गुरुवार, 5 सितंबर 2013
बेहतर सेक्स के लिए ये हैं 6 योगा पोजिशन
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क्या आपकी सेक्शुअल लाइफ ठंडी पड़ चुकी है। अगर हां, तो इसके लिए कामसूत्र की किताब खरीदने या सेक्शुलॉजिस्ट के पास जाने की जरूरत नहीं है। इसकी वजाय आप कुछ योगा पोज अपनाकर देखिए, शायद आपकी सेक्स लाइफ फिर से रंगीन हो जाए। आप सेक्स लाइफ में आनंद पाना चाहते हैं तो आपको योगा करना चाहिए। योग के जरिए ना सिर्फ एनर्जी है, बल्कि आप पहले कहीं अधिक स्वस्थ और तरोताजा महसूस करते हैं।
आज बाजार में कामशक्तिवर्धक तरह-तरह की दवाएं और मसाज ऑयल मौजूद हैं। इनके काफी विज्ञापन भी होते हैं, पर ये उतने असरदार नहीं होते। योग से शरीर की आंतरिक ताकत बढ़ती है। इससे व्यक्ति का संपूर्ण स्वास्थ्य सुधरता है। यहीं वजह है कि योग यौनशक्ति में भी वृद्धि करता है।
आमतौर पर लोग मानते हैं कि योगा सिर्फ आप को लचीला बनाता है, लेकिन सही ढंग से योगा करने पर आप बेहतर कामोत्जना भी महसूस करेंगे।
काऊ की तरह तनना:
इस एक्सरसाइज को करने के लिए पैर और हाथ के सहारे जमीन पर टिका दीजिए, आपका पूरा शरीर सीधा होना चाहिए।
चाइल्ड आसन : इस योगा पोज को करने से तनाव भी समाप्त होता है। इस पोज के लिए सबसे पहले घुटनों के बल झुक जाइए, दोनों पैरों की उंगलियां एक-दूसरे को छूएं। उसके बाद फर्श पर अपने माथे को रखिए, इस बीच आपके दोनों हाथ सिर के दोनों साइड में हों।
चेयर पोज: इस मुद्रा को करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों को सीधा कर के खड़े हो जाइए। अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठा लीजिए। दोनों हाथों की हथेलियां एक-दूसरे से चिपकी हुई होनी चाहिए।
तितली आसन : तितली आसन में दोनों पैरों को सामने की ओर फैला लें. दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें और दोनों तलवों को आपस में मिला लें।
इस स्थिति में हाथों से पैरों की अंगुलियों को उसके पास से पकड़ें और एड़ी को ज़्यादा से ज़्यादा शरीर के क़रीब लाने का प्रयास करें।
कोबरा मुद्रा: भुजंग आसन, इसे कोबरा पोज भी कहते हैं। इससे ना केवल बैक पेन सही होता है, बल्कि मोटापा भी कम होता है। यह आसन शरीर को लचीला और फुर्तीला बनाये रखने में सक्षम होता है। ज़मीन पर उलटा लेट जाएं। पैर और हिप्स को समान रूप से फैलाकर रखें। हथेलियों को ज़मीन पर कंधों के सामने रखें। उंगलियों को बाहर की ओर फैलाएं, मध्यमा उंगली बीच में होनी चाहिए। सांस छोड़ते हुए पेड़ु को बाहर की ओर दबाएं।
नोज पोज:
sabhar : bhaskar.com
घड़ी जो समय बताने के साथ तस्वीर भी खींचेगी
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सितंबर 05, 2013 in घड़ी जो समय बताने के साथ तस्वीर भी खींचेगी

सियोल: नए-नए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ चलन से हटती जा रही घड़ी ने अपने वजूद को बचाए रखने के लिए इन्हीं उपकरणों के साथ मेल-मिलाप कर एक नया अवतार ले लिया है। ये है घड़ी जैसी दिखने वाली गैलेक्सी गीयर, जिसे आप घड़ी की तरह कलाई में पहन सकते हैं। समय देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर मोबाइल की तरह इसका उपयोग करते हुए किसी को फोन कर सकते हैं या एसएमएस भेज सकते हैं। मुताबिक सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने गुरुवार को बर्लिन ट्रेड शो में इस गैलेक्सी गीयर को पेश किया।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि गैलेक्सी गीयर स्मार्ट घड़ी बर्लिन के आईएफए उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स मेले में 11 सितंबर तक अवलोकन के लिए लगी रहेगी। इसके माध्यम से कंपनी के फैबलेट गैलेक्सी नोट-3 के अत्याधुनिक संस्करण का उपयोग किया जा सकता है।
स्मार्ट घड़ी को आवाज से नियंत्रित किया जा सकेगा। कंपनी ने कहा कि यदि आप किसी दुकान से दोनों हाथों में सामान लेकर निकल रहे हों, तो भी बिना स्क्रीन छुए, सिर्फ आवाज के माध्यम से किसी को फोन या एसएमएस कर सकते हैं। sabhar : http://zeenews.india.com
गैलेक्सी गीयर में 1.9 मेगापिक्सल कैमरा है, जिसके माध्यम से फोटो लिया जा सकता है या वीडियो शूट किया जा सकता है और गैलेक्सी नोट-3 में ब्लूटुथ के जरिए भेजा जा सकता है। (एजेंसी)
सियोल: नए-नए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ चलन से हटती जा रही घड़ी ने अपने वजूद को बचाए रखने के लिए इन्हीं उपकरणों के साथ मेल-मिलाप कर एक नया अवतार ले लिया है। ये है घड़ी जैसी दिखने वाली गैलेक्सी गीयर, जिसे आप घड़ी की तरह कलाई में पहन सकते हैं। समय देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर मोबाइल की तरह इसका उपयोग करते हुए किसी को फोन कर सकते हैं या एसएमएस भेज सकते हैं। मुताबिक सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने गुरुवार को बर्लिन ट्रेड शो में इस गैलेक्सी गीयर को पेश किया।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि गैलेक्सी गीयर स्मार्ट घड़ी बर्लिन के आईएफए उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स मेले में 11 सितंबर तक अवलोकन के लिए लगी रहेगी। इसके माध्यम से कंपनी के फैबलेट गैलेक्सी नोट-3 के अत्याधुनिक संस्करण का उपयोग किया जा सकता है।
स्मार्ट घड़ी को आवाज से नियंत्रित किया जा सकेगा। कंपनी ने कहा कि यदि आप किसी दुकान से दोनों हाथों में सामान लेकर निकल रहे हों, तो भी बिना स्क्रीन छुए, सिर्फ आवाज के माध्यम से किसी को फोन या एसएमएस कर सकते हैं। sabhar : http://zeenews.india.com
गैलेक्सी गीयर में 1.9 मेगापिक्सल कैमरा है, जिसके माध्यम से फोटो लिया जा सकता है या वीडियो शूट किया जा सकता है और गैलेक्सी नोट-3 में ब्लूटुथ के जरिए भेजा जा सकता है। (एजेंसी)
600 कालगर्ल थीं इस 'इच्छाधारी' के सेक्स रैकेट में!
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सितंबर 05, 2013 in 600 कालगर्ल थीं इस 'इच्छाधारी' के सेक्स रैकेट में!
नई दिल्ली। आईबीएन7 की खास पेशकश ‘विवादों वाले बाबा’ में हम बता रहे हैं विवादों में घिरे बाबाओं और स्वामी की कहानियां। इन्हीं में एक नाम स्वामी भीमानंद का भी शामिल है जो सेक्स रैकेट के धंधे में पहले से लिप्त था और बाबा बनने का ढोंग बाद में रचा था। पैसे ब्याज पर देने के धंधे से भीमानंद ने कई सौ करोड़ रुपए की जायदाद और काला खजाना जुटाया। सांप का साथ होना स्वामी भीमानंद की पहचान बन गया।
भीमानंद भगवा चोला ओढ़कर दुनिया को अच्छा बनने का प्रवचन देता था। जब ये गेरुआ वस्त्र पहन कर प्रवचन देता था तो इसका नाम होता था- इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद महाराज चित्रकूटवाले। लेकिन सांप वाला ये इच्छाधारी बाबा रात ढलते ही अपने असली रूप में आ जाता था। गेरुआ वस्त्र उतर जाता था, पैरों पर टाइट जींस, जिस्म पर नए फैशन की टीशर्ट। हाथों में मोबाइल और महंगी कार से रात के अंधेरे में जिस्म के धंधे का संचालन।
सेक्स रैकेट की काली दुनिया में इच्छाधारी कई नाम से बदनाम था। राजीव रंजन द्विवेदी इसका एक नाम था, शिवमूरत द्विवेदी दूसरा। इच्छाधारी संत भीमानंद का ये चेहरा कभी सामने न आ पाता अगर दिल्ली पुलिस की चौकसी की वजह से वो पकड़ा न जाता।
तारीख- 26 फरवरी 2010
दक्षिण दिल्ली में दिल्ली पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर दो कारों को रोका। इसके साथ ही एक हाईप्रोफाइल रैकेट का भांडाफोड़ किया। आठ लोग पकड़े गए। इनमें छह लड़कियां भी थीं। दो लड़कियां एयरहोस्टेस थीं। जिसमें से एक यूरोपियन एयरलाइंस में तो दूसरी एक भारतीय एयरलाइंस में काम करती थी। पुलिस ने जिन दो दलालों को पकड़ा उन्हीं में से एक था शिवमूरत द्विवेदी। शिवमूरत का रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया तो पुलिस भी ये जानकर चौंक गई कि वो कोई और नहीं बल्कि बदरपुर में साधू के तौर पर मशहूर इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद था।
इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद की गिरफ्तारी की खबर दिल्ली के खानपुर के लोगों के लिए भी चौंकाने वाली रही। आम श्रद्धालु यकीन ही नहीं कर सके कि सात्विक जीवन का पालन करने की सीख देने वाले गेरुआ वस्त्र धारी जिस शख्स को वो साधु समझते थे, वो शैतान निकला। दिल्ली ही नहीं देश में सेक्स रैकेट का सबसे बड़ा दलाल निकला।
अपने आश्रम की आड़ में भीमानंद सेक्स रैकेट चलाता था। उसके नेटवर्क में करीब 600 हाई प्रोफाइल लड़कियां शामिल थीं, जिनमें कॉलेज गर्ल, मॉडल, एयरहोस्टेस, एक्जक्यूटिव हर तरह के पेशे से जुड़ी कॉलगर्ल थीं। पुलिस को भीमानंद के ठिकाने से उसकी 6 लाल डायरियां भी मिलीं। इन डायरियों में देश के 100 हाईप्रोफाइल लोगों के नाम दर्ज थे। इनमें कई सांसद, नेता, पुलिसवाले, बिजनेसमैन और बड़ी हैसियत वाले सफेदपोश लोग थे। इच्छाधारी संत भीमानंद के सेक्स रैकेट का लंबा-चौड़ा नेटवर्क देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
दिल्ली पुलिस ने भीमानंद पर संगठित अपराध के खिलाफ बने सख्त कानून मकोका के तहत मामला दर्ज किया। उसकी गिरफ्तारी के करीब 6 महीने बाद पुलिस ने भीमानंद के खिलाफ अदालत में 1215 पन्नों की चार्चशीट दायर की। मामला अदालत में है लेकिन सवाल ये भी है कि भीमानंद के हाईप्रोफाइल ग्राहकों तक कानून के लंबे हाथ क्यों नहीं पहुंचे।
मोटे तौर पर माना जाता है कि जिस्मफरोशी के धंधे, धर्म को कारोबार में बदलकर किए गए धंधे और पैसे ब्याज पर देने के धंधे से भीमानंद ने कई सौ करोड़ रुपए की जायदाद और काला खजाना जुटाया।
तहखाने में था सेक्स के धंधे का हेडक्वार्टर
शिवमूरत द्विवेदी उर्फ इच्छाधारी संत भीमानंद ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। लेकिन जिस्मफरोशी के धंधे में कूदने के बाद उसने किसी प्रशिक्षित मैनेजर की तरह क्लाइंट और लड़कियों का नेटवर्क तैयार किया। धंधा चलाने के लिए उसने स्पेशल ऑपरेशन प्रोसीजर की तरह तय तौर-तरीके बनाए। इस धंधे का संचालन वो उस आश्रम से करता था, जहां बने तहखाने में था सेक्स के धंधे का हेडक्वार्टर।
मोहम्मदपुर और हुमायूंपुर में भी आश्रम की आड़ में जिस्म का बाजार चल रहा था। शिवमूरत द्विवेदी उर्फ इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद का मंदिर बिल्कुल अलग था। यहां एक गुफानूमा पोशीदा रास्ता था। रास्ता, तहखानेनुमा अंधेरे कमरे में जा कर खत्म होता था। देह के धंधे के इस पाताललोक में आकर अच्छे घरों की पढ़ी-लिखी लड़कियां रास्ता भूल जाती थीं। वो इच्छाधारी संत की इच्छा की गुलाम बन जाती थीं।
करीब तीन साल पहले भी आईबीएन7 के संवाददाता अमित पांडेय शिवमूरत द्विवेदी उर्फ इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद के गुप्त ठिकाने पर पहुंचे थे। वहां गुफा, खुफिया निगाह रखने के लिए बने झरोखों को देखकर ये समझने में परेशानी नहीं हुई कि मंदिर में ये सारे बदलाव क्यों किए गए। भीमानंद मंदिर की आड़ में सेक्स रैकेट का हेडक्वार्टर चला रहा था।
ये मंदिर दरअसल दो मंजिल की एक इमारत थी। ग्राउंड फ्लोर पर मंदिर बना था। फर्स्ट फ्लोर पर सेक्स रैकेट का कंट्रोल रूम। यहां एक झरोखा भी था। इस झरोखे से भीमानंद मंदिर में आने-जाने वाले लोगों पर निगाह रखता था। ढोंगी बाबा की मायावी दुनिया में 14 सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए थे। पहली मंजिल में झरोखे के बाद शुरू हो जाती थी वो गुफा जिसके जरिए इच्छाधारी के तहखाने तक पहुंचने का रास्ता था। वो करीब 20 मीटर लंबा था।
इसी गुफा के पीछे एक छोटा कमरा था। इसी छोटे से कमरे में इच्छाधारी के राज छुपे थे। इसी कमरे में ही हाई प्रोफाइल कॉलगर्ल से लेकर बड़े-बड़े दलाल तक जुटते थे। इसी पाताललोक से वो लाल डायरियां मिली थीं जिससे शिवमूरत द्विवेदी उर्फ इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद के जिस्म के धंधे के सारे राज खुल गए। राज खुले तो वो भक्त भी हैरान रह गए जो लगभग रोजाना मंदिर आते थे। भीमानंद का प्रवचन सुनते थे। भीमानंद यहीं उन्हें प्रवचन सुनाता था।
मंदिर की आड़ में भीमानंद के प्रवचन का खेल लंबे वक्त तक चला। बाद में ये मालूम चला कि भीमानंद दक्षिण दिल्ली के तीन इलाकों आर के पुरम, मोहम्मदपुर और हुमायूंपुर में भी आश्रम की आड़ में जिस्म का बाजार चल रहा था।
अमेरिका तक फैला कमाई का नेटवर्क!
इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद एक आश्रम से सेक्स रैकेट का नेटवर्क चलाता था। लेकिन उसके तार सात समंदर पार दुनिया में जुए के सबसे बड़े शहर लास वेगास तक जुड़े हुए थे। यही नहीं जांच के दौरान पुलिस को ये भी पता चला कि इच्छाधारी सिर्फ सेक्स रैकेट से ही कमाई नहीं कर रहा था। उस पर हवाला नेटवर्क से जुड़े होने का शक भी था। इन मामलों में सजा पाने से बचना अब इच्छाधारी के लिए लगभग नामुमकिन हो गया है। हैरानी की बात है कि उसके धंधे में साथी रहे ज्यादातर लोग कानून के शिकंजे से आजाद ही रहे।
धार्मिक समारोह में डांस परोसना और भक्तों की भीड़ जुटाना। उसके पाखंड का एक और चेहरा था। नृत्य कार्यक्रम में आखिर में इच्छाधारी पटाखे की लंबी लड़ी में आग कर पाखंड का डांस करता था। जैसे-जैसे पटाखें की लड़ी जलती जाती- ढोल- नगाड़े की आवाज के साथ बाबा के बदन की थिरकन बढ़ती जाती।
धार्मिक समारोहों में डांस परोसने का बाबा भीमानंद का मकसद पैसा कमाना होता था, क्योंकि भीमानंद अच्छी तरह से जानता था कि सिर्फ साईं के नाम के प्रवचन से ही वो पैसे नहीं कमा सकता। इस पाखंडी की पैसे कमाने की भूख इतनी ज्यादा थी कि वो ब्याज पर पैसे देने से लेकर, कई तरह के ऐसे धंधे में मशगूल था। जिससे उसे करोड़ों की कमाई होती थी।
सेक्स रैकेट से इच्छाधारी की कमाई
हालांकि बाबा भीमानंद के कई तरह के धंधे थे लेकिन उसकी कमाई का सबसे बड़ा जरिया सेक्स रैकेट ही था। उसके मोबाइल नंबर का एक साल का बिल था 5 लाख 21 हजार 744 रुपये। चार्जशीट के मुताबिक इस पाखंडी के फोन से एक दिन में 5-5 सौ काल्स इन और आउटगोईंग थी। समझा जा सकता है कि उसके धंधे की कमाई कितनी थी।
2010 में इच्छाधारी के अड्डे से काले रंग की एक डायरी भी मिली। डायरी में दुनिया में जुए के सबसे बड़े शहर अमेरिका के लास-वेगास से हो रही कमाई का सुराग था। इसके एक पन्ने पर ढाई हजार करोड़ रुपए की इंट्री थी। साथ में लिखा था 5 पर्सेंट। अगले पन्ने में ये रकम घट कर 125 करोड़ रुपए हो गई। लेकिन उसके सामने आईएन दर्ज था। यानी ये रकम बाबा को मिल चुकी थी। अगले पन्ने पर कोलकाता की एक संस्था और अमेरिका का लास वेगास शहर का नाम था। लिहाजा हवाला नेटवर्क का शक हुआ। पुलिस का मानना है कि भीमानंद हवाला नेटवर्क के जरिए कालेधन को सफेद करने के धंधे में भी डूबा था।
भीमानंद पर सभी मामले दिल्ली की साकेत कोर्ट में चल रहे हैं, पुलिस के 60 गवाहों में से 35 लोगों की गवाही हो चुकी है। मकोका के तहत चल रहे केस में भीमानंद के साथ उसका साथी प्रवीण भी आरोपी है। कानूनी जानकारों का मानना है कि केस इतना पुख्ता है कि भीमानंद का बचना मुश्किल है।
मुकद्दमें में भीमानंद के दो पासपोर्ट के बारे में भी सबूत रखे गए हैं। दिल्ली से कोलकाता, कोलकाता से लासवेगास तक फैले जिस्मफरोशी के धंधे को चमकाने के लिए ही भीमानंद ने दो पासपोर्ट भी बनवाए थे। पहला पासपोर्ट H 3782510 है। ये 23 फरवरी 2009 को दिल्ली से जारी हुआ था। 22 फरवरी 2019 तक वैध पासपोर्ट को बाबा ने कैंसिल करा दिया था। दूसरा पासपोर्ट उसने सरस्वती स्वामी बाबा भीमानंद के नाम से 13 जनवरी 2010 को जारी करवाया।
हैरानी की बात है कि पासपोर्ट के लिए होने वाली पुलिस की बैकग्राउंड जांच में भी भीमानंद आसानी से बच निकला था। पुलिस को सफाई देनी मुश्किल हो गई थी। बाबा की डायरी के मुताबिक उसने 17 लाख रुपये पांच फीसदी महीने के ब्याज पर लोगों को उधार भी दिया था, हालांकि हैरानी की बात है कि उसके धंधे में साथी रहे ज्यादातर लोग कानून के शिकंजे से आजाद ही रहे।
नेटवर्क में थीं 600 कॉलगर्ल्स
इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद जब पकड़ा गया तब उसके नेटवर्क में करीब 600 कॉलगर्ल्स थीं, ज्यादातर लड़कियां पढ़ी-लिखी थीं और अच्छे परिवारों से आती थीं। लिहाजा ये एक पहेली ही है कि इच्छाधारी संत उन्हें अपने जाल में फंसाने में कामयाब कैसे हो जाता था। सवाल ये भी है कि क्या उसने कुछ लड़कियों को इस धंधे में शामिल होने के लिए मजबूर भी किया था। शक है कि भीमानंद ने उस लड़की का भी इस्तेमाल किया या फिर उसे ब्लैकमेल किया।
नामी एयरलाइंस में काम करने वाली एयरहोस्टेस, दिल्ली के प्रतिष्ठित कॉलेजों में पढ़ने वाली लड़कियां, महीने में लाखों रुपये कमानें वाली मॉडल्स, यानी जिन्हें पैसे की जरूरत नहीं थी, जिन्हें आसानी से सेक्स रैकेट में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता था, वो भी शिव मूरत द्विवेदी उर्फ इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद के सेक्स रैकेट में शामिल थीं। पूछताछ में इच्छाधारी ने बताया था कि ज्यादातर लड़कियां उसके धंधे में अपनी मजबूरी से आईं। लेकिन शक ये भी है कि कुछ लड़कियां जोर-जबरस्ती इस धंधे में धकेल दी गईं।
लड़कियों को जोर-जबरदस्ती से सेक्स रैकेट में धकेलने का इच्छाधारी बाबा शक तब हुआ जब जयपुर पुलिस शिव मूरत द्विवेदी की तलाश करते दिल्ली पहुंची। पुलिस के साथ एक नौजवान था। जिसकी बहन लापता हो गई थी। उसके मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड से पता चला था कि वो शिव मूरत द्विवेदी के संपर्क में थी। लड़की का परिवार खानपुर के आश्रम में संत के रूप में मौजूद इच्छाधारी से मिला भी था। उसने वादा किया था कि लड़की 15 दिन में जयपुर पहुंच जाएगी। लेकिन वो कभी नहीं लौटी।
इच्छाधारी बाबा ने सिर्फ जयपुर लड़की को ही धोखा नहीं दिया था, बल्कि जांच के दौरान पुलिस को उसके पास से उसकी माशूका की चिट्ठी भी मिली थी। इस चिट्ठी से साफ था कि पैसा कमाने की हवस में इच्छाधारी बाबा ने अपनी प्रेमिका को भी धोखा दे दिया था।
इच्छाधारी बाबा के पास से उसकी माशूका जो लव लेटर मिला उसे नोएडा की एक लड़की ने लिखा था। लवलेटर की इबारत से साफ है कि इस ढोंगी ने अपनी दोस्त से भी दगाबाजी की। चिट्ठी में उसने लिखा था मैं हार गई, वाकई आपने मुझे हरा दिया, मुझे अपनी जिंदगी कहने वाले आप मुझे छोड़कर बहुत आगे निकल गए। आज आपके लिए पैसा ही सब कुछ है। तुम्हें ना लगे, पर मुझे लगता है कि हम एक दूसरे से बहुत दूर हो गए।
भीमानंद की माशूका को तलाशने की पुलिस की हर कोशिश नाकाम हो गई। शक है कि भीमानंद ने उस लड़की का भी इस्तेमाल किया या फिर उसे ब्लैकमेल किया। sabhar :http://hindi.in.com
फैंस से जुड़ने के लिए कंगना ने लॉन्च की वेबसाइट
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सितंबर 05, 2013 in फैंस से जुड़ने के लिए कंगना ने लॉन्च की वेबसाइट
मुंबई। बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री कंगना राणावत ने अपने प्रशंसकों से जुड़ने के लिए अपनी वेबसाइट लॉन्च किया है। कंगना राणावत ने कह कि मैं जिस तरह के पेशे मे हूं उसको देखते हुए अपने प्रशंसकों से बातचीत करना मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण था। मैं काफी दिन से इस बारे में सोच रही थी। मैं इस वेबसाइट के जरिये अपने सभी चाहने वालों से जुड़ना चाहती हूं और अपने काम के बारे में उन्हें बताना चाहती हूं।
कंगना ने कहा कि पहले मैं बिजी रहने के कारण ऐसा नहीं कर सकी थी, लेकिन अब मैं पूरी दुनिया में अपने वेबसाइट के जरिए प्रशंसकों से जुड़ सकती हूं। कंगना के वेबसाइट ऑफिसियलकंगनारणावत डॉटकॉम से उनके चाहने वाले उनसे जुड़ सकेंगे। sabhar : http://khabar.ibnlive.in.com
अश्लील रैकेट' चलाता था आसाराम, पूरी टीम करती थी मदद, CD से होगा भंडाफोड़ और भी...
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सितंबर 05, 2013 in अश्लील रैकेट' चलाता था आसाराम, पूरी टीम करती थी मदद, CD से होगा भंडाफोड़ और भी.

आप शायद चौंक जाएंगे यह जानकर कि आसाराम अपने आश्रम में एक अश्लील रैकेट चलाता था और उसकी पूरी टीम इस काम में मदद करती थी. अभी तक की जांच में सबूत मिले हैं कि एक साजिश के तहत मासूम बच्चियों को फंसाया जाता था. सूत्रों के मुताबिक, आसाराम के सेवादार शिवा ने जोधपुर पुलिस को 'सेक्स और सम्मोहन' से जुड़ी एक सीडी के बारे में बताया है, जो आसाराम के आश्रमों में दिखाई जाती थी. सीडी बरामद करने के लिए पुलिस शिवा को लेकर आसाराम के अहमदाबाद आश्रम जाने वाली है.
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को आसाराम और उसके सहयोगियों शिल्पी, शिवा और शरतचंद्र राही के कॉल डिटेल से कई अहम सुराग मिले हैं. 5 अगस्त से लेकर घटना के दिन यानी 15 अगस्त तक चारों आरोपी लगातार बातचीत करते रहे. जबकि 5 अगस्त से पहले और 15 अगस्त के बाद इन चारों के बीच बेहद कम बातचीत होती थी. पुलिस के मुताबिक, शिल्पी और शिवा आसाराम के सबसे ख़ास लोगों में से थे. शिल्पी छिंदवाड़ा आश्रम की वॉर्डन है और शरद राही डायरेक्टर है.
हालांकि आधिकारिक रूप से पुलिस ने अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी है. डीसीपी अजय लांबा ने बताया कि शिवा ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिनके बारे में अभी बताना मुनासिब नहीं होगा. उसी की निशानदेही पर पुलिस की टीम अहमदाबाद जाएगी.
आसाराम का निजी सेवादार शिवा पुलिस को बता चुका है कि 'अनुष्ठान' के नाम पर आसाराम अपनी 'ध्यान की कुटिया' में महिलाओं से अकेले मिलता था. इस दौरान किसी को वहां जाने की इजाज़त नहीं होती थी.
शिल्पी ने बहकाया था लड़की को
आसाराम के खिलाफ जो FIR दर्ज हुई थी उसमें शिल्पी और शरद दोनों सहआरोपी हैं. 25 और 26 अगस्त को शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें समन देकर 29 अगस्त तक पुलिस के सामने पेश होने को कहा गया था. बताया जाता है कि छिंदवाड़ा से दोनों जोधपुर के लिए रवाना भी हुए थे, लेकिन अब तक नहीं पहुंचे. शिल्पी ने ही लड़की से कहा था कि तुम्हारे ऊपर भूत-प्रेत का साया है और बापू तुम्हें ठीक कर देंगे.
4-5 बच्चियों को आसाराम के पास भेज चुकी है शिल्पी
संभवत: अहमदाबाद की रहने वाली 25-26 साल की शिल्पी पिछले साल ही छिंदवाड़ा आई थी. वह आसाराम की करीबी मानी जाती है. शिल्पी ही पीड़ित लड़की को आसाराम के पास जोधपुर छोड़ कर आई थी. सूत्रों के मुताबिक, शिल्पी पहले भी 4-5 बच्चियों को आसाराम के पास भेज चुकी है. इसी तरह 38-40 साल के शरतचंद्र राही को साल भर पहले ही छिंदवाडा आश्रम में डायरेक्टर बनाया गया था. वह अमेरिका से आया हुआ बताया जाता है.
रसोइया प्रकाश जानता है सब कुछ
आसाराम का खास रसोइया प्रकाश भी अभी फरार है. वह वारदात की रात का अहम गवाह है. बताया जाता है कि उसे मालूम है कि उस रात लड़की के साथ क्या हुआ था. शिवा ने यह भी बताया है कि आसाराम कई प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के संपर्क में थे.
जेल में झल्लाता रहा आसाराम
उधर, जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद आसाराम को लगातार तीसरी रात जेल में काटनी पड़ी. जेल में वकील ने उससे मुलाकात की, जिसके बाद उसके स्वभाव में चिड़चिड़ापन देखा गया. जेल में आसाराम को एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है. कानूनी पहलू के डर से पैदा हुए डिप्रेशन के अलावा वह जेल में मच्छरों से भी खासा परेशान है. जानकारी के मुताबिक, मच्छरों ने आसाराम की नींद हराम कर रखी है. बुधवार रात आसाराम ने जेल का खाना ठुकरा दिया और सिर्फ दूध पीकर सो गया.
sabhar :http://aajtak.intoday.in
आप शायद चौंक जाएंगे यह जानकर कि आसाराम अपने आश्रम में एक अश्लील रैकेट चलाता था और उसकी पूरी टीम इस काम में मदद करती थी. अभी तक की जांच में सबूत मिले हैं कि एक साजिश के तहत मासूम बच्चियों को फंसाया जाता था. सूत्रों के मुताबिक, आसाराम के सेवादार शिवा ने जोधपुर पुलिस को 'सेक्स और सम्मोहन' से जुड़ी एक सीडी के बारे में बताया है, जो आसाराम के आश्रमों में दिखाई जाती थी. सीडी बरामद करने के लिए पुलिस शिवा को लेकर आसाराम के अहमदाबाद आश्रम जाने वाली है.
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को आसाराम और उसके सहयोगियों शिल्पी, शिवा और शरतचंद्र राही के कॉल डिटेल से कई अहम सुराग मिले हैं. 5 अगस्त से लेकर घटना के दिन यानी 15 अगस्त तक चारों आरोपी लगातार बातचीत करते रहे. जबकि 5 अगस्त से पहले और 15 अगस्त के बाद इन चारों के बीच बेहद कम बातचीत होती थी. पुलिस के मुताबिक, शिल्पी और शिवा आसाराम के सबसे ख़ास लोगों में से थे. शिल्पी छिंदवाड़ा आश्रम की वॉर्डन है और शरद राही डायरेक्टर है.
हालांकि आधिकारिक रूप से पुलिस ने अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी है. डीसीपी अजय लांबा ने बताया कि शिवा ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिनके बारे में अभी बताना मुनासिब नहीं होगा. उसी की निशानदेही पर पुलिस की टीम अहमदाबाद जाएगी.
आसाराम का निजी सेवादार शिवा पुलिस को बता चुका है कि 'अनुष्ठान' के नाम पर आसाराम अपनी 'ध्यान की कुटिया' में महिलाओं से अकेले मिलता था. इस दौरान किसी को वहां जाने की इजाज़त नहीं होती थी.
शिल्पी ने बहकाया था लड़की को
आसाराम के खिलाफ जो FIR दर्ज हुई थी उसमें शिल्पी और शरद दोनों सहआरोपी हैं. 25 और 26 अगस्त को शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें समन देकर 29 अगस्त तक पुलिस के सामने पेश होने को कहा गया था. बताया जाता है कि छिंदवाड़ा से दोनों जोधपुर के लिए रवाना भी हुए थे, लेकिन अब तक नहीं पहुंचे. शिल्पी ने ही लड़की से कहा था कि तुम्हारे ऊपर भूत-प्रेत का साया है और बापू तुम्हें ठीक कर देंगे.
4-5 बच्चियों को आसाराम के पास भेज चुकी है शिल्पी
संभवत: अहमदाबाद की रहने वाली 25-26 साल की शिल्पी पिछले साल ही छिंदवाड़ा आई थी. वह आसाराम की करीबी मानी जाती है. शिल्पी ही पीड़ित लड़की को आसाराम के पास जोधपुर छोड़ कर आई थी. सूत्रों के मुताबिक, शिल्पी पहले भी 4-5 बच्चियों को आसाराम के पास भेज चुकी है. इसी तरह 38-40 साल के शरतचंद्र राही को साल भर पहले ही छिंदवाडा आश्रम में डायरेक्टर बनाया गया था. वह अमेरिका से आया हुआ बताया जाता है.
रसोइया प्रकाश जानता है सब कुछ
आसाराम का खास रसोइया प्रकाश भी अभी फरार है. वह वारदात की रात का अहम गवाह है. बताया जाता है कि उसे मालूम है कि उस रात लड़की के साथ क्या हुआ था. शिवा ने यह भी बताया है कि आसाराम कई प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के संपर्क में थे.
जेल में झल्लाता रहा आसाराम
उधर, जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद आसाराम को लगातार तीसरी रात जेल में काटनी पड़ी. जेल में वकील ने उससे मुलाकात की, जिसके बाद उसके स्वभाव में चिड़चिड़ापन देखा गया. जेल में आसाराम को एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है. कानूनी पहलू के डर से पैदा हुए डिप्रेशन के अलावा वह जेल में मच्छरों से भी खासा परेशान है. जानकारी के मुताबिक, मच्छरों ने आसाराम की नींद हराम कर रखी है. बुधवार रात आसाराम ने जेल का खाना ठुकरा दिया और सिर्फ दूध पीकर सो गया.
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हॉलीवुड फिल्मों में NUDE SCENE के लिए यूज होती है यह टेक्नीक
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सितंबर 05, 2013 in हॉलीवुड फिल्मों में NUDE SCENE के लिए यूज होती है यह टेक्नीक

तकनीक ने बहुत कुछ असान कर दिया है और अब कई एक्शन सीन रियल बनाने के लिए कंप्यूटराइज्ड सॉफ्टवेयर्स का इस्तेमाल किया जाता है। ठीक वैसे ही हॉलीवुड में एक्सपोजर के लिए भी ऐसा किया जाता है।
कई हॉलीवुड फिल्मों में एंजेलिना जोली और लिंडसे लोहान को भी एक्सपोजर करते दिखाई दी हैं पर हकीकत यह है कि जब हीरोइन खुद को इस तरह के सीन करने में कंफर्ट नहीं पातीं या ऐसे सीन करना नहीं चाहतीं पर फिल्म की जरूरत हो तब वहां यह काम भी बड़ी आसानी से कंप्यूटर से हो जाता है। इस तकनीक को CGI तकनीक कहा जाता है।
यह दृश्य फिल्म Machete का है इस फिल्म में लिंडसे लोहान को न्यूड सीन देना था। लेकिन उनकी जगह बॉडी डबल का उपयोग कर बाद में कंप्यूटर से लोहान के चेहरे को उसमें फिट कर दिया गया और कोई इस सीन के फेक होने का पता नहीं लगा पाया।
Jessica Alba को भी Machete फिल्म में इस तकनीक से मदद मिली थी...
फिल्म Forgetting Sarah Marshall के दृश्य में मिला कुनिस के सिर को दूसरे की बॉडी में सीजीआई टेक्नीक से जोडक़र इस तरह एक्सपोजर सीन क्रिएट किया गया था।
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बुधवार, 4 सितंबर 2013
ये है गूगल का शानदार ऑफिस, कर्मचारियों के लिए है जन्नत
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सितंबर 04, 2013 in कर्मचारियों के लिए है जन्नत, ये है गूगल का शानदार ऑफिस

sabhar : bhaskar.com
हाल ही में स्कॉटलैंड में गूगल ने अपना 15वां जनमदिन मनाया है। दुनिया का सबसे फेमस सर्च इंजन गूगल की शुरुआत एक गैराज से हुई थी। अब दुनिया की सबसे दिग्गज कंपनियों में से एक गूगल अपने कर्मचारियों को बड़ी सैलरी तो देती है, लेकिन अगर इसकी सुविधाओं को देखा जाए तो यह किसी जन्नत से कम नहीं है। सुविधाओं को देखकर लाखों पढ़े-लिखे युवा यहां नौकरी पाने के लिए लाइन लगाए हुए हैं। गूगल को हर 25 सेकंड में एक रिज्यूमे मिल रहा है। कंपनी में 40,000 से अधिक युवा इंटर्नशिप करेंगे।
कंपनी सफल अभ्यर्थियों को तमाम ऐसी सुविधाएं देंगी, जिनके बारे में आमतौर पर लोग सोचते ही नहीं हैं। गूगल में इंटर्नशिप करने वाले कई युवाओं का कहना है कि कंपनी भले ही हमें सैलरी नहीं दे, लेकिन वे यहां लंबे समय तक मुफ्त में काम करना चाहते हैं, क्योंकि कंपनी इतनी सुविधाएं देती है कि किसी अन्य चीज या पैसे की अधिक जरूरत पड़ती ही नहीं।
गूगल कंपनी में कर्मचारियों के लिए वेब पूल बनाए गए हैं, जहां कर्मचारी जब चाहे पानी के लहरों के साथ स्वीमिंग का लुत्फ उठा सकते हैं।
गूगल के ऑफिस में काम करते हुए जब भी कोई कर्मचारी वीडियो गेम खेलना चाहे तो वह इसका भी आनंद उठा सकता है।
गूगल में काम करते हुए जब कोई कर्मचारी थकान महसूस करे तो वह मसाज रूम में जाकर मसाज करवा सकता है। खूबसूरत और प्रोफेशनल युवतियां यहां मसाज करने के लिए तैयार रहती हैं।
गूगल में 40,000 हजार से अधिक नए प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग मिलेगी। ट्रेनिंग के दौरान वे कंपनी की तमाम सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे।
कंपनी में जब भी आपका मन कॉफी पीने का हो तो लैपटॉप लिए हुए आप मिनी किचन में पहुंच जाइए। यहां कॉफी तो आपको मिलेगी ही, साथ ही स्नैक्स का भी आनंद आप ले सकते हैं। मुफ्त में मनपसंद खाना भी यहां मिलता है।
गूगल में काम करना कर्मचारियों के लिए बेहद सुविधाजनक होता है।
गूगल के कर्मचारी फूजबॉल भी खेल सकते हैं

भले ही अधिकतर लोग मोबाइल आदि का प्रयोग करते हैं, लेकिन कंपनी में ब्रिटिश स्टाइल के टेलीफोन बूथ भी लगे हुए हैं।

कंपनी के अंदर का दृश्य। सीढ़ियां लकड़ी की और सिर के ऊपर अटलांटिक वर्जिन के डेमो प्लेन। कंपनी के अंदर का कुछ ऐसा नजारा है।



भले ही अधिकतर लोग मोबाइल आदि का प्रयोग करते हैं, लेकिन कंपनी में ब्रिटिश स्टाइल के टेलीफोन बूथ भी लगे हुए हैं।
कंपनी के अंदर का दृश्य। सीढ़ियां लकड़ी की और सिर के ऊपर अटलांटिक वर्जिन के डेमो प्लेन। कंपनी के अंदर का कुछ ऐसा नजारा है।
कंपनी के स्टाफ प्ले पूल पर जब चाहे खेलने के लिए ब्रेक ले सकते हैं।
- मसाज और जिम कंपनी के कर्मचारियों को रिलैक्स और हेल्दी रखता है। कंपनी में डे्रस कोड कैज्युअल-जींस, टी-शर्ट है। एक मीडिया विशेषज्ञ का कहना है कि शायद ही ऐसा कोई पर्क हो, गूगल में नहीं दिया जाता है। यह एक ऐसा वर्कप्लेस है, जहां आप काम करते हैं लेकिन यहां पूरे समय आप मौज मस्ती करते हुए काम करते हैं।
गूगल में आप अन्य सुविधाओं में फ्री हेयरकटिंग, ड्रायक्लीनिंग, लॉन्ड्री, चाइच्ड केयर, कार सर्विसेस, काम के दौरान डॉक्टर आपका चेक-अप भी करते हैं।यह सब कुछ फ्री में होता है।
कर्मचारी अपना कुत्ता भी कंपनी में ला सकता है, जिनके रखने के लिए चार पैर वाली कैन ऑफिस में उपलब्ध हैं। लंबे समय से काम कर रहे एक कर्मचारी का कहना है कि यहां हर कोई हार्ड वर्क करता है, हर कोई यहां इस तरह से खुश भी है। यहां किसी कॉलेज की तरह का माहौल नहीं होता है। यह बहुत ही रिलैक्स है। गूगल के कर्मचारी उत्सुक, क्रिएटिव और स्मार्ट है। एक कर्मचारी का कहना है कि कंपनी सिर्फ अच्छे प्रोडक्ट ही नहीं चाहती है, बल्कि वह यह भी चाहती है कि वह कर्मचारी दिल भी जीत ले। यदि आप काम करना चाहते हैं तो यहां से अधिक एक्साइटिंग कुछ भी नहीं होगा। इस कंपनी की स्थापना लैरी पेज ने सितंबर 1988 में की थी, तब से आज यह कंपनी 54 बिलियन डॉलर की हो गई है। दुनिया में कंपनी के 30,000 से अधिक कर्मचारी मौजूद हैं।
गूगल के मुख्यालय में यदि कर्मचारी को ऑफिस के अंदर ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना है, तो वह बाइक रैक्स, इलेक्ट्रिक कार और मोटराइज स्कूटर से जा सकता है।
यदि आपको काम करते हुए झपकियां आ रही हैं तो आप ऑफिस के उस स्थान पर बैठकर आराम कर सकते हैं, जहां से खूबसूरत हिल्स दिखाई देती हैं।
कंपनी मीटिंग के दौरान भी अपने कर्मचारियों को रेस्ट लेने का मौका देती है।
कंपनी के ऑफिस के रास्तों में धूप से भी बचाव की सुविधा रहती है और खुले में भी पूल बने हुए हैं।
एक महिला रिपोर्टर के जरिए आजतक ने जानने की कोशिश की आसाराम की असलियत
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सितंबर 04, 2013 in एक महिला रिपोर्टर के जरिए आजतक ने जानने की कोशिश की आसाराम की असलियत

16 साल की लड़की के यौन शोषण के आरोपों से घिरे आसाराम पर आजतक कर रहा है सबसे बड़ा खुलासा. आज हम आपको बताएंगे कि कैसे पाखंड के पर्दे तले आसाराम अपने भक्तों को गुमराह करते आ रहे हैं. आसाराम का असली सच सामने आया था आजतक के एक स्टिंग ऑपरेशन में. एक महिला रिपोर्टर के जरिए आजतक ने जानने की कोशिश की आसाराम की असलियत.
और भी... http://aajtak.intoday.in/video/-aaj-tak-sting-operation-exposes-asaram-1-740789.html
http://aajtak.intoday.in/video/-aaj-tak-sting-operation-exposes-asaram-1-740789.html
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16 साल की लड़की के यौन शोषण के आरोपों से घिरे आसाराम पर आजतक कर रहा है सबसे बड़ा खुलासा. आज हम आपको बताएंगे कि कैसे पाखंड के पर्दे तले आसाराम अपने भक्तों को गुमराह करते आ रहे हैं. आसाराम का असली सच सामने आया था आजतक के एक स्टिंग ऑपरेशन में. एक महिला रिपोर्टर के जरिए आजतक ने जानने की कोशिश की आसाराम की असलियत.
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सुहागरात में पत्नी ने मारी लात, युवक ने जिद पकड़ ली लड़की बनने की
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सितंबर 04, 2013 in युवक ने जिद पकड़ ली लड़की बनने की, सुहागरात में पत्नी ने मारी लात
अहमदाबाद। बीते शुक्रवार को अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में सेक्स चेंज का ऑपरेशन कराने पहुंचा युवक कौन था? आखिर क्यों उसने लड़की बनने की जिद ठानी? पुरुष से स्त्री बनने के लिए इसने क्या-क्या किया?
बातचीत में पता चला कि इसके पीछे उसका दर्द था। वह विवाहित होने के बाद भी अब तक सेक्स से वंचित है। इतना ही नहीं, अब वह पत्नी से इतना त्रस्त हो चुका है कि उसने स्त्री बनकर रहने का दृढ़ निश्चय कर लिया है।
गत 28 अक्टूबर की रात मेरी सुहागरात थी। मैं कमरे में पहुंचा, जहां मेरी पत्नी प्रियंका घूंघट में बैठी हुई थी। मैंने उसका घूंघट उठाया, लेकिन उसके चेहरे के भाव चौंका देने वाले थे। मैंने उससे बातें करनी शुरू की, लेकिन वह अच्छे मूंड में नहीं थी। जैसे ही मैंने उसे स्पर्श किया, उसने मेरे पेट पर लात मार दी। प्रियंका यहीं नहीं रुकी, बल्कि उसने मेरे चेहरे को अपने नाखूनों से नोंचना शुरू कर दिया। पहली रात में ही मैं उसका यह व्यवहार देखकर चौंक उठा।
मैंने उसे अकेला छोड़ दिया और कमरे की लॉबी में आकर बैठ गया। सुबह के लगभग साढ़े चार बजे मेरे पिता की नींद खुली। जैसे ही मैंने उनके कमरे का दरवाजा खुलने की आवाज सुनी, मैं तुरंत कमरे में आ गया कि कहीं वे मुझे इस तरह न देख लें।
मैंने देखा कि प्रियंका सो रही थी। वैवाहिक जीवन की पहली रात ही ऐसी होगी, मैंने ऐसा बिल्कुल नहीं सोचा था। मुझे इसका बहुत आघात लगा। सुबह मैंने अपने माता-पिता और भाई-भाई को यह बात बता दी। वे भी यह बात जानकर दंग रह गए और अब पूरे घर में प्रियंका विरोधी माहौल बन गया।मैं महाराष्ट्र में एक एग्रो इंडस्ट्रीज में नौकरी करता था और शादी के लिए सिर्फ चार दिनों की ही छुट्टी मिली थी। पति-पत्नी के इसी झगड़े में ही मेरे चार दिन बीत गए। मुझे लगा कि मेरा वैवाहिक जीवन शुरू होने से पहले ही बर्बाद हो चुका है। मैं वापस महाराष्ट्र आ गया। लगभग साढ़े तीन महीनों बाद मेरे माता-पिता प्रियंका को लेकर मेरे पास आ गए। काफी वाद-विवादा और समझाइश के बाद तय हुआ कि अब प्रियंका मेरे साथ ही रहेगी।प्रियंका मेरे साथ 6 महीनों तक रही। अब मेरे अच्छे दिन आ गए थे। हमारे यहां बेटी का जन्म हुआ। कुछ समय बाद मेरा ट्रांसफर अहमदाबाद हो गया। लेकिन बेटी के जन्म के बाद फिर से प्रियंका का स्वभाव पहले की तरह हो गया। मैंने उसे समझाने के काफी प्रयास किए, लेकिन प्रियंका मानने के लिए तैयार नहीं थीइस दरमियान प्रियंका के पिता का निधन हो गया। प्रियंका ससुराल आ गई। प्रियंका यहां से जाने के लिए तैयार नहीं थी, इसलिए मैं भी ससुराल में ही रहने लगा। ससुराल में मै एक-दो दिन नहीं, बल्कि पूरे दो साल तक रहा। यहां भी प्रियंका का स्वभाव में परिवर्तन नहीं आया था। घर में हमारे लिए अलग रूम था, फिर भी प्रियंका अपने घरवालों के साथ ही सोया करती थी। इसके बाद भी अगर मैं उससे कोशिश करता तो जोर-जोर से चिल्लाने लगती। वह अपने परिजनों से मेरे बारे में यही कहती कि मैं सेक्स का भूखा हूं। जबकि वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार ही नहीं थी। हकीकत में सेक्स एक पुरुष की आवश्यकता है, लेकिन प्रियंका के कारण मेरा जीवन अधर में लटक गया है। इसलिए अब मैंने निश्चय किया है कि मैं उसे कभी स्पर्श नहीं करूंगा। अब तो मुझे पुरुष के रूप में जीना ही नहीं, मैं स्त्री बनकर पूरी जिंदगी गुजारना चाहता हूं।इसके बाद मैंने शारीरिक परिवर्तन के लिए इंटरनेट पर जानकारी जुटाईं और शारीरिक परिवर्तन के लिए दवाएं लेनी शुरू कर दीं। इसके लिए मुझे हर महीने एक इंजेक्शन भी लेना पड़ता था। लगभग 6-8 महीनों में ही दवाईयों का मेरे शरीर पर असर होने लगा। मेरे लिंग का उत्थान रुक गया और मुझे सेक्स में कोई रुचि नहीं रही। अब मेरी चाल और बोली भी बदल गई थी। सीने का आकार भी काफी परिवर्तित हो गया था।इसके बाद मैंने स्त्रियों के कपड़े पहनने शुरू कर दिए। शुरुआत में तो प्रियंका ने इसका विरोध किया, लेकिन मेरी जिद के आगे उसे हार माननी पड़ी। मेरी पत्नी को थायराइड की समस्या है। जो डॉक्टर उसका इलाज करते हैं, वही स्त्री हॉर्मोंस के भी विशेषज्ञ हैं। मैंने उनसे ही हॉमोर्ंस के इंजेक्शन लेने शुरू कर दिए।
पिछले सात महीनों से मैं मेमको स्थित स्वीमिंग पुल जा रहा हूं। यहां मैं महिलाओं के साथ ही स्वीमिंग शूट में स्वीमिंग करता हूं। शुरुआत में तो युवक मुझे देखने के लिए उमड़ पड़ते थे, वहीं यहां आने वाली महिलाएं भी मुझे देखकर चौंक उठती थीं, लेकिन अब सबकुछ सामान्य होने लगा है।
sabhar : bhaskar.com
'मर्दानगी' की जांच को राजी नहीं थे आसाराम, फिर बोले- कर लो इस नश्वर शरीर के साथ जो करना है
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सितंबर 04, 2013 in मर्दानगी' की जांच को राजी नहीं थे

नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार विवादास्पद कथावाचक 74 साल के आसाराम बापू की जमानत पर अब बुधवार को सुनवाई होगी। इस समय वे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जोधपुर सेंट्रल जेल में हैं। लेकिन आसाराम का 'पुरुषत्व' देखकर तीन डॉक्टरों की टीम ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। आसाराम ने पोटेंसी टेस्ट (पुरुषत्व परीक्षण) के पहले चरण यानी फिजिकल स्टीमुलेशन में ही अपना दमखम साबित कर दिया। आसाराम के पोटेंसी टेस्ट के लिए दवा की जरूरत ही नहीं पड़ी।
डॉक्टरों के मुताबिक, 'पहले चरण में शरीर के प्राइवेट पार्ट्स को हाथों से छूकर उनमें किसी हरकत के बारे में पता किया जाता है। आसाराम के प्राइवेट पार्ट्स को मैनुअली छूने पर ही हरकत हुई और इस तरह उन्होंने अपनी पोटेंसी साबित कर दी।' जब तीन डॉक्टरों ने टीम ने पोटेंसी टेस्ट के लिए आसाराम से संपर्क साधा तो उन्होंने टेस्ट करवाने से इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में आसाराम ने अपना मन बदल लिया और डॉक्टरों से कहा कि शरीर नश्वर है इसलिए वे जो चाहें इसके साथ कर सकते हैं। जोधपुर के मथुरा दास माथुर अस्पताल के डॉक्टरों को आसाराम का पोटेंसी टेस्ट करने में दो घंटे लगे।
पोटेंसी टेस्ट
पोटेंसी टेस्ट उन मामलों में किया जाता है जिनमें यौन उत्पीड़न या रेप के आरोप हों। इस टेस्ट में डॉक्टर यह पता लगाते हैं कि संबंधित शख्स सेक्स करने के काबिल है या नहीं। पोटेंसी टेस्ट के तहत कोर्ट में पेश होने वाली रिपोर्ट में सीमेन एनालिसिस, पेनिस डॉप्लर स्कैन और विजुअल एग्जामिनेशन शामिल होता है। sabhar : bhaskar.com
सेवादार का खुलासा : महिलाओं से अकेले में मिलते थे आसाराम, कोर्ट ने बेल पर सुरक्षित रखा फैसला
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सितंबर 04, 2013 in सेवादार का खुलासा : महिलाओं से अकेले में मिलते थे आसाराम

जोधपुर. आसाराम के प्रमुख सेवादार शिवा ने पुलिस की आरंभिक पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि आसाराम कई महिलाओं से अकेले में मिलते थे। उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर से अपने शिष्य और उसकी बेटी के जोधपुर आने की पूर्व सूचना भी शिवा ने आसाराम को दी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिवा ने यह भी माना कि छात्रा पर किसी पुरुष का प्रेत होने की बात कहते हुए उसे भगाने के लिए ही उसे यहां बुलाया गया था।
आसाराम का सबसे करीबी सेवादार शिवा ही वह शख्स है, जिसके जरिए कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री, जज, आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के साथ बड़े-बड़े लोग आसाराम से मोबाइल पर बात करते थे। पुलिस के अनुसार शिवा से विस्तृत पूछताछ के दौरान और भी कई राज खुलने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस कोर्ट से आसाराम की रिमांड दुबारा मांग सकती है। बुधवार को कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। सेशन कोर्ट में आसाराम की जमानत अर्जी पर बुधवार को बचाव व आरोप पक्ष की बहस पूरी हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से बुधवार सुबह जवाब पेश किया गया। आसाराम के वकील केके मनन ने कहा कि आसाराम को झूठा फंसाया जा रहा है। उधर अभियोजन पक्ष के वकील का कहना है कि कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना जिससे यह साफ हो गया है कि आसाराम के खिलाफ सभी आरोप मजबूत साबित हो रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने दलील थी कि यदि आसाराम को जमानत दे दी गई तो वह केस को कमजोर कर सकते हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया कि इस मामले में अभी दो और आरोपी को गिरफ्तार करना बाकी है, ऐसे में आसाराम को बेल देने से केस के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। अभियोजन पक्ष का कहना है कोर्ट बुधवार शाम तक भी अपना फैसला सुना सकती है।
सूत्रों के अनुसार आसाराम अपने नजदीक ऐसे सेवादारों को रखता था जो दिखने में कम आकर्षक हों। अच्छी सेहत व आकर्षक साधकों को वह अपने बहुत करीब नहीं आने देते। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि वे डरते थे, कहीं उनके प्रति समर्पित हो चुकी युवतियां सेवादारों के आकर्षण में उनसे दूर ना हो जाएं।
जोधपुर. आसाराम के प्रमुख सेवादार शिवा ने पुलिस की आरंभिक पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि आसाराम कई महिलाओं से अकेले में मिलते थे। उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर से अपने शिष्य और उसकी बेटी के जोधपुर आने की पूर्व सूचना भी शिवा ने आसाराम को दी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिवा ने यह भी माना कि छात्रा पर किसी पुरुष का प्रेत होने की बात कहते हुए उसे भगाने के लिए ही उसे यहां बुलाया गया था।
आसाराम का सबसे करीबी सेवादार शिवा ही वह शख्स है, जिसके जरिए कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री, जज, आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के साथ बड़े-बड़े लोग आसाराम से मोबाइल पर बात करते थे। पुलिस के अनुसार शिवा से विस्तृत पूछताछ के दौरान और भी कई राज खुलने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस कोर्ट से आसाराम की रिमांड दुबारा मांग सकती है। बुधवार को कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। सेशन कोर्ट में आसाराम की जमानत अर्जी पर बुधवार को बचाव व आरोप पक्ष की बहस पूरी हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से बुधवार सुबह जवाब पेश किया गया। आसाराम के वकील केके मनन ने कहा कि आसाराम को झूठा फंसाया जा रहा है। उधर अभियोजन पक्ष के वकील का कहना है कि कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना जिससे यह साफ हो गया है कि आसाराम के खिलाफ सभी आरोप मजबूत साबित हो रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने दलील थी कि यदि आसाराम को जमानत दे दी गई तो वह केस को कमजोर कर सकते हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया कि इस मामले में अभी दो और आरोपी को गिरफ्तार करना बाकी है, ऐसे में आसाराम को बेल देने से केस के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। अभियोजन पक्ष का कहना है कोर्ट बुधवार शाम तक भी अपना फैसला सुना सकती है।
सूत्रों के अनुसार आसाराम अपने नजदीक ऐसे सेवादारों को रखता था जो दिखने में कम आकर्षक हों। अच्छी सेहत व आकर्षक साधकों को वह अपने बहुत करीब नहीं आने देते। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि वे डरते थे, कहीं उनके प्रति समर्पित हो चुकी युवतियां सेवादारों के आकर्षण में उनसे दूर ना हो जाएं।
जमानत पर सुनवाई, वकील बोले- छात्रा बालिग
सेशन कोर्ट में आसाराम की जमानत पर बुधवार को बचाव व आरोप पक्ष की बहस पूरी हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से बुधवार सुबह जवाब पेश किया गया। आसाराम के वकील केके मनन ने कहा कि आसाराम को झूठा फंसाया जा रहा है। उधर अभियोजन पक्ष के वकील का कहना है कि कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना जिससे यह साफ हो गया है कि आसाराम के खिलाफ सभी आरोप मजबूत साबित हो रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने दलील थी कि यदि आसाराम को जमानत दे दी गई तो वह केस को कमजोर कर सकते हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया कि इस मामले में अभी दो और आरोपी को गिरफ्तार करना बाकी है, ऐसे में आसाराम को बेल देने से केस के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। अभियोजन पक्ष का कहना है कोर्ट बुधवार शाम तक भी अपना फैसला सुना सकती है।
ये प्रमुख दलीलें-
बालिका पर धारा 376 का सेक्शन 8 लागू नहीं होता क्योंकि वह बालिग है। शैक्षणिक संस्थान में भर्ती करवाते समय उसकी उम्र का सही अंकन नहीं करवाया गया।
यदि घटना सही है तो बालिका मौके पर क्यों नहीं चिल्लाई?
जोधपुर शहर में ही रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज करवाई? क्या कारण रहा कि रिपोर्ट दिल्ली में दर्ज करवाई गई? एमएलसी पुलिस रिक्वेस्ट पर क्यों नहीं हुई?
जोधपुर शहर में ही रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज करवाई? क्या कारण रहा कि रिपोर्ट दिल्ली में दर्ज करवाई गई? एमएलसी पुलिस रिक्वेस्ट पर क्यों नहीं हुई?
आसाराम ने मांगा मेडिकेटेड फूड और पूजन सामग्री
आसाराम की ओर से उनके वकील ने एक आवेदन पेश कर अदालत से कहा कि आसाराम बापू की दिनचर्या लंबे समय से निर्धारित है।
और वे इसी अनुरूप अपना दिन व्यतीत करते हैं। उनका कहना था कि जेल में बंद आसाराम बापू को मेडिकेटेड फूड, पूजन सामग्री व वस्त्र उपलब्ध करवाने की सुविधा प्रदान की जाए। इस आवेदन पर भी बुधवार को बहस होगी।
मुकदमे को मीडिया ट्रायल बताया
बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में मीडिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि आसाराम बापू के खिलाफ यह मुकदमा और कुछ नहीं, सिर्फ मीडिया ट्रायल है। इसी धारणा के चलते उनके समर्थकों ने मीडिया कर्मियों से कहीं अभद्र व्यवहार भी किया हो सकता है, जिसका इस मुकदमे पर प्रभाव नहीं होना चाहिए।
बचाव पक्ष की ओर से करीब ढाई बजे शुरू की गई बहस साढ़े चार बजे तक चली। अदालत ने समय की कमी के कारण अदालत में मौजूद अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद पुरोहित, उनके सहयोगी प्रद्युम्न सिंह आदि से बहस के लिए बुधवार को सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया।
खुद को धोने पड़ेंगे झूठे बर्तन
ऐशोआराम से जीने के आदी आसाराम को जेल में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। जेल नियमों के अनुसार किसी भी सजायाफ्ता या विचाराधीन बंदी को खाना खाने के बाद अपने खुद के झूठे बर्तन खुद ही साफ करने पड़ते हैं।
यही आसाराम को भी करना पड़ेगा। इसके अलावा पहनने के कपड़े भी उन्हें खुद को ही धोने पड़ेंगे।
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