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शनिवार, 29 मार्च 2014

मसाज के नाम पर परोसा जा रहा था सेक्स

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सेक्स रैकेट का खुलासा, छह लड़कियां गिरफ्तार

सेक्स रैकेट का खुलासा, छह लड़कियां गिरफ्तार

पुलिस ने मसाज पार्लर के नाम पर चल रहे एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड कर मसाज पार्लर की मालकिन सहित छह लड़कियों को गिरफ्तार किया है।

गुड़गांव के पॉश एरिया कहे जाने वाले सेक्टर-31 के मार्केट से पुलिस ने देर रात इस सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया। बॉडी मसाज सेंटर के नाम पर चल रहे ये लड़कियां जिस्मफरोशी का कारोबार करती थी।

इस मामले में सेक्टर-40 थाना पुलिस ने छह लड़कियों को पकड़ा। जिन्हें शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक शहर में ऐसे बॉडी मसाज सेंटर पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।


एलसीडी पर चल रही थी अश्लील फिल्म

एलसीडी पर चल रही थी अश्लील फिल्म


मसाज के नाम पर चल रहे इस काले धंधे का उजागर करने के लिए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जयप्रकाश सिंह ने सब-इंस्पेक्टर व हवलदार को ग्राहक बना कर भेजा।

रिसेप्शन पर बैठी लड़की ने दोनों से तीन हजार की रकम जमा कर दूसरे रूम में भेज दिया, जहां पर पांच युवती आपत्तिजनक हालत में बैठी मिली।

एलसीडी पर अश्लील फिल्म चल रही थी। ग्राहक बन गए पुलिस कर्मियों से युवतियों ने अश्लील हरकत शुरू की तो संकेत मिलते ही बाहर खड़ी महिला पुलिस कर्मी अंदर पहुंची और अश्लील हरकत करने वाली युवतियों को गिरफ्तार कर लिया।
दो से तीन हजार में होता था सौदा

दो से तीन हजार में होता था सौदा

मौके से पुलिस टीम ने अश्लील सीडी भी बरामद की। 22 से 26 साल की चार युवती काठमांडू नेपाल की मूल निवासी हैं।

वह इस समय दिल्ली के महिपालपुर में रह रही थी। एक युवती मूल रूप से शिमला व एक कोलकाता की रहने वाली है।

शिमला निवासी युवती पार्लर केयर टेकर थी, वह गुड़गांव के पटौदी रोड पर रह रही थी। पार्लर की दुकान द्वारका दिल्ली निवासी मंदीप ने किराए पर ली थी।

पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने कहा उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।

दिल्ली, नोएडा तथा फरीदाबाद तक फैला है नेटवर्क

दिल्ली, नोएडा तथा फरीदाबाद तक फैला है नेटवर्क

गिरफ्तार युवतियों ने कबूला कि उनके संपर्क दिल्ली व नोएडा तथा फरीदाबाद के भी कुछ कथित मसाज पार्लर से हैं, जहां वह कॉल आने पर जाती थी।

एक घंटे की कथित मसाज के वह तीन से चार हजार रुपए लेती थी। कई लोग तो उनसे सीधे संपर्क कर लेते थे

पुलिस आरोपियों के खुलासे के बाद पूरे नेटवर्क का खोजने में लगी है। पुलिस के अनुसार सभी लड़कियां पिछले तीन महीने से इस गोरखधंधे को अंजाम दे रही थी। sabhar :http://www.amarujala.com/



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विज्ञान की नजर में रुद्राक्ष की महिमा

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एक किंवदंती के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है। शिव का यही प्रिय रुद्राक्ष अब वैज्ञानिकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हो गया है और देश-विदेश में इस पर रूद्राक्ष पर शोध अनुसंधान जारी है।
रुद्राक्ष को नीला संगमरमर भी कहा जाता है। इसके वृक्ष भारत (पूर्वी हिमालय) के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, जकार्ता एवं जावा में भी पाए जाते हैं। वनस्पतिशास्त्र में इसे इलियोकार्पस गेनिट्रस कहते हैं। गोल, खुरदुरा, कठोर एवं लंबे समय तक खराब न होने वाला रुद्राक्ष एक बीज है। बीज पर धारियां पाई जाती हैं जिन्हें मुख कहा जाता है। पांचमुखी रुद्राक्ष बहुतायात से मिलता है जबकि एक व चौदह मुखी रुद्राक्ष दुर्लभ हैं।
प्राचीन ग्रंथों में इसे चमत्कारिक तथा दिव्यशक्ति स्वरूप बताया गया है। मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने से दिल की बीमारी, रक्तचाप एवं घबराहट आदि से मुक्ति मिलती है। रुद्राक्ष के बताए चमत्कारिक गुण वास्तविक हैं या नहीं यह जानने हेतु देश-विदेश मेंकई शोध कार्य किए गए एवं कई गुणों की पुष्टि भी हुई।
सेंट्रल काउंसिल ऑफ आयुर्वेदिक रिसर्च नई दिल्ली में 1966 में आयुर्वेदिक औषधि में प्रकाशित किया गया जिसमें रुद्राक्ष थैरेपी की चर्चा की गई थी। अस्सी के दशक में बनारस के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने डॉ. एस. राय के नेतृत्व में रुद्राक्ष पर अध्ययन कर इसके विद्युत चुंबकीय, अर्धचुंबकीय तथा औषधीय गुणों को सही पाया।
वैज्ञानिकों ने माना है कि इसकी औषधीय क्षमता विद्युत चुंबकीय प्रभाव से पैदा होती है। रुद्राक्ष के विद्युत चुंबकीय क्षेत्र एवं तेज गति की कंपन आवृत्ति स्पंदन से वैज्ञानिक भी आश्चर्य चकित हैं। इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा के वैज्ञानिक डॉ. डेविड ली ने अनुसंधान कर बताया कि रुद्राक्ष विद्युत ऊर्जा के आवेश को संचित करता है जिससे इसमें चुंबकीय गुण विकसित होताहै। इसे डाय इलेक्ट्रिक प्रापर्टी कहा गया। इसकी प्रकृति इलेक्ट्रोमैग्नेटिक व पैरामैग्नेटिक है एवं इसकी डायनामिक पोलेरिटी विशेषता अद्भुत है।
भारतीय वैज्ञानिक डॉ. एस.के. भट्टाचार्य ने 1975 में रुद्राक्ष के फार्माकोलॉजिकल गुणों का अध्ययन कर बताया कि कीमोफार्माकोलॉजिकल विशेषताओं के कारण यह हृदयरोग, रक्तचाप एवं कोलेस्ट्रॉल स्तर नियंत्रण में प्रभावशाली है। स्नायुतंत्र (नर्वस सिस्टम) पर भी यह प्रभाव डालता है एवं संभवत: न्यूरोट्रांसमीटर्स के प्रवाह को संतुलित करता है।
वैज्ञानिकों द्वारा इसका जैव-रासायनिक (बायो कैमिकल) विश्लेषण कर इसमें कोबाल्ट, जस्ता, निकल, लोहा, मैग्नीज़, फास्फोरस, एल्युमिनियम, कैल्शियम, सोडियम, पोटैशियम, सिलिका एवं गंधक तत्वों की उपस्थिति देखी गई। इन तत्वों की उपस्थिति से घनत्व बढ़ जाता है एवं इसी के फलस्वरूप पानीमें रखने पर यह डूब जाता है।
पानी में डूबने वाले रुद्राक्ष को असली माना जाता है, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि दो तांबों के सिक्कों के मध्यरखने पर यदि इसमें कंपन होता है, तो यह असली है। असल में इस कंपन का कारण विद्युत चुंबकीय गुण तथा डायनामिक पोलेरिटी हो सकता है। जैव वैज्ञानिकों ने रुद्राक्ष में जीवाणु (बैक्टीरिया), विषाणु (वायरस), फफूंद(फंगाई) प्रतिरोधी गुणों को पाया है। कुछ कैंसर प्रतिरोधी क्षमता का आकलन भी किया गया है।
चीन में हुए खोज कार्य दर्शाते हैं कि रुद्राक्ष यिन-यांग एनर्जी का संतुलन बनाए रखने में कारगर है। दुनियाभर के वैज्ञानिक रुद्राक्ष के इतने सारे गुणों को एक साथ देखकर आश्चर्यचकित हैं।
sabhar :http://naidunia.jagran.com/

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शुक्रवार, 28 मार्च 2014

जो जितना लम्बा उतना ही बुद्धिमान

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यूं तो आपकी बौद्धिक क्षमता कुछ तो आनुवांशिक और माता पिता द्वारा सहचर्य के दौरान की गई भावना से संबंधित होती है. लेकिन शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि लंबे लोगों के डीएनए और बुद्धिमत्ता का आपस में गहरा संबंध है.
मुख्य अध्ययनकर्ता रिकाडरे मारिओनी ने कहा कि हमने डीएनए आधारित आनुवांशिक समानताओं के माध्यम से लंबे लोगों की बुद्धिमता और ऊंचाई से जुड़े तथ्यों का अध्ययन किया. हमने पाया कि लोगों की शारीरिक लंबाई और बुद्धिमत्ता का आपस में संबंध है. जो लोग शारीरिक रूप से अधिक लंबे होते हैं, वे बुद्धिमान भी होते हैं.
इसका मतलब यह नहीं कि जिनकी लम्बाई कं होती है वह् बुद्धू होते हैं, लेकिन हां दोनों की तुलना की जाए तो, लंबे व्यक्ति का आईक्यू ठींगने व्यक्ति से अधिक पाया गया है.
शोधकर्ताओं ने बताया कि लंबाई और बुद्धिमता का संबंध मानव के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ भी है. वैसे आपकी लंबाई अगर औसत है, तो निराश न हों, क्योंकि शोधकर्ताओं के मुताबिक 70 प्रतिशत कम लंबाई वाले लोगों की बुद्धिमत्ता का स्तर आनुवांशिक कारणों से निर्धारित होता है.sabhar :http://www.palpalindia.com/

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इस महिला के लिए रोजाना 5 घंटे सेक्स जरुरी नहीं तो

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इस महिला के लिए रोजाना 5 घंटे सेक्स जरुरी नहीं तो...
इंग्‍लैंड की रहने वाली एक महिला नेसा जे ने दावा किया है कि वह अब तक 324 लोगों के साथ सेक्स कर चुकी हैं.
महिला ने कहा है कि सेक्स करना उसकी लत बन चुकी है और वह रोज पांच घंटे तक अगर सेक्स नहीं करे तो उसे चैन नहीं मिलता है.

24 वर्षीय नेसा जे का कहना है कि सेक्स उसकी आदत और जरूरत बन चुका है जिसके बिना उसे चैन नहीं मिलता है.

इंग्लैंड के तटीय शहर क्रोमर की नेसा इस आदत से छुटकारा पाने के लिए थेरेपी भी ले रही हैं.
उसका कहना है कि अगर मैं दिन में पांच बार सेक्‍स के जरिए चरम पर न पहुंचूं तो मेरी हथेलियों पर पसीना आने लगता है और मुझे गुस्‍सा आने लगता है.

इस दौरान मुझे खुद को संतुष्‍ट करने की जरूरत महसूस होने लगती है.

नेसा ने खुद को माइक्रो ब्‍लॉगिंग साइट ट्विटर पर सेक्‍स टॉयज़ का फिलॉसफर और बॉइंकोलॉजिस्‍ट (सेक्‍स पर लिखने वाला) बताया है.
नेसा कहीं भी तलाशती है सेक्‍स पार्टनर

नेसा के मुताबिक वह `किसी के साथ` भी सेक्‍स कर सकती हैं. वह सुपर मार्केट जाकर भी अपने लिए सेक्‍स पार्टनर तलाशती रहती हैं.

नेसा ने 16 साल की उम्र में अपनी वर्जिनिटी खो दी थी और तब से ही सेक्‍स के लिए उसकी प्‍यास बढ़ती चली गई. लेकिन अब वह अपना ज्यादातर समय सेक्‍स टॉयज रिव्‍यू करने में लगाती हैं.

नेसा के मुताबिक पहले एक महीने में करीब 30 पुरुषों के साथ हमबिस्‍तर हुआ करती थी, लेकिन अब एक ही पार्टनर है. उसका कहना है कि सेक्‍स का मजा लेने के लिए भावनात्‍मक होना भी जरूरी है. sabhar :http://www.samaylive.com/

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हीरोइनः पहले बुरी फिर बाद में हो गई सुंदर

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कुछ ज्यादा ही काली लगतीं थीं शिल्पा

कुछ ज्यादा ही काली लगतीं थीं शिल्पा


आज बॉलीवुड की स्टाइल आईकॉन कही जाने वाली शिल्पा शेट्ी एक बच्चे की मां बनने के बाद भी बेहद सुंदर नजर आती हैं। लोग उनकी सुंदरता की तारीफ करते नहीं थकते। लेकिन जब इन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा था इनको बुराई ही मिली थी।

शिल्पा पर्दे पर बेहद काली दिखती थीं तो उनकी नाक भी अजीब थी इसके अलावा वह अक्सर ही गुलाबी लिपिस्टक लगाती थीं जो उनकी पर्सनलिटी को जरा भी सूट नहीं करती थी। लेकिन बाद में शिल्पा ने अपने लुक पर काफी ध्यान दिया और योग के सहारे न सिर्फ अपनी फिटनेस बल्कि सुंदरता में भी चार चांद लगा डाले।
काजोल भी नहीं थीं हुस्न की मल्लिका

काजोल भी नहीं थीं हुस्न की मल्लिका

तनुजा की बेटी काजोल ने बेखुदी फिल्म से कैरियर शुरु किया फिल्म फ्लॉप रही तो काजोल को भी नकार दिया गया। लोगों को जरा भी नहीं लगा कि काजोल जैसी अजीब से चेहरे वाली लड़की में हीरोइन बनने के लिए कुछ खास चेहरा मोहरा है।

लेकिन इसके बाद न सिर्फ काजोल की एक्टिंग ने लोगों को दिल जीत लिया बल्कि अपनी काली गहरी आंखों का दीवाना कईयों को बना डाला।

करिश्मा दिखतीं थी बेहद अजीब

करिश्मा दिखतीं थी बेहद अजीब

करिश्मा कपूर ने मात्र 17 साल की उम्र में बॉलीवुड में कैरियर शुरु किया। 'प्रेम कैदी' में जिसने भी उनको देखा मानने को तैयार ही नहीं हुआ कि ये कपूर खानदान से ताल्लुक रखती है।

करिश्मा का चेहरा गोरा था और आंखे नीली पर उनका चेहरा देखने में बहुत ही अजीब सा लगता था। करिश्मा की भोंहे मिली हुई थीं और हेयर स्टाइल भी अजीब ही था। वो जरा भी सुंदर नहीं दिखती थीं। लेकिन बाद में करिश्मा ने अपना मेकओवर किया और फिर बॉलीवुड की सेक्सी बाला बन गई। करिश्मा ने एक के बाद एक कई हिट फिल्में भी दीं।
रेखा सबसे बड़ी मिसाल

रेखा सबसे बड़ी मिसाल

रेखा ने जब फिल्मी दुनिया में कदम रखा तो वह बेहद मोटी और थुलथुली थीं। उनके कोस्टार नवीन निश्चल ने तो एक बार उनके साथ काम तक करने को मना कर दिया था।

लेकिन फिर बाद में रेखा ने अपने शरीर पर इतनी मेहनत की फिर उनकी सुंदरता निखरती ही चली गई। आलम ये हुआ कि रेखा की आंखों की मस्ती के दीवाने लाखों बन गए।

sabhar :http://www.amarujala.com/



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देखिए, औरतें जो बन गईं हैंडसम मर्द

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10 Handsome Men Who Were Born Female



बक एंजेल- एडल्ट फिल्ममेकर

10 Handsome Men Who Were Born Female


लुकास सिल्वेरिया- गिरारिस्ट, सॉन्ग राइटर


10 Handsome Men Who Were Born Female

काटास्ट्रोफी - अमेरिकन हिपहॉप रैपर
10 Handsome Men Who Were Born Female


थॉमस बिटीः दुनिया का सबसे पॉपुलर प्रेगनेंट पुरुष

10 Handsome Men Who Were Born Female

चैज़ बोनो- टीवी पर्सनेलिटी
चैज़ बोनो- टीवी पर्सनेलिटी


काटास्ट्रोफी10 Handsome Men Who Were Born Female


रियान सैलांस- वकील


10 Handsome Men Who Were Born Female



एंड्रीयास क्रिगर- जर्मन शॉट पुटर


रियान सैलांस- वकी10 Handsome Men Who Were Born Female


बा‌लियन बसचबॉम-जर्मन पॉल डांसर

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 - अमेरिकन हिपहॉप रैपर

काटास्ट्रोफी - अमेरिकन हिपहॉप रैपर
लुकास सिल्वेरिया- गिरारिस्ट, सॉन्ग राइटर

बक एंजेल- एडल्टबक एंजेल- एडल्ट फिल्ममेकर फिल्ममेकर

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46 की उम्र में भी लोगों को उत्तेजित कर देती है ये हसीना

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Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine

Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine

46 वर्षीय कनाडियन, अमेरिकन एक्ट्रेस पामेला एंडरसन ने हाल ही में एक फ्रेंच मैग्जीन के लिए न्यूड फोटोशूट करवाया है। फोटोः डेली मेल


46 साल की उम्र में भी पामेला बेहद हॉट लग रही हैं।

Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine

25 साल पहले पामेला ने प्लेब्वॉय मैग्जीन के कवर पेज के लिए न्यूड फोटोशूट करवाया था।


Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine

पामेला को देखकर ऐसा लग रहा है कि बढ़ती उम्र के साथ वे ज्यादा खूबसूरत होती जा रही हैं



Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine

इस पूरे फोटोशूट में पामेला ने सिर्फ एक फर से अपने आपको ढक रखा है।


Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine


कहीं-कहीं तो पामेला के ब्रेस्ट बिल्कुल साफ नजर आ रहे हैं।

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25 सालकहीं-कहीं तो पामेला के ब्रेस्ट बिल्कुल साफ नजर आ रहे हैं। पहले पामेलापामेला को देखकर ऐसा लग रहा है कि बढ़ती उम्र के साथ वे ज्यादा खूबसूरत होती जा रही हैं ने प्लेब्वॉय मैग्जीन के कवर पेज के लिए न्यूड फोटोशूट करवाया था।
फोटोः डेली मेल46 साल की उम्र में भी पामेला बेहद हॉट लग रही हैं।
फोटोः डेली मेल
फोफोटोः डेली मेलटोः डेली मेल


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गुरुवार, 27 मार्च 2014

फेसबुक 120 अरब रुपए में वर्चुअल रियलिटी गॉगल बनाने वाली कंपनी खरीदेगी

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वर्चुअल रियलिटी गॉगल बनाने वाली कंपनी खरीदेगी फेसबुक, 120 अरब रुपए में सौदा


वाशिंगटन। फेसबुक इंक गेम्स के लिए वर्चुअल रिएलिटी गॉगल बनाने वाली दो साल पुरानी ओक्युलस वीआर इंक को खरीदेगा। यह सौदा दो अरब डॉलर (करीब 120 अरब रुपए) में तय हुआ है। वेयरेबल डिवाइस के तेज़ी से बढ़ते बाजार में यह अपने तरह का पहला सौदा होगा।

मैसेजिंग सर्विस वॉट्सऐप की डील के बाद ये फेसबुक की ओर से दूसरा बड़ा अधिग्रहण होगा। टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में अगले पारी की उम्मीद के साथ फेसबुक ने एक बड़ी बोली लगाई है। वो भी उस वक्त में जब यूजर्स बहुत तेज़ी से पीसी छोड़ स्मार्टफोन का दामन थाम रहे हैं।

इंडस्ट्री के बहुत से जानकारों का मानना है कि वेयरेबल डिवाइस तकनीक दुनिया में अगले बदलाव का प्रतिनिधित्व कर सकती है। इसी तरह गूगल इंक ने भी गूगल ग्लास का परीक्षण किया है। पिछले हफ्ते गूगल ने हाथों में लगाने वाली कम्प्यूटराइज्ड घड़ी बनाने के प्रयास भी शुरू किए हैं।

वर्चुअल रियलिटी गॉगल बनाने वाली कंपनी खरीदेगी फेसबुक, 120 अरब रुपए में सौदा


इस सौदे को लेकर फेसबुक की ओर से कहा गया कि ये तकनीक सोशल और कम्युनिकेशन क्षेत्र में एक बदलाव ला सकती है। फेसबुक के संस्थापक और चीफ एक्जीक्यूटिव मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि मोबाइल आज के वक्त की मांग है और अब हम अगले दौर के लिए एक नए मंच की तलाश कर रहे हैं। ओक्युलस इस दिशा में एक कोशिश है, ताकि गेम्स और कम्युनिकेशन के साथ ही काम करने के तरीके में बदलाव लाया जा सके। 
 
उन्होंने कहा कि गेम्स के अलावा हम ओक्युलस के जरिए लोगों को और भी तरह के अनुभवों के लिए प्लेटफॉर्म देने की तैयारी कर रहे हैं। अपने घर में सिर्फ इस वर्चुअल रिएलिटी गॉगल को लगाकर गेम्स के जरिए यूजर्स तमाम तरह के अनुभव ले सकेंगे।
 
डील के तहत फेसबुक ओक्युलस को 4000 लाख डॉलर (करीब 24 अरब रुपए) नगद देगा और उसके दो करोड़ 31 लाख शेयर्स फेसबुक के सामान्य शेयर में शामिल होंगे। 

sabhar ; bhaskar.com

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विकलांगों और बुजुर्गों को बेहतर जिंदगी देगा जापानी रोबोट सूट

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PIX: विकलांगों और बुजुर्गों को बेहतर जिंदगी देगा जापानी रोबोट सूट


टोक्यो. हादसे में हाथ-पैर गंवा देने वाले या जन्मजात विकलांगता का दंश झेलने वाले लोगों की जिंदगी को आसान बनाने के लिए टोक्यो में रोबोट सूट, हाईब्रिड असिस्टिव लिंब (एचएएल) का बुधवार को यूनिवर्सिटी ऑफ तुषुकुबा के प्रोफेसर और जैपनीज रोबोट वेंचर साइबरडाइन के प्रेसीडेंट युसुकी शंकाई ने डिस्प्ले किया। 
 
इसलिए खास है ये
 
खास तौर पर डिजाइन किया गया ये सूट उपयोग करने वाले की गति को नियंत्रित करने में सक्षम है। चल पाने में अक्षम बुजुर्गों के लिए भी यह कारगर रहेगा। हालांकि पूरे शरीर के लिए सूट तैयार करने में अभी और काम होना बाकी है। 
 
ये भी जानें : हाईब्रिड असिस्टिव लिंब बनाने में साइबरडाइन और तुशुकुबा विश्वविद्यालय संयुक्तरूप से काम कर रहे हैं। इस तरह के अंगों के परीक्षण का दौर 2015 तक चलेगा

PIX: विकलांगों और बुजुर्गों को बेहतर जिंदगी देगा जापानी रोबोट सूट


PIX: विकलांगों और बुजुर्गों को बेहतर जिंदगी देगा जापानी रोबोट सूट


PIX: विकलांगों और बुजुर्गों को बेहतर जिंदगी देगा जापानी रोबोट सूट


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बुधवार, 26 मार्च 2014

अब घर-घर नहीं फुदकती नन्हीं गौरैया

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अब घर-घर नहीं फुदकती नन्हीं गौरैया


लखनऊ: एक-दो दशक पहले लोगों के घर-आंगन में फुदकने वाली गौरैया आज विलुप्ति के कगार पर है। भारत में गौरैया की संख्या घटती ही जा रही है। इस नन्हें से परिंदे को बचाने के लिए प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

पर्यावरण संरक्षण में गौरैया के महत्व व भूमिका के प्रति लोगों का ध्यान आकृष्ट करने तथा इस पक्षी के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता उत्पन्न करने के इरादे से यह आयोजन किया जाता है। यह दिवस पहली बार वर्ष 2010 में मनाया गया था। वैसे देखा जाए तो इस नन्ही गौरैया के विलुप्त होने का कारण मानव ही हैं। हमने तरक्की तो बहुत की लेकिन इस नन्हें पक्षी की तरक्की की तरफ कभी ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि जो दिवस हमें खुशी के रूप में मनाना चाहिए था, वो हम आज इसलिए मनाते हैं कि इनका अस्तित्व बचा रहे।

वक्त के साथ जमाना बदला और छप्पर के स्थान पर सीमेंट की छत आ गई। आवासों की बनावट ऐसी कि गौरैया के लिए घोंसला बनाना मुश्किल हो गया। एयरकंडीशनरों ने रोशनदान तो क्या खिड़कियां तक बन्द करवा दीं। गौरैया ग्रामीण परिवेश का प्रमुख पक्षी है, किन्तु गांवों में फसलों को कीटों से बचाने के लिए कीटनाशकों के प्रयोग के कारण गांवों में गौरैया की संख्या में कमी हो रही है।

पहले घर-घर दिखने वाली इस गौरैया के संरक्षण अभियान में अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी जुड़ गए हैं। उन्होंने राज्य की जनता से गौरैया को लुप्त होने से बचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की है।

उन्होंने गौरैया के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु वन विभाग से प्रदेश स्तर पर अभियान चलाने के लिए कहा है। प्रकृति ने सभी वनस्पतियों और प्राणियों के लिए विशिष्ट भूमिका निर्धारित की है। इसलिए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि पेड़-पौधों और जीव-जन्तुओं को पूरा संरक्षण प्रदान किया जाए।

गौरैया के संरक्षण में इंसानों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। आवास की छत, बरामदे अथवा किसी खुले स्थान पर बाजरा या टूटे चावल डालने व उथले पात्र में जल रखने पर गौरैया को भोजन व पीने का जल मिलने के साथ-साथ स्नान हेतु जल भी उपलब्ध हो जाता है। बाजार से नेस्ट हाउस खरीद कर लटकाने अथवा आवास में बरामदे में एक कोने में जूते के डिब्बे के बीच लगभग चार सेंटीमीटर व्यास का छेद कर लटकाने पर गौरैया इनमें अपना घोंसला बना लेती है। सिर्फ एक दिन नहीं हमें हर दिन जतन करना होगा गौरैया को बचाने के लिए।

गौरैया महज एक पक्षी नहीं है, ये हमारे जीवन का अभिन्न अंग भी रहा है। बस इनके लिए हमें थोड़ी मेहनत रोज करनी होगी। छत पर किसी खुली छावदार जगह पर कटोरी या किसी मिट्टी के बर्तन में इनके लिए चावल और पीने के लिए साफ बर्तन में पानी रखना होगा। फिर देखिये रूठा दोस्त कैसे वापस आता है। (एजेंसी) sabhar :http://zeenews.india.com/

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दुनिया का पहला पोर्नोग्राफिक जर्नल लॉन्च, मुफ्त में होगा उपलब्ध

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दुनिया का पहला पोर्नोग्राफिक जर्नल लॉन्च, मुफ्त में होगा उपलब्ध

लंदन। पोर्नग्राफी कल्चर या सेक्शुअल फैंटेसी को समझने के इच्छुक लोगों के लिए दुनिया का पहला पोर्न जर्नल लॉन्च किया गया है। लंदन स्थित रॉटलेज प्रकाशन द्वारा लॉन्च किए गए इस जर्नल का नाम 'पोर्न स्टडीज' है। 
 
रॉटलेज के मुताबिक, यह दुनिया का पहला पोर्न जर्नल इश्यू है, जो आपको पोर्नोग्राफिक कल्चर और इससे जुड़ी सामग्री उपलब्ध करवाएगा। 
 
जर्नल के संपादक के मुताबिक, पोर्नोग्राफी की पढ़ाई अभी तक शुरुआती दौर में है। इस जर्नल में पोर्नोग्राफी के इतिहास और वर्तमान के अलावा दुनियाभर में उनकी विविधता से जुड़ी जानकारी होगी।  
 
'पोर्न स्टडीज' के पहले इश्यू में दो मुख्य पेपर हैं, जो 'साइकोलॉजी और पोर्नोग्राफी: एक झलक' और 'गोंजो, ट्रैनी, एंड टीन्स - अमेरिकी एडल्ट कंटेंट प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन और कंसंप्शन' हैं। 
 
एकैडमिक बुक्स, जर्नल्स और ऑनलाइन रिसोर्स प्रकाशित करने वाले रॉटलेज प्रकाशन के मुताबिक, 'पोर्न स्टडीज' में निश्चित समयावधि तक सभी के लिए मुफ्त उपलब्ध है। 

दुनिया का पहला पोर्नोग्राफिक जर्नल लॉन्च, मुफ्त में होगा उपलब्ध

प्रकाशित करने का कारण
'पोर्न स्टडीज' के एडिटर फियोना एटवुड और क्लैरिसा स्मिथ हैं। जर्नल के इंट्रोडक्शन में उन्होंने बताया कि इसे प्रकाशित करने के पीछे कई कारण हैं। इसमें बताया गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर पोर्नोग्राफी के बारे में होने वाली चर्चा और पिछले कुछ सालों में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पोर्न का बढ़ता इस्तेमाल, 'पोर्न स्टडीज' को प्रकाशित करने का मुख्य कारण है sabhar :http://www.bhaskar.com/


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