बुधवार, 9 अक्टूबर 2013
धरती के केंद्र में है यह चमत्कारी मंदिर, जानिए 10 रहस्यमयी बातें!
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वाराणसी/मिर्जापुर. विंध्य पर्वत पर विराजमान आदि शक्ति माता विंध्यवासिनी की महिमा अपरम्पार है। भक्तों के कल्याण के लिए सिद्धपीठ विंध्याचल में सशरीर निवास करने वाली माता विंध्यवासिनी का धाम मणिद्वीप के नाम से विख्यात है। यहां आदि शक्ति माता विंध्यवासिनी अपने पूरे शरीर के साथ विराजमान हैं जबकि देश के अन्य शक्तिपीठों में सती के शरीर का एक-एक अंग गिरा है।
ऋषियों मुनियों के लिए सिद्धपीठ आदिकाल से सिद्धि पाने के लिए तपस्थली रहा है। संसार का एक मात्र ऐसा स्थल है जहां मां सत, रज, तम गुणों से युक्त महाकाली, महालक्ष्मी, और अष्टभुजा तीनों रूप में एक साथ विराजती हैं। मंदिर के तीर्थ पुरोहित कमला शंकर मिश्र ने बताया मां के इस दरबार से जुड़ी कई अनसुनी बाते हैं जो मां कि महिमा को बताती हैं।
1- सिद्धपीठ विंध्याचल आदिकाल से ऋषि मुनियों का साधना स्थल रहा है। पृथ्वी के केंद्र बिंदु पर विराजमान आदि शक्ति के धाम में देव दानव व मानवों ने तपस्या कर सिद्धि प्राप्त की है। देवासुर संग्राम के दौरान त्रिदेवों ने तप कर देवी से वरदान प्राप्त किया था। आज भी देवी के गर्भ गृह से निकलने वाले जल से भरे कुण्ड में ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश तपस्या कर रहे हैं।
2- भगवान सूर्य की परिक्रमा को रोकने वाले विंध्य पर्वत की हजारों किलोमीटर की विशाल श्रृंखला में विंध्य पर्वत एवं पतित पावनी गंगा का संगम इस क्षेत्र में होता है।
3- वास्तुशास्त्र के अनुसार ईशान कोण धर्म का स्थान है। धरा के मध्य एवं विंध्य पर्वत के ईशान कोण पर आदि शक्ति लक्ष्मी स्वरुपा माता विंध्यवासिनी स्वर्ण कमल पर विराजमान होकर भक्तों का कल्याण कर रही है।
4- धरा के मध्य केंद्र बिन्दु पर विराजमान माता विंध्यवासिनी के धाम से ही भारतीय मानक समय का निर्धारण होता है। माता विंध्यवासिनी को बिन्दुवासिनी भी कहा जाता है।
5- धरती के अन्य स्थानों पर शिव प्रिय सती का एक-एक अंग जहां गिरा वह शक्तिपीठ कहा जाता है। जबकि विंध्य धाम में आदि शक्ति सम्पूर्ण अंगो के साथ विराजमान हैं, इसलिए विंध्य धाम को सिद्धपीठ कहा गया है।
6- शक्ति संतुलन करने वाली विंध्यवासिनी देवी के स्वर्ण पताका पर प्रकाश बिखेरने वाले भगवान सूर्य एवं शीतलता प्रदान करने वाले भगवन चन्द्रदेव एक साथ विराजमान हैं।
7- विंध्य क्षेत्र में आदि शक्ति सत, रज, तम गुणों से युक्त महाकाली (कालीखोह), महालक्ष्मी (विंध्यवासिनी), महासरस्वती (अष्टभुजा) तीनों रूप में विराजमान हैं। आदि शक्ति को घंटे की ध्वनि अति प्रिय है। इसलिये यह तंत्र साधना का अद्भुत पीठ हैं। भक्तों के कल्याण के लिए मां चार रूपों में चारो दिशाओं में मुंह करके माता विंध्यवासिनी, माता काली, माता अष्टभुजा व मां तारा के रूप में विराजमान हैं।
8- आदि शक्ति माता विंध्यवासिनी के हजारवें अंश से माता अष्टभुजा का अवतरण हुआ। मार्कंडेय पुराण में देवताओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए देवी ने कहा है कि "नंदगोप गृहे जाता यशोदा गर्भ संभवा, ततस्तौ नाशयिश्यामी विन्ध्याचल निवासिनी" कंस के विनाश को माता का अवतरण हुआ है। sabhar : bhaskar.com
अब रोबोट ब्वॉय करेगा आपके काम
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अक्टूबर 09, 2013 in अब रोबोट ब्वॉय करेगा आपके काम

लंदन। वह दिन दूर नहीं जब बुजुर्ग और बीमार लोगों को अपने कामों के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। वैज्ञानिक एक ऐसा रोबोट बनाने में जुटे हैं जो इंसान के रोजमर्रा के कामों में मदद कर सकेगा। इस रोबोट में कृत्रिम मांसपेशियां लगाई जाएंगी ताकि वह आसानी से चल फिर सके।
यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख के आर्टिफिशल इंटेलीजेंस लैब के इंजीनियरों के मुताबिक 1.2 मीटर लंबा यह रोबोट बच्चे की तरह दिखेगा। इसे रोबाय नाम दिया है। रोबोट में लगाई जाने वाली कृत्रिम शिराओं को नौ महीने में तैयार कर लिया जाएगा। रोबोट के हाथों को बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है। इसकीत्वचा को नरम रखा जाएगा ताकि छूने में सहज महसूस हो। इसका अनावरण मार्च में ज्यूरिख में रोबोट ऑन टूर नामक कार्यक्रम में किया जाएगा।
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि रोबाय सर्विस रोबोट का ब्यू प्रिंट बनेगा। सर्विस रोबोट वह मशीन होती हैं जो कुछ हद तक मनुष्य के कामों को स्वतंत्रतापूर्वक करने में सक्षम होती हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि सर्विस रोबोट लोगों के साथ रहने की जगह को साझा करते हैं इसलिए इनका पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। sabhar : jagaran.com
अजूबा है दो सिर वाला कछुआ
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अक्टूबर 09, 2013 in अजूबा है दो सिर वाला कछुआ
दुनिया में हर जीव की लगभग एक सी बनावट होती है। पर वही बनावट जब अलग हो जाती है तो वह वाकई में अजूबा होता है। पूरी दुनिया में इंसान से लेकर जानवर तक हर किसी का एक ही सर होता है और चार पांव जिसे हम इंसानों ने अपनी बुद्धि से दो पांव और दो हाथ बना लिए। पर सिर तो फिर भी जनाब हर किसी का एक ही होता है। अब अगर एक सिर की जगह दो सिर वाला इंसान तो छोड़ दीजिए, कोई भी जानवर, पक्षी भी आप देखेंगे तो अजूबा ही कहेंगे। पर कई बार ऐसे अजूबे प्यारे भी होते हैं।
अमेरिक के टेक्सास में प्रकृति का एक ऐसा ही अजूबा आजकल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। टेक्सास के सान एंटोनियो चिडि़याघर में 25 जून को एक दो सिर वाला कछुआ पैदा हुआ है। यह छोटा सा, प्यारा दो सिर वाला कछुआ अजूबा सा दिखने के साथ ही हर किसी को लुभा रहा है। लोग इसे देखने के लिए सान एंटोनियो चिडि़याघर आ रहे हैं। चिडि़याघर के कर्मचारियों ने इसका नाम थेल्मा और लुईस रखा है। अन्य कछुओं की तरह यह भी पानी और जमीन पर एक सा रह सकता है, चल सकता है और तैर भी सकता है। विशेषज्ञों ने इसे पूरी तरह स्वस्थ बताया है।sabhar : jagaran.com
राजस्थान में दो सिर वाला बच्चा
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अक्टूबर 09, 2013 in राजस्थान में दो सिर वाला बच्चा

विज्ञान की दुनिया में हम हर चीज के वैज्ञानिक कारण ढूंढ़ते हैं पर कभी-कभी कुछ ऐसा घटता है जिसका वैज्ञानिक कारण ढूंढ़ना मुश्किल हो जाता है। प्रकृति में लगभग हर जीव की एक निश्चित संरचना है। जानवरों के चार पैर ही होते हैं, इंसानों के दो ही हाथ और दो पैर। पर जानवर हो या इंसान हर किसी का एक ही सिर होगा। फिर भी कभी-कभी प्रकृति के कुछ अजूबे दिख ही जाते हैं। हालांकि वह अजूबा न होकर आम जीवन में एक त्रासदी बन जाता है। राजस्थान के जयपुर में इसी तरह का एक अजूबा बच्चा पैदा हुआ है। हाथ पैरों के साथ ही इसके दो सिर हैं। राजस्थान के टोंक जिले में 24 जुलाई को इस बच्चे का जन्म हुआ है।
डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे के दो सिर होने के साथ ही रीढ़ की हड्डियां, तंत्रिका तंत्र भी दो हैं। डॉक्टरों के मुतबिक विज्ञान की दुनिया में भी ऐसे मामले अजूबे ही होते हैं जो बहुत कम, शायद ही कभी देखने को मिलते हैं। इस स्थिति को डॉक्टरी भाषा में डाइसेफैलिक पैरापैगस कहते हैं। पूरे विश्व में 500 सालों में अब तक मात्र 600 ऐसे बच्चे पैदा हुए हैं। भारत में यह दूसरा बच्चा है। इससे पहले ऐसा ही दो सिर वाला बच्चा जबलपुर में पैदा हुआ था पर जन्म के कुछ दिनों बाद ही उसकी मौत हो गई थी। ऐसे बच्चों को बचाना मुश्किल होता है पर डॉक्टर अभी बच्चे को अपनी देखरेख में रखे हुए हैं।n sabhar : jagaran.com
मंगलवार, 8 अक्टूबर 2013
दाढ़ी या खाने की प्लेट
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अक्टूबर 08, 2013 in दाढ़ी या खाने की प्लेट

शौक एक बड़ी चीज है। सजना भी शौक का एक हिस्सा है। औरतों के अपने शौक हैं आदमियों के अपने। पर आदमियों के शौक भी बड़े अजीब हैं। किसी को लंबी मूंछों का शौक है तो किसी को लंबी दाढ़ी का। कोई लड़कियों की तरह लंबे बाल रखता है तो कोई अपनी दाढ़ी से ट्रक-ट्रैक्टर ही खींच लेता है। सब शौक की बात है। पर कोई अपनी दाढ़ी के साथ कितने स्टाइल आजमा सकता है आप सोच भी नहीं सकते। जनाब सिर्फ शौक नहीं, दिमाग की भी बात है। इन जनाब को देखिए जिन्होंने दाढ़ी-मूंछों में ही अपना पूरा डाइनिंग टेबल और कप-प्लेट बना रखा है।
इनका नाम है यशायाह वेब। इन्हें दाढ़ी रखने का बड़ा शौक है। पर इनकी दाढ़ी देखकर आप हैरान रह जाएंगे और आम आदमियों की तरह इनकी दाढ़ी देख आप नजर भी नहीं फेर पाएंगे। लड़के-लड़कियों को दोनों को ही आज स्टाइलिश्ड बाल रखने का बड़ा शौक है पर ये जनाब इन सबसे अलग हैं। इन्हें अपने दाढ़ी को स्टाइलिश बनाने का शौक है। इनके इसी शौक का नतीजा है कि आज इनकी दाढ़ी हर किसी के आकर्षण का केंद्र है। पर ऐसा किया क्या इन्होंने कि इनकी दाढ़ी इतनी चर्चा में है? दरअसल यशायाह वेब ने अपनी दाढ़ी को कुछ इस प्रकार बनाया है कि वे इसमें खाने की कोई भी चीज रख सकते हैं। अब वो नूडल हो या कोल्ड ड्रिंक की केन या बॉटल या पिज्जा-बर्गर वेब की दाढ़ी में सब कुछ समा सकता है। अपने पसंदीदा खाने के सामान को हमेशा अपनी दाढ़ी में रखकर वे चल सकते हैं और लोगों के लिए ये आकर्षण का केंद्र है।
यशायाह वेब को स्टाइलिश्ड दाढ़ी रखने का क्रेज है और इसमें उनकी मदद करती हैं उनकी पत्नी एंजेला। चित्र में यशायाह की एक भंगिमा आप भी देख सकते हैं। शायद इसे देखकर आप कह उठें कि कंजूसी की हद है.अब लोग दाढ़ी को ही प्लेट बना लेते हैं। लेकिन यह कंजूसी नहीं जनाब शौक की बात है! आप भी कोई अजूबा शौक पालिए और चर्चा में छा जाइए। sabhar : jagaran.com
मां व मौसी ने ही कराया गैंगरेप
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अक्टूबर 08, 2013 in मां व मौसी ने ही कराया गैंगरेप

पानीपत, उपमुख्य संवाददाता। मां और मौसी ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला एक नवविवाहिता को पांच दरिंदों के हवाले कर दिया। जींद में सामूहिक दुष्कर्म के दो दिन बाद पीड़िता को होश आया तो फोन पर मामले की जानकारी उसने पति को दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मां, मौसी सहित सात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पढ़ें: पहले दोस्ती फिर शादी का झांसा देकर युवती से रेप
मामले के मुताबिक जींद की भटनागर कालोनी निवासी 25 वर्षीय सुष्मिता (परिवर्तित नाम) की शादी चार माह पूर्व पानीपत की बंसी कालोनी में हुई। उसकी यह दूसरी शादी है। 3 अक्टूबर की शाम वह सब्जी लेने आठ मरला चौक पर गई थी। इस दौरान मौसी ने फोन कर पूछा कि कहां हो? बताने पर कुछ देर बाद मौसी और मां कार लेकर चौक पर पहुंचीं और उसे अपने साथ जींद ले गई। सुष्मिता के मुताबिक मौसी ने उसे पीने को कोल्ड ड्रिंक दी। इससे उस पर बेहोशी छाने लगी। इसका फायदा उठाकर मौसी के घर में पांच लोगों ने उससे दुष्कर्म किया। 5 अक्टूबर को होश आने पर वह वहां से निकली और अपने पति को फोन किया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को की गई।
मंगलवार को आठ मरला चौकी प्रभारी कृष्ण कुमार महिला पुलिस के साथ पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल लाए। मॉडल टाउन थाने में पीड़िता की मां और मौसी पर साजिश रचने व नशीला पदार्थ पिलाने तथा पांच आरोपियों जींद के रणबीर, सुरेंद्र, सुरेश, जय भगवान और गजे सिंह पर दुष्कर्म व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
कई बार धकेला देह व्यापार में
सुष्मिता का आरोप है कि उसकी मां और मौसी पहले से ही देह व्यापार में लिप्त हैं। शादी से पहले भी मां ने उससे कई बार देह व्यापार कराया। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए उसकी मां जींद में ही रहने वाली बहन के पास रहती है। उसने कहा कि आरोपियों ने राज जाहिर करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
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पानीपत, उपमुख्य संवाददाता। मां और मौसी ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला एक नवविवाहिता को पांच दरिंदों के हवाले कर दिया। जींद में सामूहिक दुष्कर्म के दो दिन बाद पीड़िता को होश आया तो फोन पर मामले की जानकारी उसने पति को दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मां, मौसी सहित सात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पढ़ें: पहले दोस्ती फिर शादी का झांसा देकर युवती से रेप
मामले के मुताबिक जींद की भटनागर कालोनी निवासी 25 वर्षीय सुष्मिता (परिवर्तित नाम) की शादी चार माह पूर्व पानीपत की बंसी कालोनी में हुई। उसकी यह दूसरी शादी है। 3 अक्टूबर की शाम वह सब्जी लेने आठ मरला चौक पर गई थी। इस दौरान मौसी ने फोन कर पूछा कि कहां हो? बताने पर कुछ देर बाद मौसी और मां कार लेकर चौक पर पहुंचीं और उसे अपने साथ जींद ले गई। सुष्मिता के मुताबिक मौसी ने उसे पीने को कोल्ड ड्रिंक दी। इससे उस पर बेहोशी छाने लगी। इसका फायदा उठाकर मौसी के घर में पांच लोगों ने उससे दुष्कर्म किया। 5 अक्टूबर को होश आने पर वह वहां से निकली और अपने पति को फोन किया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को की गई।
मंगलवार को आठ मरला चौकी प्रभारी कृष्ण कुमार महिला पुलिस के साथ पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल लाए। मॉडल टाउन थाने में पीड़िता की मां और मौसी पर साजिश रचने व नशीला पदार्थ पिलाने तथा पांच आरोपियों जींद के रणबीर, सुरेंद्र, सुरेश, जय भगवान और गजे सिंह पर दुष्कर्म व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
कई बार धकेला देह व्यापार में
सुष्मिता का आरोप है कि उसकी मां और मौसी पहले से ही देह व्यापार में लिप्त हैं। शादी से पहले भी मां ने उससे कई बार देह व्यापार कराया। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए उसकी मां जींद में ही रहने वाली बहन के पास रहती है। उसने कहा कि आरोपियों ने राज जाहिर करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
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अमेरिका में टीचर ने कराया था न्यूड फोटोशूट, क्लास में बच्चे देख रहे हैं वीडियो
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अक्टूबर 08, 2013 in अमेरिका में टीचर ने कराया था न्यूड फोटोशूट

अमेरिका में एक हाई स्कूल स्पैनिश टीचर को उस समय शर्मिदगी उठानी पड़ी, जब उसका अतीत ही उसके सामने आ खड़ा हुआ। टेक्सास के डालास में टाउन व्यू मैग्नेट हाई स्कूल की स्पैनिश भाषा की 21 वर्षीय टीचर क्रिस्टी निकोल डिवासी ने तीन साल पहले प्ले ब्वॉय के मैगजीन के लिए न्यूड पोज दिए थे। उस समय वह मात्र 18 साल की थी, लेकिन अब तीन साल बाद उनका भेद खुल गया है। बच्चों के मां-बाप ने स्कूल से गुस्सा जाहिर करते हुए क्रिस्टी को निकाल देने का अल्टीमेटम दिया है।
क्रिस्टी ने सेक्सी पोज वाली तस्वीरें और वीडियो इन दिनों स्कूल के सभी छात्रों के बीच मशहूर हो रहे हैं। इसमें उनके सामने बिना कपड़े वाले पोज, विंटर बनी गीयर और लांजिरी पहने हुई तस्वीरें और लेस्बियन सेक्सी सीन ऑनलाइन मौजूद हैं। एक सेक्स वीडियो में क्रिस्टी से उसकी हॉबीज के बारे में पूछा जाता है तो वह बताती है हंटिंग और शूटिंग। आगे बताती है कि उसने पिछले साल की एक बतख को मारा है। फिर वह कहती है कि स्पेनिश पढ़ रही है। आगे वह स्पेनिश टीचर बनना चाहेगी।
एक मां-बाप का कहना है कि क्रिस्टी का प्लेब्वॉय में न्यूड फोटोशूट करना और फिर टीचर बन जाना उसके अतीत से छुटकारा नहीं दिला सकता है। यह हमारे बच्चों पर गलत प्रभाव डालेगा। वहीं, दूसरे मां-बाप ने कहा कि उनके 16-17 साल के बेटे अपनी टीचर के न्यूड फोटो देख रहे हैं। इस मामले पर डालास स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है। उन्होंने इसे निजी मामला करार दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब यह फोटोशूट किया गया था, तब वह स्कूल में टीचर नहीं थी।



sabhar : bhaskar.com
अमेरिका में एक हाई स्कूल स्पैनिश टीचर को उस समय शर्मिदगी उठानी पड़ी, जब उसका अतीत ही उसके सामने आ खड़ा हुआ। टेक्सास के डालास में टाउन व्यू मैग्नेट हाई स्कूल की स्पैनिश भाषा की 21 वर्षीय टीचर क्रिस्टी निकोल डिवासी ने तीन साल पहले प्ले ब्वॉय के मैगजीन के लिए न्यूड पोज दिए थे। उस समय वह मात्र 18 साल की थी, लेकिन अब तीन साल बाद उनका भेद खुल गया है। बच्चों के मां-बाप ने स्कूल से गुस्सा जाहिर करते हुए क्रिस्टी को निकाल देने का अल्टीमेटम दिया है।
क्रिस्टी ने सेक्सी पोज वाली तस्वीरें और वीडियो इन दिनों स्कूल के सभी छात्रों के बीच मशहूर हो रहे हैं। इसमें उनके सामने बिना कपड़े वाले पोज, विंटर बनी गीयर और लांजिरी पहने हुई तस्वीरें और लेस्बियन सेक्सी सीन ऑनलाइन मौजूद हैं। एक सेक्स वीडियो में क्रिस्टी से उसकी हॉबीज के बारे में पूछा जाता है तो वह बताती है हंटिंग और शूटिंग। आगे बताती है कि उसने पिछले साल की एक बतख को मारा है। फिर वह कहती है कि स्पेनिश पढ़ रही है। आगे वह स्पेनिश टीचर बनना चाहेगी।
एक मां-बाप का कहना है कि क्रिस्टी का प्लेब्वॉय में न्यूड फोटोशूट करना और फिर टीचर बन जाना उसके अतीत से छुटकारा नहीं दिला सकता है। यह हमारे बच्चों पर गलत प्रभाव डालेगा। वहीं, दूसरे मां-बाप ने कहा कि उनके 16-17 साल के बेटे अपनी टीचर के न्यूड फोटो देख रहे हैं। इस मामले पर डालास स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है। उन्होंने इसे निजी मामला करार दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब यह फोटोशूट किया गया था, तब वह स्कूल में टीचर नहीं थी।
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दो अमेरिकी और एक जर्मन वैज्ञानिक को मिला चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल
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अक्टूबर 08, 2013 in दो अमेरिकी और एक जर्मन वैज्ञानिक को मिला चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल

अमेरिका के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के रैंडी डब्ल्यू शेकमैन ने वेसिकल्स के संचार के लिए जरूरी जीन की खोज की है। अमेरिका के न्यू हेवन में येल विश्वविद्यालय के जेम्स रोथमैन ने उस प्रोटीन प्रकिया का पता लगाया है, जो वेसिकल्स का उनकी लक्षित कोशिकाओं द्वारा अवशोषण सुनिश्चित करता है। जर्मनी में पैदा हुए अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के थॉमस श्यूडोफ ने इस बात का पता लगाया है कि किस प्रकार वेसिकल्स को अपने अणु लक्षित कोशिकाओं को सौंपने का संकेत मिलता है।

इस पूरी प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी होने के कारण तंत्रिका संबंधी बीमारियां, मधुमेह और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली संबंधी बीमारी होती है। कोरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में बच्चों के कैंसर विषय के प्रोफेसर जैन इग्ने हेंटर ने कहा कि इन खोजों का मानव शरीर को समझने में काफी महत्व है। तंत्रिका तंत्र, मधुमेह और प्रतिरक्षा संबंधी बीमारियों को समझने में भी ये मददगार होंगी। (तस्वीर में: थॉमस श्यूडोफ)

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स्टॉकहोम. चिकित्सा के क्षेत्र में वर्ष 2013 का प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार अमेरिकी वैज्ञानिक जेम्स रोथमैन, रैंडी डब्ल्यू शेकमैन और जर्मनी के वैज्ञानिक थॉमस श्यूडोफ को संयुक्त रूप से दिए जाने की सोमवार को घोषणा की गई। नोबेल फाउंडेशन ने पुरस्कारों की घोषणा करते हुए कहा कि इन्हें शरीर के अंदर कोशिकाओं के व्यवहार और संचार को नियमित करने वाली मशीनरी संबंधी खोज के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।
इन्होंने अपने शोध में बताया है कि हर कोशिका अपने आप में एक कारखाना है। यह कई तरह के अणुओं का उत्पादन करती है। इन्हें शरीर में एक जगह से दूसरी जगह भेजती है। जैसे इंसुलिन का रक्त में छोड़ा जाना या तंत्रिकाओं में सूचनाओं का प्रवाह। ये अणु शरीर में छोटे-छोटे पैकेटों के रूप में भेजे जाते हैं। इन्हें वेस्किल कहते हैं। तीनों वैज्ञानिकों ने उस सिद्धांत का पता लगाया है, जो इन वेसिकल्स के संचार को नियमित करता है और अणुओं को उनकी सही जगह पर पहुंचाता है।अमेरिका के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के रैंडी डब्ल्यू शेकमैन ने वेसिकल्स के संचार के लिए जरूरी जीन की खोज की है। अमेरिका के न्यू हेवन में येल विश्वविद्यालय के जेम्स रोथमैन ने उस प्रोटीन प्रकिया का पता लगाया है, जो वेसिकल्स का उनकी लक्षित कोशिकाओं द्वारा अवशोषण सुनिश्चित करता है। जर्मनी में पैदा हुए अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के थॉमस श्यूडोफ ने इस बात का पता लगाया है कि किस प्रकार वेसिकल्स को अपने अणु लक्षित कोशिकाओं को सौंपने का संकेत मिलता है।
इस पूरी प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी होने के कारण तंत्रिका संबंधी बीमारियां, मधुमेह और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली संबंधी बीमारी होती है। कोरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में बच्चों के कैंसर विषय के प्रोफेसर जैन इग्ने हेंटर ने कहा कि इन खोजों का मानव शरीर को समझने में काफी महत्व है। तंत्रिका तंत्र, मधुमेह और प्रतिरक्षा संबंधी बीमारियों को समझने में भी ये मददगार होंगी। (तस्वीर में: थॉमस श्यूडोफ)
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सोमवार, 7 अक्टूबर 2013
प्लेब्वॉय के कवर पेज पर इम्प्लॉइ की न्यूड फोटो देख बॉस ने ऐसे निकाला गुस्सा
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अक्टूबर 07, 2013 in प्लेब्वॉय के कवर पेज पर इम्प्लॉइ की न्यूड फोटो देख बॉस ने ऐसे निकाला गुस्सा

मर्दों को मशहूर मैगजीन 'प्लेब्वॉय' के लिए पोज दे चुकी एक महिला ने अपने बॉस पर मुकदमा दायर कर दिया है। महिला के मुताबिक उसके बॉस ने पहले उसे मैगजीन में न्यूड फोटोशूट की इजाजत दी और तस्वीर छपने के बाद नौकरी से निकाल दिया। घटना अमेरिका के मिनेसोटा की है। बॉस की बेरुखी का शिकार हुई महिला का नाम जेसिका जेलिनस्के है और वह एक बच्चे की अविवाहित मां है।
33 वर्षीय जेसिका के मुताबिक उन्होंने अपने बॉस से मैन्स मैगजीन के फोटोशूट की इजाजत मांगी थी। 33 वर्षीय जेसिका की तस्वीर पिछले साल प्लेब्वॉय के 'हॉट हाउसवाइफ' इश्यू में प्रकाशित हुई थी। कवर पेज के लिए 400 मॉडल्स में से जेसिका को चुना गया था। लेकिन इश्यू मार्केट में आने के बाद 9 साल की बच्ची की मां जेसिका को नौकरी से निकाल दिया गया। वह मिनेसोटा की एक केबल कम्युनिकेशन कंपनी चार्टर कम्युनिकेशन में एडवर्टाइजिंग सेल्स एग्जीक्यूटिव की पोस्ट पर थीं।
जेसिका के बॉस टिमोथी मैकबीन के मुताबिक मैगजीन के कवर पेज पर उत्तेजक तस्वीर छपवाकर उन्होंने कंपनी के नियमों का उल्लंघन किया है।
कंपनी की ओर से भेज गए नोटिस में लिखा था, 'एक जानी-मानी मैगजीन के कवर पेज पर न्यूड पोज देने के कारण आपने चार्टर कंपनी के पेशेवर आचरण नियमों का उल्लंघन किया है।'
कोर्ट में दायर मुकदमें में जेसिका ने दावा किया है कि मैगजीन में फोटोशूट के लिए उसके बॉस ने इजाजत दी थी।

जेसिका की उत्तेजक तस्वीर 'प्लेब्वॉय' के जुलाई, 2011 इश्यू में प्रकाशित हुई थी। इस तस्वीर में जेसिका ने अपनी क्लीवेज दिखाते हुए पोज दिया है। साथ में मैगजीन के कवर पेज पर लिखा था, 'नॉटी मॉम्स एंड सेक्सी वाइव्स'।
मर्दों को मशहूर मैगजीन 'प्लेब्वॉय' के लिए पोज दे चुकी एक महिला ने अपने बॉस पर मुकदमा दायर कर दिया है। महिला के मुताबिक उसके बॉस ने पहले उसे मैगजीन में न्यूड फोटोशूट की इजाजत दी और तस्वीर छपने के बाद नौकरी से निकाल दिया। घटना अमेरिका के मिनेसोटा की है। बॉस की बेरुखी का शिकार हुई महिला का नाम जेसिका जेलिनस्के है और वह एक बच्चे की अविवाहित मां है।
33 वर्षीय जेसिका के मुताबिक उन्होंने अपने बॉस से मैन्स मैगजीन के फोटोशूट की इजाजत मांगी थी। 33 वर्षीय जेसिका की तस्वीर पिछले साल प्लेब्वॉय के 'हॉट हाउसवाइफ' इश्यू में प्रकाशित हुई थी। कवर पेज के लिए 400 मॉडल्स में से जेसिका को चुना गया था। लेकिन इश्यू मार्केट में आने के बाद 9 साल की बच्ची की मां जेसिका को नौकरी से निकाल दिया गया। वह मिनेसोटा की एक केबल कम्युनिकेशन कंपनी चार्टर कम्युनिकेशन में एडवर्टाइजिंग सेल्स एग्जीक्यूटिव की पोस्ट पर थीं।
जेसिका के बॉस टिमोथी मैकबीन के मुताबिक मैगजीन के कवर पेज पर उत्तेजक तस्वीर छपवाकर उन्होंने कंपनी के नियमों का उल्लंघन किया है।
कंपनी की ओर से भेज गए नोटिस में लिखा था, 'एक जानी-मानी मैगजीन के कवर पेज पर न्यूड पोज देने के कारण आपने चार्टर कंपनी के पेशेवर आचरण नियमों का उल्लंघन किया है।'
कोर्ट में दायर मुकदमें में जेसिका ने दावा किया है कि मैगजीन में फोटोशूट के लिए उसके बॉस ने इजाजत दी थी।
जेसिका ने मुकदमे में जिक्र किया है कि उसके बॉस को शिकागो में आयोजित हाउसवाइफ मॉडलिंग प्रतियोगिता के बारे में मालूम था। जेसिका के मुताबिक उसे यह आश्वासन दिया गया था कि मैगजीन के लिए न्यूड पोज देने पर उसकी नौकरी को किसी तरह का खतरा नहीं है। जेसिका इश नौकरी से हर साल 18,000 डॉलर कमाती थी।
जेसिका ने टिमोथी के खिलाफ 150,000 डॉलर का मुकदमा दायर किया है। गौरतलब है कि वह इससे पहले भी 2006 में मैक्सिम मैगजीन के लिए फोटोशूट करवा चुकी हैं। 2011 में एक इंटरव्यू में उसने कहा था कि न्यूड पोज देने के लिए उसमें काफी आत्मविश्वास है।
वह मिनेसोटा के रोचेस्टर में फैशन मॉल शो में भी मॉडलिंग कर चुकी है। sabhar : bhaskar.com
ऐसे ही नहीं कहलाते BIG B, करोड़ों नहीं अरबों की दौलत के हैं मालिक
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अक्टूबर 07, 2013 in ऐसे ही नहीं कहलाते BIG B, करोड़ों नहीं अरबों की दौलत के हैं मालिक


सूत्रों की मानें तो बच्चन दंपति यानी अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी जया बच्चन कुल चार अरब 94 करोड़ 86 लाख 37 हजार 334 रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। बच्चन दंपति के पास करोड़ 70 लाख 37 हजार 334 रुपए की चल संपत्ति है जबकि 150 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है।
11 अक्टूबर 2013 को बॉलीवुड के महानायक अमिताभ 71 साल के होने जा रहे हैं। बिग बी बॉलीवुड के शहंशाह हैं तो जाहिर है उनके पास भी धन-दौलत की कोई कमी नहीं होगी।
अपनी प्रोडक्शन कंपनी एबीसीएल के जबरदस्त घाटे में जाने के बावजूद बिग बी की माली हालत काफी अच्छी है। आलीशान घरों, महंगी गाड़ियों और शानोशौकत की अमिताभ बच्चन की लाइफ में कोई कमी नहीं है।
ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि आखिर कितनी संपत्ति के मालिक हैं बच्चन परिवार के मुखिया और उनकी पत्नी जया बच्चन।
सूत्रों की मानें तो बच्चन दंपति यानी अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी जया बच्चन कुल चार अरब 94 करोड़ 86 लाख 37 हजार 334 रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। बच्चन दंपति के पास करोड़ 70 लाख 37 हजार 334 रुपए की चल संपत्ति है जबकि 150 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है।
चल संपत्तियों में अमिताभ बच्चन के पास 3 अरब, 61 लाख 7 हजार 311 रुपए की संपत्ति है, जबकि जया बच्चन 43 करोड़ नौ लाख 30 हजार 23 रुपए की चल संपत्तियों की मालकिन हैं।
अमिताभ के पास 6 करोड़ 32 लाख 26 हजार 554 रुपए की लग्जरी कारें हैं। जया के पास 30 लाख की टोयोटा लेक्सस सहित दो गाड़ियां है,जबकि अमिताभ के पास तीन करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की राल्स रायस सहित कुल नौ गाड़ियां और एक ट्रैक्टर भी है।
जया के पास मुंबई के 'जलसा' नाम के बंगले के अलावा, भोपाल में दो फ्लैट हैं,जबकि अमिताभ के पास मुंबई, गुड़गांव और फ्रांस में एक अचल संपत्ति है,जिसकी कीमत तीन करोड़ रुपए है
अमिताभ के पास जूहू में 20 करोड़ रुपये की कीमत का एक व्यावसायिक भवन भी है, जबकि उनके पास बाराबंकी के दौलतपुर और लखनऊ के मुजफ्फरनगर गांव में खेती की जमीन है। जया के पास भोपाल और लखनऊ में खेती की जमीन है। sabhar : bhaskar.com
Real Look में कुछ ऐसे दिखाई देते हैं चंपक दादा, जानिए रोचक बातें...
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अक्टूबर 07, 2013 in जानिए रोचक बातें..., Real Look में कुछ ऐसे दिखाई देते हैं चंपक दादा

‘अरे जेठिया, तुझमें तो अक्ल की एक बूंद भी नहीं.. अरे नहाए बगैर क्यों खाना खाने बैठ गया.. अरे बहू ये जेठिया कहां गया.. अरे टप्पू ने अपना लेशन किया कि नहीं..’ ये संवाद सुनते ही आपकी नजरों के सामने एक चेहरा तैरने लगा होगा। जी हां, आपने बिल्कुल ठीक समझा। हम चंपकलाल जयंतीलाल गडा यानी की अमित भट्ट की ही बात कर रहे हैं।
लोकप्रिय टीवी धारावाहिक सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में चंपकलाल ने एक अनोखी ही छाप छोड़ी है। सीरियल में बिल्कुल बूढ़े दिखाई देने वाले चंपक जोर-जोर से बोलते हुए और हाथ में लकड़ी लेकर ही चलते नजर आते हैं। यही अदा ही उनकी मुख्य पहचान बन गई है।
सीरियल में हमेशा जेठा को डांटते हुए, टप्पू को लाड़ करते हुए और दयाभाभी को समझाइश देते बापूजी का रोल गुजराती कलाकार अमित भट्ट कर रहे हैं।
मूल कच्छ के रहने वाले गुजराती कलाकार अमित भट्ट फिलहाल मुंबई में रहते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा उनके दो जुड़वा बेटे भी हैं। ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ सीरियल में आने से पहले भी उन्होंने कई गुजराती नाटकों में काम किया है।आपको जानकर आश्चय्र होगा कि चंपक चाचा का रोल करने वाले अमित भट्ट की उम्र अभी सिर्फ 39 वर्ष है। इतना ही नहीं, सीरियल में जेठालाल के पिता बने अमित भट्ट, जेठालाल से भी 5 साल छोटे हैं।
सीरियल में बापूजी का रोल करने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती है। इतना ही नहीं, उन्हें हर दो दिन में अपने बाल भी मुंडवाने पड़ते हैं।
आपको यह जानकर भी आश्चर्य होगा कि शरुआत के दो सालों में उन्हें 250 से अधिक बार शेविंग भी करानी पड़ी थी। जब सीरियल में उनके लिए स्पेशल विंग मंगवाई गई, तब कहीं जाकर उन्हें सिर मुंडवाने की मुसीबत से छुटकारा मिल सका।
अमित भट्ट एक्टिंग में दुनिया में काफी समय से जुड़े हुए हैं। वे अपने कॉलेज के दिनों से ही एक्टिंग में दुनिया में कदम रख चुके थे।
एक बार सूरत में दिव्यभास्कर की टीम से हुई मुलाकात में उन्होंने बताया था कि शुरुआत में ये रोल मुझे बहुत मुश्किल लगा था, लेकिन मैंने इसे एक चैलेंज के रूप में लिया। इसके बाद तो मुझे यह रोल करने की जैसे आदत ही पड़ गई। बच्चों के साथ खेलना, अपनों से बड़ी उम्र के लोगों को डांटना..हाहाहाहाहा.. एक अलग ही मजा है।
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