जाए तो सिर्फ 25 किमी ही जाएगी। फिलहाल कंपनी की तरफ से इसकी कीमत के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। कीमत जानने के लिए हमें इस कार के बाजार में आने का इंतजार करना होगा।
महिंद्रा रेवा इलेक्ट्रिक विहिकल के CEO चेतन मैनी ने कहा कि यह कार एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ पूरी तरह से भारत में ही डिजाइन की गई है। कंपनी ने अपनी एक दूसरी इलेक्ट्रिक कार E2O भी लॉन्च की है जो एक इलेक्ट्रिक कार है। यह कार भी स्मार्ट टेक्नोलॉजी के साथ लॉन्च हुई है।
1 घंटे चार्ज करके चलेगी 200 किमी, 8 सेकेंड में पकड़ लेगी 100 की स्पीड
1 घंटे चार्ज करके चलेगी 200 किमी, 8 सेकेंड में पकड़ लेगी 100 की स्पीड

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उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां)-भारत के महान गायक व संगीतज्ञ

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Bade Gulam Khan towers over other musicians

उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के पटियाला घराने के गायक थे।उनकी गणना भारत के महानतम गायकों व संगीतज्ञों में की जाती है। बड़े गुलाम अली खां के मुँह से एक बार ''राधेश्याम बोल'' भजन सुनकर 'महात्मा गाँधी' बहुत प्रभावित हुए थे।  
Suchitra Singh5 Feb 2014



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जहां बाप, बेटे और मां सभी हैं बलात्कारी

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केवल फैमिली नहीं ये है रेपिस्ट फैमिली

आपने ज्वाइंट फैमिली, न्यूक्लियर फैमिली के बारे में सुना होगा लेकिन ये कोई ज्वाइंट या न्यूक्लियर फैमिली नहीं बल्कि रेपिस्ट फैमिली है।जिसमें बाप से लेकर बेटे तक, सभी बलात्कारी हैं। बाप ने 30 साल में करीब दर्जन भर से ज्यादा औरतों को अपना शिकार बनाया है। खुद तो वो इस अपराध में लिप्त था ही उसने अपने बेटों को भी इसमें शामिल कर लिया। इतना ही नहीं इस घर की औरत जो इन बच्चों की मां है, पूरा सहयोग करती थी।

मां भी कम नहीं

इस परिवार की औरत को पिछले दिनों सजा सुनाई गई है। उस पर एक महिला को धमकी भरी फोन काल्‍ करने का आरोप है। ये वो ही महिला है जिसके साथ उसके पति ने बलात्कार किया था।

51 वर्षीय डेबोराह बेबिक ने पीड़िता को देर रात फोन किया और उससे कहा कि अगर उसने पुलिस के सामने उसके पति की पहचान की तो वो उसे मार डालेगी। लेकिन पीड़िता ने हिम्मत दिखाई, जिसकी वजह से डेबोराह को भी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।

स्टोक ऑन ट्रेंट क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान पता चला कि इस दौरान इस महिला ने अपने पति के पास आठ लड़कियां पहुंचाई। जिनके साथ वो रेप कर सके।

जेल में है पति

मिलान फिलहाल जेल में है। पिछले साल सितंबर में उसे जेल भेज दिया गया। गुनाह कुबूल करते हुए उसने कहा कि वो 22 लड़कियों के साथ रेप कर चुका है। चार के साथ उसने बलात्कार की कोशिश की। पिछले 30 सालों से वो लगातार औरतों को अपने वहशीपन का शिकार बना रहा है। sabhar :http://www.amarujala.com/

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कृत्रिम हाथ असली अंग जैसा अहसास

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यह पहली बार हुआ है जब किसी विकलांग को नकली हाथ में संवेदना का एहसास हुआ है"
प्रोफ़ेसर सिल्वेस्त्रो मिकेरा
इटली में डेनमार्क के एक व्यक्ति को सर्जरी के बाद ऐसा हाथ लगाया गया है जो उसकी बाजू के ऊपरी हिस्से की नसों से जुड़ा है.
प्रयोगशाला में हुए परीक्षण में उन्हें आंख पर पट्टी बांधकर चीजें थमाई गईं और इस हाथ की मदद से वह इन चीजों के आकार और कड़ेपन को जानने में सफल रहे.डेनिस आबो ने एक दशक पहले आतिशबाज़ी में अपना हाथ गंवा दिया था. उन्होंने इस बायोनिक हाथ को 'अद्भुत' बताया है.
इस बारे में साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन ने विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है.
एक अंतरराष्ट्रीय दल ने इस शोध परियोजना में हिस्सा लिया था, जिसमें इटली, स्विटरज़रलैंड और जर्मनी के रोबोटिक्स विशेषज्ञ शामिल थे.

परियोजना

"इकोल पॉलीटेक्नीक फ़ेडेरेल डी लुसाने और स्कूओला सुपीरिओर सेंट अन्ना, पीसा के प्रोफ़ेसर सिल्वेस्त्रो मिकेरा ने कहा, "यह पहली बार हुआ है जब किसी विकलांग को नकली हाथ में संवेदना का अहसास हुआ है."स बायोनिक हाथ में न केवल एडवांस वैज्ञानिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है बल्कि ऐसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ्टवेयर लगाए गए हैं जो मस्तिष्क को संदेश भेजते हैं.
मिकेरा और उनकी टीम ने इस कृत्रिम हाथ में ऐसे संवेदक लगाए जो किसी चीज को छूने पर उसके बारे में सूचना देते हैं.
कम्प्यूटर एल्गोरिदम के इस्तेमाल से वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रिकल संकेतों को एक ऐसी उत्तेजना में बदला जिसे संवेदी तंत्रिकाएं समझ सकें.
रोम में ऑपरेशन के दौरान मरीज़ के बाजू के ऊपरी हिस्से की तंत्रिकाओं में चार इलेक्ट्रोड जोड़े गए. ये इलेक्ट्रोड कृत्रिम हाथ की उंगलियों के संवेदकों से जुड़े थे जो छूने और दवाब के फीडबैक को सीधे मस्तिष्क को भेजते हैं.

प्रयोगशाला

कृत्रिम हाथ
36 साल के आबो ने एक महीने प्रयोगशाला में बिताए. प्रयोगशाला में पहले तो इस बात की जाँच की गई कि इलेक्ट्रोड काम कर रहे हैं या नहीं. फिर यह देखा गया कि ये बायोनिक हाथ से पूरी तरह जुड़े हैं या नहीं.
उन्होंने कहा, "मज़ेदार बात यह है कि इसके सहारे मैं मुझे बिना देखे ही छूने से चीज़ों का अहसास हो जाता है. मैं अंधेरे में भी इसका इस्तेमाल कर सकता हूं."
यह बायोनिक हाथ अभी शुरुआती चरण में है और सुरक्षा कारणों से आबो का एक और ऑपरेशन करना पड़ा ताकि संवेदकों को हटाया जा सके.
बायोनिक हाथ को विकसित करने वाली टीम अब इस प्रयास में जुटी है कि इसे छोटा कैसे बनाया जाए ताकि इसे घर में इस्तेमाल किया जा सके.
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस हाथ के व्यावसायिक इस्तेमाल में एक दशक तक का समय लग सकता है. उनका कहना है कि इससे भविष्य में कृत्रिम अंगों का रास्ता साफ़ होगा जो वस्तुओं और तापमान का पता बता सकेंगे.

बहरहाल आबो को उनका पुराना कृत्रिम हाथ मिल गया है और वह भविष्य में इसे बायोनिक हाथ से बदलने को तैयार हैं. sabhar :http://www.bbc.co.uk/

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बिना चाबी लगाए हो जाती है स्टार्ट :एक्सिडेंट से पहले हेलमेट करता है अलर्ट

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एक्सिडेंट से पहले हेलमेट करता है अलर्ट, बिना चाबी लगाए हो जाती है स्टार्ट

यूं तो ऑटो एक्सपो 2014 में बहुत सारी बाइक्स लॉन्च हुईं लेकिन 137.8cc की UM कंपनी की RENEGADE DUTY बाइक बहुत खास है। इस बाइक में ब्लाइंड स्पॉट मिरर है जो एक खास तरह की टेक्नोलॉजी है। इसमें एक सेंसर होता है जो आपको एक्सिडेंट से पहले अलर्ट कर देता है। हालांकि इस बाइक की कीमत कितनी होगी और यह मार्केट में कब तक आ जाएगी इसका कोई खुलासा नहीं किया गया है।
सेंसर की बात करें तो इसका हेलमेट इसे और भी खास बनाता है। हेलमेट किसी भी होने वाले एक्सिडेंट की सूचना उससे थोड़ी देर पहले ही दे देगा। जैसे ही कोई रुकावट आपकी बाइक के बहुत नजदीक होगी तो हेलमेट से आपको इसकी सूचना तो मिलेगी ही साथ ही फ्रंट मिरर के किनारे पर लगी लाइट भी जलेगी। इसके साथ मिलने वाली मास्टर चाबी भी इसके फीचर्स को बढ़ा देती है जिसे लगाए बिना ही गाड़ी को सेंसर की मदद से अनलॉक किया जा सकता है। यह ऐसी बाइक है जो बहुत सारे फीचर्स लेकर आई है।
एक्सिडेंट से पहले हेलमेट करता है अलर्ट, बिना चाबी लगाए हो जाती है स्टार्ट

इस गाड़ी के साथ जो हेलमेट मिलता है उसमें स्पीकर और सेंसर लगे होते हैं जो यह अलर्ट मैसेज देने का काम करते हैं। जैसे ही कोई दूसरी गाड़ी इस बाइक के नजदीक आती है तो सेंसर उसे अलर्ट कर देता कि एक्सिडेंट होने वाला है। हेलमेट में लगे स्पीकर की मदद से यह सूचना ड्राइवर को दे दी जाती है और ड्राइवर स्थिति को संभाल लेता है। इतना ही नहीं, इस हेलमेट में दाईं और बाईं तरफ लाइट्स लगी होती हैं जो गाड़ी के इंडिकेटर के साथ कम्यूनिकेट करती हैं। अगर आप दायां इंडिकेटर ऑन करते हैं तो हेलमेंट में दाईं साइड की लाइट भी जलने लगती है। ठीक ऐसा ही बांए इंडिकेटर के साथ भी होता है।
एक्सिडेंट से पहले हेलमेट करता है अलर्ट, बिना चाबी लगाए हो जाती है स्टार्ट

इसके हेलमेट में स्पीकर के साथ-साथ ब्लूटूथ कनेक्टिविटी की सुविधा भी है जिससे आप अपना फोन इसके साथ कनेक्ट कर सकते हैं। इन स्पीकर्स के जरिए आप गाने सुन सकते हैं और फोन भी रिसीव कर सकते हैं। इसमें एक डिलिवरी सिस्टम ट्रेलर है जो एक तरह की ट्रॉली है। इस ट्रॉली को फोल्ड किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इसे खोलकर इसमें 50 किलो तक सामान भी रखा जा सकता है। इस ट्रॉली में टायर लगा रहता है जिसकी मदद से इसे आराम से खोलकर ट्रॉली का रूप दिया जा सकता है। यह ट्रॉली बड़े आराम से इसके बैकसाइड में एडजस्ट हो जाती है। 
एक्सिडेंट से पहले हेलमेट करता है अलर्ट, बिना चाबी लगाए हो जाती है स्टार्ट

इस गाड़ी का बैकबोर्ड आप अपने हिसाब से मोडिफाई कर सकते हैं। बाइक की सीट एडजस्टेबल हैं और साथ ही आरामदायक भी हैं। इतना ही नहीं, इसके साथ एक मास्टर चाबी मिलती है जो सीधे गाड़ी के साथ कम्यूनिकेट करती है। इसे गाड़ी में लगाए बिना ही आप गाड़ी को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं। आपकी जेब से ही यह चाबी गाड़ी के साथ कम्यूनिकेट कर लेती है। यह बाइक 137.8cc की है। इसमें 4 स्ट्रोक 1-सिलेंडर इंजन है जो 10.97hp की पावर देता है। अगर बात करें इसकी लंबाई-चौड़ाई की तो इसकी लंबाई 1975mm है और इसकी ऊंचाई 1280mm है। इस बाइक का व्हीलबेस 1350mm का है। इसका फ्रंट ब्रेक ‘डिस्क ब्रेक’ है जबकि पिछला ब्रेक ‘ड्रम ब्रेक’ है। यह 5-स्पीड क्लच गियर बाइक है।

एक्सिडेंट से पहले हेलमेट करता है अलर्ट, बिना चाबी लगाए हो जाती है स्टार्ट

इसका टायर एंटी फ्लैट सीलैंट (Anti Flat Sealant) टायर है जिसमें कील या कांच भी घुस जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता है। मतबल अब गाड़ी पंचर हो जाने की वजह से आपकी गाड़ी का बैलेंस नहीं बिगड़ेगा। आप इस टायर का एक काम गाड़ी को बैलैंस करने का भी समझ सकते हैं।

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नशीली दवा खिलाकर साथ कई बार हुआ था रेप :अमेरिकी रियलटी स्टार फराह अब्राहम

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फराह का दर्द आया सामने: नशीली दवा खिलाकर साथ कई बार हुआ था रेप


अमेरिकी रियलटी स्टार फराह अब्राहम ने सेक्स टेप आने के एक साल बाद दावा किया है कि नशीली दवा खिलाकर उसके साथ कई बार रेप किया गया था। 22 वर्षीय फराह ने इन टच मैगजीन को इंटरव्यू में बताया कि वह कैसे गलत लोगों के बीच में फंस गई थीं। उन्होंने कहा कि यह वह समय था जब वे एडल्ट सेमिनारों में शामिल होती थीं। उस समय वह स्ट्रिप क्लब के प्रमोशन के लिए काम कर रहीं थीं।

रियलटी स्टार ने बताया कि नशीला पदार्थ खिलाकर अंधेरे में उनके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि बचपन में भी वह यौनशोषण का शिकार हो चुकी हैं। फराह ने बताया कि यौनशोषण की घटनाएं उनके अंदर हमेशा हीन भावना भरती रहीं। ऐसा लगता था कि वह कभी भी बहुत आकर्षक नहीं हो पाएंगी। इसलिए वह हमेशा इस कमी को दूर करने की कोशिश करती रहीं।
मानसिक रूप से भी कई समस्याओं के चलते वह पिछले एक साल से पुनर्वास केंद्र की मदद ले रहीं हैं। उन्होंने बताया कि उनके सामने अभी कई समस्याएं हैं, लेकिन अब वह बदलाव लाने के लिए कमर कस चुकी हैं।
फराह अब्राहम (31 मार्च 1999) सिर्फ टीवी रियलटी स्टार ही नहीं, बल्कि लेखक, संगीतकर और मॉडल भी हैं। एमटीवी में सीरीज 16 एंड प्रेग्नेंट एंड टीन मॉम की पहली टीन मॉम बनी थीं। फराह ने स्कूल के दिनों के ब्वायफ्रेंड डेरेक अंडरवुड के साथ शादी की थी। वह जब 6 माह की प्रेग्नेंट थीं, तभी 8 अप्रैल 2013 को एक कार दुर्घटना में डेरेक की मौत हो गई। फराह ने यह भी बताया था कि उन्होंने जेम्स डीन के साथ एक एडल्ट फिल्म में काम किया था। उन्होंने बताया कि बेटी का पालन करने में उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा है।

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गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

अदृश्य` पदार्थ चलाएगा आपका कंप्यूटर

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अदृश्य` पदार्थ चलाएगा आपका कंप्यूटर


न्यूयार्क : कंप्यूटर की तकनीक वाले इस युग में चीजें नित सूक्ष्म से सूक्ष्मतर होती जा रही हैं, तथा वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाला समय तथाकथित अतिसूक्ष्म `मेटामटीरियल्स` का होगा। किसी पदार्थ को अदृश्य करने के लिए प्रकाश तरंगों की प्रकृति को परिवर्तित कर देने वाले ये मेटामटीरियल्स कंप्यूटर के कार्य भी कर सकते हैं।

अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, मेटामटीरियल्स आने वाली प्रकाश की तरंगों के आकार को इस तरह परिवर्तित कर सकते हैं, जिनका प्रभाव कंप्यूटर द्वारा किए जाने वाले गणना के समान ही होता है।

अमेरिका के पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रवक्ता नाडेर एंगटा ने बताया, "जैसे ही प्रकाश इस पदार्थ से होकर बाहर आता है, प्रकाश की तरंगों का आकार इस तरह का हो जाता है कि वह गणितीय परिणाम देने वाला हो जाता है।"

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह प्रौद्योगिकी चित्रों के साथ कंप्यूटर पर काम करने जैसी प्रक्रियाओं को गति प्रदान कर सकता है। यह शोधपत्र `साइंस` नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

एंगटा ने बताया कि यह प्रौद्योगिकी जटिल गणनाओं में भी सहायक हो सकता है। भविष्य में मेटमटीरियल्स का उपयोग एक से अधिक गणितीय अवकलनों के लिए किया जा सकता है।

अध्ययन में कहा गया है कि कंप्यूटर या मोबाइल में चित्रों को दिखाने के लिए इस्तेमाल होने वाले तरल अणुओं की तकनीकी पर ही मेटामटीरियल्स की कार्य पद्धति आधारित है। (एजेंसी) sabhar : http://zeenews.india.com/

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