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गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

न टूटने वाला शीशा बनेगा

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अब बनेगा न टूटने वाला शीशा

टोरंटो| क्या आप अपने घर में शीशे से बने सजावटी सामान रखने से डरते हैं क्योंकि आपके शैतान बच्चे इन्हें ज्यादा दिन नहीं टिकने देते? तो अब ऐसा ज्यादा दिनों तक नहीं होगा। भविष्य में नेक्स्ट जेन ग्लास (अगली पीढ़ी का शीशा) बनने जा रहा है जो मुड़ जाएगा लेकिन गिरने पर टूटेगा नहीं।

मैक्गिल यूनिवर्सिटी, कनाडा के इंजीनियरों ने एक तकनीक विकसित की है जो ऐसा शीश्रा बनाती है जो आसानी से मुड़ सकता है और गिरने पर थोड़ा ही खराब होता है। शीशे की मजबूती बढ़ाने की प्रेरणा सीप जैसी प्राकृतिक ढांचों से मिली।

मैक्गिल के मैकेनिकल इंजीनिरिंग विभाग के प्रोफेसर फ्रेंकोइस बाथ्रेलत ने बताया, "घोंघे के गोले लगभग 95 प्रतिशत चाक से बने होते हैं जो इसके शुद्ध रूप में बहुत नाजुक होते हैं।" लेकिन सीप का अंदरूनी भाग सूक्ष्म पट्टियों से बना होता है जो लेगो इमारत ब्लॉक के छोटे रूप की तरह होता है और बहुत मजबूत माना जाता है।

शोधकर्ताओं ने शीशे की स्लाइडों में 3-डी सूक्ष्म दरारों (माइक्रो-कै्रक्स) का तंत्र उत्कीर्ण करने के लिए लेजर का प्रयोग किया। इसके परिणाम चौंकाने वाले थे। शोधकर्ता, गैर उत्कीर्ण स्लाइडों के अपेक्षा, शीशे की स्लाइडों की मजबूती को 200 गुना ज्यादा बढ़ाने में सक्षम थे। सूक्ष्म-दरारों के तंत्र को उत्कीर्ण करने से वे इसे फैलाने और बड़ा करने में दरारों को रोकने में सक्षम थे।

बाथ्रेलत के अनुसार, इससे किसी भी आकार के शाशे की शीट को बढ़ाना आसान होगा। उन्होंने बताया, "हमें पता है कि अब सूक्ष्म-दरारों के पैटर्न का प्रयोग करके हम शीशे या अन्य सामग्रियों को मजबूत कर सकते हैं।"

नेचर कम्युनिकेशन में प्रकशित अध्ययन में कहा गया कि भविष्य में शोधकर्ताओं की मिट्टी के बर्तनों और पॉलिमर्स पर काम करने की योजना है। sabhar :
http://pardaphash.com/

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बुधवार, 5 फ़रवरी 2014

विदेशी लड़कियों को रेप से बचाने के लिए मजदूर ने दिखाई आम आदमी की ताकत

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विदेशी लड़कियों को रेप से बचाने के लिए अकेले लड़ गया मजदूर

जोधपुर. खुद को गाइड बताकर दो युवक फ्रांसीसी युवतियों को मंडोर की छतरियां दिखाने के बहाने सुनसान इलाके में ले गए। वे युवतियों से दुष्कर्म का प्रयास करने लगे लेकिन वहां काम कर रहे मजदूर पुखराज राजपूत को कहानी समझ में आ गई। उसने दोनों बदमाशों को पत्थर फेंक-फेंक कर पहले भगाया। फिर फोन पर अपने साथियों को सूचना दी। इस बीच दोनों बदमाश सिटी बस में जा छिपे। साथियों ने मंडोर उद्यान के बाहर सिटी बस से दोनों को दबोच लिया। फिर अन्य लोग भी आ जुटे और बदमाशों को पुलिस के हवाले कर दिया। मंडोर थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार दो फ्रांसीसी युवतियां मंडोर उद्यान घूमने आई थीं। वहां बिहार निवासी मुबारक (22) पुत्र शम्मालुदीन व जोधपुर के जीशान खिलजी (21) पुत्र बरकतुल्लाह ने युवतियों से बातचीत कर खुद को गाइड बताया। उन्हें मंडोर की प्राचीन छतरियों का महत्व बताया। युवतियां झांसे में आ गईं।

पुखराज राजपूत, मजदूर ने दिखाई आम आदमी की ताकत

जो पत्थर तोड़कर आजीविका चलाते हैं। उन्हीं पत्थरों को हथियार बनाया और दो विदेशी युवतियों को दुष्कर्म से और शहर को बदनामी से बचा लिया।

युवतियां चिल्लाते हुए भाग रही थीं। पीछे दो युवक थे। एक ठोकर खाकर गिर पड़ी।  मैंने संभाला। वो अंग्रेजी में कुछ बोल रही थीं। मुझे समझ में नहीं आया, लेकिन इतना पता चल गया कि वे मुसीबत में हैं। सोचने का वक्त नहीं था। मैंने पत्थर उठा लिए। बदमाशों पर फेंककर उन्हें भगा दिया। बाद में साथियों को फोन कर दोनों को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया।

द पावर ऑफ ए कॉमन मैन, विदेशी लड़कियों के लिए मजदूर अकेले ही लड़ गया
सतीशचंद्र शर्मा, कंडक्टर
जिन्होंने 3 जनवरी 2013 को वोल्वो में यात्रा कर रही महिला से छेड़छाड़ कर रहे बदमाश को पुलिस के हवाले करके ही दम लिया। 
वोल्वो में यात्रा कर रही महिला ने जब बताया कि एक युवक उसे परेशान कर रहा है तो मैंने तय कर लिया था कि उसे सबक सिखाना ही है। उसने रास्ते में भागने की कोशिश भी की लेकिन मैंने उसे अपने पास जबरन बिठाए रखा। जोधपुर पहुंचते ही उसे पुलिस के हवाले कर दिया। 

द पावर ऑफ ए कॉमन मैन, विदेशी लड़कियों के लिए मजदूर अकेले ही लड़ गया

लक्ष्मण चौधरी, टैंकर ड्राइवर
जब 29 अक्टूबर 2011 को पेट्रोल से भरा जलता टैंकर आबादी क्षेत्र से दूर ले गए थे। जान पर खेलकर कई जिंदगियां बचाई।
टैंकर में 12 हजार लीटर पेट्रोल भरा हुआ था। सोचने का वक्त लेने का मतलब था कई जिंदगियों को खतरे में डाल देता। ड्राइविंग सीट संभालने का फैसला किया। मेरी कोशिश थी कि किसी की जान नहीं जाए। ईश्वर ने मेरी कोशिश कामयाब की। मुझे यही सिखाया भी गया था। sabhar : bhsakar.com



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13 साल के बच्चे ने पोर्न देखने के बाद आठ साल की बहन से किया रेप

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13 साल के बच्चे ने पोर्न देखने के बाद आठ साल की बहन से किया रेप
ब्लैकबर्न। ब्रिटिश काउंटी लैंकशायर के ब्लैकबर्न में एक 13 साल के बच्चे ने पोर्न कंटेंट देखकर अपनी आठ साल की बच्ची का रेप कर डाला। बच्चे ने कंप्यूटर गेमिंग कंसोल एक्स-बॉक्स पर पोर्न वीडियो देखने के बाद बहन से रेप किया। 
 
आरोपी किशोर ने पुलिस को बताया कि उसने गेमिंग कंसोल के जरिए अश्लील कंटेंट देखा और बाद में उसे दोहराने का फैसला किया। किशोर के मुताबिक उसने अपनी छोटी बहन को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वह बहुत छोटी थी और वह जल्द ये सब भूल जाती। 
 
कल ब्लैकबर्न मजिस्ट्रेट कोर्ट में किशोर ने अपनी बहन के साथ रेप किए जाने को स्वीकार किया। कानूनी कारणों से आरोपी किशोर की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और उसे रिश्तेदारों के पास भेज दिया गया है। 
 
रेप क्राइसिस चैरिटी की फियोना एलविन्स के मुताबिक बच्चों द्वारा पोर्नोग्राफी देखना एक गंभीर समस्या और चिंता का विषय बनता जा रहा है। उन्होंने कहा, "किशोर के इस कदम से बच्ची की लाइफ डिस्टर्ब हो जाएगी। उसे सामान्य होने में काफी लंबा समय लग सकता है। किसी और के साथ कभी ऐसा न हो।"
 
एक्स बॉक्स कंसोल बनाने वाली कंपनी माइक्रोसॉफ्ट की ओर से इस घटना पर दुख जताया गया है। कंपनी के मुताबिक, उनके सभी डिवाइसों में पैरेंटियल सिक्युरिटी सिस्टम होता है, जिसके इस्तेमाल से बच्चों के ऑनलाइन कंटेंट से दूर रखा जा सकता है। कंपनी ने दुनियाभर के अभिभावकों से अपील कि है कि वे गेमिंग कंसोल के सिक्युरिटी ऑप्शन का इस्तेमाल करें और अपने बच्चों तक ऐसा कंटेंट न पहुंचने दें।  
 
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में एक 12 साल के बच्चे ने पोर्न कंटेंट देखने के बाद 10 साल की बहन के साथ रेप किया था। घटना का खुलासा होने के बाद बच्चे को तीन साल के लिए पुनर्सुधार कार्यक्रम में हिस्सा लेने का आदेश दिया गया था। हालांकि इस दौरान उसे माता-पिता के साथ घर पर ही रहने की अनुमति मिल गई थी।   sabhar : bhaskar.com

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पुनर्जन्म लेकर लौटा, कहा फाइनेंस कंपनी के लोगों ने उसकी हत्या करवा दी थी

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एक बारगी इस बात को सुनकर आप हैरान हो सकते हैं कि मरकर भी आत्मा को चैन न मिला। बेचैन आत्मा ने फिर से दूसरा जन्म लिया ताकि वह अपने हत्यारों के खिलाफ गवाही दे सके।

घटना पंजाब के फिरोजपुर जिले के अवोहर क्षेत्र का है। देवेन्द्र पाल बताते हैं कि यहां नौ साल पहले संतोष नामक एक युवक की हत्या हुई थी। हत्यारे निश्चिंत थे कि उनके गुनाह का भेद नहीं खुलेगा लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।

संतोष ने राजस्थान के हनुमानगढ़ में दूसर जन्म लिया। माता-पिता ने इसका नाम अवतार रखा। अवतार जब सात साल का हुआ तो इसने अपने पूर्वजन्म के बारे में बताना शुरु किया।

अवतार के पिता सच्चाई जानने के लिए इसे अवोहर लेकर आए। यहां अवतार ने अपने पूर्व जन्म के घर और परिवार के सदस्यों को पहचान लिया। घर में संतोष की तस्वीर को देखकर इसने बताया कि यह तो मैं हूं।

परिवार के सदस्यों ने अवतार की असलियत जानने के लिए कुछ परीक्षाएं भी ली जिसमें अवतार सफल रहा। जब अवतार ने अपने मौत की बात बताई तो सभी हैरान रह गए। इसने कहा कि पैसों की लेन देन को लेकर फाइनेंस कंपनी के लोगों ने उसकी हत्या करवा दी थी। इसके बाद इसकी लाश को रेलवे की पटरी पर फेंक दिया गया था।

फाइनेंस कंपनी के खिलाफ कोर्ट में संतोष की हत्या का केस भी चल रहा था। और हत्या का तरीका वही माना जा रहा था जैसा अवतार ने बताया। अवतार ने फाइनेंस कंपनी के संचालकों के खिलाफ गवाही देने की बात भी कही। sabhar :http://www.amarujala.com

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जहां पैदा होते ही वेश्या बन जाती है लड़की

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चकाचौंध रातों की काली असलियत


चकाचौंध रातों की काली असलियत

भले ही देह-व्यापार को ले‌कर कानून हों लेकिन देश के कई हिस्सों में ये आज भी लाखों लड़कियों का भाग्य है।

वेश्यालय आए कहां से? इस बारे में कई तरह के विचार हैं, जिनमें से ज्यादातर लोगों का यही कहना है कि पहले के समय में इन जगहों पर केवल नाच-गाना ही हुआ करता था। जिसे कला की दृष्टि से देखा जाता था पर समय बीता और कला की जगह इस अभिशाप ने ली।

देश के कई हिस्सों में आज भी कई लड़कियां इस अभिशाप को भुगतने के लिए मजबूर हैं। उन्हीं इलाकों में से एक है कोलकाता का सोनागाछी।

सोनागाछी, मतलब सोने का पेड़।

सोनागाछी, एशिया का सबसे बड़ा रेड-लाइट एरिया

सोनागाछी, एशिया का सबसे बड़ा रेड-लाइट एरिया

सोनागाछी स्लम भारत ही नहीं, एशिया का सबसे बड़ा रेड-लाइट एरिया है। यहां कई गैंग हैं जो इस देह-व्यापार के धंधे को संचालित करते हैं।

इस स्लम में 18 साल से कम उम्र की करीब 12 हजार लड़कियां सेक्स व्यापार में शामिल हैं। फोटोग्राफर सौविद दत्ता हाल ही में यहां गए और उन्होंने वहां की कुछ बेहद चुनिंदा दृश्यों को अपने कैमरे में कैद किया है।

इन तस्वीरों को उन्होंने श्रेणीबद्घ किया है और The Price of a Child नाम दिया है।

फिल्म भी बन चुकी है

फिल्म भी बन चुकी है

यूं तो वेश्यालयों और वेश्याओं पर कई तरह की फिल्में बन चुकी हैं लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि कोलकाता के इस रेडलाइट एरिया को विषय बनाकर एक फिल्म भी बनी है। Born Into Brothels नाम की इस फिल्म को ऑस्कर सम्मान भी मिल चुका है। 

दिल भर जाएगा आपका


दिल भर जाएगा आपका

इसे बदनसीबी कहना गलत होगा, क्योंकि ये उससे कहीं आगे है। जिस उम्र में हमारी मां हमें दुनिया की रीति-रिवाज, लाज-शरम सिखाती हैं वहीं यहां कि बच्चियां खुद को बेचना सीखती हैं।

12 से 17 साल की उम्र में ये लड़कियां मर्दों के साथ सोना सीख जाती हैं। उन्हें खुश करना सीख जाती हैं, जिसके बदले उन्हें दो डॉलर यानि 124 रुपए मिलते हैं। इन रूपयों के बदले यहां की औरतें तश्तरी का खाना बनकर मर्दों की टेबल पर बिछ जाती हैं।

नहीं आ सकता कोई बाहरी

नहीं आ सकता कोई बाहरी

इस स्लम में किसी बाहरी व्यक्ति का आना मना है। यहां तक की पत्रकारों और फोटोग्राफरों को भी ये लोग भीतर नहीं आने देते।

दत्ता के अनुसार, ये सब गरीबी, भ्रष्टाचार और अनैतिकता का परिणाम है। यहां की ज्यादातर बच्चियां स्कूल छोड़कर आई हैं और अब देह बेचने का पाठ पढ़ रही हैं।
(daily mail) sabhar :http://www.amarujala.com


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एक अमेरिकी का दावा, येति ढूंढ निकाला इस जीव की तस्वीर जारी की है

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एक अमेरिकी का दावा, हजारों सालों से रहस्य बना येति ढूंढ निकाला

टेक्सास. एक शख्स ने एक अद्भुत जीव को खोज निकाला है। रिक डेयर नाम के इस व्यक्ति का दावा है कि ये दुनिया का अजीब और सबसे बड़े पैरों वाला प्राणी है, जिसे येति के नाम से जाना जाता है। रिक ने बालों वाले इस जीव की तस्वीर जारी की है।
 
उसका दावा है कि 6 सितंबर 2012 को उसने इसके बड़े पंजे को अपने कैमरे में कैद किया है। रिक ने इसका डीएनए टेस्ट कराने की भी बात कही है। रिक ने इस तस्वीर और दावे का गवाह करीब 100 लोगों को बनाया है। अब वह अमेरिका के यात्रा पर जाने की योजना बना रहा है।
 
कौन है येति
 
येति, बिग फुट और ससक्चैच नाम से जाना जाने वाला यह एममैन जीव आज तक दुनिया के लिए हजारों सालों से रहस्यमय बना हुआ है। नेशनल जियोग्राफी से लेकर डिस्कवरी तक इस पर खोज कर चुके हैं। बावजूद इसके यह रहस्य कोई सुलझा नहीं पाया। माना जाता है कि यह हमेशा घने जंगलों और पहाड़ों में रहता है। जितने लोगों ने भी इसे देखा है वह इसे सामान्य आदमी से लंबा, पूरे शरीर बालों से भरा हुआ, ताकतवर और अजीब सी गंध लिए, बड़े पैर और चीखने वाला बताते हैं। 

एक अमेरिकी का दावा, हजारों सालों से रहस्य बना येति ढूंढ निकाला

रिक ने बताया कि एक साल पहले सुअर का गोश्त पाने की लालच में इस अजीब प्राणी की मौत हो चुकी है। नेशनल जियोग्राफिक की रिपोर्ट कहती है कि बर्फ में रखा शरीर कुछ समय बाद पिघलने लगता है। शरीर एक रबर की तरह ही व्यवहार करने लगता है। इस वक्त रिक का मानना है कि उसका बिग फुट वास्तविक है

एक अमेरिकी का दावा, हजारों सालों से रहस्य बना येति ढूंढ निकाला


क्या है दावा
 
रिक का दावा है कि उसने इस बड़े पैरों वाले जीव की तस्वीर उतारी है। उसने बताया है कि ये दुनिया का सबसे बड़ा जीव है। रिक अब इसके शरीर का 3 डी ऑप्टिकल स्कैन कराने की सोच रहे हैं 
एक अमेरिकी का दावा, हजारों सालों से रहस्य बना येति ढूंढ निकाला
इस शख्स का दावा है कि वीडियो फुटेज से ली गई इस तस्वीर में जो दानेदार उभार सामने आ रहा है वही बिगफुट है

sabhar : bhaskar.com







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बिल गेट्स की कुर्सी पर बैठेंगे इंजीनियर सत्या नडेला जानिए नौ ख़ास बातें

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कंपनी के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन बिल गेट्स ने कहा कि ‘माइक्रोसॉफ्ट को चलाने के लिए उनसे बेहतर कोई नहीं हो सकता.’
माइक्रोसॉफ्ट के नेतृत्व परिवर्तन के इस चक्र में पूर्व सीइओ स्टीव बामर की जगह नडेला ने ली तो, कंपनी के चेयरमैन के तौर पर बिल गेट्स की जगह जॉन थॉम्पसन ले रहे हैं
तकनीकी जगत में ऊंची प्रतिस्पर्धा के बाद भी माइक्रोसॉफ्ट एक अहम कंपनी बनी हुई है. हालांकि कंपनी के सामने चुनौतियां भी बहुत है और इन सभी चुनौतियों से पार पाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने भरोसा दिखाया है सत्या नडेला पर.
तो कौन हैं सत्या नडेला? आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ ख़ास बातें –

1. हाईपर-एजुकेटेड

46 वर्षीय सत्या नडेला का जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ और वहीं उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा हुई. बेगमपेट के हैदराबाद पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के बाद नडेला ने मनिपाल यूनिवर्सिटी से सूचना और प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. अमरीका जाने के बाद उन्होंने विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस और शिकागो यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई पूरी की.

2. क्लाउड गुरु

सत्या नडेला को ‘क्लाउड गुरु’ भी कहा जाता है. क्लाउड उस सेवा को कहते हैं जो इंटरनेट पर पूरी तरह से चलती है और उससे संबंधित सेवाएं या कंप्यूटर फाइल इंटरनेट के ज़रिए दुनिया के किसी भी कोने से देखे या प्रयोग किए जा सकते हैं.
माइक्रोसॉफ्ट में काम करते हुए सत्या ने एमएस ऑफ़िस को क्लाउड पर लाने में अहम भूमिका निभाई. माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि ऑफिस 365 उसके सबसे सफल उत्पादों में से एक है. माइक्रोसॉफ्ट की अपनी क्लाउड सेवा ‘अज़ूर’ को भी स्थापित करने में नडेला का महत्वपूर्ण योगदान है.

3. माइक्रोसॉफ्ट में 22 साल

नडेला 1992 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े और तब से अब तक उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में कई उत्पादों का नेतृत्व किया.
इनमें से कुछ कंपनी के लिए बेहद लाभकारी साबित हुए, जैसे विंडो सर्वर, डेवलपर्स टूल, अज़ूर और कुछ जो बाज़ार में बहुत अच्छा नहीं कर पाए जैसे ‘बिंग’.

4. माइक्रोसॉफ्ट से पहले सन

क़रीब 22 साल पूर्व माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ने से पहले नडेला सन माइक्रोसिस्टम में काम करते थे जिस पर अब ओरेकल का स्वामित्व है.

5. माइक्रोसॉफ्ट के तीसरे सीईओ

सत्या नडेला टेक्नॉलॉजी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट के 38 वर्षों के इतिहास में तीसरे मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ हैं. उनसे पहले ये पद केवल स्टीव बामर और कंपनी के संस्थापक बिल गेट्स के पास था.

6. क्रिकेट की दीवानगी

सत्या नडेला को क्रिकेट पसंद हैं. सत्या के अनुसार जब वो बड़े हो रहे थे तो यह खेल ही उनका जुनून था, वो अपनी स्कूल की क्रिकेट टीम में भी थे.
नडेला कहते हैं कि उन्होंने क्रिकेट से ही टीम भावना और टीम का नेतृत्व करना सीखा.

7. सीखने की भूख

सत्या का कहना है कि जो लोग उन्हें क़रीब से जानते हैं, वो मानते हैं कि मैं नई चीज़ें सीखने का भूखा हूं.
वो कहते हैं, “मैं जितनी किताब पढ़ पाता हूं, उससे अधिक ख़रीदता हूं. जितने ऑनलाइन कोर्स कर पाता हूं, उससे कही अधिक के लिए बुकिंग कर लेता हूं. मेरा विश्वास है कि अगर हम नई चीज़े नहीं सीखेंगे तो हम नया काम भी नहीं कर पाएंगे.”

8. ‘बेटर-हाफ़’

जिस साल नडेला माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े उसी साल उन्होंने अपने बचपन की दोस्त अनुपमा से शादी की. अनुपमा और सत्या, दोनों के पिता दोस्त हैं और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे.
सत्या और अनुपमा नडेला के तीन बच्चे हैं जिनमें से दो ‘विशेष ज़रूरतमंद’ हैं. उनका परिवार वॉशिंगटन के बेलेव्यू में रहता है.

9. पगार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीईओ के तौर पर सत्या नडेला को 12 लाख डॉलर की सालाना बेस सैलरी दी जाएगी, जो कि उनसे पहले के सीइओ स्टीव बामर की सैलरी से 70 प्रतिशत ज़्यादा है.
हालांकि बोनस और अन्य मुनाफ़े मिलाकर पहले साल उन्हें क़रीब एक करोड़ 80 लाख डॉलर की सैलरी मिल सकती है. sabhar :http://www.bbc.co.uk/
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मंगलवार, 4 फ़रवरी 2014

प्यार की कशिश खींच लाई भारत

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प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी

कैलिफोर्निया/हरियाणा। कैलिफोर्निया की एक पार्टी गर्ल अपनी बिंदास लाइफस्टाइल छोड़ भारत के छोटे-से गांव में एक आम जिंदगी जी रही है। इस नई जिंदगी से वह बेहद खुश भी हैं। दरअसल, नाइट क्लब पार्टियों की शौकीन 41 वर्षीय एड्रियाना को सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर मुकेश नाम के शख्स से प्यार हुआ।

वह उम्र में एड्रियाना से 15 साल छोटा है और हरियाणा के एक गांव में रहता है। मुकेश के लिए एड्रियाना ने न सिर्फ अपनी बिंदास लाइफस्टाइल को बाय-बाय कह दिया, बल्कि उन्होंने उससे शादी रचाकर भारत की पारंपरिक गृहिणी की ज़िम्मेदारी भी संभाल ली।

अपने प्यार के लिए एड्रियाना ने अपनी 25 साल की बेटी लूसी कोर्टेज को भी छोड़ दिया। एड्रियाना कहती हैं कि वो मुकेश के साथ बेहद खुश हैं।

प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी
उन्होंने जब मुकेश से शादी करने का फैसला लिया, तो उनके परिवारवाले को गहरा झटका लगा था। एड्रियाना ने बताया कि कुछ लोगों ने कहा कि ये सब एक ऑनलाइन फर्जीवाड़ा है। मुकेश नाम का शख्स असल में है ही नहीं। एड्रियाना कहती हैं कि इन सब बातों से वो बहुत परेशान थीं और आखिरकार जब उन्होंने इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर मुकेश को देखा तो उन्होंने राहत की सांस ली। 
प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी


एड्रियाना का अब नया घर हरियाणा के पानीपत के एक गांव पोप्रन में है, जो शहर से 30 मिनट की दूरी पर स्थित है। जब उन्होंने यहां पहली बार कदम रखा तो यहां की संस्कृति उनके लिए चौंकाने वाली थी। महिलाएं यहां जिस तरह के कपड़े पहनती हैं, वो पहनना उनके लिए बेहद कठिन था। पहली बार एड्रियाना को कठिनाई का एहसास हुआ, लेकिन जल्द ही ये भी महसूस हुआ कि खुश रहने के लिए आकर्षक टायलेट और पावर शावर ही जरूरी नहीं हैं

प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी

शादी के बाद ही एड्रियाना ने अपनी पसंददीदा हाई हिल छोड़कर सैंडिल, साड़ी को अपना लिया और वो एक पारंपरिक बहू के रूप में आ गईं। एड्रियाना बताती है कि गांव में विदेशी मुश्किल से ही देखने को मिलते हैं और वो जब भी बाहर जाती हैं, उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ लग जाती है। 
प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी

देखते ही देखते एड्रियाना इन चीज़ों की आदी हो गईं। इस तरह के वाकये उन्हें एक सेलिब्रिटी होने का एहसास कराते थे, लेकिन अब लोगों ने उन्हें अपने समाज का हिस्सा मान लिया है। 

प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी

मुकेश टूटी-फूटी अंग्रेज़ी में बात करते हैं, लेकिन अब अपनी पत्नी से वो अंग्रेजी सीख रहे हैं। मुकेश का कहना है कि एड्रियाना एक अच्छी पत्नी हैं। वो घर के सारे काम करती हैं। एड्रियाना को अपना सच्चा प्यार बताते हुए मुकेश कहते हैं कि वो उनसे शादी करके बहुत खुश हैं। 

प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी

अब इस जोड़े की अगली तैयारी अपना परिवार बढ़ाने की है, लेकिन एड्रियाना ने अमेरिका लौटने का विचार छोड़ा नहीं है। एड्रियाना कहती हैं कि अगर यहां अमेरिका की तरह खाना और सुविधाएं हो जाएं तो ये बेहतर होगा। वैसे, वो अपने परिवार के साथ अमेरिका लौट जाना चाहती हैं। हालांकि, एड्रियाना को भारत के लोग बहुत प्यारे हैं और ये उनके लिए दूसरे घर की तरह है। 

प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी


प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी

प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी


प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी



प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी

प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी


एड्रियाना की बेटी लूसी कोर्टेज़।
प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी


भारत आने से पहले एड्रियाना।


प्यार की कशिश खींच लाई भारत, बेटी की उम्र के लड़के से की अमेरिकी ने शादी


कैलिफोर्निया के नाइट क्लब में एड्रियाना।

sabhar ; bhaskar.com

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उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान

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कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान

जर्मनी के उम्रदराज़ पूर्व रियल स्टेट इन्वेस्टर थॉमस क्रैमर को दुनिया उनकी हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल के लिए जानती है। पार्टियों में बेइंतेहा पैसे बहाना और हमेशा छुट्टियों पर रहना उनका काम है। बोट, कार, वाइन और महिलाएं उनके कुछ ऐसे शौक हैं जिनकी वजह से ही लोग उन्हें पहचानते हैं। लेकिन अब उनकी सल्तनत बुरे दौर में है। 
 
क्रैमर अपने इस शौक के लिए अब तक 90 मिलियन डॉलर (करीब 5 अरब 64 करोड़ रुपए) की संपत्ति लुटा चुके हैं। अब सिर्फ तीन लाख डॉलर ही उनके पास बचे हैं। इस बची हुई रकम में से भी वो हम महीने 50 हज़ार डॉलर (करीब 3 अरब 13 करोड़ रुपए) खर्च करने को तैयार हैं। 
 
2007 के एक न्यायिक फैसले के दौरान क्रैमर ने कोर्ट को बताया था कि वो किस तरह अपनी महंगी पार्टियों और लंबी छुट्टियों के चलते रईस से कड़की की हालत में चल गए। थॉमस कहते हैं कि उनके पास ना तो नौकरी है और ना ही आमदनी का कोई जरिया। ऐसे में वो गरीबी की तरफ तेज़ी से बढ़ रहे हैं। 
कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान

थॉमस ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी जीने का एक बहुत ही मुश्किल रास्ता चुना है। उन्होंने बताया कि अपनी बोट और कीमती कलाकृति बेचने, खानसामा और नौकरों को निर्देशन देने से लेकर बाकी कामों को निपटाने के लिए वो बहुत ही कम समय के लिए छुट्टियों पर से लौटते हैं।
 
क्रैमर अपनी हर दिन घटती संपत्ति का साक्ष्य देते हुए बताते हैं कि उनके पास अब 55 मिलियन डॉलर (करीब 3 अरब 44 करोड़ रुपए) के दो बीच हाउस बचे हैं। अपनी रेंज रोवर कार उन्होंने एक दोस्त को बेच दी, लेकिन इसके बाद भी उनका दोस्त उन्हें वो कार इस्तेमाल करने दे रहा है।अगर ऐसा नहीं होता तो वो साइकिल पर आ जाते, जो उन्हें उनके भाई ने दी थी।

कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान

एक निजी चैनल के मुताबिक स्विस टायकून की ओर से उनके वकील चार्ल्स थ्रॉकमॉर्टन ने क्रैमर से छह घंटे की लंबी जिरह की। दरअसल क्रैमर स्विस टायकून के लाखों रुपए के कर्जदार हैं। वकील ने पूछा कि 2013 में इतनी तंगहाली में भी आखिर वो कैसे गोल्डन ग्लोब फंक्शन में शामिल हुए। यूनिवर्सल स्टूडियो, टोक्यो, सियोल, हांगकांग, बैंकाक और वियतनाम गए। अपनी जन्मदिन की पार्टी लॉस वेगास में मनाई और कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी हिस्सा लिया। इन सबके बाद डेनमार्क एक शादी में भी गए। 
 
क्रैमर ने वकील को बीच में ही रोकते हुए कहा कि वो उनके कई दौरे इनमें जोड़ने भूल गए हैं। क्रैमर एक नहीं सात शादियों के लिए सात अलग-अलग देशों में गए। ये दौरा उनके लिए बहुत रोमांचक था। इसके अलावा उन्होंने दो महीने दुबई में भी बिताए, जहां उनकी 10 गर्लफ्रेंड्स हैं। 

कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान

क्रैमर जिन्हें दक्षिण बीच को दोबारा से विकसित करने में मदद का श्रेय जाता है, उनके पास एक समय में अमेरिका के महंगे इलाकों में करीब 20 प्रॉपर्टी थी। लेकिन मामला उलट गया और 2007 में उनके खिलाफ आए न्यायिक फैसले ने उनकी संपत्ति खत्म कर दी। उनका दावा है कि अब वो अपने पिता के पैसों से अपनी खर्चीली लाइफस्टाइल खर्च उठा रहे हैं, जो उन्हें विरासत में मिली है। उन्हें 2012 में अपने पिता की मौत के बाद 3.3 मिलियन डॉलर मिले थे। 
 
साक्ष्य के तौर पर उन्होंने बताया कि अपने पिता से मिली संपत्ति में से ही पिछले साल उन्होंने दो मिलियन डॉलर खर्च किए। इसके अलावा जब भी उन्हें कैश की ज़रूरत होती है, वो अपने दुबई के बैंकर दोस्त से मांग लेते हैं। 
 
क्रैमर से उनकी बोट, कार और पेंटिंग से होने वाली आमदनी के बारे में जवाब मांगा गया। क्रैमर ने बताया कि वो अपने स्टार आएलैंड घर के पीछे मौजूद आंगन को भी फोटोशूट और चैरिटी कार्यक्रम के लिए किराए पर देते हैं। 
 
कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान


क्रैमर कहते हैं कि अभी 3.8 मिलियन के उनके बकाया बिल हैं, जिसमें 1.8 मिलियन रियल एस्टेट टैक्स भी बाकी है। ऐसे में वो समझ नहीं पा रहे हैं कि बची हुई रकम से वो क्या-क्या करें। हवा में बात करते हुए क्रैमर कहते किसे-किसे चाहिए पैसे और वो अपने आपको मार लेंगे ?  
 
क्रैमर कहते हैं कि जब बाकी बचे हुए तीन लाख डॉलर भी खत्म हो जाएंगे, तो वो खुद को पूरी तरह से दिवालिया घोषित कर देंगे। जब उन्हें लगेगा कि इस दिवालियापन से भी कोई आमदनी नहीं हो रही तो वो अपने परिवार और साथियों को छोड़ देंगे। क्योंकि वो हर जगह आमंत्रित रहते हैं

कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान
क्रैमर दुबई के अपने बैंकर दोस्त के साथ। 

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ड्राइवर बोला- हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए आशुतोष महाराज को बनाया बंधक

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ड्राइवर बोला- हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए आशुतोष महाराज को बनाया बंधक

जालंधर/चंडीगढ़. दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल के संस्थापक आशुतोष महाराज की समाधि में रहने की बात को झूठा करार देते हुए उनके पूर्व ड्राइवर पूर्ण सिंह ने सोमवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी। याचिका में कहा गया कि महेश कुमार झा उर्फ आशुतोष महाराज को संपत्ति ट्रांसफर करने व गद्दी के लालच में बंधक बनाकर रखा गया है।
याचिका पर जस्टिस एमएमएस बेदी ने 11 फरवरी के लिए आश्रम को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने साथ ही 5 फरवरी के लिए सुनवाई तय करते हुए मामले पर सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। याचिका में आश्रम के प्रचारक विशालानंद, अरविंदानंद, मोहन पूरी, नरेद्रानंद और सर्वानंद को प्रतिवादी बनाते हुए कहा गया कि महाराज को संपत्ति के लालच में बंधक बनाकर रखा गया है। लोगों के सामने जानबूझकर कहा जा रहा है कि वे गहन समाधि में हैं। ड्रामा रचा जा रहा है।
कहा जा रहा है कि महाराज बिलकुल ठीक हैं और उनकी बॉडी में कोई चेंज नहीं आया। याचिका में दावा किया गया है कि संस्थान के पास करोड़ों रुपए नकद व एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है। यह संपत्ति 1983 से अब तक अर्जित की गई है। पूर्व ड्राइवर ने मांग की है कि महाराज को तुरंत रिहा कराया जाए।

ड्राइवर बोला- हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए आशुतोष महाराज को बनाया बंधक
आश्रम का दावा- कोई विवाद नहीं
दो दिन तक मीडिया से दूर रहे आश्रम के प्रबंधन से जुड़े सदस्यों ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इसमें तीन बिंदु रखे...
1.  आशुतोष महाराज की सेहत जांच करने वाले डॉ. हरपाल को सामने लाए, जिन्होंने कहा कि महाराज क्लीनिकली डेड हैं।
2.  चार प्रमुख स्वामी एक साथ सामने आए। ये थे स्वामी अरविंदानंद, स्वामी आदित्य नंद, स्वामी वरिंदरानंद और स्वामी सर्वानंद। स्वामी आदित्य नंद ने कहा कि आश्रम की गद्दी संभालने और जायदाद को लेकर कोई विवाद नहीं है।
3.  इस बात की पुष्टि की गई है कि महाराज को समाधि के दौरान लेटी हुई अवस्था में कोल्ड चेंबर में रखा गया है।
 
ड्राइवर बोला- हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए आशुतोष महाराज को बनाया बंधक

पूर्ण सिंह ड्राइवर नहीं था: आश्रम
हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले पूर्ण सिंह के बारे में स्वामी आदित्यनंद ने कहा, 'महाराज जी ने उसे कभी ड्राइवर रखा ही नहीं था। यहां सभी जितने भी लोग हैं, वे स्वयंसेवी हैं। सभी बिना वेतन काम करते हैं। महाराज जी अच्छा काम कर रहे हैं। जिन्हें परेशानी है वो अफवाहें फैला रहे हैं।
ड्राइवर बोला- हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए आशुतोष महाराज को बनाया बंधक

पूरे देश में हैं संस्थान के अनुयायी
आशुतोष महाराज ने 1983 में जालंधर के नूरमहल में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की स्थापना की थी। देशभर से बड़ी गिनती में श्रद्धालु यहां आते हैं। एक गवॢनंग बॉडी प्रबंधन संभालती है, जो धार्मिक प्रचार के साथ-साथ आयुर्वेदिक मेडिसन बनाने, साहित्य प्रकाशन, मीडिया और आश्रम संचालन के प्रबंध देखती है। ब्रह्मज्ञान के प्रचार के साथ-साथ आश्रम नशे की कुरीति खत्म करने के लिए अहम रोल अदा कर रहा है। 1991 में वल्र्ड पीस नामक सोसायटी बनाई गई। इसका हेडक्वार्टर दिल्ली में है। सोसायटी का ग्लोबल नेटवर्क है। चंडीगढ़, हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश में आश्रम की बड़ी शाखाएं हैं। sabhar : bhaskar.com

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सोमवार, 3 फ़रवरी 2014

प्रेमियो के अधिकार के लिये धरना- प्रदर्शन

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Photo: Love Dharma की तरफ से हमारी अरविंद केजरीवाल से 5 मांगे हैं जिनको लेकर हम 27 जनवरी से दिल्ली की सड्को पर उतर कर आंदोलन करने जा रहे हैं ... 

यदि आप भी हमारे इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहे तो हमे 09891333875 पर संपर्क कर सकते हैं । 

:::::::::::::::::

देश मे हर आयाम पर प्रेम के सम्मान के लिए हमारी सरकार से 5 मांगे हैं ...

1- होटल / पार्क / रेस्टोरेन्ट और सार्वजनिक स्थानो पर धर्म और समाज के नाम पर प्रेमियो का अपमान बंद करो ...!
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=MXbMcFhP86o

2- प्रेमियो को उनका हक़ दिलाने के लिए ""प्रेम आयोग"" का गठन करो ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=iVlhOq21wwo

3 - स्कूल और कालजो मे प्रेम और ध्यान के विषय को सम्मालित किया जाये ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=X7YtQmV-ARU

4 - जनलोकपाल के गठन के साथ ही जिस दिन से वो लागू किया जाये ... उसी दिन सभी अपराधो को माफी देकर नये समाज के निर्माण का गठन करो ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=Q1BeFnqOTOg

5 - वैशयावृति को कानूनी मान्यता प्रदान कर वैशयाओ को दलालो के चुंगल से मुक्त करो ... !
see video ... http://www.youtube.com/watch?v=abZes2gn0Ao 


***********************************************
आंदोलन कि रूपरेखा इस प्रकार है ....

* हमारी हर मांग पर हमारे नज़रिये को दर्शाते हुए हमने उसको वीडियो के रूप मे आपके सामने रखा है जिससे हमारी बातों को अधूरा समझने कि बजाय उसे पूरा समझा जाये , इसको आप  
हमारी  वेब-साइट  www.lovedharma.org ( 21 तारीख से online ) और youtube पर उपलब्ध हैं  !!

* 27 जनवरी से प्रेमियो का एक समूह  दिल्ली और देश की सरकार तक हमारी मांगो को पहुंचाने के लिये दिल्ली कि सड्को पर उतर कर पम्फ़लेट बाटने और प्रचार प्रसार करने के लिये उतरेगा .... !!

* प्रतिदिन के आंदोलन का स्थान और प्रेमियो के द्वारा किए जा रहे प्रयास को उनके चित्रो और संदेशो को facebook , whatsapp , और अन्य माध्यमों से इन्टरनेट पर प्रचार किया जाएगा ... !

* 5 फरवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को हम अपनी मांगो से अवगत कराकर 8 दिन का वक़्त इन मुद्दो पर कार्यवाही के लिये सौपेंगे / ज्ञापन देंगे ,,, और 14 फरवरी को प्रेमियो का हुजूम केजरीवाल के घर के सामने शांतिप्रिय ढंग से प्रदर्शन करेंगे जिसमे "" स्वामी शशांक आनद ""  का  एक दिवसीय अनशन शामिल है ॥

* यदि फिर भी कोई कार्यवाही न हुई तो हम इस आंदोलन को आमरण अनशन तक लेकर जाएँगे ... !!

~~~ आप सब के आशीर्वाद  और सहयोग के बिना ये सब संभव न होगा ~~~

अधिक जानकारी के लिए हमारे पेज :- https://www.facebook.com/pages/Www-lovedharma-org/1430738557160982




ओशो सन्यासी स्वामी शशांक आनंद प्रेमियो के अधिकार के लिये धरना- प्रदर्शन करने जा रहे है | स्वामी जी पहले भी शाहजहाँपुर से  लोकसभा प्रत्याशी  संघपाल गौतम को लड़ाया था  जिसमे बिहार के मशहूर लव गुरु मटुक नाथ और उनकी प्रेमिका जूली ने प्रचार किया था जिसमे मतदाताओ का काफी समर्थन मिला था | इनकी प्रमुख मांगे निम्नलिखित है -


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देश मे हर आयाम पर प्रेम के सम्मान के लिए  सरकार से 5 मांगे हैं ...

1- होटल / पार्क / रेस्टोरेन्ट और सार्वजनिक स्थानो पर धर्म और समाज के नाम पर प्रेमियो का अपमान बंद करो ...!
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=MXbMcFhP86o

2- प्रेमियो को उनका हक़ दिलाने के लिए ""प्रेम आयोग"" का गठन करो ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=iVlhOq21wwo

3 - स्कूल और कालजो मे प्रेम और ध्यान के विषय को सम्मालित किया जाये ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=X7YtQmV-ARU

4 - जनलोकपाल के गठन के साथ ही जिस दिन से वो लागू किया जाये ... उसी दिन सभी अपराधो को माफी देकर नये समाज के निर्माण का गठन करो ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=Q1BeFnqOTOg

5 - वैशयावृति को कानूनी मान्यता प्रदान कर वैशयाओ को दलालो के चुंगल से मुक्त करो ... !
see video ... http://www.youtube.com/watch?v=abZes2gn0Ao


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आंदोलन कि रूपरेखा इस प्रकार है ....

* हमारी हर मांग पर हमारे नज़रिये को दर्शाते हुए हमने उसको वीडियो के रूप मे आपके सामने रखा है जिससे हमारी बातों को अधूरा समझने कि बजाय उसे पूरा समझा जाये , इसको आप
हमारी वेब-साइट www.lovedharma.org ( 21 तारीख से online ) और youtube पर उपलब्ध हैं !!

* 27 जनवरी से प्रेमियो का एक समूह दिल्ली और देश की सरकार तक हमारी मांगो को पहुंचाने के लिये दिल्ली कि सड्को पर उतर कर पम्फ़लेट बाटने और प्रचार प्रसार करने के लिये उतरेगा .... !!

* प्रतिदिन के आंदोलन का स्थान और प्रेमियो के द्वारा किए जा रहे प्रयास को उनके चित्रो और संदेशो को facebook , whatsapp , और अन्य माध्यमों से इन्टरनेट पर प्रचार किया जाएगा ... !

* 5 फरवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को हम अपनी मांगो से अवगत कराकर 8 दिन का वक़्त इन मुद्दो पर कार्यवाही के लिये सौपेंगे / ज्ञापन देंगे ,,, और 14 फरवरी को प्रेमियो का हुजूम केजरीवाल के घर के सामने शांतिप्रिय ढंग से प्रदर्शन करेंगे जिसमे "" स्वामी शशांक आनद "" का एक दिवसीय अनशन शामिल है ॥

* यदि फिर भी कोई कार्यवाही न हुई तो हम इस आंदोलन को आमरण अनशन तक लेकर जाएँगे ... !! sawami ji facebook wall se

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