Sakshatkar.com : Sakshatkartv.com

.

Item Post Navigation Display

Home Recent Posts Display

Related Posts Display

शनिवार, 24 मई 2014

एक इंजेक्शन से कैंसर का इलाज?

0

cancer
प्रीतंभरा प्रकाश
कैंसर पर रिसर्च करने वाले यह जानकर खासे उत्साहित हैं कि अब बोन मैरो कैंसर का एक हद तक उपचार मीजल्स (खसरे) के वायरस द्वारा किया जा सकेगा। अमेरिका के मेयो क्लीनिक में हुई इस रिसर्च में मल्टिपल मायलोमा (एक प्रकार का बोन मैरो कैंसर) से ग्रस्त दो महिलाओं को मीजल्स वायरस के डोज बड़ी मात्रा में दिए गए और इस ट्रीटमेंट के छह हफ्तों बाद दोनों महिलाओं में कैंसर वाले सेल नदारद हो गए।

गौरतलब है कि वायरोथेरेपी के अंतर्गत बीमारियों पर हमला बोलने के लिए पहले भी वायरस का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस रिसर्च के प्रमुख डॉ़ स्टीफन रसेल के मुताबिक, हम वायरस के जरिये चूहों में मेटास्टैटिक कैंसर को खत्म करने के बारे में तो जानते थे, किंतु यह मनुष्यों में भी संभव हो सकता है, यह पहली बार देखा गया है। इस ट्रीटमेंट में वायरस को सीधे मरीज के खून में छोड़ दिया जाता है। यह कैंसर को पहले दूषित करता है, फिर नष्ट करता है। इसके बाद मरीज का इम्यून सिस्टम बाकी बचे कैंसर का सफाया कर डालता है।

दरअसल, इस प्रयोग की महत्ता यह है कि यह ऐसे लोगों पर अपना असर दिखा रहा है, जिनके लिए कीमोथेरेपी कुछ कर नहीं पा रही थी। ओटावा हॉस्पिटल रिसर्च इंस्टीट्यूट में कैंसर फाइटिंग वायरस के टेस्ट में जुटे जॉन बेल के मुताबिक, अब इस दिशा में काम किए जाने की जरूरत है कि कौन से कैंसर के लिए कौन सा वायरस इस्तेमाल हो और यह किन लोगों के लिए प्रभावकारी होगा। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/

Read more

शुक्रवार, 23 मई 2014

श्रुति हसन ने ‌बताई अपने इन 'गंदे चित्रों' की हकीकत

0

इन चित्रों पर पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

इन चित्रों पर पुलिस में दर्ज हुई शिकायत


कोई हीरोइन नहीं चाहती कि उसकी ऐसी तस्वीरें सामने आएं जिससे उसका नाम खराब हो। यही कारण है कि श्रुति हासन ने हैदराबाद पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों श्रुति के कुछ ‘गंदे चित्र’ ऑन लाइन मीडिया में अचानक सुर्खियां बटोरने लगे थे, जिनके बारे में बताया गया था कि वह साउथ में श्रुति की एक फिल्म के हैं।

एक गाने की हैं तस्वीरें

श्रुति ने जब उन्हें देखा तो समझ नहीं सकीं कि उनके ये चित्र कब फिल्म के सेट पर खींच गए हैं और क्या कभी उन्होंने फिल्म की यूनिट को इन तस्वीरों को जारी करने को कहा है?

असल में ये तस्वीरें फिल्म ‘येवडु’ के आइटम डांस ‘डिंपल पिंपल’ से ली गई बताई जाती हैं। सूत्रों का कहना है कि श्रुति को जैसे ही पता चला कि उनकी कुछ गंदी तस्वीरें ऑन लाइन चल पड़ी हैं, उन्हें झटका लगा था। तस्वीरें देख कर खुद श्रुति को बहुत खराब लगा था क्योंकि उन्हें ऐसे कोण से खींचा गया था कि लगता था यह हीरोइन जानबूझ कर भद्दे ढंग से अंग प्रदर्शन कर रही है।
of 3
एक गाने की हैं तस्वीरें

कभी नहीं किया ऐसा अंग प्रदर्शन

ऐसा नहीं है कि श्रुति को अंग प्रदर्शन करने में कभी संकोच रहा है लेकिन उन्होंने कभी फूहड़ तस्वीरें नहीं खिंचवाई हैं। उनकी सेक्सी तस्वीरें भी बड़ी कलात्मक होती हैं।

उनके नजदीकी बताते हैं कि इन तस्वीरों की सबसे बुरी बात श्रुति को यह लगी कि लोगों ने सोचा वह सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए यह सब कर रही हैं। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। इसी कारण श्रुति ने तय किया कि वह मामले की तह तक जाएंगी और उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत करवाई। sabhar :http://www.amarujala.com/

Read more

गुरुवार, 22 मई 2014

जब मरने वाले ने खुद बताया कि उसकी लाश कहां दबी है?

0

जब लौटकर नहीं आया पति


जब लौटकर नहीं आया पति


घटना घटना मध्यप्रदेश के काशीपुर गांव की है। गौरी बाई के बेटे की तीन साल पहले आंख निकाल ली गई थी। इस दर्द से वह निकल भी नहीं पाई थी कि 24 मार्च को उसका पति गायब हो गया। गौरी बाई ने अपने पति की खूब तलाश की लेकिन वह नहीं मिला।

इसके बाद पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को 65 वर्षीय पति छोटेलाल सेन की गुमशुदगी की रिपोर्ट मतगुआं थाने में लिखवाई। लेकिन पुलिस को छोटेलाल की कोई खबर नहीं मिली।

सपने में देखा पति का शव

इस बीच गौरी ने एक सपना देखा कि उसके पति की लाश गांव के बाहर एक कुएं में है। गौरी पुलिस के पास गई और सपने में जो देखा था पुलिस को बताई। गौरी के कहने पर जब पुलिस ने कुएं की जांच कराई तो छोटे लाल का शव कुएं से बरामद हुआ।
of 3

पुलिस भी हैरान है सपने की सच्चाई से

पुलिस कप्तान ललित शक्यवर कहते हैं कि सपने में शव का कुएं में देखना और तलाश करने पर उसका मिल जना। यह ऐसी घटना है जिससे हम लोग हैरान हैं। छोटे लाल का शव फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और कातिल की तलाश की जा रही है।

गौरी का दबा है जिन लोगों ने तीन साल पहले उसके बेटे की आंख निकाल ली थी उन लोगों ने ही उसके पति की हत्या की है। हत्या का कारण जमीन विवाद को माना जा रहा है। sabhar : http://www.amarujala.com/

Read more

किशोरावस्था में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई थीं पामेला

0



कान। कनाडाई-अमेरिकी अभिनेत्री पामेला एंडरसन ने खुलासा किया है कि जब वह नौवीं क्लास में थीं तब उनके ब्वॉयफ्रेंड ने अपने छह दोस्तों के साथ मिलकर उनसे सामूहिक दुष्कर्म किया था। पामेला के अनुसार वह बचपन से ही यौन उत्पीड़न का शिकार होती रही हैं।
पामेला एंडरसन फाउंडेशन की लांचिंग के मौके पर उन्होंने यहां कहा, 'मैं मर जाना चाहती थी, लेकिन जानवरों के प्रति लगाव ने मुझे बचा लिया। मुझे लगता है कि अब उम्र के इस पड़ाव पर अपने गुजरे जीवन के सबसे कटु अनुभवों के बारे में बात करना चाहिए।' 46वर्षीय पामेला ने बताया कि छह से दस साल की उम्र तक उनकी महिला आया ही उनसे छेड़खानी करती रही। 12 साल की उम्र में एक सहेली के ब्वॉयफ्रेंड के 25 वर्षीय भाई ने उनसे दुष्कर्म किया। 'बेवॉच' स्टार के अनुसार प्यार करने वाले मां-बाप के बावजूद उनका बचपन बेहद दुखदायी रहा।
पामेला ने कहा, इन कटु अनुभवों की वजह से इंसानों से मेरा भरोसा उठ गया था। मैंने इन घटनाओं के बारे में अपनी मां को भी कुछ नहीं बताया। ऐसे में जानवरों के साथ आत्मीय लगाव ने मेरे जीवन को दिशा दी। जानवरों को सच्चा मित्र बताते हुए पामेला ने उनके संरक्षण पर काम करने का वादा किया है।
sabhar :http://www.jagran.com/

Read more

शुक्रवार, 9 मई 2014

People You Won’t Believe Actually Exist

0

Tall Model From Brazil
No one understands the plight of the tall girl more than Elisany da Cruz Silva, a 17-year-old girl from Brazil who currently stands at six feet, nine inches in height. Elisany is a remarkable girl with a very rare form of gigantism caused by a tumor on her pituitary gland. She has been experiencing great leaps in height growth since her late childhood.
110

3a

4a


28

2 FOOT ROUND OF BOOTILICOUSNESS: THE WORLD’S WIDEST HIPS

It’s no secret that men love curves. Curvy, voluptuous women have no trouble getting attention – especially if those curves are combined with confidence and a healthy amount of sass.


3

4

8


7


6

5

THE DIRTIEST MAN ALIVE

Meet Amoo Hadij, a peculiar 80-year-old man who has not bathed himself once in more than 60 years. Amoo Hadij lives in a small abandoned brick hut in the village of Dezhgah, completely alone, surrounded by garbage, dirt, and animal feces. A bit of a loner, Amoo likes to keep to himself, and rarely has the opportunity to interact with other people. This is probably due to the fact that he smells to high heaven and has the outward appearance of a troll.

dirt6


GOOD PHOTOS GONE WRONG – FUNNY OPTICAL ILLUSIONS!


114
210

new1-Copy
new2
new3-Copy

new4



new5-Copy
new12

new11

new14
GIRL WEARS A CORSET FOR 3 YEARS IN A ROW

wearing-corset-for-three-years-6


wearing-corset-for-three-years-2-1

wearing-corset-for-three-years-8

साभार :http://viralious.com/








 


Read more

3000 किलोमीटर और वह भी एक घंटेगी में दौड़ेगी ट्रेन

0


3000 किलोमीटर और वह भी एक घंटेगी में दौड़ेगी ट्रेन!

लंदन: एक ऐसी रेलगाड़ी जो 3000 किलोमीटर तक की रफ्तार से दौड़ सकती है उससे सफर करना कैसा रहेगा? सुनने में यह दूर की कौड़ी लगती हो पर चीन के एक अनुसंधानकर्ता ने हमारे भविष्य के लिए इसकी योजना तैयार की है।

सिचुआन प्रांत के चेंगदू शहर स्थित दक्षिण पश्चिम जिआओटोंग विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर दर देंग जिगांग ने सबसे पहला मैनेड मेगाथर्मल सुपरकंडक्टिंग मैग्नेटिक लैविटेशन (गैग्लेव) लूप तैयार किया है। प्रति किलोमीटर सैकड़ों किलोमीटर की रफ्तार पकड़ने की क्षमता के कारण मैगलेव ट्रेन एशिया में बड़ी पसंद बन चुका है।

वर्तमान में अत्यधिक वायु प्रतिरोध के कारण इसकी सर्वोच्च गति सीमा 400 किलोमीटर प्रतिघंटा है। जिगांग ने स्पष्ट किया कि यदि गति सीमा 400 किलोमीटर प्रतिघंटा से बढ़ाया जाए तो खींचने वाली ऊर्जा का 83 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा वायु प्रतिरोध के कारण व्यर्थ हो जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि एक निर्वात ट्यूब ट्रेन लाइन में समुद्र की सतह में सामान्य वायुमंडलीय दाब से वायु दाब को 10 गुणा घटा कर भविष्य में सात गुणी गति सीमा बढ़ाई जा सकेगी। दुनिया में सबसे तेज सवारी गाड़ी शंघाई मैगलेव ट्रेन है जो 431 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंच सकती है। (एजेंसी) sabhar :http://zeenews.india.com/

Read more

मंगलवार, 6 मई 2014

भविष्य में महिलाओं से स्पर्म और पुरुषों से अंडाणु तैयार करना संभव हो सकता है

0

cells


कई ऐसे लोग मेडिकल रीजन से औलाद सुख से वंचित रह जाते हैं। उनकी एक ही तमन्ना होती है कि घर के आंगन में कोई किलकारी देने वाला आ जाए। विज्ञान सूनी गोद को हरी करने की राह में नई रिसर्च पर फोकस करता रहा है। इसने मां-बाप बनने की संभावनाओं को बढ़ाया है। अगर जापानी रिसर्चरों की मानें तो भविष्य में महिलाओं से स्पर्म और पुरुषों से अंडाणु तैयार करना संभव हो सकता है। यदि इसमें कामयाबी मिल जाती है तो इनफर्टिलिटी (बांझपन) के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है। हालांकि यह प्रयोग कब पूरी तरह से सफल होगा यह कहना अभी कठिन है। लेकिन रिसर्चरों के नए प्रयोग से औलाद की चाह रखने वालों के अंदर एक चाह जरूर जगी है।

जापान की क्योटो यूनिवर्सिटी के कात्सुहिको हयाशी और सीनियर प्रोफेसर मितिनोरी सैतोयू ने चूहे की स्किन सेल्स से प्रीमॉर्डिअल जर्म सेल्स या पीजीसी तैयार की है। पीजीसी पुरुष और महिलाओं के सेक्स सेल्स में कॉमन प्रीकर्सर है। इसके बाद इन सेल्स को स्पर्म और अंडाणु दोनों डिवेलप किया गया। साइंटिस्टों ने इनका इस्तेमाल आईवीएफ के जरिए प्रजनन करने में किया। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक प्रजनन मेडिसिन के लिए कई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। यह प्रजनन करने में असमर्थ महिलाओं की स्किन सेल्स से अंडाणु तैयार कर बच्चे पैदा करने में मददगार होगा। साथ ही पुरुषों या महिलाओं के स्किन सेल्स से स्पर्म और अंडाणु तैयार करना संभव हो सकेगा।चूहे पर सफलतापूर्वक प्रयोग करने के बाद अब जापान के वैज्ञानिक बंदरों पर इसे आजमाने की सोच रहे हैं। इसमें सफलता मिलने के बाद ही मनुष्यों पर प्रयोग किया जाएगा। हालांकि वैज्ञानिक अभी इसके साइड इफेक्ट और अन्य नकारात्मक पहलुओं पर भी काम कर रहे हैं। इसलिए वैज्ञानिक फिलहाल ऐसा कोई दावा नहीं कर रहे हैं कि यह तकनीक मनुष्यों के लिए कब पूरी तरह से सटीक होगी। माना जा रहा है कि इसमें 10 से लेकर 50 साल भी लग सकते हैं। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/

Read more

हमशक्ल में हॉट हिरोइनों को देखकर उड़ जाएंगे आपके होश

0



मुंबई. बॉलीवुड के छोटे खान कहे जाने वाले अभिनेता सैफ अली खान की आने वाली फिल्म हमशक्ल में हॉट अभिनेत्रियों का तड़का लगाया गया है. फिल्मों में हीरोइन का बिकनी अवतार तो जैसे आजकल आम बात है. लेकिन एक फिल्म में तीन-तीन हीरोइनों को एक साथ बिकनी पहनते देख आपके होश ही उड़ जाएंगे. जी हां ऐसा होने जा रहा है. साजिद खान की फिल्म 'हमशक्ल' में तीन हसीनाएं साथ बिकनी में दिखाई देंगी. इसके लिए तीनों ने कड़ी मेहनत की है.
सूत्रों ने बताया कि फिल्म में बिपाशा बसु, ऐशा गुप्ता और तमन्ना भाटिया तीनों ने बिकनी पहनी है. यही नहीं खुद को परफेक्ट दिखाने के लिए तीनों ने खूब मेहनत भी की है. ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब साजिद ने अपनी फिल्म की किसी हीरोइन को बिकनी पहनाई है, उनकी हर फिल्म में ऐसा एक सीक्वेंस होता है.
फिल्म के निर्माता वासु भगनानी हैं. फिल्म में राम कपूर, सैफ अली खान और रितेश देशमुख मुख्य किरदार में हैं. फिल्म का फ‌र्स्ट लुक लॉन्च हो गया है. तीनों हीरो फिल्म में ट्रिपल अवतार में कॉमेडी करते दिखेंगे.sabhar :http://www.palpalindia.com/

Read more

तीन लोगों के डीएनए से होगा बच्चा

1



यह तकनीक अब तक बंदरों पर टेस्ट की गई थी, इससे मिले नतीजों के आधार पर इस हफ्ते अमेरिक में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) यह तय करेगा कि इस तरह के परीक्षण मनुष्य पर किए जाने की छूट दी जानी चाहिए या नहीं. इस तकनीक से 'डिजाइनर बच्चे' के जन्म में मदद मिल सकती है. पैदा हुए बच्चे में मां से अनचाहे गुण या जेनेटिक बीमारियां न पहुंचें इसके लिए उन्हें बदला जा सकता है. हालांकि तकनीक के खिलाफ नैतिकता के आधार पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
विरोध के स्वर
आलोचकों का मानना है कि इस तकनीक के आ जाने से माता पिता बच्चे की आंख का रंग, कद या बुद्धिमत्ता भी तय करने की कोशिश कर सकते हैं. तकनीक का समर्थन कर रहे वैज्ञानिक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि यह जीन मॉडिफिकेशन के बजाय जीन करेक्शन में काम आएगी.
डॉक्टर शूखरात मितालिपोव कहते हैं, "हम उन जीन्स को इस तकनीक से ठीक कर सकते हैं जो किसी कारण परिवर्तित हो गए और जो मानव शरीर के लिए हानिकारक हैं. हम उन्हें ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं, मुझे समझ नहीं आता कि इसका विरोध क्यों होना चाहिए."
पोर्टलैंड की ऑरिगॉन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी में डॉक्टर मितालिपोव की रिसर्च ने इस मुद्दे पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने साथी रिसर्चरों के साथ मिलकर डीएनए रिप्लेसमेंट तकनीक के जरिए पांच बंदरों के जन्म में मदद की. अब वह यह परीक्षण कुछ ऐसी महिलाओं पर करना चाहते हैं जिनमें दोषपूर्ण जीन्स के कारण बच्चे के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है, जैसे दृष्टिहीनता या किसी अंग का निष्क्रिय होना.
कैसे काम करती है तकनीक
अमेरिका में हर साल पांच हजार में से एक बच्चा माइटोकॉन्ड्रिया में मौजूद दोषपूर्ण डीएनए के कारण इस तरह के रोगों के साथ पैदा होता है. माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए बच्चे में मां से आता है, पिता से नहीं. इस तकनीक के जरिए मां के सेल के वे ही डीएनए बच्चे में डाले जाएंगे जो न्यूक्लियस में होंगे न कि माइटोकॉन्ड्रिया के डीएनए. माइटेकॉन्ड्रियल डीएनए डोनर मां के होंगे.
इसे अंजाम देने के लिए रिसर्चर एक स्वस्थ डोनर महिला के अंडाणु के न्यूक्लियस डीएनए निकालकर मां के न्यूक्लियस डीएनए से बदल देते हैं. प्रजनन पर भ्रूण में मां के न्यूक्लियस डीएनए जाएंगे जो आंखों का रंग और कद जैसी खूबियां निर्धारित करते हैं, लेकिन माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए डोनर मां का होगा.
कई लोग इस बात की भी उम्मीद कर रहे हैं कि इसकी मदद से तीन लोगों के गुणों को मिलाकर बच्चे को पैदा किया जा सकेगा. लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि बात बढ़ा चढ़ा कर प्रस्तुत की जा रही है. उनका मकसद केवल स्वस्थ बच्चे के जन्म में मदद करना है जिसके दोष जन्म से पहले डोनर मां के माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए के जरिए ठीक किए जा सकते हैं.
इस तकनीक से बच्चे के गुणों में हुए परिवर्तन आने वाली नस्लों में आगे बढ़ते जाएंगे. आलोचकों का सवाल यह भी है कि इससे अगर किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी तकलीफें आती हैं तो वे भी वंशानुगत होंगी. जर्मनी और फ्रांस समेत 40 से ज्यादा देशों में मानव जीन में वंशानुगत परिवर्तन करना प्रतिबंधित है.
एसएफ/एएम (एपी) sabhar :http://www.dw.de/

Read more

सोमवार, 5 मई 2014

भोजपूरी मे टीना घई

0









भोजपूरी  मे टीना  घई  का ऐलबम  नथनी  आ गया  है । 

Read more

दुनिया का सबसे अनोखा गांव, जहां के हर घर में है प्लेन

0

दुनिया का सबसे अनोखा गांव, जहां के हर घर में है प्लेन


यह दुनिया की एक ऐसी अनोखी बस्ती है, जहां हर लगभग घर में एक प्लेन जरूर है। यह अमेरिका के नॉर्थ-ईस्ट फ्लोरिडा में स्थित है। इसे स्प्रूस क्रीक के नाम से जाना जाता है और यह डेटॉना बीच से कुछ मील की दूरी पर है। इसे एयर-पार्क या फ्लाई-इन-कम्युनिटी के नाम से भी जाना जाता है।
 
स्प्रूस क्रीक में 1,300 घर हैं और यहां के 700 प्लेन हैं। इस गांव की आबादी करीब 5,000 है। यहां के अधिकांश घरों में निजी प्लेन खड़े हुए दिखाई देते हैं। इस यूनीक गांव में एक निजी एयरफील्ड है। यहां का एक ड्राइव-वे सीधे रनवे से जोड़ता है। रनवे 4 000 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा है।

दुनिया का सबसे अनोखा गांव, जहां के हर घर में है प्लेन

अनोखे गांव स्प्रूसक्रीक में 18 होल वाला गोल्फ कोर्स, कई फ्लाइंग क्लब, निजी एयरक्राफ्ट्स, फ्लाइट ट्रेनिंग और 24 घंटे पेट्रोलिंग करने वाली सिक्युरिटी है। जिन लोगों की जिंदगी एयरप्लेन से जुड़ी है, उनके लिए स्प्रूसक्रीक स्वर्ग जैसी जगह है। 
 
 
अमेरिका के सुप्रसिद्ध एक्टर और पॉयलट जॉन पार्क ट्रैवोल्टा भी यहां कई साल रह चुके हैं। हालांकि, यहां के कई लोगों को शिकायत थी कि जॉन बोइंग 707 से उड़ते थे, जिससे यहां आने और जाने बहुत अधिक शोर होता था। जॉन ने यह बोइंग भाड़े पर ले रखा था। इससे एक दिक्कत और भी होती थी कि 250,000 पाउंड वजनी बोइंग को यहां की छोटी हवाई पट्टी में उतरने में परेशानी होती थी।
दुनिया का सबसे अनोखा गांव, जहां के हर घर में है प्लेन

स्प्रूस क्रीक रेसीडेंशियल एयर-पार्क का कॉन्सेप्ट सेकंड वर्ल्ड वार के बाद का है। यह ऐसा वक्त था, जब अमेरिका को अतिरिक्त एयरफील्ड और पॉयलट्स की जरूरत थी। 1946 के बाद अमेरिकी सरकार ने पूरे देश में 6,000 रेसीडेंशियल एयर-पार्क बनाने की योजना बनाई थी। यह योजना पूरी कभी नहीं हो सकी, लेकिन यह बस्ती उसी योजना के तहत बसाई गई थी। स्प्रूस क्रीक में निवेश होने से यहां फ्लाई कम्युनिटीज का एक बड़ा एक्टिव नेटवर्क तैयार हो गया। अमेरिका के एरिजोना, कोलोरोडा, फ्लोरिडा, टेक्सास और वॉशिंगटन की बड़ी फ्लाई कम्युनिटीज के बीच स्प्रूस क्रीक सबसे विशाल है।
दुनिया का सबसे अनोखा गांव, जहां के हर घर में है प्लेन

गांव के लोगों के घर के गैराज और मैदान में खूबसूरत सेसना, पाइपर, पी-51 मुस्टांग, एल-39 एलब्रैट्रोज, एन इक्लिप्स 500, फ्रैंच फौगा मैजिस्टर खड़े हैं। इस गांव में एक रसियन मिग-15 फाइटर जेट भी है। स्प्रूसक्रीक में विमान के अलावा लैंबोरघिनी, कारवेट्स और पोर्स जी2 जैसे महंगी लग्जरी कारें भी देखने को मिल जाएंगी।

दुनिया का सबसे अनोखा गांव, जहां के हर घर में है प्लेन\

साभार : भास्कर डॉट कॉम 


Read more

Ads

 
Design by Sakshatkar.com | Sakshatkartv.com Bollywoodkhabar.com - Adtimes.co.uk | Varta.tv