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रविवार, 30 मार्च 2014

ये रेस्तरां है खास, यहां बंदर हैं 'वेटर'

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जापान की राजधानी टोकियो में एक ऐसा रेस्तरां है जहां का मेनू ही नहीं बल्कि वेटर भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. दो बंदर मेहमानों का स्वागत करते हैं. ये बंदर आम वेटरों की तरह ही आगन्तुकों को न सिर्फ मेनू लाकर देते हैं बल्कि ऑर्डर लेते हैं और खाना भी सर्व करते हैं. ये बंदर बिल्कुल आम वेटरों की तरह ही यूनिफार्म भी पहनते हैं, लेकिन इन बंदरों ने मुखौटे और विग पहने होते हैं. वे लोगों की बात भी समझ लेते हैं. रेस्तरां के मालिक ने बताया है कि रेस्तरां में इन जानवरों का उपयोग करने का विचार उसे तब आया जब उसने देखा कि उसके घर में उसकी पसंदीदा बंदरिया वैसी ही हरकतें करती है जैसी कि घर का मालिक करता है.
sabhar :http://www.samaylive.com/

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अब सिंथेटिक क्रोमोसोम तैयार

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ख़मीर क्रोमोसोम

जैविक इंजीनियरिंग में एक बड़ी छलांग लगाते हुए वैज्ञानिकों ने ख़मीर का पहला सिंथेटिक गुणसूत्र (क्रोमोसोम) तैयार किया है.
इससे पहले अब तक सिंथेटिक डीएनए बैक्टीरिया जैसे सरल जीवों के लिए बनाया गया था.

इसलिए ख़मीर के पहले 16 गुणसूत्रों को तैयार करना उभरते हुए सिंथेटिक बायोलॉजी विज्ञान की 'बड़ी उपलब्धि' मानी जा रही है.ख़मीर की जीवन रचना ऐसी है जिसकी कोशिकाओं का एक केंद्र होता है, जो पौधों और जानवरों से मिलता जुलता है. इसमें 2,000 जीन्स होते हैं.
शोध में ख़मीर में मौजूद मूल गुणसूत्रों को सिंथेटिक गुणसूत्रों से बदल दिया गया. वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किया गया गुणसूत्र ख़मीर में सफलतापूर्वक काम करने लगा.
इसके बाद वैज्ञानिकों ने ख़मीर के पुनरुत्पादन का भी निरीक्षण किया ताकि इसे व्यवहारिकता की कसौटी पर कसा जा सके.

'अप्रत्यक्ष खतरे'

शोध के लिए ख़मीर का प्रयोग बहुत उपयोगी माना जाता है. बेकिंग और मद्यकरण में ख़मीर का बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है और भविष्य में इसके औद्योगिक इस्तेमाल की भी बहुत संभावनाएं हैं.
कैलिफ़ोर्निया में एक कंपनी पहले भी सिंथेटिक बायोलॉजी की मदद से ख़मीर की ऐसी किस्म तैयार कर चुकी है जो मलेरिया की दवा का एक तत्व, आर्टेमिसिनिन पैदा कर सकती है.
ख़मीर क्रोमोसोम
ख़मीर में गुणसूत्र-lll का संश्लेषण एक अंतर्राष्ट्रीय टीम द्वारा किया गया. बाद में इसके परिणामों को साइंस जर्नल में प्रकाशित भी किया गया. (ख़मीर के गुणसूत्रों का नाम सामान्यतः रोमन अंकों पर रखा जाता है.)
शोध में वैज्ञानिकों की टीम की अगुवाई करने वाले, लैनगोन मेडिकल सेंटर न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के डॉक्टर जेफ़ बोएके का कहना है, "इससे सिंथेटिक बायोलॉजी की सुई सिद्धांत से हक़ीक़त की ओर बढ़ी है."
बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि शोध का परिणाम सच में रोमांचक है. उन्होंने कहा, "जिस हद तक हमने अनुक्रम बदले उसके बाद भी अंत में हमने स्वस्थ और खुश ख़मीर पाया."
नए गुणसूत्र को सिन-lll नाम दिया गया है. इसे बनाने में 273,871 डीएनए जोड़ों का इस्तेमाल किया गया है, जो ख़मीर के शरीर के मूल गुणसूत्र में मौजूद 316,667 डीएनए से थोड़ा कम है.
डॉक्टर बोएके ने बताया, "हमने उसके शरीर में 50 हज़ार से अधिक डीएनए कोड को बदल दिया था. इसके बावज़ूद ख़मीर न केवल साहसी निकला बल्कि उसने नए तरह के काम करने भी शुरू कर दिए. नए काम करने की तरक़ीब हमने उसके गुणसूत्र में मशीन की मदद से सिखाया."
ख़मीर के अंदर आए नए बदलाव का कारण रसायनिक परिवर्तन है, जिससे वैज्ञानिक उसके गुणसूत्रों में हज़ारों तरह की भिन्नता ला सकते हैं, जो जेनिटिक कोड को बदलने में मददगार होगा.
उम्मीद है कि ख़मीर के सिंथेटिक गुणसूत्रों की मदद से इसका प्रयोग उपयोगी टीकों और जीव ईंधन को बनाने में किया जा सकेगा.
आनुवांशिक संशोधन में एक जीव से दूसरे जीव के अंदर जीन को स्थानान्तरित किया जाता है, वहीं सिंथेटिक जीव विज्ञान में नए जीन का निर्माण किया जाता है.
मगर विज्ञान जगत से बाहर कुछ लोगों का मानना है कि इस शोध से वैज्ञानिक भगवान बनने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही वह इसके दूरगामी दुष्प्रभावों को नजरअंदाज़ कर रहे हैं.

ल्योड्स इंश्योरेंस बाज़ार ने 2009 में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि नई तकनीक के खतरे अप्रत्यत्क्ष होते हैं.

sabhar :http://www.bbc.co.uk/

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प्लेन से खींची तस्वीर में दिखे हैरान आदिवासी, इन्होंने पहले कभी नहीं देखा विमान

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प्लेन से खींची तस्वीर में दिखे हैरान आदिवासी, इन्होंने पहले कभी नहीं देखा विमान

ब्राजीलिया। ब्राजील के उत्तर-पश्चिम में स्थित अमेजन के घने जंगल में आश्चर्यचकित आदिवासियों की अनोखी तस्वीरें सामने आई हैं। पिछले हफ्ते अमेजन नदी घाटी के ऊपर से गुजरते हुए एक विमान से यह तस्वीर खींची गई है, जिसमें अलग-थलग रहने वाली जनजाति के लोग दिखाई दिए हैं। 
 
ऐसा माना जा रहा है कि तस्वीर में कैद लोगों का बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं है। गौरतलब है कि पेरू के बॉर्डर से लगते आक्री राज्य में 200 से ज्यादा जनजातियां रहती हैं। स्थानीय सरकारी पॉलिसी के तहत इन जनजातियों के लोगों से संपर्क नहीं किया जाता, लेकिन सरकार इस क्षेत्र पर नजर रखती है, ताकि अवैध खनन माफिया और शिकारियों को रोका जो सके।    
 
तस्वीर में आदिवासियों के हाव-भाव देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्होंने विमान को इससे पहले कभी नहीं देखा।
 प्लेन से खींची तस्वीर में दिखे हैरान आदिवासी, इन्होंने पहले कभी नहीं देखा विमान

प्लेन से खींची तस्वीर में दिखे हैरान आदिवासी, इन्होंने पहले कभी नहीं देखा विमान

प्लेन से खींची तस्वीर में दिखे हैरान आदिवासी, इन्होंने पहले कभी नहीं देखा विमान

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शनिवार, 29 मार्च 2014

मसाज के नाम पर परोसा जा रहा था सेक्स

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सेक्स रैकेट का खुलासा, छह लड़कियां गिरफ्तार

सेक्स रैकेट का खुलासा, छह लड़कियां गिरफ्तार

पुलिस ने मसाज पार्लर के नाम पर चल रहे एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड कर मसाज पार्लर की मालकिन सहित छह लड़कियों को गिरफ्तार किया है।

गुड़गांव के पॉश एरिया कहे जाने वाले सेक्टर-31 के मार्केट से पुलिस ने देर रात इस सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया। बॉडी मसाज सेंटर के नाम पर चल रहे ये लड़कियां जिस्मफरोशी का कारोबार करती थी।

इस मामले में सेक्टर-40 थाना पुलिस ने छह लड़कियों को पकड़ा। जिन्हें शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक शहर में ऐसे बॉडी मसाज सेंटर पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।


एलसीडी पर चल रही थी अश्लील फिल्म

एलसीडी पर चल रही थी अश्लील फिल्म


मसाज के नाम पर चल रहे इस काले धंधे का उजागर करने के लिए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जयप्रकाश सिंह ने सब-इंस्पेक्टर व हवलदार को ग्राहक बना कर भेजा।

रिसेप्शन पर बैठी लड़की ने दोनों से तीन हजार की रकम जमा कर दूसरे रूम में भेज दिया, जहां पर पांच युवती आपत्तिजनक हालत में बैठी मिली।

एलसीडी पर अश्लील फिल्म चल रही थी। ग्राहक बन गए पुलिस कर्मियों से युवतियों ने अश्लील हरकत शुरू की तो संकेत मिलते ही बाहर खड़ी महिला पुलिस कर्मी अंदर पहुंची और अश्लील हरकत करने वाली युवतियों को गिरफ्तार कर लिया।
दो से तीन हजार में होता था सौदा

दो से तीन हजार में होता था सौदा

मौके से पुलिस टीम ने अश्लील सीडी भी बरामद की। 22 से 26 साल की चार युवती काठमांडू नेपाल की मूल निवासी हैं।

वह इस समय दिल्ली के महिपालपुर में रह रही थी। एक युवती मूल रूप से शिमला व एक कोलकाता की रहने वाली है।

शिमला निवासी युवती पार्लर केयर टेकर थी, वह गुड़गांव के पटौदी रोड पर रह रही थी। पार्लर की दुकान द्वारका दिल्ली निवासी मंदीप ने किराए पर ली थी।

पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने कहा उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।

दिल्ली, नोएडा तथा फरीदाबाद तक फैला है नेटवर्क

दिल्ली, नोएडा तथा फरीदाबाद तक फैला है नेटवर्क

गिरफ्तार युवतियों ने कबूला कि उनके संपर्क दिल्ली व नोएडा तथा फरीदाबाद के भी कुछ कथित मसाज पार्लर से हैं, जहां वह कॉल आने पर जाती थी।

एक घंटे की कथित मसाज के वह तीन से चार हजार रुपए लेती थी। कई लोग तो उनसे सीधे संपर्क कर लेते थे

पुलिस आरोपियों के खुलासे के बाद पूरे नेटवर्क का खोजने में लगी है। पुलिस के अनुसार सभी लड़कियां पिछले तीन महीने से इस गोरखधंधे को अंजाम दे रही थी। sabhar :http://www.amarujala.com/



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विज्ञान की नजर में रुद्राक्ष की महिमा

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एक किंवदंती के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है। शिव का यही प्रिय रुद्राक्ष अब वैज्ञानिकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हो गया है और देश-विदेश में इस पर रूद्राक्ष पर शोध अनुसंधान जारी है।
रुद्राक्ष को नीला संगमरमर भी कहा जाता है। इसके वृक्ष भारत (पूर्वी हिमालय) के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, जकार्ता एवं जावा में भी पाए जाते हैं। वनस्पतिशास्त्र में इसे इलियोकार्पस गेनिट्रस कहते हैं। गोल, खुरदुरा, कठोर एवं लंबे समय तक खराब न होने वाला रुद्राक्ष एक बीज है। बीज पर धारियां पाई जाती हैं जिन्हें मुख कहा जाता है। पांचमुखी रुद्राक्ष बहुतायात से मिलता है जबकि एक व चौदह मुखी रुद्राक्ष दुर्लभ हैं।
प्राचीन ग्रंथों में इसे चमत्कारिक तथा दिव्यशक्ति स्वरूप बताया गया है। मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने से दिल की बीमारी, रक्तचाप एवं घबराहट आदि से मुक्ति मिलती है। रुद्राक्ष के बताए चमत्कारिक गुण वास्तविक हैं या नहीं यह जानने हेतु देश-विदेश मेंकई शोध कार्य किए गए एवं कई गुणों की पुष्टि भी हुई।
सेंट्रल काउंसिल ऑफ आयुर्वेदिक रिसर्च नई दिल्ली में 1966 में आयुर्वेदिक औषधि में प्रकाशित किया गया जिसमें रुद्राक्ष थैरेपी की चर्चा की गई थी। अस्सी के दशक में बनारस के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने डॉ. एस. राय के नेतृत्व में रुद्राक्ष पर अध्ययन कर इसके विद्युत चुंबकीय, अर्धचुंबकीय तथा औषधीय गुणों को सही पाया।
वैज्ञानिकों ने माना है कि इसकी औषधीय क्षमता विद्युत चुंबकीय प्रभाव से पैदा होती है। रुद्राक्ष के विद्युत चुंबकीय क्षेत्र एवं तेज गति की कंपन आवृत्ति स्पंदन से वैज्ञानिक भी आश्चर्य चकित हैं। इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा के वैज्ञानिक डॉ. डेविड ली ने अनुसंधान कर बताया कि रुद्राक्ष विद्युत ऊर्जा के आवेश को संचित करता है जिससे इसमें चुंबकीय गुण विकसित होताहै। इसे डाय इलेक्ट्रिक प्रापर्टी कहा गया। इसकी प्रकृति इलेक्ट्रोमैग्नेटिक व पैरामैग्नेटिक है एवं इसकी डायनामिक पोलेरिटी विशेषता अद्भुत है।
भारतीय वैज्ञानिक डॉ. एस.के. भट्टाचार्य ने 1975 में रुद्राक्ष के फार्माकोलॉजिकल गुणों का अध्ययन कर बताया कि कीमोफार्माकोलॉजिकल विशेषताओं के कारण यह हृदयरोग, रक्तचाप एवं कोलेस्ट्रॉल स्तर नियंत्रण में प्रभावशाली है। स्नायुतंत्र (नर्वस सिस्टम) पर भी यह प्रभाव डालता है एवं संभवत: न्यूरोट्रांसमीटर्स के प्रवाह को संतुलित करता है।
वैज्ञानिकों द्वारा इसका जैव-रासायनिक (बायो कैमिकल) विश्लेषण कर इसमें कोबाल्ट, जस्ता, निकल, लोहा, मैग्नीज़, फास्फोरस, एल्युमिनियम, कैल्शियम, सोडियम, पोटैशियम, सिलिका एवं गंधक तत्वों की उपस्थिति देखी गई। इन तत्वों की उपस्थिति से घनत्व बढ़ जाता है एवं इसी के फलस्वरूप पानीमें रखने पर यह डूब जाता है।
पानी में डूबने वाले रुद्राक्ष को असली माना जाता है, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि दो तांबों के सिक्कों के मध्यरखने पर यदि इसमें कंपन होता है, तो यह असली है। असल में इस कंपन का कारण विद्युत चुंबकीय गुण तथा डायनामिक पोलेरिटी हो सकता है। जैव वैज्ञानिकों ने रुद्राक्ष में जीवाणु (बैक्टीरिया), विषाणु (वायरस), फफूंद(फंगाई) प्रतिरोधी गुणों को पाया है। कुछ कैंसर प्रतिरोधी क्षमता का आकलन भी किया गया है।
चीन में हुए खोज कार्य दर्शाते हैं कि रुद्राक्ष यिन-यांग एनर्जी का संतुलन बनाए रखने में कारगर है। दुनियाभर के वैज्ञानिक रुद्राक्ष के इतने सारे गुणों को एक साथ देखकर आश्चर्यचकित हैं।
sabhar :http://naidunia.jagran.com/

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शुक्रवार, 28 मार्च 2014

जो जितना लम्बा उतना ही बुद्धिमान

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यूं तो आपकी बौद्धिक क्षमता कुछ तो आनुवांशिक और माता पिता द्वारा सहचर्य के दौरान की गई भावना से संबंधित होती है. लेकिन शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि लंबे लोगों के डीएनए और बुद्धिमत्ता का आपस में गहरा संबंध है.
मुख्य अध्ययनकर्ता रिकाडरे मारिओनी ने कहा कि हमने डीएनए आधारित आनुवांशिक समानताओं के माध्यम से लंबे लोगों की बुद्धिमता और ऊंचाई से जुड़े तथ्यों का अध्ययन किया. हमने पाया कि लोगों की शारीरिक लंबाई और बुद्धिमत्ता का आपस में संबंध है. जो लोग शारीरिक रूप से अधिक लंबे होते हैं, वे बुद्धिमान भी होते हैं.
इसका मतलब यह नहीं कि जिनकी लम्बाई कं होती है वह् बुद्धू होते हैं, लेकिन हां दोनों की तुलना की जाए तो, लंबे व्यक्ति का आईक्यू ठींगने व्यक्ति से अधिक पाया गया है.
शोधकर्ताओं ने बताया कि लंबाई और बुद्धिमता का संबंध मानव के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ भी है. वैसे आपकी लंबाई अगर औसत है, तो निराश न हों, क्योंकि शोधकर्ताओं के मुताबिक 70 प्रतिशत कम लंबाई वाले लोगों की बुद्धिमत्ता का स्तर आनुवांशिक कारणों से निर्धारित होता है.sabhar :http://www.palpalindia.com/

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इस महिला के लिए रोजाना 5 घंटे सेक्स जरुरी नहीं तो

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इस महिला के लिए रोजाना 5 घंटे सेक्स जरुरी नहीं तो...
इंग्‍लैंड की रहने वाली एक महिला नेसा जे ने दावा किया है कि वह अब तक 324 लोगों के साथ सेक्स कर चुकी हैं.
महिला ने कहा है कि सेक्स करना उसकी लत बन चुकी है और वह रोज पांच घंटे तक अगर सेक्स नहीं करे तो उसे चैन नहीं मिलता है.

24 वर्षीय नेसा जे का कहना है कि सेक्स उसकी आदत और जरूरत बन चुका है जिसके बिना उसे चैन नहीं मिलता है.

इंग्लैंड के तटीय शहर क्रोमर की नेसा इस आदत से छुटकारा पाने के लिए थेरेपी भी ले रही हैं.
उसका कहना है कि अगर मैं दिन में पांच बार सेक्‍स के जरिए चरम पर न पहुंचूं तो मेरी हथेलियों पर पसीना आने लगता है और मुझे गुस्‍सा आने लगता है.

इस दौरान मुझे खुद को संतुष्‍ट करने की जरूरत महसूस होने लगती है.

नेसा ने खुद को माइक्रो ब्‍लॉगिंग साइट ट्विटर पर सेक्‍स टॉयज़ का फिलॉसफर और बॉइंकोलॉजिस्‍ट (सेक्‍स पर लिखने वाला) बताया है.
नेसा कहीं भी तलाशती है सेक्‍स पार्टनर

नेसा के मुताबिक वह `किसी के साथ` भी सेक्‍स कर सकती हैं. वह सुपर मार्केट जाकर भी अपने लिए सेक्‍स पार्टनर तलाशती रहती हैं.

नेसा ने 16 साल की उम्र में अपनी वर्जिनिटी खो दी थी और तब से ही सेक्‍स के लिए उसकी प्‍यास बढ़ती चली गई. लेकिन अब वह अपना ज्यादातर समय सेक्‍स टॉयज रिव्‍यू करने में लगाती हैं.

नेसा के मुताबिक पहले एक महीने में करीब 30 पुरुषों के साथ हमबिस्‍तर हुआ करती थी, लेकिन अब एक ही पार्टनर है. उसका कहना है कि सेक्‍स का मजा लेने के लिए भावनात्‍मक होना भी जरूरी है. sabhar :http://www.samaylive.com/

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हीरोइनः पहले बुरी फिर बाद में हो गई सुंदर

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कुछ ज्यादा ही काली लगतीं थीं शिल्पा

कुछ ज्यादा ही काली लगतीं थीं शिल्पा


आज बॉलीवुड की स्टाइल आईकॉन कही जाने वाली शिल्पा शेट्ी एक बच्चे की मां बनने के बाद भी बेहद सुंदर नजर आती हैं। लोग उनकी सुंदरता की तारीफ करते नहीं थकते। लेकिन जब इन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा था इनको बुराई ही मिली थी।

शिल्पा पर्दे पर बेहद काली दिखती थीं तो उनकी नाक भी अजीब थी इसके अलावा वह अक्सर ही गुलाबी लिपिस्टक लगाती थीं जो उनकी पर्सनलिटी को जरा भी सूट नहीं करती थी। लेकिन बाद में शिल्पा ने अपने लुक पर काफी ध्यान दिया और योग के सहारे न सिर्फ अपनी फिटनेस बल्कि सुंदरता में भी चार चांद लगा डाले।
काजोल भी नहीं थीं हुस्न की मल्लिका

काजोल भी नहीं थीं हुस्न की मल्लिका

तनुजा की बेटी काजोल ने बेखुदी फिल्म से कैरियर शुरु किया फिल्म फ्लॉप रही तो काजोल को भी नकार दिया गया। लोगों को जरा भी नहीं लगा कि काजोल जैसी अजीब से चेहरे वाली लड़की में हीरोइन बनने के लिए कुछ खास चेहरा मोहरा है।

लेकिन इसके बाद न सिर्फ काजोल की एक्टिंग ने लोगों को दिल जीत लिया बल्कि अपनी काली गहरी आंखों का दीवाना कईयों को बना डाला।

करिश्मा दिखतीं थी बेहद अजीब

करिश्मा दिखतीं थी बेहद अजीब

करिश्मा कपूर ने मात्र 17 साल की उम्र में बॉलीवुड में कैरियर शुरु किया। 'प्रेम कैदी' में जिसने भी उनको देखा मानने को तैयार ही नहीं हुआ कि ये कपूर खानदान से ताल्लुक रखती है।

करिश्मा का चेहरा गोरा था और आंखे नीली पर उनका चेहरा देखने में बहुत ही अजीब सा लगता था। करिश्मा की भोंहे मिली हुई थीं और हेयर स्टाइल भी अजीब ही था। वो जरा भी सुंदर नहीं दिखती थीं। लेकिन बाद में करिश्मा ने अपना मेकओवर किया और फिर बॉलीवुड की सेक्सी बाला बन गई। करिश्मा ने एक के बाद एक कई हिट फिल्में भी दीं।
रेखा सबसे बड़ी मिसाल

रेखा सबसे बड़ी मिसाल

रेखा ने जब फिल्मी दुनिया में कदम रखा तो वह बेहद मोटी और थुलथुली थीं। उनके कोस्टार नवीन निश्चल ने तो एक बार उनके साथ काम तक करने को मना कर दिया था।

लेकिन फिर बाद में रेखा ने अपने शरीर पर इतनी मेहनत की फिर उनकी सुंदरता निखरती ही चली गई। आलम ये हुआ कि रेखा की आंखों की मस्ती के दीवाने लाखों बन गए।

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देखिए, औरतें जो बन गईं हैंडसम मर्द

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10 Handsome Men Who Were Born Female



बक एंजेल- एडल्ट फिल्ममेकर

10 Handsome Men Who Were Born Female


लुकास सिल्वेरिया- गिरारिस्ट, सॉन्ग राइटर


10 Handsome Men Who Were Born Female

काटास्ट्रोफी - अमेरिकन हिपहॉप रैपर
10 Handsome Men Who Were Born Female


थॉमस बिटीः दुनिया का सबसे पॉपुलर प्रेगनेंट पुरुष

10 Handsome Men Who Were Born Female

चैज़ बोनो- टीवी पर्सनेलिटी
चैज़ बोनो- टीवी पर्सनेलिटी


काटास्ट्रोफी10 Handsome Men Who Were Born Female


रियान सैलांस- वकील


10 Handsome Men Who Were Born Female



एंड्रीयास क्रिगर- जर्मन शॉट पुटर


रियान सैलांस- वकी10 Handsome Men Who Were Born Female


बा‌लियन बसचबॉम-जर्मन पॉल डांसर

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 - अमेरिकन हिपहॉप रैपर

काटास्ट्रोफी - अमेरिकन हिपहॉप रैपर
लुकास सिल्वेरिया- गिरारिस्ट, सॉन्ग राइटर

बक एंजेल- एडल्टबक एंजेल- एडल्ट फिल्ममेकर फिल्ममेकर

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46 की उम्र में भी लोगों को उत्तेजित कर देती है ये हसीना

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Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine

Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine

46 वर्षीय कनाडियन, अमेरिकन एक्ट्रेस पामेला एंडरसन ने हाल ही में एक फ्रेंच मैग्जीन के लिए न्यूड फोटोशूट करवाया है। फोटोः डेली मेल


46 साल की उम्र में भी पामेला बेहद हॉट लग रही हैं।

Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine

25 साल पहले पामेला ने प्लेब्वॉय मैग्जीन के कवर पेज के लिए न्यूड फोटोशूट करवाया था।


Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine

पामेला को देखकर ऐसा लग रहा है कि बढ़ती उम्र के साथ वे ज्यादा खूबसूरत होती जा रही हैं



Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine

इस पूरे फोटोशूट में पामेला ने सिर्फ एक फर से अपने आपको ढक रखा है।


Pamela Anderson, 46, poses nude for French magazine


कहीं-कहीं तो पामेला के ब्रेस्ट बिल्कुल साफ नजर आ रहे हैं।

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25 सालकहीं-कहीं तो पामेला के ब्रेस्ट बिल्कुल साफ नजर आ रहे हैं। पहले पामेलापामेला को देखकर ऐसा लग रहा है कि बढ़ती उम्र के साथ वे ज्यादा खूबसूरत होती जा रही हैं ने प्लेब्वॉय मैग्जीन के कवर पेज के लिए न्यूड फोटोशूट करवाया था।
फोटोः डेली मेल46 साल की उम्र में भी पामेला बेहद हॉट लग रही हैं।
फोटोः डेली मेल
फोफोटोः डेली मेलटोः डेली मेल


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गुरुवार, 27 मार्च 2014

फेसबुक 120 अरब रुपए में वर्चुअल रियलिटी गॉगल बनाने वाली कंपनी खरीदेगी

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वर्चुअल रियलिटी गॉगल बनाने वाली कंपनी खरीदेगी फेसबुक, 120 अरब रुपए में सौदा


वाशिंगटन। फेसबुक इंक गेम्स के लिए वर्चुअल रिएलिटी गॉगल बनाने वाली दो साल पुरानी ओक्युलस वीआर इंक को खरीदेगा। यह सौदा दो अरब डॉलर (करीब 120 अरब रुपए) में तय हुआ है। वेयरेबल डिवाइस के तेज़ी से बढ़ते बाजार में यह अपने तरह का पहला सौदा होगा।

मैसेजिंग सर्विस वॉट्सऐप की डील के बाद ये फेसबुक की ओर से दूसरा बड़ा अधिग्रहण होगा। टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में अगले पारी की उम्मीद के साथ फेसबुक ने एक बड़ी बोली लगाई है। वो भी उस वक्त में जब यूजर्स बहुत तेज़ी से पीसी छोड़ स्मार्टफोन का दामन थाम रहे हैं।

इंडस्ट्री के बहुत से जानकारों का मानना है कि वेयरेबल डिवाइस तकनीक दुनिया में अगले बदलाव का प्रतिनिधित्व कर सकती है। इसी तरह गूगल इंक ने भी गूगल ग्लास का परीक्षण किया है। पिछले हफ्ते गूगल ने हाथों में लगाने वाली कम्प्यूटराइज्ड घड़ी बनाने के प्रयास भी शुरू किए हैं।

वर्चुअल रियलिटी गॉगल बनाने वाली कंपनी खरीदेगी फेसबुक, 120 अरब रुपए में सौदा


इस सौदे को लेकर फेसबुक की ओर से कहा गया कि ये तकनीक सोशल और कम्युनिकेशन क्षेत्र में एक बदलाव ला सकती है। फेसबुक के संस्थापक और चीफ एक्जीक्यूटिव मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि मोबाइल आज के वक्त की मांग है और अब हम अगले दौर के लिए एक नए मंच की तलाश कर रहे हैं। ओक्युलस इस दिशा में एक कोशिश है, ताकि गेम्स और कम्युनिकेशन के साथ ही काम करने के तरीके में बदलाव लाया जा सके। 
 
उन्होंने कहा कि गेम्स के अलावा हम ओक्युलस के जरिए लोगों को और भी तरह के अनुभवों के लिए प्लेटफॉर्म देने की तैयारी कर रहे हैं। अपने घर में सिर्फ इस वर्चुअल रिएलिटी गॉगल को लगाकर गेम्स के जरिए यूजर्स तमाम तरह के अनुभव ले सकेंगे।
 
डील के तहत फेसबुक ओक्युलस को 4000 लाख डॉलर (करीब 24 अरब रुपए) नगद देगा और उसके दो करोड़ 31 लाख शेयर्स फेसबुक के सामान्य शेयर में शामिल होंगे। 

sabhar ; bhaskar.com

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