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मंगलवार, 3 जनवरी 2012

दीवार फांदकर गर्ल्स हॉस्टल में घुसा इंजीनियरिंग का छात्र लेकिन...!

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जोधपुर.नववर्ष के स्वागत की रात 31 दिसंबर को एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज का एक छात्र एक गर्ल्स हॉस्टल की दीवार फांद कर अंदर कूद गया और एक कमरे में घुस गया। हॉस्टल की एक छात्रा की शिकायत पर चीफ वार्डन डॉ. एसएस गहलोत हॉस्टल पहुंचे और छात्र को रूम से बाहर निकाला। उस समय रूम में उसके साथ चार छात्राएं मौजूद थीं।

कॉलेज के डीन प्रो. डीजीएम पुरोहित ने बताया कि इस मामले में हॉस्टल वार्डन की ओर से लिखित में शिकायत आने पर ही कार्रवाई की जा सकेगी। हॉस्टल वार्डन के मंगलवार को छुट्टी से लौटने पर कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।

शनिवार की रात एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज का एक छात्र कॉलेज के एयरफोर्स रोड स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल की दीवार फांद कर हॉस्टल में घुस गया। वह छुपते-छुपाते हॉस्टल के एक कमरे में पहुंच गया। इस हॉस्टल में फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाली छात्राएं रहती हैं।

एक अन्य कमरे में रहने वाली छात्रा को जब इस बात का पता चला तो वह डर गई और उसने चीफ वार्डन डॉ. एसएस गहलोत को फोन कर दिया। प्रो. गहलोत रात को हॉस्टल पहुंचे और चौकीदार के साथ जाकर कमरा खुलवाया। रूम में उस छात्र के साथ हॉस्टल की चार छात्राएं मौजूद थीं। चीफ वार्डन ने पुलिस को सूचना दी और उस लड़के को पुलिस को सौंप दिया गया।

छुट्टी पर थीं हॉस्टल वार्डन

कॉलेज के डीन प्रो. डीजीएम पुरोहित ने बताया कि इस हॉस्टल की वार्डन अंशु अग्रवाल शीतकालीन अवकाश के कारण गुड़गांव गई हुई थीं। वे मंगलवार को लौटेंगी तभी कार्रवाई हो सकेगी। अंशु अग्रवाल के पास इस हॉस्टल के अलावा दो अन्य हॉस्टल की भी जिम्मेदारी है।

पहले चेताया था भास्कर ने 

दैनिक भास्कर के 26 सितंबर 2011 के अंक में इंजीनियरिंग हॉस्टलों की स्थिति का खुलासा किया गया था। इसमें बताया गया था कि कॉलेज के तीन छात्रावासों की जिम्मेदारी एक महिला शिक्षक के पास है। ये हॉस्टल परस्पर आधा किलोमीटर से एक किलोमीटर दूर हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।

वार्डन शिकायत करेंगी तो होगी कार्रवाई

"चीफ वार्डन प्रो. एसएस गहलोत ने रविवार को सुबह सूचना दी थी कि कॉलेज का प्रथम वर्ष का एक छात्र एक गल्र्स हॉस्टल में दीवार फांद कर घुस गया। उसे कमरे से बाहर निकाल कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। हॉस्टल वार्डन के लिखित में शिकायत देने के बाद दोषी छात्र-छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।"

प्रो. डीजीएम पुरोहित, डीन, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज

लिखित में शिकायत देंगे

"इस मामले की जानकारी चीफ प्रॉक्टर ने दे दी है। गुड़गांव से जोधपुर आते ही इस मामले में डीन प्रो. डीजीएम पुरोहित को लिखित में शिकायत करूंगी।"

अंशु अग्रवाल, हॉस्टल वार्डन sabhar : bhaskar.com
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रविवार, 1 जनवरी 2012

मुंबई गोराई बीच पर तीखा जहर

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सुशील गंगवार - मीडिया दलाल डाट.कॉम -----------

साल २०११ की अंतिम रात और नए साल का जश्न  ने मुझे पागल बना दिया था मै किसी नशे में नहीं डूबा था  मै डूबा था पत्रकारिता के गहरे नशे में जिसने  मुझे मजबूर कर दिया, मुंबई गोराई बीच  के  तीखे जहर को करीव से जानने  के लिए ?  मुझे  रास्ते में रोक कर पूछा  जाता की रूम और लड़की चाहिए ? लोग हमें  शक्ल चूतिया  समझते है|

 मैंने कहा भाई ये बताओ कमरा - लड़की एक रात के लिए कितने में  दोगे तो वह दलाल फटाक से बोला साव हम रूम तो ५०० में देगे ,मगर लड़की देखने के बाद रेट तय होगा | हम बोले तुम पांच मिनट रुको हम अभी आते है और मै आगे बढ गया |

नीचे से ऊपर की तरफ से जाता हुआ रास्ता हमें उस और ले गया जहा हमें जाना था | ऊपर से खड़े होकर ठंडी पानी की  हवा, हमें गर्म करने पर मजबूर कर रही थी | वक़्त करीव रात के १२ बजे ,हम मुंबई गोराई बीच पहुचे तो देखा  रात जवान  हो रही थी |

सभी लोग इंग्लिश म्यूजिक पर  अपनी महबूबा के साथ  बहक -बहक कर मदहोश हो रहे थे |  हर किसी के हाथ में  शबाब और कवाब साफ़ साफ़ झलक रहा था | वह नए साल के जश्न में झूम रहे थे हमने भी अपनी गर्दन को तेदा मेदा करना शुरू कर दिया | भाई हमें नाचना नहीं आता है लोग ये न समझे साला अनाड़ी है |

तभी अचानक लड़की टकराई वह पूरी टल्ली थी | मुझसे बोली विल  यू डांस विथ मी ?  मै बोला नो प्रॉब्लम , लगे रहो और मेरी नजरे एक बन्दे से पे जा पहुची वह टल्ली होने का ड्रामा कर रहा था और अपने मोबाइल से विडियो और फोटो बना रहा था | वह उस लड़की की तलाश कर रहा था जो अकेली आयी हो ?  आखिर वो विडियो और फोटो क्यों बना रहा था | लो सुनो ऐसी जगहों पर दलाल जमकर विडियो और फोटो बनाते है  फिर उन्ही लडकियो और लडको ब्लैकमेल करते है|  

मै जब करीव पंहुचा तो वह बोलता है कुछ चाहिए क्या ? मै समझ गया बहन का टका दलाल है |  मैंने मुंडी हिला कर मना कर दिया | तभी एक काला सा लड़का मेरे कान में झुकर बोला हैप्पी न्यू इयर ? मैंने भी उसके कान  में फूक दिया हैप्पी न्यू इयर ?

थोड़ी देर बाद मुझे मुतास  लगनी लगी तो मैंने एक लोंडिया से पूछा अरे   मूतने का जुगाड़ किदर है तो वह बोली इदर  ही मूत लो और चल  दी ?

भाई मै  मुतास खाना तलाश करके हल्का हुआ तो देखा वह काला लड़का मेरे पीछे खड़ा है  बोला बॉस कुछ बात करनी है  तुम करते क्या हो  | मै बोला क्या करेगा घर लेके जायेगा |

अरे नहीं यार --- मस्त माल है मै बोला कैसा माल  - सुट्टा विथ गर्ल | दलाल मुझे एक कमरे ले गया बोला बॉस माल लेकर आता हु तुम देख लो . माल मस्त है  एक मिनट में मस्त न हुए तो पैसा वापस कर दूगा |माल इदर का नहीं विदेशी है बोल तो लेके आओ | एक बार चख लिया तो मुझे नहीं भूल सकते हो बॉस | मै बोला  आई विल कामे इन नेक्स्ट वीक ? खैर मै रूम से कट लिया |
लड़की - दारु - ड्रग्स का खुला कारोवार मेरी आखो के सामने चल रहा था   इदर उधर  वोदका , रम , बीयर  , ब्रांडी , सिगरते के खाली पैकेट  बिखरे पड़े थे और मुंबई मामू हाथ में डंडा लिए बीच पर टहल कदमी कर रहे थे | जैसे जैसे  टाइम बढ रहा था नशे की काली रात अपने उफान पर थी , म्यूजिक की गति तेज हो रही है   लड़के लडकिया मस्त हो कर नाच झूम रहे थे | हम चूतियों की तरह अपने हाथ पैर पटक रहे थे  | 

जो लड़के अपनी जुगाड़ लेकर आये थे वह काम क्रिया को बुझाने के लिए लड़की लेकर  कमरे में घुस और निकल रहे थे | दलाल अपना माल खुले बेच रहे थे |  सुबह के  चार बजते बजते  सभी नशे में वही पड़ी  खटिया पर अपनी जुगाड़ के सीने पर सर रख कर सोये पड़े थे  |

 मै सोच रहा था यह कैसा साल का अंत है जो हमारे युवा पीड़ी की रगों में नशे का तीखा जहर भर रहा है | क्या यही दुनिया है  जहा होता है जिस्म  - नशे का खुला कारोबार | यह बाजार हर शनिवार और रविवार सजती है जह सिखाया जाता है नशा करना और  लड़की को .. ........?    मै अपने  घर की तरफ रास्ता नाप ही रहा था तो एक मामू ने मुझे रोक लिया और बोला  नया साल खतम हो गया घर जाओ | मैंने ऑटो पकड़ा और घर फूट लिया |

यह लेख सुशील गंगवार ने लिखा है जो पिछले ११ वर्षो से प्रिंट , वेब , इलेक्ट्रोनिक  मीडिया के लिए  काम कर रहे है वह  साक्षात्कार डाट.कॉम , साक्षात्कार टीवी .कॉम , साक्षात्कार .ओर्ग के संपादक है इनसे संपर्क  ०९१६७६१८८६६ पर किया जा सकता 

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शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

ना अमेरिका, ना चीन, ये है दुनिया की सबसे खूंखार सेना

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दुनिया की सबसे ताकतवर और खतरनाक सेनाओं के बारे में पूछा जाए तो सबके जहन में अमेरिकी के मरीन कमांडोज का नाम आता है। लेकिन एक सेना ऐसी भी है जो अमेरिकी लड़ाकों को भी धूल चटा सकती है। यह विशेष बल है रूस की स्पिट्जनास।


स्पिट्जनास को दुनिया की सबसे खुफिया व खतरनाक सेना कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इसके सैनिक किसी भी दुश्मन को चकमा देकर पटखनी देने में सक्षम होते हैं। शीत युद्ध काल में रूस की इस सेना का लोहा दुनिया ने माना था।

हालांकि शीत युद्ध को समाप्त हुए अरसा बीत चुका है, लेकिन स्पिट्जनास आज भी रूसी मिलिट्री का एक अहम हिस्सा है। स्पिट्जनास को खास मिशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कोल्ड वॉर के समय इनका उपयोग दुश्मन के राजनीतिक और मिलिट्री प्रमुखों को ढूंढकर खत्म करने के लिए किया जाता था।

sabhar : bhaskar.com
 

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फिल्म के लिए करवा डाला हॉट फोटोशूट, देखिए वीडियो

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इस साल एक फिल्म की एक्ट्रेसेज ने एक नई परंपरा की नींव डाल दी। पहले जहां किसी फैशन मैगजीन या कैलेंटर के लिए हॉट फोटोशूट करवाया जाता रहा है वहीं इस साल फिल्म 'लीथल कमीशन' के लिए इसकी एक्ट्रेस मधुरिमा तूली और अलंकृता डोगरा ने सेक्सी पोज देते हुए फोटोशूट करवा डाला।



इस फोटोशूट के बाद उम्मीद की जा रही है कि अब फिल्मों के सेट्स पर भी हॉट फोटोशूट्स होने लगेंगे। आनेवाली फिल्म 'लीथल कमीशन' के सेट पर फिल्म की अदाकारा मधुरिमा तूली ने जहां रेड बिकनी पहनकर जबरदस्त हॉट पोज दिए वहीं दूसरी अदाकारा अलंकृता डोगरा ने सेक्सी पोज देकर माहौल को और हॉट बना दिया।

sabhar : bhaskar.com

वीडियो देखकर अंदाजा लगाइए पर्दे पर किस तरह से आग लगाएंगी ये सेक्सी एक्ट्रेसेज, देखिए वीडियो...
 



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याना ने भी टॉपलेस होकर खूब दिखाए थे जलवे, देखिए तस्वीरें

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याना ने भी टॉपलेस होकर खूब दिखाए थे जलवे, देखिए तस्वीरें

 
Source: dainikbhaskar.com   |   Last Updated 8:23 AM (30/12/2011)
 
 
 
 
 

बॉलीवुड की हॉट बेब और आईटम गर्ल याना गुप्ता ने इस साल सुर्खियां बटोरने का कोई मौका नहीं छोड़ा|



पहले साल की शुरुआत में वह एक पार्टी में बिना अंतः वस्त्र पहने नजर आ गईं और वार्डरोब मॉल फंक्शन का शिकार होने के चलते सुर्ख़ियों में आईं| इसके बाद उन्होंने मई में एफएचएम मैगज़ीन के लिए हॉट फोटोशूट कराया जिसमें उन्होंने टॉपलेस होकर बहुत ही सेक्सी पोज दिए|



इस फोटोशूट के लिए याना को मोटी रकम मिलने की भी बात सामने आई थी| देखिए इस साल याना द्वारा कराए गए इस सेक्सी फोटोशूट की खास तस्वीरें:
 
 
 
 
 
 

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गुरुवार, 29 दिसंबर 2011

गॉड पार्टिकल के बहुत पास पहुंचा मानव

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दशकों की मशक्कत के बाद मानव सभ्यता का दावा है कि वह उस कण के बहुत पास पहुंच गई है, जिसने इस सृष्टि की उत्पत्ति की है. हिग्स बोसोन यानी गॉड पार्टिकल की तलाश लगभग पूरी हो गई और वैज्ञानिकों का दावा है कि इसका अस्तित्व है.

 
दुनिया की सबसे बड़ी प्रयोगशाला स्विट्जरलैंड के सर्न में चल रहे बरसों के प्रयोग के बाद मंगलवार को दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने दावा किया कि हिग्स बोसोन कण अब पहुंच से दूर नहीं रहा. इस कण के बारे में करीब चार दशक पहले चर्चा शुरू हुई और विज्ञान का दावा है कि इसकी वजह से ही बिग बैंग विस्फोट हुआ, जिसके बाद यह पूरी कायनात बनी. हालांकि वैज्ञानिकों ने जोर देकर कहा कि अभी यह खोज पूरी नहीं हुई है.
इंग्लैंड में लीवरपूल यूनिवर्सिटी के थेमिस बोकॉक ने कहा, "अगर हिग्स की बात सही साबित हो जाती है, तो निश्चित तौर पर यह इस सदी की सबसे बड़ी खोजों में होगा. भौतिक विज्ञानियों ने धरती की रचना के बारे में अहम कड़ी को सुलझा लिया है, जिसका असर हमारे रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है."सर्न की महाप्रयोगशालासर्न की महाप्रयोगशाला
अद्भुत नजारा
कई मीटर लंबे हाइड्रॉन कोलाइडर में प्रयोग के बाद सर्न ने सनसनीखेज खुलासा किया. उनकी प्रेस कांफ्रेंस खचाखच भरी थी. सर्न के वैज्ञानिक ओलिवर बुखम्यूलर ने बताया कि दो अलग अलग प्रयोग के नतीजे एक ही दिशा में जा रहे हैं. हालांकि यहीं की महिला वैज्ञानिक फाबियोला जियानोटी ने सतर्कता भरे अंदाज में कहा, "मुझे लगता है कि हिग्स बोसोन यहीं है. लेकिन अभी इस बारे में आखिरी बयान देना थोड़ी जल्दबाजी होगी. अभी और ज्यादा रिसर्च की जरूरत है. अगले कुछ महीने बेहद दिलचस्प होने वाले हैं. मुझे नहीं मालूम कि क्या आने वाला है."
विज्ञान की धारणा है कि ब्रिटिश वैज्ञानिक पीटर हिग्स के नाम पर रखा गया बोसोन कण ही 13.7 अरब वर्ष पहले बिग बैंग विस्फोट का कारण था और इसकी वजह से आज ब्रह्मांड में जो कुछ है, उनका अपना द्रव्य है. अगर यह बात साबित हो जाती है कि विश्व को इलेक्ट्रोन और फोटोन की परिभाषाएं बदलनी होंगी. स्कूलों में भौतिकी की पढ़ाई बदल जाएगी. लेकिन अगर यह साबित नहीं हो पाता है तो इस सृष्टि का निर्माण फिर से पहेली बन कर रह जाएगा.
महान कामयाबी
पीटर हिग्सपीटर हिग्सविज्ञान में पिछले 60 सालों में इतनी बड़ी कामयाबी नहीं मिली है. सर्न के अंदर दो अलग अलग प्रयोग किए जा रहे हैं. इनका नाम एटलर और सीएमस है. दोनों का लक्ष्य हिग्स कण का पता लगाना है. मौजूदा वैज्ञानिक उपकरणों से इस कण के द्रव्यमान का पता नहीं लग सकता. इसलिए कई किलोमीटर लंबी सुरंगनुमा प्रयोगशाला तैयार की गई है, जिसमें तीन साल से भी ज्यादा समय से प्रयोग चल रहा है. यहां बिग बैंग विस्फोट जैसा माहौल तैयार किया गया है, ताकि इसके रहस्यों को समझा जा सके. इसे महाप्रयोग भी कहा जा रहा है.
अद्भुत बात है कि दोनों ही खोज के प्रमुखों ने दावा किया है कि उनके प्रयोग से एक जैसे नतीजे आ रहे हैं. दोनों इसे 124-125 गीगा इलेक्ट्रोनवोल्ट का बता रहे हैं. लेकिन अभी पूरी तरह बात नहीं बनी है. प्रयोग के दौरान जो कुछ भी निकल कर आया है, वैज्ञानिक भाषा में वह दूसरे स्तर तक को ही पार करता है, जबकि किसी खोज के लिए इसे पांच स्तरों तक पहुंचना जरूरी है. वैज्ञानिक अभी और आंकड़ों की मांग कर रहे हैं. उनका यह भी कहना है कि अगर गॉड पार्टिकल होता भी है, तो यह बहुत जल्दी क्षय हो जाने वाला या दूसरा रूप ले लेने वाला पदार्थ है.
रिपोर्टः रॉयटर्स, एपी/ए जमाल
संपादनः ओ सिंह
sabhar : DW-WORLD.DE

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स्किन फैक्टरी में बनेगी नकली त्वचा

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चार साल से छोटे लड़कों के जननांग से निकाली गई त्वचा से बिलकुल नई स्किन बन सकती है. जर्मनी की फ्राउनहोफर यूनिवर्सिटी ने रिसर्च पूरी कर ली है. इससे नई दवाइयों और कॉस्मेटिक उद्योग में बड़े बदलाव आ सकते हैं.

 
स्किन फैक्टरी, यह नाम किसी साइंस फिक्शन फिल्म का लगता है. लेकिन फ्राउनहोफर इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने सचमुच ऐसी मशीन बनाई है, जो त्वचा बनाती है. यह त्वचा दवाओं, रसायनों और कॉस्मेटिक के परीक्षण को आसान और सस्ता बना सकती है. साथ ही जानवरों पर इनके परीक्षण की जरूरत नहीं रह जाएगी.
त्वचा बनाने की यह मशीन सात मीटर लंबी, तीन मीटर चौड़ी और तीन मीटर ऊंची है. कांच की दीवार के पीछे रोबोट की छोटी बाहें काम कर रही हैं, पेट्री डिश को इधर उधर ले जा रहे हैं, खाल को खरोंच रहे हैं, एंजायम की मदद से ऊपरी त्वचा को सेल से अलग कर रहे हैं. संयोजी ऊतक और रंग वाली कोशिकाएं भी इस तरह पैदा की जाती हैं.
अहम रिसर्च
इस समय कोशिकाओं की आपूर्ति का काम चार साल तक के लड़कों के जननांग से निकाले गए अग्रभाग से किया जा रहा है. जर्मनी में श्टुटगार्ट शहर के फ्राउनहोफर इंस्टीट्यूट के प्रोडक्शन इंजीनियर आंद्रेयास टाउबे कहते हैं, "आदमी की उम्र जितनी बढ़ती जाती है, उसकी कोशिकाएं उतनी ही खराब काम करती हैं." कोशिकाएं विकसित करने के लिए स्टेमसेल पर भी शोध किया जा रहा है. टाउबे का कहना है, "महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआती सेल एक जैसे स्रोत से आएं ताकि त्वचा के उत्पादन में अंतर से बचा जा सके."
डोनरों के हिसाब से हर नमूने से तीस लाख से एक करोड़ कोशिकाएं निकलती हैं जिनकी संख्या इंक्यूबेटर में सौ गुनी हो जाती है. एक सेंटीमीटर व्यास के 24 ट्यूबों वाले टिश्यू कल्चर प्लेट पर उनसे नई त्वचा का विकास होता है. नया एपीडर्मिस एक मिलीमीटर से भी पतला होता है. जब उन्हें शोधकर्ता जोड़ने वाली कोशिकाओं से जोड़ते हैं तो पूर्ण त्वचा बनती है जो पांच मिलीमीटर तक मोटी होती है. इस पूरी प्रक्रिया में छह हफ्ते तक लग सकते हैं. टाउबे कहते हैं, "इसे मशीन की मदद से भी तेज नहीं किया जा सकता, बल्कि जीव विज्ञान द्वारा निर्धारित होता है."
मुश्किल है रिसर्च
संयंत्र के अंदर सब कुछ पूरी तरह असंक्रमित होता है. इंक्यूबेटर के अंदर तापमान 37 डिग्री होता है. एक तापमान जिसमें बैक्टीरिया भी तेजी से बढ़ सकते हैं. त्वचा फैक्टरी में 24 टिश्यू कल्चर वाले 500 से अधिकों प्लेटों पर एक साथ काम होता है. फ्राउनहोफर इंस्टीट्यूट में इस तरह शोधकर्ता हर महीने त्वचा के 5000 नमूने तैयार करते हैं. लेकिन अब तक उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला है क्योंकि अभी तक इस प्रक्रिया को यूरोपीय अधिकारियों से मान्यता नहीं मिली है. इसके लिए तुलनात्मक परीक्षणों की जरूरत होगी जो यह साबित कर सकें कि कृत्रिम त्वचा भी जानवरों की त्वचा जैसे नतीजे देते हैं. टाउबे कहते हैं, "मैं सोचता हूं कि नौ महीनों में हम शुरुआत कर सकते हैं." कृत्रिम त्वचा को खरीदने वाला उद्योग जगत होगा.
दवा उद्योग में बदलाव
जर्मनी में दवाइयां बनाने वाली कंपनियों के संघ के रॉल्फ होएम्के का कहना है कि नए तत्वों के विकास के लिए त्वचा के नमूनों का इस्तेमाल हो सकता है. वे कहते हैं, "हमारा विश्वास है कि कृत्रिम त्वचा की कोशिकाएं असली त्वचा जैसी हैं." अब तक त्वचा के नमूने छोटे पैमाने पर तैयार किए जाते थे, लेकिन होएम्के को उम्मीद है कि अब ऐसा बड़े पैमाने पर हो सकेगा. इसका इस्तेमाल कैंसर के शोध के अलावा पिगमेंट में गड़बड़ी, एलर्जी या फंगस की बीमारी के सिलसिले में किया जा सकेगा. श्टुटगार्ट में बनने वाली कृत्रिम त्वचा के नमूनों को सुरक्षा टेस्ट पास करने में सालों लग जाएंगे.इस तरह का परीक्षण दवाओं की मंजूरी के लिए भी जरूरी होता है. होएम्के कहते हैं, "इसमें अंतरराष्ट्रीय मानक बना हुआ है, उसकी प्रक्रिया को आप यूं ही बदल नहीं सकते."
चिकित्सा के क्षेत्र में भी कृत्रिम त्वचा की मांग है. 8 से 10 सेंटीमीटर चौड़े त्वचा के बैंडेज बाजार में उपलब्ध हैं और उन पर दो कंपनियों का कब्जा है. रिजेनरेटिव मेडिसीन सोसायटी की अध्यक्ष उलरिके श्वेमर कहती हैं कि और चौड़े बैंडेज के क्षेत्र में मांग बनी हुई है. टाउबे इसे भविष्य का सपना बता रहे हैं कि त्वचा फैक्टरी कभी न कभी इन्हें बनाना शुरू कर देंगी जिनका इस्तेमाल आग से जलने के कारण हुई घावों को भरने के लिए किया जा सकेगा. अभी तो आंख की त्वचा कोर्निया को बनाने पर काम चल रहा है.
रिपोर्ट: डीपीए/महेश झा
संपादन: ए जमाल  sabhar : DE-WORLD.DE

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रविवार, 25 दिसंबर 2011

धर्म और आस्था के नाम पर बलात्कार

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 धर्म और आस्था को ताक पर रख कर  कब तक धूर्त गुरु  लोगो से खिलवाड़  करते रहेगे | धर्म के नाम पर लोगों को मूर्ख बनाने की घटनायें भारत में  प्राचीन काल से सुनी और देखि जा सकती है | जहा एक तरफ प्रवचन  कहते है वही  दूसरे लोग  ढोग कहते है |

बड़े बड़े आश्रम में लडकिया लाई जाती जहा से वह वापस जाना नहीं चाहती है आखरी क्यों ? क्या इनके मन मंदिर को किसी चीज से बांध  दिया जाता है या इनके दिमाग को ब्रेन बॉस कर दिया जाता है | हम सब जानते है मनुष्य सामाजिक प्राणी है , तभी मनुष्य की मानसिक स्थिति वातावरण से परिवर्तित हो जाती है और धर्म गुरु जमकर उपभोग करते है| 

धर्म पर आस्था रखना बुरी बात नहीं है परन्तु अंधी आस्था अपने गुरु पर रखना पूरा जीवन बर्बाद कर सकती  है आज भारत के अलग अलग प्रान्त के  आश्रमों में लडकिया - महिलाये  धर्म गुरूओ का पाप झेलने के लिए मजबूर - लाचार है |   वशीकरण , तंत्र मंत्र , काला जादू , पूजा अर्चना , प्रवचन सभी का प्रयोग लड़के लडकियों के दिमाग को फेरने  के लिए  किया जाता है   ताकि आश्रम में रहने वाली लडकिया  और महिलाये घर का रुख न कर सके | जिदंगी भर गुलाम की जिदंगी काटते  रहे | 

 आज भी आश्रम में छोटी नादान बच्चियो के साथ हर रोज बलात्कार का नया पाठ रात होते ही  सिखाया जाता है | अगर स्त्री भूल से गर्भ वती हो गयी तो उसका  गर्भ पात करवा दिया जाता है नहीं तो किसी  चेले के साथ बाँध  विदा दिया जाता है | अगर जो  चेला चेली नहीं मानते  है तो उसे आश्रम के तहखाने में दफ़न कर दिया जाता है | 

बेचारा चेला अपने गुरु को हामी भरने के अलावा  नहीं कर पाता है वह भी गुरु मोह का शिकार है |  आश्रम  में रहने वाले लोग अपना मुह नहीं खोलते है मगर पीठ पीछे ही धर्म गुरु की पोल खोलने लगते है |   मेरे मित्र ने बताया था  हरिद्वार में ऐसा आश्रम जहा लड़के - लडकियों  को गंजा   करके पहले गेरूआ वस्त्र धारण करवाए जाते है फिर पूजा पाठ का ढोग करके   मन को परिवर्तित कर देते है फिर रात होते ही जोर जोर की आवाजो से आश्रम गुजने लगता है | 


उनके साथ आश्रम के लोग ही बलात्कार करते है | जिससे वह अपने घर नहीं  भाग सके | किसी से कुछ कह न सके |  दिन  के उजाले में पूजा  पाठ  - कथा कीर्तन - प्रवचन का शोर चलता है मगर सूरज अस्त होते ही सभी भोग वासना में  खो जाते है | यहाँ पर लडको को भी नहीं बक्शा जाता है कुछ बाबा और गुरु तो  लडकियों के बजाये लडको के बहुत शौकीन है |

हमारे शहर में गुरु जी आये तो काफी  लोग मोह में बह गए उसके साथ ही मेरी जाती बिरादरी की कन्या मोह में फस गयी, उसके बाद वह  सपरिवार गुरु जी के आश्रम में पहुचे तो कन्या घर आने को तैयार नहीं थी  | घर वाले परेशान आखिर क्या हो गया है फिर वह लड़की आश्रम में रहने लगी  थी  | न जाने उस लड़की पर कौन सा तंत्र  किया था |


 वह रिश्तेदारों के घर जाती तो अपनी आश्रम की कहानी सुनाती और लडकियो  को बहलाना फुसलाना शुरू कर दिया | मुझे याद है  वह अपनी मुफ्त की बाते  हमारी अम्मा को सुना रही थी तो पापा बरस पड़े |  बोले तुम चुप रखो हम सब जानते है आखिर तुम्हारे साथ क्या हुआ है  जो तुम्हारे साथ हुआ वही दूसरे  के साथ दोहराना चाहती हो | यह  बात करीव १५ साल पुरानी है तब से लेकर आज तक वह घर नहीं आयी है |

उसके बाद में उसकी  ही दो और बहने उसके नक़्शे कदम पर चलकर अपने घर को तिलांजलि देकर  चली गयी | आज भी तीनो बहने आश्रम में रह रही है | हमारे घर वाले बताते है तीनो बहनों के साथ बलात्कार करके ब्लैकमेल  करके फोटो बना ली थी | वह आज भी ब्लैक मेल की जिन्दगी बसर कर रही है |

आखिर यह क्या  है मुझे समझ में नहीं आता है   कृपा करके  मानव गुरुओ से बचकर  रहे नहीं तो किसी का  भी जीवन नरक हो सकता है |


यह लेख  साक्षात्कार.कॉम - साक्षात्कार.ओर्ग , साक्षात्कार टीवी.कॉम   संपादक सुशील गंगवार   ने लिखा है जो पिछले ११ साल से प्रिंट मीडिया , वेब मीडिया , इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए काम कर रहे है उनसे संपर्क  ०९१६७६१८८६६  पर करे |
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गुरुवार, 22 दिसंबर 2011

आर्केमेडीज ने बर्निंग मिरर से पल भर में भस्म कर डाला था रोमन जहाज !

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तीसरी सदी ईसापूर्व के ग्रीक गणितज्ञ आर्केमेडीज ने उस समय जो सिद्धांत बनाए थे, वे आज भी इंजीनिरिंग साइंस का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कई एडवांस सैन्य तकनीकें भी विकसित की थीं। आर्केमेडीज से संबंधित मशहूर कहानियों में उनके बनाए बर्निग मिरर के किस्से भी पढ़े जा सकते हैं। यह एक विशाल कांच था, जिससे किसी भी चीज़ में आग लगाई जा सकती थी। वक्त के आगोश में ये मिरर भी कहीं खो गया और बाद में इस बात पर बहस होने लगी कि क्या वाकई कोई ऐसा आईना था?



कहा जाता है कि 212 ईसापूर्व में रोमन्स ने ग्रीक के सायराकूसे पर हमला किया था। ऐसे में आर्केमेडीज ने बर्निग मिरर से रोमन जहाजों पर सूर्य की रोशनी का प्रतिबिंब डालकर उन्हें जला दिया था। इस तरह उन्होंने ग्रीक को एक बड़ी नौसैनिक जीत दिलाई थी और रोमन्स को वहां से भागना पड़ा था। बाद में एक ग्रीक उत्सव के दौरान मौके का फायदा उठाकर मारकस क्लाउडिअस मार्सेलस ने सायराकूसे पर कब्जा कर लिया था।



12वीं सदी के बायजैंटीन इतिहासकार जॉन ट्ज़ीट्ज़ेस ने रोमन इतिहासकार डिओ कैसिअस (155 से 235 ईस्वी) की लिखित जानकारी के अनुसार बताया था कि यह मिरर षटकोण आकार का था। इस पर तांबे की पॉलिश थी और बहुत से छोटे आईने इसके आसपास लगे थे। एक फ्रेम में ये सभी फिट किए गए थे। मिरर सूर्य की रोशनी जमा कर उसे एक लेजर जैसी बीम बना देते थे।



17वीं सदी में डेस्क्रेट्स ने बर्निग मिरर को काल्पनिक बताया। फिर भी 1747 में जॉर्ज लुइस लेक्लेर्क और कॉम्टे डे बफॉन ने दावा किया कि उन्होंने इसी तरह 150 फीट दूर से एक खजूर का पेड़ जलाया है। तब से लेकर आज तक ऐसे कई प्रयोग किए गए हैं। इन्हें देखते हुए आर्केमेडीज के बर्निग मिरर के किस्सों को खारिज नहीं किया जा सकता। sabhar : bhaskar.com

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कैबिनेट ने मुस्लिम आरक्षण को मंजूरी दी

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नई दिल्ली. केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार शाम को मुस्लिमों को आरक्षण को मंजूरी दे दी। ओबीसी के 27 प्रतिशत कोटे के अंदर 4.5 फीसदी कोटा अब मुस्लिमों का होगा।  
लोकपाल में भी अल्पसंख्यकों को आरक्षण, कमजोर लोकपाल से अन्ना नाराज
केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि सरकार लोकपाल में बदलाव के लिए तैयार हैं। वहीं संसद में लोकपाल बिल पेश किए जाने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार का लोकपाल भ्रष्टाचार को मिटा पाने में नाकाम साबित होगा। बिल को नकारते हुए अन्ना ने कहा कि जब तक बिल गरीबों को भ्रष्टाचार से मुक्ति नहीं दिलाता तब तक यह बेकार है।

इससे पहले सरकार ने इस साल सदन के पटल पर रखे गए पुराने लोकपाल बिल को वापस लेने का ऐलान किया और नया बिल सदन के पटल पर रखा। लोकपाल के मौजूदा प्रारूप को सदन ने मंजूरी भी दे दी है। अब 27 दिसंबर को इस बिल पर चर्चा होगी। लेकिन लोकपाल के पैनल में अल्‍पसंख्‍यकों को आरक्षण देने पर विपक्ष ने भारी एतराज जताया। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर बाद साढ़े तीन बजे फिर शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्‍वराज ने लोकपाल बिल के मौजूदा प्रारूप पर आपत्ति जताई और इसमें संशोधन कर सदन में वापस लाने की मांग की।

उन्‍होंने लोकपाल की बेंच के सदस्‍यों में आरक्षण की सीमा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रावधान की भाषा ही असंवैधानिक है क्‍योंकि इसमें कहा गया है 50 फीसदी से कम आरक्षण नहीं होगा। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 फीसदी तय की है। 9 में से 5 सदस्‍यों के लिए आरक्षण का प्रावधान संविधान का उल्‍लंघन है। इसके अलावा इसमें धार्मिक आधार पर आरक्षण दिए जाने का संशोधन लाया जा रहा है जो बिल्‍कुल असंवैधानिक है। नियमों के तहत अन्‍य पिछड़ा, अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान है, मजहब के आधार पर आरक्षण देना संवैधानिक नहीं है।

सुषमा स्‍वराज की आपत्तियों का सदन नेता प्रणब मुखर्जी तो मुंहतोड़ जवाब नहीं दे पाए लेकिन राजद प्रमुख लालू प्रसाद को मौका मिला तो उन्‍होंने कहा कि यह कोई सरकारी नौकरी नहीं है जहां 50 फीसदी से अधिक आरक्षण की अनुमति नहीं दी जा सकती है। लालू की इस टिप्‍पणी पर कांग्रेस सहित यूपीए के सहयोगी सांसदों ने जोरदार ठहाका लगाया। संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल ने तो मेज थपथपाकर लालू की टिप्‍पणी का समर्थन किया। राजद प्रमुख ने कहा कि अल्‍पसंख्‍यक का मतलब केवल मुसलमान ही नहीं बल्कि सिख, ईसाई, बौद्ध भी इसी श्रेणी में आते हैं।

लालू ने टीम अन्‍ना पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन से देश नहीं चलता है। उन्‍होंने कहा, ‘कल कोई कहेगा कि ये करो नहीं तो सोनिया, राहुल के घरों पर प्रदर्शन कराएंगे। यह कोई तरीका है। आंदोलन के डर से गलत काम नहीं होना चाहिए। मीडिया को लोकपाल के दायरे में क्‍यों डाला गया? यह बिल आनन-फानन में आया है इसलिए गंभीरता से विचार करने के बाद ही इसे सदन में पेश किया जाना चाहिए।’ लालू ने अन्‍ना हजारे को सेहत पर ध्‍यान देने की सलाह दी।

पीएम को लोकपाल के दायरे से बिल्‍कुल बाहर रखे जाने की वकालत करते हुए लालू ने कहा कि पूर्व सांसद की शिकायत को सात साल तक लोकपाल के दायरे में लाने की बात तो टीम अन्‍ना ने भी नहीं की थी। लेकिन ऐसा प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि सीबीआई को बिल्‍कुल भी लोकपाल के दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए। लालू जिस वक्‍त अपना भाषण दे रहे थे, उस वक्‍त सोनिया गांधी भी मुस्‍कुराती दिखाई दीं। लालू अपनी बात खत्‍म करने में अधिक वक्‍त लेने लगे तो स्‍पीकर की कुर्सी पर बैठे फ्रांसिस्‍को सरडिन्‍हा को कहना पड़ा कि आप सदन की कार्यवाही को ‘हाइजैक’ मत कीजिए।

लालू प्रसाद को 15 मिनट और बाकी सांसदों को दो-तीन मिनट दिए जाने पर भाजपा नेता यशवंत सिन्‍हा ने सरदिन्हा पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये तो मनमानी है। सिन्‍हा ने कहा, ‘हम सुबह से बिल को पेश किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सरकार ने तो बिल्‍कुल नौसिखुए की तरह जल्‍दबाजी में बिल तैयार किया है। हम इसका विरोध करते हैं।’


गुरुदास दासगुप्‍ता ने कहा कि लो‍कपाल बिल जल्‍दबाजी और किसी दबाव में पास नहीं होना चाहिए। इस पर प्रणब मुखर्जी ने कहा कि लोकपाल के लिए सभी सरकारों ने कोशिश की। लोकपाल जल्‍दबाजी का नतीजा नहीं है। इस पर मौजूदा सरकार ने अप्रैल से ही सभी दलों की सहमति लेने की कोशिश की। कानून की वैधता तय करना कोर्ट का काम है।

उन्‍होंने माकपा नेता के बयान पर टिप्‍पणी करते हुए कहा कि लोग सलाह देने से पहले ये बताएं कि वो अन्‍ना के पास क्‍यों गए?

लालू की जिद पर झुकी कांग्रेस!
इससे पहले लालू प्रसाद की लोकपाल में अल्‍पसंख्‍यकों के लिए आरक्षण की मांग पर कांग्रेस आखिरकार झुक गई। कांग्रेस कोर कमेटी ने बिल में संशोधन के जरिये अल्‍पसंख्‍यकों को लोकपाल में आरक्षण दिए जाने का फैसला कर लिया है। ऐसी खबर है कि ओबीसी कोटे के तहत ही यह आरक्षण दिया जा सकता है। इस मुद्दे पर पहले लालू ने सदन में हंगामा किया फिर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अल्‍पसंख्‍यकों के आरक्षण का मुद्दा उठाया। हंगामा बढ़ने के चलते लोकसभा की कार्यवाही पहले दो बजे और फिर साढ़े तीन बजे तक के लिए स्‍थगित करनी पड़ी। 
इस बीच, सरकार ने लालू को मनाने तथा लालू और शरद यादव को साथ लाने की कोशिश की। वित्‍त मंत्री मंत्री प्रणब मुखर्जी की शरद यादव और लालू के साथ बैठक हुई। इसके बाद लालू, प्रणब और असदुद्दीन सिद्दिकी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने पहुंचे। पीएम ने शरद यादव से फोन पर बात की। शरद यादव ने ओबीसी कोटे के तहत अल्‍पसंख्‍यकों को आरक्षण दिए जाने का सुझाव दिया है। प्रणब, बंसल और नारायणसामी की पीएम से बैठक हुई। कांग्रेस कोर ग्रुप की इस बैठक में सोनिया गांधी और सलमान खुर्शीद भी शामिल हुए।

गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही लालू की अगुवाई में विपक्षी दलों के सांसद हंगामा और शोर-गुल करने लगे। लालू लोकपाल में अल्‍पसंख्‍यकों को आरक्षण की मांग कर रहे हैं कुछ सांसदों ने लोकपाल बिल की कॉपी नहीं मिलने पर हंगामा किया, वहीं कई सांसद कॉपी देर से मिलने से नाराज हैं। लालू की अगुवाई में विपक्षी दल के सांसद 'वेल' में पहुंच गए और लोकपाल बिल का विरोध करना शुरू कर दिया। लालू का कहना था कि अगर अल्‍पसंख्‍यकों के लिए आरक्षण की व्‍यवस्‍था नहीं की गई तो बिल पेश नहीं होने दिया जाएगा।

लालू ने बिल की कॉपी देर से मिलने की वजह बताते हुए कहा, ‘आरएसएस और बीजेपी ने अल्‍पसंख्‍यकों को इससे बाहर करने के लिए कांग्रेस पर दबाव डाला। इस वजह से संशोधन कर बिल की कॉपी बांटने में देर हो गई। सरकार को इस बिल को सुधार कर लाना चाहिए तब इसे पेश करना चाहिए।’  लालू ने कहा, 'आरएसएस और बीजेपी के दबाव से लोकपाल बिल से अल्‍पसंख्‍यकों को छांटा गया। ये साजिश है। सबसे खतरनाक बात ये है कि बीजेपी और आरएसएस के दबाव में बिल से मुस्लिम समुदाय के लिए 50 फीसदी आरक्षण उड़ा दिया गया।'

लोकसभा स्‍पीकर मीरा कुमार के बार-बार अनुरोध के बावजूद लालू सहित विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए। स्‍पीकर ने कहा, 'लालू जी जो बिल अभी पेश ही नहीं हुआ है उस पर बात नहीं कीजिए।' आखिरकार स्‍पीकर को सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्‍थगित करनी पड़ी। कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो अल्‍पसंख्‍यकों के आरक्षण का मसला छाया रहा। मुलायम सिंह ने कहा, ' लोकपाल से अल्‍पसंख्‍यकों को क्‍यों निकाला गया? सच्‍चर कमेटी की रिपोर्ट को अभी तक लागू क्‍यों नहीं किया?'

हालांकि खाद्य सुरक्षा विधेयक लोकसभा में पेश कर दिया गया है। संविधान में 111वें संशोधन विधेयक को सदन ने पारित कर दिया है। sabhar : bhaskar.com

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रविवार, 11 दिसंबर 2011

पूनम का अबतक का सबसे हॉट विडियो सहवाग के नाम

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इंटरनेट की सनसनी बन चुकी मॉडल पूनम पांडेय ने इंडियन क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज वीरेंन्द्र सहवाग के दोहरा शतक मारने पर उन्हें खास तोहफा देने का फैसला किया था। अपने फैसला को पूरा करते हुए पूनम ने शाम में एक बहुत ही हॉट वीडियो अपलोड किया है। 
2 मिनट 19 सेकंड का यह वीडियो काफी उत्‍तेजक है। पूनम ने यह भी बताया कि उन्होंने सहवाग को तोहफे के तौर पर यह वीडियो अपलोड करने के कारण 2 मिनट 19 सेकंड का ही रखा है क्योंकि उन्होंने 219 रन बनाए हैं।
वीडियो अपलोड करते ही उनकी वेबसाइट पर उनके चाहने वालों की भीड़ लग गई है। 
पूनम का कहना है कि मेरे वेबसाइट पर इतना हेवी ट्रैफिक आ रहा है इससे लगता है कि कहीं इस बार भी वेबसाइट क्रैस न कर जाए।
यह विडियो देखने के लिए http://www.youtube.com/user/officialpoonampandey लॉगइन करें। 
 sabhar : bhaskar.com

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