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मंगलवार, 1 अगस्त 2023

अगर आप उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते हैं तो आपको यहां पढ़ाई और रिसर्च के लिए जरूरी फंडिंग मिल जाएगी।

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Tue. Aug 1st, 2023 20:24:29
    अगर आप उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते हैं तो आपको यहां पढ़ाई और रिसर्च के लिए जरूरी फंडिंग मिल जाएगी।

    बहुत से युवा विदेश जाकर हायर एजुकेशन का सपना देखते हैं. वहीं, कुछ युवाओं को अपनी रिसर्च के लिए फंडिंग नहीं मिल पाती है. अगर आप भी इनमें से एक हैं तो यह खबर आपके लिए हैं, क्योंकि आपको फंडिंग के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है. देश के बाहर जाकर हायर एजुकेशन लेने और रिसर्च करने तक के लिए फंडिंग की सभी जरूरतों के लिए ये स्कॉलरशिप आपका सपना पूरा कर सकती है. यहां जानिए स्कॉलरशिप 2023 की लिस्ट के मुताबिक आपके किसके लिए अप्लाई कर सकते हैं…

    संस्कृति – प्रभा दत्त फैलोशिप 2023

    ये स्कॉलपशिप भारत के संस्थानों में ट्रेनिंग और शॉर्ट टर्म कोर्सेस करने के लिए दी जाती है, जिसके तहत जर्नलिज्म की पढ़ाई की जा सकती है. इसमें पार्शियल फंडिंग मिलती है और 1 लाख रुपये के अलावा ट्रैवल एक्सपेंस भी कवर होता है. इस फैलोशिप के तहत इंडियन नेशनल्स पूरे साल अप्लाई कर सकते हैं.

    रमन-चार्पैक स्कॉलरशिप
    पीएचडी के लिए इस स्कॉलरशिप के तहत लाभ ले सकते हैं. फुल फंडिग देने वाली ये स्कॉलरशिप यूनिवर्सिटी द्वारा ऑफर किए जाने वाले सभी प्रोग्राम के लिए अवेलेबल है. इसके लिए इंडिया और फ्रांस के स्टूडेंट्स अप्लाई कर सकते हैं. इसके तहत मासिक स्टाइपेंड, लोकल ट्रैवल और दूसरे बेनिफिट्स मिलते हैं.

    एशियन डेवलेपमेंट बैंक – जापान स्कॉलरशिप प्रोग्राम 2023
    यह स्कॉलरशिप मास्टर्स प्रोग्राम के लिए है. इसके तहत एब्रॉड एजुकेशन के लिए साइंस एंड इंजीनियरिंग, लॉ एंड पब्लिक पॉलिसीज, इकोनॉमिक्स, बिजनेस एंड मैनजमेंट स्टडीज आदि के स्टूडेंट्स अप्लाई कर सकते हैं. ये सभी डेवलपिंग कंट्री के मेंबर्स के लिए है, जिसके तहत फुल फंडिंग मिलती है.

    कोल इंडिया लिमिटेड स्कॉलरशिप
    ये स्कॉलरशिप इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को दी जाती है. ग्रेजुएशन कोर्से करने के लिए इंडियन नेशनल्स को इसके तहत फुल फंडिंग मिलती है. बता दें कि यह स्कॉलरशिप इंडिया की सिलेक्टेड यूनिवर्सिटीज में दाखिले के लिए ही दी जाती है. इस स्कॉलरशिप के लिए आप 15 फरवरी 2024 तक अप्लाई कर सकते हैं.

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    बार्बी डॉल कहां से आई और दुनिया में कैसे छा गई, इसकी पूरी कहानी

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    जुलाई 2023 बार्बी गुड़िया बीते कई सालों से बच्चों की पसंद से लेकर फैशन स्टेटमेंट ज़ाहिर करने तक, अपनी पहचान बनाती रही है. हाल ही में बार्बी फ़िल्म के बाद इसकी चर्चा फिर ज़ोर पकड़ने लगी. बार्बी डॉल का इतिहास क्या है और ये कैसे दुनिया में छा गईं





    बार्बी गुड़िया बीते कई सालों से बच्चों की पसंद से लेकर फैशन स्टेटमेंट ज़ाहिर करने तक, अपनी पहचान बनाती रही है. हाल ही में बार्बी फ़िल्म के बाद इसकी चर्चा फिर ज़ोर पकड़ने लगी. बार्बी डॉल का इतिहास क्या है और ये कैसे दुनिया में छा गईं. देखिए यह वीडियो.

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    बुल्गारिया: महिलाओं के साथ हिंसा के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

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    बुल्गारिया: महिलाओं के साथ हिंसा के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग 

    बुल्गारिया में एक लड़की को उसके पूर्व प्रेमी से मिली प्रताड़ना पर कोर्ट के फैसले से लोगों में बहुत नाराजगी है. महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया.

    कानून और न्यायबुल्गारिया

    बुल्गारिया: महिलाओं के साथ हिंसा के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

    3 घंटे पहले

    बुल्गारिया में एक लड़की को उसके पूर्व प्रेमी से मिली प्रताड़ना पर कोर्ट के फैसले से लोगों में बहुत नाराजगी है. महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया.

    https://p.dw.com/p/4Ud6i
    बुल्गारिया में महिला अधिकार की मांग करते लोग
    कोर्ट के फैसले ने महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ लोगों को एकजुट कर दियातस्वीर: Alexandar Detev/DW

    बुल्गारिया में 18 साल की एक लड़की के साथ हुई हिंसा और इस पर कोर्ट के फैसले ने महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ लोगों को एकजुट कर दिया है. महिला सुरक्षा के मुद्दे पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. 31 जुलाई को राजधानी सोफिया समेत देश के कई हिस्सों में रैलियां निकाली गईं. अकेले सोफिया में ही 5,000 से ज्यादा लोग प्रदर्शनों में शामिल हुए. बुल्गारिया में महिलाओं के साथ हिंसा के मुद्दे पर इतने व्यापक विरोध प्रदर्शन आम नहीं हैं. 

    क्या है पूरा मामला?

    यह मामला एक 18 साल की लड़की के साथ हुई हिंसा से जुड़ा है. लड़की ने बताया कि उसके बॉयफ्रेंड ने सैकड़ों बार उसे काटा. उसकी नाक तोड़ दी और सिर के बाल मूंड दिए. मामला कोर्ट में गया. स्तारा जागोरा शहर की अदालत ने केस पर सुनवाई करते हुए चोट को "हल्का" बताया और आरोपी को हिरासत में नहीं भेजा. इस प्रकरण से लोगों में गहरी नाराजगी पैदा हुई. लोगों ने कहा कि कोर्ट का रवैया हैरान करने वाला 

    प्रदर्शनकारी महिलाओं के लिए ज्यादा सुरक्षित माहौल के साथ-साथ न्यायिक सुधार की भी मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनों में लोग "एक भी और महिला नहीं" जैसे पोस्टर थामे नजर आए. 33 साल के एक प्रदर्शनकारी इवान ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, "घरेलू हिंसा को लेकर बनी पारंपरिक सहिष्णुता और संस्थाओं के सही तरह से काम ना करने की व्यवस्था को बदलना ही होगा. इनमें बदलाव शुरू हो गए हैं, लेकिन समाज को भी शामिल होने की जरूरत है." एक और प्रदर्शनकारी एमिलिया स्टोयानोवा ने कहा, "यह कैसे संभव है कि इस तरह की प्रताड़ना को 'हल्की शारीरिक चोट' करार दिया जाए... अदालत की प्रतिक्रिया चौंकाने वाली है."


    कानून और न्यायबुल्गारिया

    बुल्गारिया: महिलाओं के साथ हिंसा के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

    3 घंटे पहले

    बुल्गारिया में एक लड़की को उसके पूर्व प्रेमी से मिली प्रताड़ना पर कोर्ट के फैसले से लोगों में बहुत नाराजगी है. महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया.

    https://p.dw.com/p/4Ud6i
    बुल्गारिया में महिला अधिकार की मांग करते लोग
    कोर्ट के फैसले ने महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ लोगों को एकजुट कर दियातस्वीर: Alexandar Detev/DW

    बुल्गारिया में 18 साल की एक लड़की के साथ हुई हिंसा और इस पर कोर्ट के फैसले ने महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ लोगों को एकजुट कर दिया है. महिला सुरक्षा के मुद्दे पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. 31 जुलाई को राजधानी सोफिया समेत देश के कई हिस्सों में रैलियां निकाली गईं. अकेले सोफिया में ही 5,000 से ज्यादा लोग प्रदर्शनों में शामिल हुए. बुल्गारिया में महिलाओं के साथ हिंसा के मुद्दे पर इतने व्यापक विरोध प्रदर्शन आम नहीं हैं. 

    क्या है पूरा मामला?

    यह मामला एक 18 साल की लड़की के साथ हुई हिंसा से जुड़ा है. लड़की ने बताया कि उसके बॉयफ्रेंड ने सैकड़ों बार उसे काटा. उसकी नाक तोड़ दी और सिर के बाल मूंड दिए. मामला कोर्ट में गया. स्तारा जागोरा शहर की अदालत ने केस पर सुनवाई करते हुए चोट को "हल्का" बताया और आरोपी को हिरासत में नहीं भेजा. इस प्रकरण से लोगों में गहरी नाराजगी पैदा हुई. लोगों ने कहा कि कोर्ट का रवैया हैरान करने वाला है.

    सोफिया में महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग
    महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के विरोध में राजधानी सोफिया समेत देश के कई हिस्सों में रैलियां निकाली गईं.तस्वीर: Alexandar Detev/DW

    प्रदर्शनकारी महिलाओं के लिए ज्यादा सुरक्षित माहौल के साथ-साथ न्यायिक सुधार की भी मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनों में लोग "एक भी और महिला नहीं" जैसे पोस्टर थामे नजर आए. 33 साल के एक प्रदर्शनकारी इवान ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, "घरेलू हिंसा को लेकर बनी पारंपरिक सहिष्णुता और संस्थाओं के सही तरह से काम ना करने की व्यवस्था को बदलना ही होगा. इनमें बदलाव शुरू हो गए हैं, लेकिन समाज को भी शामिल होने की जरूरत है." एक और प्रदर्शनकारी एमिलिया स्टोयानोवा ने कहा, "यह कैसे संभव है कि इस तरह की प्रताड़ना को 'हल्की शारीरिक चोट' करार दिया जाए... अदालत की प्रतिक्रिया चौंकाने वाली है."

    प्रदर्शनों के बाद दबाव में आए प्रशासन ने आरोपी को हिरासत में भेज दिया है
    पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2023 के पहले तीन महीनों में 18 महिलाओं की हत्या हुई. इनमें आरोप ज्यादातर उनके परिचितों पर लगा.तस्वीर: Alexandar Detev/DW

    बड़े स्तर पर हुए प्रदर्शनों के बाद दबाव में आए प्रशासन ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है. उस पर लड़की को धमकी भरे मैसेज करने का भी आरोप है. हालांकि वह इन आरोपों से इनकार कर रहा है.

    कानून में सुधार की मांग

    पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2023 के पहले तीन महीनों में 18 महिलाओं की हत्या हुई. इनमें आरोप ज्यादातर उनके परिचितों पर लगा. कई प्रदर्शनकारियों का मानना है कि ऐसे मामलों की संख्या कहीं ज्यादा है. वे महिलाओं से गलत व्यवहार करने वाले पार्टनर्स या एक्स-पार्टनर्स से बेहतर दिलाने के लिए कानूनी संशोधन चाहते हैं.

    बुल्गारिया ने अभी तक इस्तांबुल कन्वेंशन को मंजूरी नहीं दी है. यह महिलाओं को हिंसा से बचाने के मकसद से हुई एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संधि है. जून 2023 में यूरोपीय संघ इसमें शामिल हुआ. इसके बाद इसमें शामिल न होने वाले सदस्य देशों पर दबाव बढ़ा. बुल्गारिया 2007 में यूरोपीय संघका सदस्य बना. इसने अब तक इसे मंजूर नहीं किया है.

    पीवाई/एसएम (एएफपी) sabhar Dw.de 

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