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रविवार, 25 मई 2014

2018 तक ऑफिस में होंगे रोबोट ही रोबोट

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 2018 तक ऑफिस में होंगे रोबोट ही रोबोट

विश्व की कुछ नामचीन कंपनियों ने अपने यहां रोबोट से ऑफिस जॉब करवानी शुरू कर दी है. ब्रिटेन के एक विशेषज्ञ के मुताबिक रोबोट 2018 तक सभी तरह की ऑफिस जॉब करना शुरू कर देगा. रोबोट ऑफिस जॉब से संबंधी कार्य कहीं अधिक निपुणता और त्वरित गति से कर सकता है. साथ ही रोबोट से ऑफिस जॉब करवाना कहीं अधिक सस्ता भी पड़ेगा. घरेलू कार्यों और सेना व अर्धसैनिक बल लंबे अरसे से रोबोट की सेवाएं ले रहे हैं. कई देशों में बम निष्क्रिय करने का कार्य रोबोट कर रहे हैं. आईबीएम ने सुपरकंप्यूटर ‘वाटसन’ से कस्टमर सर्विस कॉल का जवाब देना शुरू कर दिया है.

 2018 तक ऑफिस में होंगे रोबोट ही रोबोट

ब्रिटेन की आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस कंपनी ‘सीलाटोन’ के सीईओ एंड्रू एंड्रसन ने दावा किया है कि आने वाले पांच साल में रोबोट सभी तरह के ऑफिस कार्य करना शुरू कर देगा.आने वाले समय में निर्णय लेने वाले रोबोट में कहीं तेजी से सुधार होगा. इसके चलते विपणन, शिक्षा और आईटी क्षेत्र की नौकरियों में रोबोट का इस्तेमाल होने लगेगा
 2018 तक ऑफिस में होंगे रोबोट ही रोबोट

 2018 तक ऑफिस में होंगे रोबोट ही रोबोट


निर्णय लेने वाला रोबोट क्लर्क की भूमिका बखूबी निभा लेगा

 2018 तक ऑफिस में होंगे रोबोट ही रोबोट

मसलन इंश्योरेंस कंपनी में दो बार दावे की पहचान इंसान से कहीं अधिक अच्छी तरह रोबोट कर लेगा.sabhar :
http://www.samaylive.com/

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7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे

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7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे

इसी साल मार्च में जारी फोर्ब्स पत्रिका की ग्लोबल बिलेनियर की सूची में अमेरिकी उद्योगपति बिल गेट्स को एक बार फिर पहला स्थान मिला है। पत्रिका के अनुसार इस साल गेट्स की कुल संपत्ति 76 अरब डॉलर है, जबकि साल 2013 में ये आंकड़ा 67 अरब डॉलर था। गेट्स चार साल बाद दोबारा दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में टॉप पर हैं।
 
दौलतमंदों के घर से लेकर उनकी लाइफस्टाइल तक सभी में विलासिता का लुक देखने को मिलता है। अमीरों के घर उनके लग्जरी रिसोर्स में से एक होते हैं। वैसे तो दुनिया भर में गेट्स के कई घर हैं, लेकिन वाशिंगटन का उनका अल्ट्रा लग्जरी घर उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है। करीब 66,000 वर्गफीट में बने इस घर में एक से बढ़कर एक लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसके चलते इसे Xanadu 2.0 निक नेम से भी जाना जाता है।
 
कुछ ऐसा है घर- गेट्स के इस घर की कीमत करीब 150 मिलियन डॉलर है। गेट्स का घर किसी शहर से कम नहीं है। इस घर में 7 लग्जरी बेडरूम, 24 बाथरूम, 6 किचन, 6 फायरप्लेस, 3 गैरेज 11500 वर्गफीट में परिवार के लिए प्राइवेट क्वार्टर और 2100 वर्गफीट में लाइब्रेरी बनी हुई है। 84 सीढ़ियों के साथ गेट्स का यह घर 92 फीट लंबा और 63 फीट ऊंचा है। एक गैरेज में करीब 10 कारें खड़ी की जा सकती हैं। यहां एक मिनी मूवी थियेटर भी है।
 
निर्माण में लगे 7 साल- बिल गेट्स के इस घर में अंडरवॉटर म्यूजिक सिस्टम के साथ पूल, 2500 वर्गफीट में जिम और 1000 वर्गफीट में डाइनिंग रूम भी बना हुआ है। बिल गेट्स का ये मैन्सन एक लेक के ईस्टर्न किनारे बसाया गया है। इसके आसपास की डिजाइन ऐसी है कि ये घर किसी लैंडस्केप पर बसा लगता है। इसके निर्माण में सात साल का वक्त लगा था।
 
जानिए बिल गेट्स की लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ खास बातें...
- आलीशान घर के अलावा बिल गेट्स एक आइलैंड के मालिक भी हैं। मरीन लाइफ और खूबसूरत समुद्रीतटों के लिए मशहूर The Grand Bugue Island रिपब्लिक ऑफ बेलिज (Belize) में स्थित है।
- गेट्स का ये आइलैंड करीब 314 एकड़ में फैला हुआ है, यहां सबसे ज्यादा बीच और घने जंगल हैं।
- Xanadu 2.0  मैन्सन पूरी तरह से ऑटोमेटेड कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम से नियंत्रित है।
- गेट्स के पास Porsche 911 Carrera, 1988 Porsche 959 Coupe और Porsche 930 Turbo जैसी 3 लग्जरी कार हैं, जिसमें से टर्बो को उन्हें माइक्रोसॉफ्ट के शुरुआती दिनों में खरीदा था।
- गेट्स का फेवरेट हॉलि डे डेस्टिनेशन वेस्ट ग्रीनलैंड है, जहां वो हेलिकॉप्टर से जाते हैं।
- गेट्स पढ़ने के बेहद शौकीन हैं। उन्होंने Codex Leicester नाम की बुक को 1994 में 30.8 मिलियन डॉलर में खरीदा था, जो नीलामी में बिकी अब तक की सबसे महंगी किताबों में से एक है।
- आर्ट कलेक्शन के शौकीन गेट्स ने 1998 में एक ऑयल पेंटिंग के लिए रिकॉर्ड 36 मिलियन डॉलर्स चुकाए थे। इसके अलावा भी गेट्स के पास कई मास्टरपीस हैं।
- वक्त को अपने हिसाब से बनाने वाले गेट्स को घड़ी पहनना पसंद नहीं था। लेकिन कुछ सालों से उन्होंने Microsoft Spot Watch पहनना शुरू किया है। जो गेट्स को टाइम के साथ ही FM ट्रांसमिशऩ के जरिए लेटेस्ट न्यूज से भी अपडेट रखती है।
 7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे

7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे


7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे

7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे


7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे

7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे

7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे

7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे

7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे

7 साल में बनकर तैयार हुआ था गेट्स का आलीशान घर Xanadu 2.0, देखें नजारे

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बाड़मेर में प्यास बुझाते वॉटर एटीएम कार्ड

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पानी हर ओर पर पीने को नहीं!

पानी हर ओर पर पीने को नहीं!


पानी ही पानी हर तरफ़, पीने को एक बूंद नहीं। सुनने में भले यह अजीब लगे, पर साल 2006 में राजस्थान के बाड़मेर में आई भयंकर बाढ़ के बावजूद कवास गांव की कुछ यही कहानी थी। अतिवृष्टि ने इस रेगिस्तानी इलाक़े के गर्भ को जलप्लावित तो कर दिया था, पर खारा होने की वजह से लोग अभी भी प्यास बुझाने को तरस ही रहे थे।

अब यहां के लोग न केवल मीठा पानी पी रहे हैं बल्कि समझदार भी हो गए हैं। अब उनके पास “वॉटर एटीएम कार्ड” जो है।

यह छोटा सा गांव राजस्थान का पहला गांव है, जहां इस साल फरवरी से वॉटर एटीएम के ज़रिए लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। एक सामुदायिक आरओ प्लांट से खारे पानी को पीने योग्य बनाया जाता है और लोगों को इस कार्ड से मीठा पानी आसानी से मिल जाता है।

कवास के बाद भीमदा, सवाऊ पदम सिंह, आकदड़ा और बायतू भोपजी के लोगों को भी वॉटर एटीएम की सुविधा मिल रही है। इन सभी गांवों में पानी में फ्लोरोसिस की मात्रा बहुत अधिक है और आकदड़ा के कुओं का पानी तो है, जैसे खारा ज़हर। आने वाले दिनों में ज़िले के संतरा, कानोड़ और बाड़मेर मुख्यालय पर भी वॉटर एटीएम लगाए जाएंगे।
वॉटर रिचार्ज


वॉटर रिचार्ज

वॉटर एटीएम रेगिस्तान में एक दुर्लभ स्वप्न पूरा होने जैसा है। कार्ड को नल के पास ले जाओ और झट से पांच रुपए में 20 लीटर शुद्ध पानी पाओ। मोबाइल के रिचार्ज की तरह इस वॉटर एटीएम कार्ड को भी रिचार्ज कराया जा सकता है।

ग्रामवासियों को वॉटर स्मार्ट कार्ड लेने के लिए प्रेरित किया जाता है और वे एक बार में कार्ड स्वाइप कर 20 लीटर पानी ले सकते हैं। इसे अधिकतम 30 बार तक स्वाइप किया जा सकता है और उसके बाद इसे रिचार्ज करवाना पड़ता है।

जो लोग 150 रुपए का यह कार्ड लेने के इच्छुक नहीं हैं, उनके लिए आरओ प्लांट्स से सीधे “होम डिलीवरी” की भी व्यवस्था है। इसके लिए सेल्समेन पांच रुपए की दर पर एक 20 लीटर का कैन भरकर पांच रुपए और लेकर यानी कुल 10 रुपए में घर तक पानी पहुंचाते हैं।

सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट, नई दिल्ली की उपकार्यक्रम अधिकारी (जल) सुष्मिता सेनगुप्ता के अनुसार रेगिस्तानी इलाक़े में ऐसा प्रयास “बहुत ही सराहनीय” है।

जीवन अमृत योजना

जीवन अमृत योजना के तहत केयर्न इंडिया और टाटा कंपनी के साझा प्रयासों से ऐसा हो रहा है। कंपनी की सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व) मैनेजर रितु झिंगन के अनुसार इस प्रयास का उद्देश्य न केवल शुद्ध सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि सप्ताह के सातों दिन यह व्यवस्था वाजिब दाम पर गांव वालों को सुलभ हो।

उन्होने बीबीसी को बताया, “थार क्षेत्र में समुदाय की पहली ज़रूरत सुरक्षित पेयजल है। इस दिशा में हम लोगों की सक्रिय भागीदारी से एक दीर्घकालिक प्रभाव ला पा रहे हैं, इसकी हमें ख़ुशी है।” टाटा प्रोजेक्ट द्वारा केयर्न इंडिया के साथ किए गए समझौते के तहत “बिना कोई फ़ायदे, नुक़सान के” आरओ प्लांट्स उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) और स्थानीय पंचायत का भी पूरा सहयोग रहा है।

पीएचईडी विभाग की ओर से गांव के बीच में आरओ प्लांट के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाता है, जहां केयर्न इंडिया ये मशीनें लगाती है। पंचायत को प्लांट लगाने के पहले यह सुनिश्चित करना होता है कि गांव में कम से कम 100 एटीएम कार्ड इच्छुक लोग हों। पंचायत एक पेयजल विकास समिति गठित करती है, जो आरओ प्लांट के ऑपरेटर की नियुक्ति सहित प्रबंधन का कार्य करती है।

जल से होने वाले रोगों से बचाव के लिए शुद्ध पेयजल की ज़रूरत के बारे में लोगों को जागरूक करने में स्थानीय धारा संस्थान का सहयोग रहा है। संस्थान के महेश पानपलिया के अनुसार बाड़मेर के लोगों के लिए आरओ प्लांट्स वरदान की तरह हैं। फ्लोराइड की अधिकता से बहुत से गांवों में लोग कुबड़े हो रहे हैं और दांतों के फ्लोरोसिस, जोड़ों और घुटनों में दर्द की शिकायत से जूझ रहे हैं।

अशुद्ध पानी का उपयोग

वैसे आरओ प्लांट्स की शुरुआत बाड़मेर में पिछले साल गुड़ामालानी से हुई और अब तक ज़िले में 21 आरओ प्लांट्स लगाए जा चुके हैं। योजना के तहत उन गांवों का चयन किया गया है, जहां पानी में हानिकारक टीडीएस (कुल घुलनशील लवण) की मात्रा 2000 पीपीएम से अधिक है और कम से कम 50 फ़ीसदी आबादी खारा पानी पीने को मजबूर है।

कवास सहित अन्य गांवों में लगे बड़े आरओ प्लांट से प्रति घंटे 1000 लीटर पानी पीने योग्य बनाया जाता है। ख़ास बात यह है कि इस शुद्धिकरण की प्रक्रिया द्वारा करीब 90 प्रतिशत तक टीडीएस ख़त्म हो जाता है। जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया में नियम के अनुसार 45 प्रतिशत पानी पीने योग्य माना जाता है। ऐसे में 55 प्रतिशत बिल्कुल बेकार जाने की संभावना रहती है, पर बाड़मेर के इन गांव में कई नई तकनीकों के उपयोग से इस पानी को खेती या ईंटें बनाने के काम में लिया जा रहा है।

रेगिस्तानी क्षेत्रों में पानी की किल्लत रहती है और लोगों को अक्सर मीलों दूर पैदल चलकर पानी की तलाश में जाना पड़ता है। इतनी मशक्कत के बावजूद बहुत बार निराश लौटना पड़ता है और मीठा पानी नहीं मिल पाता। ऐसे में वॉटर एटीएम और आरओ प्लांट्स से मानो कुआं ही प्यासे के पास चला आया है।

सुष्मिता सेन गुप्ता कहती हैं कि चूंकि वहां के पानी में टीडीएस की मात्रा बहुत अधिक है इसलिए अपशिष्ट जल की व्यवस्था में बहुत सावधानी बरती जानी चाहिए। साथ ही वो जल संरक्षण के बारे में लोगों को जागरूक और प्रेरित करने पर भी ज़ोर देती हैं। sabhar :http://www.amarujala.com/


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शनिवार, 24 मई 2014

वैज्ञानिकों ने खोजी 18 हजार नई प्रजातियां, अब भी दो करोड़ की खोज बाकी

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वैज्ञानिकों ने खोजी 18 हजार नई प्रजातियां, अब भी दो करोड़ की खोज बाकी

न्यूयॉर्क। वैज्ञानिकों ने पिछले साल दुनियाभर में प्राणियों की 18 हजार नई प्रजातियों की खोज की। इनमें बिल्ली जैसा दिखने वाला भालू और जमीन में तीन हजार फीट नीचे रहने वाला बिना आंख का घोंघा शामिल है। 
 
वैज्ञानिकों ने गुरुवार को इन प्रजातियों का खुलासा करते हुए नई 10 शीर्ष प्रजातियों की सूची भी जारी की। दुनिया भर में अब तक 20 लाख प्रजातियों के होने की ही जानकारी थी। अब इनमें ये 18 हजार नई प्रजातियां और जुड़ गई हैं। 
 
वैज्ञानिकों का दावा है कि पृथ्वी पर अब भी करीब एक करोड़ प्रजातियों की खोज बाकी है। इनमें से कई तो विलुप्त होने की कगार पर हैं। शीर्ष दस प्रजातियों के लिए बनी समिति के प्रमुख और नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल साइंस के जीव विज्ञानी एंटोनियो वाल्डेकेसस ने यह जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने खोजी 18 हजार नई प्रजातियां, अब भी दो करोड़ की खोज बाकी

दस शीर्ष प्रजातियों में प्रमुख चार 
 
दो किलो वजन वाला ओलिंग्यिटु: पश्चिमी गोलार्ध में पाया जाने वाला यह स्तनपायी है। यह बिल्ली और भालू का मिला-जुला रूप है। 
 
12 मीटर लंबा ड्रैगननुमा पेड़: इसकी पत्तियां मुलायम लेकिन तलवार के आकार की हैं। इसमें सफेद फूल आते हैं। इनके तंतु नारंगी होते हैं। थाइलैंड के स्थानीय लोगों में यह जाना-माना था। लेकिन वैज्ञानिकों की पहुंच से दूर था।
 
एक इंच लंबा पीला कीड़ा: अंटार्कटिका में मिला। बर्फ चट्टानों से चिपका रहता है। दो दर्जन पैरों के सहारे रेंगता है। 
 
250 माइक्रोमीटर जितना छोटा कीट: यह उडऩे वाला कीट कोस्टारिका में मिला है। इसे दुनिया के सबसे छोटे कीटों में से एक माना जा रहा है।  
वैज्ञानिकों ने खोजी 18 हजार नई प्रजातियां, अब भी दो करोड़ की खोज बाकी

वैज्ञानिकों ने खोजी 18 हजार नई प्रजातियां, अब भी दो करोड़ की खोज बाकी

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एक इंजेक्शन से कैंसर का इलाज?

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cancer
प्रीतंभरा प्रकाश
कैंसर पर रिसर्च करने वाले यह जानकर खासे उत्साहित हैं कि अब बोन मैरो कैंसर का एक हद तक उपचार मीजल्स (खसरे) के वायरस द्वारा किया जा सकेगा। अमेरिका के मेयो क्लीनिक में हुई इस रिसर्च में मल्टिपल मायलोमा (एक प्रकार का बोन मैरो कैंसर) से ग्रस्त दो महिलाओं को मीजल्स वायरस के डोज बड़ी मात्रा में दिए गए और इस ट्रीटमेंट के छह हफ्तों बाद दोनों महिलाओं में कैंसर वाले सेल नदारद हो गए।

गौरतलब है कि वायरोथेरेपी के अंतर्गत बीमारियों पर हमला बोलने के लिए पहले भी वायरस का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस रिसर्च के प्रमुख डॉ़ स्टीफन रसेल के मुताबिक, हम वायरस के जरिये चूहों में मेटास्टैटिक कैंसर को खत्म करने के बारे में तो जानते थे, किंतु यह मनुष्यों में भी संभव हो सकता है, यह पहली बार देखा गया है। इस ट्रीटमेंट में वायरस को सीधे मरीज के खून में छोड़ दिया जाता है। यह कैंसर को पहले दूषित करता है, फिर नष्ट करता है। इसके बाद मरीज का इम्यून सिस्टम बाकी बचे कैंसर का सफाया कर डालता है।

दरअसल, इस प्रयोग की महत्ता यह है कि यह ऐसे लोगों पर अपना असर दिखा रहा है, जिनके लिए कीमोथेरेपी कुछ कर नहीं पा रही थी। ओटावा हॉस्पिटल रिसर्च इंस्टीट्यूट में कैंसर फाइटिंग वायरस के टेस्ट में जुटे जॉन बेल के मुताबिक, अब इस दिशा में काम किए जाने की जरूरत है कि कौन से कैंसर के लिए कौन सा वायरस इस्तेमाल हो और यह किन लोगों के लिए प्रभावकारी होगा। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/

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शुक्रवार, 23 मई 2014

श्रुति हसन ने ‌बताई अपने इन 'गंदे चित्रों' की हकीकत

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इन चित्रों पर पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

इन चित्रों पर पुलिस में दर्ज हुई शिकायत


कोई हीरोइन नहीं चाहती कि उसकी ऐसी तस्वीरें सामने आएं जिससे उसका नाम खराब हो। यही कारण है कि श्रुति हासन ने हैदराबाद पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों श्रुति के कुछ ‘गंदे चित्र’ ऑन लाइन मीडिया में अचानक सुर्खियां बटोरने लगे थे, जिनके बारे में बताया गया था कि वह साउथ में श्रुति की एक फिल्म के हैं।

एक गाने की हैं तस्वीरें

श्रुति ने जब उन्हें देखा तो समझ नहीं सकीं कि उनके ये चित्र कब फिल्म के सेट पर खींच गए हैं और क्या कभी उन्होंने फिल्म की यूनिट को इन तस्वीरों को जारी करने को कहा है?

असल में ये तस्वीरें फिल्म ‘येवडु’ के आइटम डांस ‘डिंपल पिंपल’ से ली गई बताई जाती हैं। सूत्रों का कहना है कि श्रुति को जैसे ही पता चला कि उनकी कुछ गंदी तस्वीरें ऑन लाइन चल पड़ी हैं, उन्हें झटका लगा था। तस्वीरें देख कर खुद श्रुति को बहुत खराब लगा था क्योंकि उन्हें ऐसे कोण से खींचा गया था कि लगता था यह हीरोइन जानबूझ कर भद्दे ढंग से अंग प्रदर्शन कर रही है।
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एक गाने की हैं तस्वीरें

कभी नहीं किया ऐसा अंग प्रदर्शन

ऐसा नहीं है कि श्रुति को अंग प्रदर्शन करने में कभी संकोच रहा है लेकिन उन्होंने कभी फूहड़ तस्वीरें नहीं खिंचवाई हैं। उनकी सेक्सी तस्वीरें भी बड़ी कलात्मक होती हैं।

उनके नजदीकी बताते हैं कि इन तस्वीरों की सबसे बुरी बात श्रुति को यह लगी कि लोगों ने सोचा वह सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए यह सब कर रही हैं। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। इसी कारण श्रुति ने तय किया कि वह मामले की तह तक जाएंगी और उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत करवाई। sabhar :http://www.amarujala.com/

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गुरुवार, 22 मई 2014

जब मरने वाले ने खुद बताया कि उसकी लाश कहां दबी है?

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जब लौटकर नहीं आया पति


जब लौटकर नहीं आया पति


घटना घटना मध्यप्रदेश के काशीपुर गांव की है। गौरी बाई के बेटे की तीन साल पहले आंख निकाल ली गई थी। इस दर्द से वह निकल भी नहीं पाई थी कि 24 मार्च को उसका पति गायब हो गया। गौरी बाई ने अपने पति की खूब तलाश की लेकिन वह नहीं मिला।

इसके बाद पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को 65 वर्षीय पति छोटेलाल सेन की गुमशुदगी की रिपोर्ट मतगुआं थाने में लिखवाई। लेकिन पुलिस को छोटेलाल की कोई खबर नहीं मिली।

सपने में देखा पति का शव

इस बीच गौरी ने एक सपना देखा कि उसके पति की लाश गांव के बाहर एक कुएं में है। गौरी पुलिस के पास गई और सपने में जो देखा था पुलिस को बताई। गौरी के कहने पर जब पुलिस ने कुएं की जांच कराई तो छोटे लाल का शव कुएं से बरामद हुआ।
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पुलिस भी हैरान है सपने की सच्चाई से

पुलिस कप्तान ललित शक्यवर कहते हैं कि सपने में शव का कुएं में देखना और तलाश करने पर उसका मिल जना। यह ऐसी घटना है जिससे हम लोग हैरान हैं। छोटे लाल का शव फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और कातिल की तलाश की जा रही है।

गौरी का दबा है जिन लोगों ने तीन साल पहले उसके बेटे की आंख निकाल ली थी उन लोगों ने ही उसके पति की हत्या की है। हत्या का कारण जमीन विवाद को माना जा रहा है। sabhar : http://www.amarujala.com/

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किशोरावस्था में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई थीं पामेला

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कान। कनाडाई-अमेरिकी अभिनेत्री पामेला एंडरसन ने खुलासा किया है कि जब वह नौवीं क्लास में थीं तब उनके ब्वॉयफ्रेंड ने अपने छह दोस्तों के साथ मिलकर उनसे सामूहिक दुष्कर्म किया था। पामेला के अनुसार वह बचपन से ही यौन उत्पीड़न का शिकार होती रही हैं।
पामेला एंडरसन फाउंडेशन की लांचिंग के मौके पर उन्होंने यहां कहा, 'मैं मर जाना चाहती थी, लेकिन जानवरों के प्रति लगाव ने मुझे बचा लिया। मुझे लगता है कि अब उम्र के इस पड़ाव पर अपने गुजरे जीवन के सबसे कटु अनुभवों के बारे में बात करना चाहिए।' 46वर्षीय पामेला ने बताया कि छह से दस साल की उम्र तक उनकी महिला आया ही उनसे छेड़खानी करती रही। 12 साल की उम्र में एक सहेली के ब्वॉयफ्रेंड के 25 वर्षीय भाई ने उनसे दुष्कर्म किया। 'बेवॉच' स्टार के अनुसार प्यार करने वाले मां-बाप के बावजूद उनका बचपन बेहद दुखदायी रहा।
पामेला ने कहा, इन कटु अनुभवों की वजह से इंसानों से मेरा भरोसा उठ गया था। मैंने इन घटनाओं के बारे में अपनी मां को भी कुछ नहीं बताया। ऐसे में जानवरों के साथ आत्मीय लगाव ने मेरे जीवन को दिशा दी। जानवरों को सच्चा मित्र बताते हुए पामेला ने उनके संरक्षण पर काम करने का वादा किया है।
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शुक्रवार, 9 मई 2014

People You Won’t Believe Actually Exist

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Tall Model From Brazil
No one understands the plight of the tall girl more than Elisany da Cruz Silva, a 17-year-old girl from Brazil who currently stands at six feet, nine inches in height. Elisany is a remarkable girl with a very rare form of gigantism caused by a tumor on her pituitary gland. She has been experiencing great leaps in height growth since her late childhood.
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2 FOOT ROUND OF BOOTILICOUSNESS: THE WORLD’S WIDEST HIPS

It’s no secret that men love curves. Curvy, voluptuous women have no trouble getting attention – especially if those curves are combined with confidence and a healthy amount of sass.


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THE DIRTIEST MAN ALIVE

Meet Amoo Hadij, a peculiar 80-year-old man who has not bathed himself once in more than 60 years. Amoo Hadij lives in a small abandoned brick hut in the village of Dezhgah, completely alone, surrounded by garbage, dirt, and animal feces. A bit of a loner, Amoo likes to keep to himself, and rarely has the opportunity to interact with other people. This is probably due to the fact that he smells to high heaven and has the outward appearance of a troll.

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GOOD PHOTOS GONE WRONG – FUNNY OPTICAL ILLUSIONS!


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GIRL WEARS A CORSET FOR 3 YEARS IN A ROW

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साभार :http://viralious.com/








 


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