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मंगलवार, 1 अप्रैल 2014

82 वर्ष की उम्र का जवान

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केलिफोर्निया से आये 82 वर्ष के प्रो. सांचेज इन दिनों बनारस में विश्वविध्यालय के छात्र-छात्राओ को लम्बा जीवन जीने की कला बता रहे हैं, देखिये यह वीडियो...


sabhar :http://video.samaylive.com/

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विज्ञान की नई शाखा सिंथेटिक बायोलॉजी

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हाल के सालों के दौरान विज्ञान की एक नई शाखा का विकास हुआ है, जिसे सिंथेटिक बायोलॉजी कहा जा रहा है. बायोलॉजिस्ट, केमिस्ट और इंजिनीयर इस क्षेत्र में एक साथ काम करते हैं.
 खुलेंगे कुछ और राज़
यूं कहा जा सकता है कि पहले जीवजगत के सूक्ष्म विश्लेषण के ज़रिए उनके छोटे से छोटे हिस्से - अणु तक पहुंचा जा रहा था. इस नए विषय के तहत इन सूक्ष्म हिस्सों को जोड़ने व उनके नए यौगिक के निर्माण पर ध्यान दिया जा रहा है. कुछ वैज्ञानिक तो नए जीवन के विकास का सपना तक देख रहे हैं. लेकिन सिंथेटिक बायोलॉजी का दायरा परंपरागत जीन तकनीक से कहीं परे तक जाता है. यह सिर्फ़ जीन्स का स्थानांतरण नहीं है, बल्कि यूं कहा जा सकता है कि इसके अंतर्गत टेबल पर या कंप्युटर में नए जीवों की संरचनाएं तैयार की जाती है.
इस सिलसिले में सबसे महत्वपूर्ण हैं जेनेटिक या आनुवंशिक अणु, जिन्हें डीएनए कहा जाता है. त्स्युरिष के तकनीकी महाविद्यालय के इंजीनियर स्वेन पांके का कहना है कि यह एक जटिल प्रक्रिया है. वह कहते हैं, "हमें सोचना पड़ेगा कि कैसे बड़ी मात्रा में डीएनए के नए सिंथेसिस बनाए जाएं. कैसे उन्हें जोड़ा जाए और कोशिका में उन्हें डाला जाए. यानी दो काम हैं - पहले डीएनए को जोड़ना और फिर उन्हें कोशिका में डालना. क्या हम डीएनए को पर्याप्त रूप से समझते हैं, ताकि उनके नए कोड तैयार किए जा सकें? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका संबंध सिंथेसिस से है."
प्रयोगशालों में तैयार डीएनए के ज़रिए कभी न कभी नए टीके या नई दवाइयां बनाई जा सकेंगी, जैविक कूड़े से उर्जा का उत्पादन संभव होगा. कभी न कभी सिंथेटिक बायोलॉजी के आधार पर बिल्कुल नए जीव भी बनाए जा सकेंगे. यह अमेरिका के क्रेग वेंटर का घोषित लक्ष्य है. वह बायो तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उद्योगपति हैं, और सिंथेटिक बायोलॉजी के क्षेत्र में काफ़ी कुछ हासिल करना चाहते हैं. वह कहते हैं, "अगर हम पूरी तरह से सिंथेटिक क्रोमोसोम बना सकें और उसके जीन्स का सेट अलग हो, तो यह पूरी तरह से सिंथेटिक जीव होगा."
क्रेग वेटर इस नए जीव के लिए एक नाम भी ढूंढ़ चुके हैं. इसका नाम होगा माइकोबैक्टेरियम लैबोरेटोरियम. एक प्राकृतिक जीव माइकोबैक्टेरियम जेनिटालियम के साथ इसका रिश्ता होगा. वेंटर की टीम प्रयोगशाला में इस आनुवंशिक तत्व के निर्माण में सफल रही है. अब इसी विधि से कृत्रिम जीव भी तैयार किया जाएगा. वेंटर का दावा है कि इससे कोई ख़तरा नहीं पैदा होगा. वह कहते हैं, "जो कुछ भी हम तैयार करते हैं, हम उसे ख़ास तरीके से तैयार करते हैं और प्रयोगशाला के बाहर वह जी नहीं सकता."
वैज्ञानिकों के बीच इस बात पर मतभेद है कि इन्हें कृत्रिम जीव कहा जा सकता है या नहीं. मिसाल के तौर विटोर मार्टिन्स डोस सांतोस इससे सहमत नहीं हैं. संक्रमण पर शोध के लिए जर्मनी के हेल्महोल्त्ज़ संस्थान के वैज्ञानिक कहते हैं, "कृत्रिम जीवन नहीं हो सकता है, क्योंकि परिभाषा के अनुसार जीवन कृत्रिम नहीं होता. करोड़ों साल की प्रक्रिया से बैक्टेरिया बने हैं. अब सिंथेटिक बायोलॉजी के ज़रिए प्राकृतिक विकास की प्रक्रिया को किसी ख़ास दिशा में तेज़ किया जा रहा है. लेकिन यह कृत्रिम जीवन नहीं है."
विज्ञान की इस नई शाखा पर बहस जारी है. सिर्फ़ वैज्ञानिकों के बीच ही नहीं. अगर ये तकनीकें आतंकवादियों के हाथ आ जाएं? साथ ही यह सवाल भी कि क्या इंसान को खुद सृष्टिकर्ता बनना चाहिए.
रिपोर्टः मिशाएल लांगे/उज्ज्वल भट्टाचार्य
संपादनः ए कुमार sabhar :http://jamanadekhega.blogspot.in/

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योग से रोमांस का आनंद

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प्रेमी-प्रेमिकाओं में यदि वैचारिक और समझ के मतभेद हैं तो तकरारें कभी भी अलगाव में बदल सकती हैं। योग हमारे प्यारभरे जीवन को नए-नए आयाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पति या पत्नी से चल रही तकरार को भी आनंदायक बनाया जा सकता है। जरूरी नहीं है कि रोमांस सिर्फ प्रेमिका के साथ ही होता है यह तो आपके यौगिकव्यवहार पर निर्भर करता है

योग हमारे विचारों और भावनाओं को एक नए रूप में प्रस्तुत करने में सक्षम है। योग के माध्यम से आप अपने प्रेमी या प्रेमिका के प्रति और अधिक संवेदनशील होकर उससे तालमेल बैठाने में सक्षम हो जाते हैं। यह आपसी विश्वास और देखभाल को बढ़ाकर जीवन के प्रति आपके सकारात्मक व्यवहार को जगाता है साथ ही यह हास्य प्रधान जीवन शैली का विकास करता है।

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कल्पना करना सीखें : 
योग की ताकत इतनी है कि आप अलग-अलग परिप्रेक्ष्य में चीजों को देखना शुरू कर देते हैं। योग की मदद से आप एक पूरी 'नई दुनिया' की कल्पना कर सकते हैं। एक ऐसी दुनिया जिसमें प्यार और आनंद के अलावा कुछ न हो। योग आपके अहंकार को पिघलाकर उसे समर्पण में बदल सकता है। यह आपको गलती करने से तो रोकता ही है, साथ ही आपके साथी द्वारा की गई गलती को माफ करने की क्षमता देता है। आप क्यों नहीं अच्छे जीवन की कल्पना करते हैं? यह कल्पना करना भी योगा टिप्स ही है। कल्पना तो ज्ञान से भी महत्वपूर्ण होती है। करके तो देंखे। कल्पना करें की आप प्यार करना सीख रहे हैं।

प्यार करना सीखें : 
सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिक विषय प्यार करने के लिए प्यार होना और सीखना आवश्यक है। जरूरी नहीं कि किसी लड़की या लड़के के प्रति प्रेम से हो। दरअसल योग आपके व्यक्तित्व को प्रेमपूर्ण बना सकता है। इस प्रेमपूर्ण व्यक्तित्व की आज दुनिया को बहुत जरूरत है। प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को इस दुनिया में असहाय या अकेला पाता है। ऐसे में जरूरत है सभी को प्रेम की। तो कहें, 'ऑल इज वेल एंड ऑल इज वन।'

कैसे होगा यह संभव:
योग का प्रथम अंग यम के प्रथम सूत्र 'सत्य' को समझें। सत्य की ताकत ही प्यार को जोड़े रखती है। कथनी, करनी और व्यवहार में समानता ही सत्य की ताकत है। दूसरा सूत्र अपरिग्रह इसे अनासक्ति भी कहते हैं अर्थात किसी भी विचार, वस्तु और व्यक्ति के प्रति मोह न रखना ही अपरिग्रह है। मोह और प्यार में फर्क को समझें। प्यार स्वतंत्रता देता है किंतु मोह अप्रत्यक्ष गुलामी है जिससे दुख का जन्म होता है।

अब तीसरे सूत्र को समझें। शरीर और मन की पवित्रता ही शौच है। तन और मन को स्वच्छ रखें। इससे आपके साथी को भी अच्छा अनुभव होगा। प्यार में पवित्रता का बहुत महत्व है। स्वाध्याय का अर्थ है स्वयं का अध्ययन करना। हम क्या सोचते हैं, क्या करते हैं और क्या कहते हैं, इस सब पर सतर्क निगाहें रखने से एक ईमानदार और दृढ़ व्यक्तित्व का निर्माण होता है। क्या आप अपनों के प्रति ईमानदार नहीं रहना चाहते?

प्राणायाम : प्राणायाम आपके मन और मस्तिष्क को स्वस्थ बनाता है। यह आपके व्यक्तित्व को और प्रेमपूर्ण तथा समझपूर्ण बनाने के लिए बहुत ही लाभदायक है। दो लोगों को जोड़ने के लिए इ‍तना काफी है। इतना ही कर लें तो बहुत है और इतना भी नहीं कर पाएँ तो फिर किसी योग और मनोचिकित्सक से मिलें। धन्यवाद जो आपने यह आलेख पढ़ा।
sabhar  :http://hindi.webdunia.com/

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आया था वह मंदिर तोड़ने, माता ने दिखाया चमत्कार

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माता का चमत्कारी मंदिर

माता का चमत्कारी मंदिर


राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में सीकर से करीब 30 किलोमीटर दूर माता का एक चमत्कारी स्थान है। कहते हैं यह माता देवी रुप में प्रकट नहीं हुई थी बल्कि मनुष्य से देवी रुप में परिवर्तित हुई थी। इनकी चमत्कारी शक्ति ऐसी है कि इन्हें शक्तिपीठ की तरह पूजनीय माना जाता 


सामान्य नारी से देवी रुप में प्रकट हुई माता

सामान्य नारी से देवी रुप में प्रकट हुई माता

लोक मान्यता के अनुसार चौहान वंश के राजपूत परिवार में जीण माता का जन्म हुआ था। इनके बड़े भाई का नाम हर्ष था। भाई बहन दोनों एक दूसरे से खूब स्नेह करते थे।

एक बार की बात है जीण अपनी भाभी के साथ सरोवर से जल लेने गई। वहीं भाभी के और ननद में इस बात को लेकर विवाद हो गया कि हर्ष किसे अधिक स्नेह करता है। यह तय हुआ कि हर्ष पानी का मटका जिसके सिर से पहले उतारेगा वही हर्ष का अधिक प्रिय होगा।

दोनों जब घर पहुंचे तो शर्त से अनजान हर्ष ने पहले अपनी पत्नी के सिर से मटका उतारा। इससे जीण नाराज हो गई और उसे लगा कि भाई उससे कम स्नेह करता है। इससे उसका मोह खत्म हो गया और आरावली के "काजल शिखर" पर पहुंच कर तपस्या करने लगी। तप के प्रभाव से चुरु में देवी का वास हो गया।

दूसरी ओर जब चुरु के भाई हर्ष को शर्त की बात पता चली तो वह बहन को मनाने काजल शिखर पर पहुंचा। लेकिन बहन ने घर लौटने से मना कर दिया। इससे हर्ष भी वहीं पहाड़ी पर तप भैरो की तपस्या करने लगा और उसने भैरो पद प्राप्त कर लिया।

देवी ने दिखाए चमत्कार

देवी ने दिखाए चमत्कार

लोककथा के अनुसार मुगल बादशाह औरंगजेब ने जीण माता और भैरो के मंदिर को तोड़ने के लिए सैनिकों को भेजा। बादशाह के इस व्यवहार से दुःखी लोग जीण माता की प्रार्थना करने लगे।

माता ने चमत्कार दिखाया, मधुमक्खियों के झुंड ने मुगल सेना पर धावा बोल दिया। मुगल सेना जान बचाकर भागी। औरंगजेब भी गंभीर रुप से बीमार हो गया। कोई उपाय न देखकर औरंगजेब माता के मंदिर में आया और माफी मांगी।

औरंगजेब ने माता को वचन दिया कि वह हर महीने सवा मण अखंड तेल दीप के लिए भेंट करेगा। इसके बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। sabhar ;
http://www.amarujala.com/


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लड़की ने कराया अपना रेप, फिर ब्लैकमेल भी किया

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युवती और उसके चार दोस्तों पर मामला दर्ज


युवती और उसके चार दोस्तों पर मामला दर्ज


तमंचे की नोक पर एक युवक से युवती ने सेक्स करवाया फिर युवती के दोस्तों ने उसका एमएमएस बनाया। एमएमएस के बाद शुरू हुआ ब्लैकमेल करने का सिलसिला।

पीड़ित युवक ने अबतक 4 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए है। बावजूद उनकी डिमांड खत्म नहीं हो रही है। थक-हारकर मामला पुलिस के पास पहुच गया है।

प्यार के जाल में फंसाकर जबरन सेक्स और फिर ब्लैकमेल करने का यह अनोखा मामला हरियाणा के फतेहाबाद की है। वहां गांव सिरढान निवासी धर्मपाल पुत्र कन्नीराम की शिकायत पर पुलिस ने एक महिला, उसके सहयोगी राज व विजय नेलसन उर्फ एमसी सहित चार अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

मोबाइल पर की थी दोस्ती

फतेहाबाद के सिरढान गांव निवासी धर्मपाल ने बताया कि 26 मार्च को उसके मोबाइल पर एक लड़की का फोन आया। हालांकि वह उस लड़की को जानता नहीं था लेकिन कई दिनों की बातचीत के बाद दोनों के बीच दोस्ती हो गई।

धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। इस बीच लड़की ने धर्मपाल से शादी का प्रस्ताव भी रख दिया।

लड़की ने अपने माता-पिता से मिलवाने के बहाने धर्मपाल को 28 मार्च के दिन फोन कर 12 बजे हुड्डा चौक पर मिलने के लिए बुलाया। माता-पिता से मिलवाने की बात कहकर लड़की उसे लेकर एमआइटीसी कॉलोनी पहुंची।

जबरन करवाया सेक्स, बनाया MMS

वह युवती धर्मपाल को एक घर में ले गई, वहां पहले से तीन लोग मौजूद थे। आरोप है कि उन लोगों ने धर्मपाल पर तमंचा तान दी और उसे अपने कपड़े उतारने को कहा। फिर उस युवती के साथ जबरन सेक्स करवाया।

इस दौरान उस युवती को दोस्तों ने दोनों का सेक्स विडियो भी बनाया। उसके बाद से युवती और उसके दोस्त उसे ब्लेकमेल करने लगे।

इस बीच युवक ने चार लाख रूपए युवती और उसके दोस्तों को दे दिए। जब उनका हौसला और बढ़ने लगा तो धर्मपाल ने पुलिस को सबकुछ बताने में ही भलाई समझी।

महिला के पत्र से मामले में नया मोड़

इस बीच एक ताजा मामले में उस युवती ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायत पत्र में बताया कि वह रानियां रोड निवासी है। वह 25 मार्च को हिसार से सिरसा बस में आ रही थी। जब बस फतेहाबाद पहुंची तो उसकी साथ वाली सीट पर एक युवक आकर बैठ गया।

बाईं बाजू में टीका लगा होने के कारण दर्द हो रहा था,इसीलिए उसने उक्त युवक को थोड़ा दूर बैठने के लिए कहा। तभी उसने एक दर्द निवारक गोली दी और स्वयं को डॉक्टर बताया। फिर उसने बताया कि वह फतेहाबाद जिले के गांव सिरढान का रहने वाला है।

महिला ने बताया कि उसने जेबीटी और बीकॉम की है। महिला का कहना है कि दो दिन बाद आरोपी ने उसे फोन किया और दस्तावेज मंगवाए। वह स्कूटी पर दस्तावेज लेकर हुडा चौक पर आ गई, जहां उक्त व्यक्ति गाड़ी लेकर खड़ा था।

पैसे वालों को फांसकर रुपये ऐंठने वाला गिरोह'

इसके बाद उसने स्कूटी वहीं खड़ी करवाकर उसे गाड़ी में बैठाकर सुनसान जगह पर ले गया और नौकरी के बहाने गाड़ी में ही उसके साथ दुराचार किया।

हालांकि जांच अधिकारी रामनिवास का कहना है कि पैसे वालों को फांसकर रुपये ऐंठने वाले गिरोह के सरगना और लड़कियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। हो सकता है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए अब यह आरोप लगाए जा रहे हो।

जांच अधिकारी के अनुसार इस गिरोह का सरगना विजय एमसी है जो इस महिला का सहयोगी है। उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक केस दर्ज हैं। जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा। sabhar ;http://www.amarujala.com/

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सोमवार, 31 मार्च 2014

राधे मां के भक्तों ने अपने बच्चों को मारा, फिर कर ली आत्महत्या

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अहमदाबाद. गुजरात के कच्छ क्षेत्र के अंजार जिले में एक भयंकर घटना सामने आई है. राधे मां के चार भक्तों ने तीन बच्चों को जहर देकर मार दिया. बाद में चारों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आत्महत्या करने वाले एक ही परिवार के हैं. दो बच्चियां बच गई क्योंकि वे स्कूल गई हुई थी.
घटना को लेकर कई तरह से कयास लगाए जा रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि अंधविश्वास के चलते परिवार ने यह कदम उठाया. वहीं कुछ का कहना है कि राधू और लाखू ने पैतृक जमीन बेची थी. उन्हें 1.5 करोड़ रूपए मिले थे. यह राशि उन्होंने राधे मां को दान कर दी थी. राधे मां का आश्रम यूपी के बरसाना में है.
घटना के वक्त दो बेटियां 15 साल की पायल और 7 साल की सोनल स्कूल गई थी. संयुक्त परिवार में अब वे दोनों ही जिंदा बची है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वे इस मामले में जामनगर की एक महिला की भूमिका की जांच कर रहे हैं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बच्चों की हत्या कर आत्महत्या करने वाले खाते पीते परिवार से थे. 32 साल का राधू पत्नी लक्ष्मी और 30 साल का लाखू पत्नी कांकू बेन के साथ एक ही घर में रह रहे थे. राधू और लाखू सगे भाई थे. सभी निंगल गांव में रहते थे. चारों राधे मां के भक्त थे. सभी के शव घर में फंसे से लटके हुए पाए गए.
सामान्यतया पूरा परिवार सुबह-सुबह भजन सुनता था लेकिन बुधवार को जब भजन सुनाई नहीं दिए तो पड़ोसियों ने परिवार से संपर्क करने की कोशिश की. जब संपर्क नहीं हुआ तो पड़ोसियों ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा तो चारों को फंखे से लटका हुआ पाया. राधू और लाखू और उनकी बीवियों ने 4 साल के शाश्वत लाखू, 5 साल की प्राची लाखू और 7 साल के श्याम को जहर देकर मारा डाला.
रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि परिवार भगवान कृष्ण का भक्त था. परिवार दूर की रिश्तेदार सोनल अहीर के संपर्क में था. सोनल जामनगर जिले के आलियाबाड़ा में रहती है. सोनल खुद को कृष्ण भक्त बताती sabhar http://www.palpalindia.com/

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अब इंटरनेट पर घर के राशन का ऑर्डर

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शॉपिंग का तरीका बदल चुका है. अब लोग दुकानों में जा कर वक्त बर्बाद करने की जगह इंटरनेट पर ही ऑर्डर देना पसंद करते हैं. कपड़े और फर्नीचर तक तो ठीक है, पर क्या अब घर का राशन भी इंटरनेट से ही आया करेगा?



कुछ लोग हफ्ते भर की सब्जी एक साथ खरीदना पसंद करते हैं, पर अधिकतर को रोज ताजा सामान लेने में ही तसल्ली महसूस होती है. सब्जी ताजा है या नहीं, कहीं कीड़ा तो नहीं लगा, फल की खुशबू अच्छी है जा नहीं, ये सब बातें सुनिश्चित करने के बाद ही लोग सामान खरीदते हैं. जब तक फल को खुद अपने हाथ में ले कर तसल्ली ना कर लें, तब तक भले ही दुकानदार जितना भी समझा ले, लोग खरीदने के लिए राजी नहीं होते. लेकिन हो सकता है कि कुछ वक्त में यह बदल जाए.
अमेजन जैसी इंटरनेट वेबसाइटों पर अब खाने पीने का सामान खरीदने का भी मौका मिलने लगा है. हालांकि अभी ऑनलाइन फूड का बाजार पक्का नहीं हुआ है लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आने वाले कुछ सालों में इसमें तेजी से उछाल दर्ज किया जाएगा. अमेरिका में इस तरह की कई वेबसाइटों का परीक्षण चल रहा हैं. जर्मनी में भी अब इस तरह का बाजार शुरू हो रहा है. यहां के जानेमाने स्टोर 'रेवे' ने अपनी ऑनलाइन टीम भी तैयार कर ली है. रेवे के सीईओ का कहना है कि उन्होंने जर्मनी में ही अपनी छोटी सी 'सिलिकॉन वैली' बना ली है
राशन की होम डिलीवरी
इंटरनेट के जानकारों की मानें तो 2020 तक ऑनलाइन फूड इंडस्ट्री पूरी तरह फल फूल चुकी होगी. अकेले जर्मनी में इसके सालाना दो से तीन अरब यूरो के मुनाफे की उम्मीद की जा रही है. इंग्लैंड में तो ऑनलाइन कंपनी टेस्को ने 2013 में ही 15 करोड़ यूरो का मुनाफा दर्ज किया है. फ्रांस में भी कई स्टोर इस कंसेप्ट पर काम कर रहे हैं. वहां लोग इंटनेट में राशन का सामान ऑर्डर कर सकते हैं. दिक्कत बस इतनी है कि अभी वहां इस सामान की डिलीवरी का विकल्प नहीं है. यानि स्टोर से सामान उठाने खुद ही जाना होगा. फायदा इतना है कि आपको लंबी कतार में लगने की जरूरत नहीं और आपके पहुंचते ही आपकी पसंद का सारा सामान पहले से ही पैक हो कर आपका इंतजार कर रहा होगा.साथ ही कुछ ऐसी कंपनियां भी बाजार में आने की कोशिश में हैं जिनके कोई स्टोर हैं ही नहीं. 'ऑलयूनीड.कॉम' और 'फूड.डीई' इसी तरह की वेबसाइटें हैं. ये ग्राहकों तक सामान डिलीवर करने का वादा भी करती हैं. इन कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है खाने पीने के सामान को सही ढंग से ग्राहकों तक पहुंचाना. मसलनदूध, अंडे, मांस और अन्य कोल्ड स्टोरेज का सामान उसी हालत में ग्राहकों तक पहुंचना चाहिए जैसा कि आम तौर पर स्टोर में मिलता है. हो सकता है कि इस तरह की डिलीवरी के लिए कंपनी को ज्यादा खर्च उठाना पड़े. पर एक बात तो तय है, ग्राहक तभी इंटरनेट में ऑर्डर करना पसंद करेंगे अगर उन्हें स्टोर जितनी या उससे भी कम कीमत में सामान मिलता है. sabhar :http://www.dw.de/


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इंसानों से बातें करने वाला रोबोट करेगा अंतरिक्ष की सैर

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टोक्यो। अमेरिका और रूस के बाद जापान की अंतरिक्ष में एक नया मुकाम हासिल करने की तैयारी है। एशियाई देश चार अगस्त को इंसानों से बेधड़क बातें करने वाले रोबोट को अपने एक अंतरिक्ष यात्री के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन भेजेगा। किरोबो नाम के इस मशीनी एस्ट्रोनॉट की अंतरिक्ष यात्रा पहला ऐसा मौका होगा, जब धरती से बाहर इंसान और रोबोट के बीच संवाद होगा।
जापान के दक्षिण-पश्चिम स्थित तानीगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से चार अगस्त को किरोबो, कौउनोत्री-4 स्पेसक्राफ्ट के जरिये अंतरिक्ष स्टेशन रवाना होगा। जापानी अंतरिक्ष यात्री कोइची वाकाता भी इस मिशन का हिस्सा होंगे। वाकाता वहां स्पेस स्टेशन की कमान की जिम्मेदारी संभालने वाले पहले जापानी होंगे।
34 सेमी और एक किलो के नन्हे किरोबो को यह नाम जापानी शब्द किबो (आशा) और रोबोट को जोड़कर दिया गया। जापानी डेली प्रेस के मुताबिक, बुधवार को पत्रकारों से रूबरू हुए किरोबो ने तमाम सवालों का बखूबी जवाब दिया। लांचिंग के पहले शून्य गुरुत्व में रहने समेत किरोबो अंतरिक्ष में काम करने के लिए जरूरी इम्तहान पास कर चुका है।
किरोबो से पूछा गया कि उसका सपना क्या है? उसने कहा, वह ऐसे भविष्य की उम्मीद करता है, जहां इंसान और रोबोट एक साथ रहें और कंधे से कंधा मिलाकर काम करें। टोक्यो यूनिवर्सिटी, टोयोटा और डेंट्सू इंक ने मिलकर तैयार किया है। टोक्यो विवि में प्रोफेसर तोमोतोका ताकाहाशी ने कहा कि किरोबो अंतरिक्ष यात्रियों की मदद करेगा, वहीं उसका हमशक्ल रोबोट मिराता नीचे कंट्रोल रूम में जिम्मेदारी संभालेगा। वैज्ञानिकों का मुख्य लक्ष्य किरोबो और अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के बीच संवाद पर होगा। उनका कहना है कि एंड्रायड सिस्टम पर बना किरोबो जब स्पेस स्टेशन पर वाकाता से मिलेगा तो उसे पहचान लेगा। उसे पिछली बातें भी याद रहती हैं। sabhar :http://www.jagran.com/

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भटकती आत्मा का रहस्य

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25 सालों से किसकी आत्मा भटकती है इस चॉल में?

चॉल के आस-पास भटकता है भूत




चॉल के आस-पास भटकता है भूत


भूत प्रेतों के बारे में यह कहा जाता है कि यह सुनसान जगहों पर रहते हैं। लेकिन घटना को पढ़कर आपका यह भ्रम दूर हो जाएगा। क्योंकि यह भूत सुनसान में नहीं बल्कि एक चॉल के आस-पास भटकता है जहां दिन भर लोगों की चहल-पहल बनी रहती है।

मुंबई का भूतहा चॉल

मुंबई का भूतहा चॉल

यह चॉल है मायानगरी मुंबई में माहिम के कैनोसा प्राइमरी स्कूल के पास स्थित डिसूजा चॉल। कहा जाता है कि इस चॉल के आस-पास एक भूतनी की आत्मा भटकती है।

कौन है यह भूतनी

यह भूतनी करीब 25 साल पहले इसी चॉल में रहती थी। एक रात कुएं से पानी लेने के लिए जब आई तो गलती से कुएं में गिर गई। और कुएं में डूबकर इसकी मौत हो गई। अब इस कुएं को बंद कर दिया गया है।

जब दिख जाती है यह भूतनी

कहते हैं रात के समय जब भी कोई इस कुएं के आस-पास से गुजरता है तो उसे भूतनी दिख जाती है। लेकिन यह किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती है। चॉल मालिक रिचर्ड हर दिन कुएं के पास फल और फूल चढ़ाते हैं ताकि आत्मा शांत रहे।

ममी का रहस्यः मरने के बाद भी बढ़ रहे हैं नाखून और बाल


जिंदा है या मुर्दा बढ़ रहे हैं नाखून और बाल

मरने के बाद भी किसी व्यक्ति के नाखून और बाल बढ़ रहें हों यह सुनकर आप एक बार चौंक जरुर जाएंगे। वह भी तब जबकि, उस व्यक्ति की मौत करीब 550 साल पहले हो चुकी हो। लेकिन चौंकाने वाला यह रहस्य भारत के ही हिमाचल राज्य में मौजूद है।

किसकी है यह ममी

किसकी है यह ममी

स्थानीय लोग इस ममी के प्रति अपार श्रद्घा रखते हैं। कहते हैं कि यह ममी एक साधु की है। कहते हैं उन दिनों इस गांव में बिच्छूओं का आतंक था। साधु ने गांव वालें से कहा कि आप लोग मुझे जमीन में दफना दो। इससे बिच्छूओं का आतंक खत्म हो जाएगा।

गीयू में 550 साल पुरानी ममी

हिमाचल के स्पीती जिले के गांव गीयू में 550 साल पुरानी एक ममी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस ममी के बाल और नाखून बढ़ते रहते हैं। हालांकि चिकित्सा विज्ञान इस सच से इंकार करता है।

कैसे मिली यह ममी

कैसे मिली यह ममी

साधु की बात मानकर गांव वालों ने साधु को जमीन में दफना दिया। इसके बाद बिच्छू गायब हो गए। साधु का भी कुछ पता नहीं चला। इंडो तिब्बतियन बोर्डर पुलिस द्वारा की जा रही खुदाई में यह ममी प्राप्त हुई। इसके बाद से ममी को संभलकर रखा गया है और लोग इसकी पूजा करते हैं।

कहते हैं भारत के इस चर्च में तीन भूतों का बसेरा है

चर्च में ही अपना घर बनाए बैठे हैं भूत

चर्च में ही अपना घर बनाए बैठे हैं भूत

आपने सुना होगा कि भूत प्रेत भगवान से डरते हैं। जहां पर ईश्वर का ध्यान किया जाता है उस जगह के आस-पास भूत भटकने का साहस भी नहीं कर पाते हैं।

लेकिन तीन ऐसे भूत हैं जो बेखौफ चर्च में ही अपना घर बनाए बैठे हैं। यह चर्च भारत के गोवा शहर में स्थित है। अगर आप गोवा घूमने गए होंगे तो शायद आपने इस चर्च के दर्शन भी किए होंगे।

राजाओं की आत्मा भटकती है

गोवा स्थित इस चर्च का नाम है थ्री किंग्स चर्च। लोगों का मानना है कि इस चर्च में तीन राजाओं की आत्मा भटकती है। और कई बार चर्च में आए लोगों को इनकी मौजूदगी का एहसास भी होता है।

इस तरह तीनों राजा बन गए भूत

यहां के कुछ लोग बात बताते हैं कि किसी समय यहां तीन पुर्तगाली राजा हुआ करते थे। इनमें वर्चस्व को लेकर अक्सर लड़ाई होती रहती थी। एक बार होल्गेर नाम के एक राजा ने अन्य दोनों राजाओं को इस चर्च में आमंत्रित किया और धोखे से जहर देकर मार दिया।

जब लोगों को होल्गेर की इस करतूत का पता चला तो इनके महल को घेर लिया। जनता के आक्रोश को देखकर तीसरे राजा ने आत्महत्या कर ली। तीनों राजाओं के शव को इसी चर्च में दफना दिया गया। इसके बाद से ही इस चर्च में भूतों का निवास माना जाता है।

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इन फोटोशूट में जरा भी नहीं शरमाईं पूनम पांडेय?

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यदि सिर्फ एक फिल्म करने के बावजूद यदि पूनम चर्चाओं में हैं तो उसकी बड़ी वजह उनके फोटोशूट रहे हैं।
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वह इन फोटोशूट को जब तक अपनी फेसबुक और ट्वीटर के माध्यम से दुनिया को दिखाती रही हैं।

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पूनम पांडेय की इस फिल्‍म ने खूब सुर्खियां बटोरी


वह इन फोटो
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पूनम पांडेय की सिर्फ एक फिल्म नशा रिलीज हुई है। वह फिल्‍म औसत रही है।

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पूनम पांडेय हमेशा अपने फोटोशूट के माध्यम से चर्चाओं में रही हैं।

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यह सवाल हमेशा रहा है कि पूनम पांडेय ऐसे फोटोशूट करते समय क्या जरा भी नहीं शरमाईं।


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पूनम पांडेय की इधर कोई फिल्म नहीं है लेकिन फिर भी वह इन्हीं दृश्यों की वजह से चर्चाओं में रहीं हैं

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शूट को जब पूनम पांडेय की इधर कोई फिल्म नहीं है लेकिन फिर भी वह इन्हीं दृश्यों की वजह से चर्चाओं में रहीं हैंतक अपनी फेसबुक और ट्वीटर के माध्यम से दुनिया को दिखाती रही हैं।

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रविवार, 30 मार्च 2014

जवानी में ही बूढ़ा बना देगी डाइट से जुड़ी यह गलती

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having much salt can make you age earlier

कम उम्र में ही 'बूढ़ें' न दिखें, इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट से जुड़ी एक गलत आदत तो बदल ही लें। 

हाल में हुए शोध की मानें तो खाने में अधिक नमक लेने वाले लोगों को कम उम्र में ही बुढ़ापे से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।जॉर्जिया रीजेंट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की मानें तो नमक में सोडियम की मात्रा अधिक होती है जो शरीर की कोशिकाओं को जल्दी नष्ट करती हैं।

शोधकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि यह रिस्क उन युवाओं को अधिक है जो कम उम्र में मोटापे का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने यह भी माना कि भोजन में नमक की मात्रा कम करके इस खतरे से बचा जा सकता है।

शोध के दौरान 14 से लेकर 18 साल के 766 किशोरों को अलग-अलग समूहों में विभाजित कर, उनके खानपान का अध्ययन किया गया है।

यह शोध अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के एपिडेमोलॉजी एंड प्रिवेंशन न्यूट्रिशन के सम्मेलन में पेश किया गया है। sabhar :http://www.amarujala.com/

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