गुरुवार, 30 जून 2022
जीएसटी लगने से पेट्रोल डीजल सस्ता हो सकता है
0बुधवार, 29 जून 2022
आर्मीनिया का एक ऐसा गांव बालिक स्त्री पुरुष को संभोग करने की पूरी छूट है
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https://youtu.be/Y3L0ZnlKiZk
पूर्व सोवियत संघ के आर्मीनिया देश में एक ऐसा गांव है जहां अट्ठारह वर्ष ऊपर से स्त्री पुरुष आपसी सहमति से संबंध बनाने की छूट है यह छूट गांव बड़े बुजुर्गों ने युद्ध से खत्म हुए जनसंख्या के कारण उठाई थी बुजुर्गों नया छूट दे दी थी कोई भी स्त्री पुरुष अपनी सहमति से संबंध बना सकता है करते वह 18 साल से ऊपर का हो यह प्रथा उस समय मजबूरी में दी गई थी परंतु आज के लोग इस प्रथा को छोड़ना नहीं चाहते
मंगलवार, 28 जून 2022
सोमवार, 27 जून 2022
ऐतिहासिक झांसी का किला उत्तर प्रदेश में
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झांसी का किला उत्तर प्रदेश में झांसी जिले में बड़ी पहाड़ी पर स्थित है झांसी रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर दूर है निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर है इसका निर्माण राजा वीर सिंह जूदेव 1606 से 27 मैं ओरछा के बलवंत नगर शहर बंगरा नामक चट्टानी पहाड़ी पर किया था जिसे वर्तमान में झांसी कहा जाता है इस किले के लिए 10 दरवाजे झांसी किले का निर्माण बुंदेला राजपूतों के प्रमुख ओरछा साम्राज्य के शासक वीर सिंह जूदेव बुंदेला ने 1613 में किया था मोहम्मद खान बंगश ने 1728 ने महाराजा छत्रसाल पर हमला किया पेशवा बाजीराव द्वारा उनकी जीत में मदद की गई समर्थन के लिए कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में छत्रसाल झांसी सहित अपने राज्य का एक हिस्सा पेशवा को दिया 1742 मैं नरोशंकर झांसी के सूबेदार बने अपने 15 वर्षों के शासन के दौरान उन्होंने झांसी के किले का विस्तार किया पेशवा ने 1957 में वापस बुलाया और माधव गोविंद और उनके बाद बाबूलाल कन्हाई झांसी के सूबेदार बने बाद में विश्वास राव लक्ष्मण ने 1766 से 1769 तक यह पद ग्रहण किया रघुनाथ राव दुतीय के बाद शिव राव रघुनाथ राव तृतीय के बाद बाल गंगाधर राव कोई पुत्र नहीं था इनका विवाह मणिकर्णिका से हुआ था जो रानी लक्ष्मी बाई के नाम से प्रसिद्ध उन्होंने दामोदर राव को गोद लिया था बाद में अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुई थी
शुक्रवार, 24 जून 2022
गुरुवार, 23 जून 2022
विश्व की आने वाली मंदी पर गिरजेश वशिष्ट की समीक्षा
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पति को कैसे बनाया जाए 'जोरू का गुलाम'?
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बुधवार, 22 जून 2022
दुनिया में आ सकती है मंदी का दौर
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शनिवार, 18 जून 2022
मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए देश का अग्रणी संस्थान है सीजीसी लांडरां
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इंजीनियरिंग की सबसे पुरानी शाखाओं में से एक है मैकेनिकल इंजीनियरिंग। आधुनिक समय में भी इसकी महत्ता बरकरार है, बल्कि समय के साथ इसकी डिमांड और बढ़ रही है। स्टीम इंजन के जमाने से लेकर आज की आधुनिक ऑटोमेशन-समर्थित मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की मांग कायम है और बढ़ रही है। यही वजह है कि इंजीनियरिंग फील्ड में जाने वाले छात्रों के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग एक पसंदीदा विषय रहा है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ संस्थान चुनने की बात आती है तो निर्विवाद रूप से चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज लांडरां सबसे अग्रणी है। सीजीसी लांडरा (पंजाब), न केवल स्टूडेंट्स को अभिनव आइडिया के साथ उद्योग और मार्केट की जरूरतों और डिमांड के अनुरूप तैयार करता है बल्कि दुनिया भर में प्रमुख मैकेनिकल इंजीनियरिंग कंपनियों में प्लेसमेंट के हिसाब से नवीनतम तकनीकी और व्यवहारिक अनुभव भी प्रदान करता है। इसकी वजह से स्टूडेंट्स मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी जनरेशन, ट्रांसपोर्टेशन, वेस्ट मैनेजमेंट, हेल्थ और एनवायरमेंट जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान देने में समर्थ होते हैं। सीजीसी लांडरां की यही विशेषताएं उसे देश के टॉप मैकेनिकल इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुमार करती हैं। sabhar https://www.bhaskar.com/career/news/cgc-landran-is-the-countrys-leading-institute-for-the-study-of-mechanical-engineering-129946954.htm
क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट करने वालों को अब हर रोज नया झटका लग रहा है
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क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट करने वालों को अब हर रोज नया झटका लग रहा है. वजह, कभी इन्वेस्टमेंट पर रिटर्न के मामले में बुलंदियों को छू रही मशहूर क्रिप्ट... https://www.aajtak.in/business/utility/story/cryptocurrency-investors-making-loss-bitcoin-down-20k-dollar-mark-ethereum-decline-too-tutk-1484140-2022-06-18
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साइंस आज हमें बहुत सी बातों को समझने और समस्याओं को सुलझाने में मदद करता है। लेकिन आज भी कई ऐसी बातें हैं, जिनके बारे में इसके पास कोई जव...



