सितंबर 26, 2013 in आसाराम की 'शिल्पी' के समर्पण
रायपुर। आसाराम की करीबी शिल्पी गुप्ता ने बुधवार को जोधपुर के कोर्ट में समर्पण कर दिया। जब उसने कोर्ट में सरेंडर किया तो भास्कर की टीम उसके निवास स्थान पहुंची और पिता एमके गुप्ता से बात की। गुप्ता सरकारी विभाग में पदस्थ हैं। प्रस्तुत है बातचीत के अंश...
सच सामने आ जाएगा : पिता
1.सवाल- शिल्पी ने सरेंडर कर दिया है? आप कुछ कहना चाहेंगे?
जवाब- मैं पहले भी तनाव में नहीं था। अब भी नहीं। अगर ऐसा होता तो इस समय जोधपुर में होता। मुझे बिल्कुल भी चिंता नहीं है।
2.सवाल- बेटी को पूरे प्रकरण में किस हद तक जिम्मेदार मानते हैं?
जवाब- बिल्कुल भी नहीं। मेरी बेटी के साथ-साथ आसाराम बापू भी निर्दोष हैं। इंतजार कीजिए, जल्द ही सबकुछ साफ हो जाएगा।
3.सवाल- शिल्पी इतने दिन गायब रही? आपने उसे तलाश करने की कोशिश नहीं की?
जवाब- नहीं। उसका रास्ता अलग है। वो अपना काम कर रही है। सच के रास्ते पर चलने में अक्सर अड़चनें आती हैं। मैं सच जानता हूं इसलिए मैंने जानबूझकर एक बार भी उससे संपर्क नहीं किया।
4.सवाल- अब आप क्या करेंगे? क्या आप जोधपुर जाएंगे?
जवाब- नहीं, मैंने कहा न, मुझे चिंता नहीं। मेरे जाने की जरूरत ही नहीं। सबकुछ जैसे बिगड़ा है, वैसे ही ठीक हो जाएगा।
5.सवाल- क्या आपकी बेटी छिंदवाड़ा के आश्रम में रहती है?
जवाब-नहीं। वो तो बस आना-जाना ही करती है। आमतौर पर जब भी वह जाती है, अनुष्ठान में शामिल होकर लौट आती है।
6.सवाल- तो क्या वो घर पर रहती है?
जवाब-नहीं। घर पर नहीं रहती। बीच-बीच में आती-जाती रहती है। जब मां की तबीयत खराब होती है, तो कुछ दिन ठहर जाती है।
7.सवाल- इस पूरे मामले को आप किस तरह से देखते हैं?
जवाब- अब इसमें क्या कहा जा सकता है। मीडिया को जितना उछालना था, उछाल दिया। जब सच सामने आएगा, तब देखेंगे। आप एफआईआर पढ़कर देख लें। उसी में सच नजर आ रहा है। sabhar : bhaskar.com
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