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मंगलवार, 4 फ़रवरी 2014

उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान

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कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान

जर्मनी के उम्रदराज़ पूर्व रियल स्टेट इन्वेस्टर थॉमस क्रैमर को दुनिया उनकी हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल के लिए जानती है। पार्टियों में बेइंतेहा पैसे बहाना और हमेशा छुट्टियों पर रहना उनका काम है। बोट, कार, वाइन और महिलाएं उनके कुछ ऐसे शौक हैं जिनकी वजह से ही लोग उन्हें पहचानते हैं। लेकिन अब उनकी सल्तनत बुरे दौर में है। 
 
क्रैमर अपने इस शौक के लिए अब तक 90 मिलियन डॉलर (करीब 5 अरब 64 करोड़ रुपए) की संपत्ति लुटा चुके हैं। अब सिर्फ तीन लाख डॉलर ही उनके पास बचे हैं। इस बची हुई रकम में से भी वो हम महीने 50 हज़ार डॉलर (करीब 3 अरब 13 करोड़ रुपए) खर्च करने को तैयार हैं। 
 
2007 के एक न्यायिक फैसले के दौरान क्रैमर ने कोर्ट को बताया था कि वो किस तरह अपनी महंगी पार्टियों और लंबी छुट्टियों के चलते रईस से कड़की की हालत में चल गए। थॉमस कहते हैं कि उनके पास ना तो नौकरी है और ना ही आमदनी का कोई जरिया। ऐसे में वो गरीबी की तरफ तेज़ी से बढ़ रहे हैं। 
कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान

थॉमस ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी जीने का एक बहुत ही मुश्किल रास्ता चुना है। उन्होंने बताया कि अपनी बोट और कीमती कलाकृति बेचने, खानसामा और नौकरों को निर्देशन देने से लेकर बाकी कामों को निपटाने के लिए वो बहुत ही कम समय के लिए छुट्टियों पर से लौटते हैं।
 
क्रैमर अपनी हर दिन घटती संपत्ति का साक्ष्य देते हुए बताते हैं कि उनके पास अब 55 मिलियन डॉलर (करीब 3 अरब 44 करोड़ रुपए) के दो बीच हाउस बचे हैं। अपनी रेंज रोवर कार उन्होंने एक दोस्त को बेच दी, लेकिन इसके बाद भी उनका दोस्त उन्हें वो कार इस्तेमाल करने दे रहा है।अगर ऐसा नहीं होता तो वो साइकिल पर आ जाते, जो उन्हें उनके भाई ने दी थी।

कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान

एक निजी चैनल के मुताबिक स्विस टायकून की ओर से उनके वकील चार्ल्स थ्रॉकमॉर्टन ने क्रैमर से छह घंटे की लंबी जिरह की। दरअसल क्रैमर स्विस टायकून के लाखों रुपए के कर्जदार हैं। वकील ने पूछा कि 2013 में इतनी तंगहाली में भी आखिर वो कैसे गोल्डन ग्लोब फंक्शन में शामिल हुए। यूनिवर्सल स्टूडियो, टोक्यो, सियोल, हांगकांग, बैंकाक और वियतनाम गए। अपनी जन्मदिन की पार्टी लॉस वेगास में मनाई और कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी हिस्सा लिया। इन सबके बाद डेनमार्क एक शादी में भी गए। 
 
क्रैमर ने वकील को बीच में ही रोकते हुए कहा कि वो उनके कई दौरे इनमें जोड़ने भूल गए हैं। क्रैमर एक नहीं सात शादियों के लिए सात अलग-अलग देशों में गए। ये दौरा उनके लिए बहुत रोमांचक था। इसके अलावा उन्होंने दो महीने दुबई में भी बिताए, जहां उनकी 10 गर्लफ्रेंड्स हैं। 

कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान

क्रैमर जिन्हें दक्षिण बीच को दोबारा से विकसित करने में मदद का श्रेय जाता है, उनके पास एक समय में अमेरिका के महंगे इलाकों में करीब 20 प्रॉपर्टी थी। लेकिन मामला उलट गया और 2007 में उनके खिलाफ आए न्यायिक फैसले ने उनकी संपत्ति खत्म कर दी। उनका दावा है कि अब वो अपने पिता के पैसों से अपनी खर्चीली लाइफस्टाइल खर्च उठा रहे हैं, जो उन्हें विरासत में मिली है। उन्हें 2012 में अपने पिता की मौत के बाद 3.3 मिलियन डॉलर मिले थे। 
 
साक्ष्य के तौर पर उन्होंने बताया कि अपने पिता से मिली संपत्ति में से ही पिछले साल उन्होंने दो मिलियन डॉलर खर्च किए। इसके अलावा जब भी उन्हें कैश की ज़रूरत होती है, वो अपने दुबई के बैंकर दोस्त से मांग लेते हैं। 
 
क्रैमर से उनकी बोट, कार और पेंटिंग से होने वाली आमदनी के बारे में जवाब मांगा गया। क्रैमर ने बताया कि वो अपने स्टार आएलैंड घर के पीछे मौजूद आंगन को भी फोटोशूट और चैरिटी कार्यक्रम के लिए किराए पर देते हैं। 
 
कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान


क्रैमर कहते हैं कि अभी 3.8 मिलियन के उनके बकाया बिल हैं, जिसमें 1.8 मिलियन रियल एस्टेट टैक्स भी बाकी है। ऐसे में वो समझ नहीं पा रहे हैं कि बची हुई रकम से वो क्या-क्या करें। हवा में बात करते हुए क्रैमर कहते किसे-किसे चाहिए पैसे और वो अपने आपको मार लेंगे ?  
 
क्रैमर कहते हैं कि जब बाकी बचे हुए तीन लाख डॉलर भी खत्म हो जाएंगे, तो वो खुद को पूरी तरह से दिवालिया घोषित कर देंगे। जब उन्हें लगेगा कि इस दिवालियापन से भी कोई आमदनी नहीं हो रही तो वो अपने परिवार और साथियों को छोड़ देंगे। क्योंकि वो हर जगह आमंत्रित रहते हैं

कैसे लुटी एक उम्रदराज प्लेब्वॉय की सल्तनत, शौक ने छीन ली शान
क्रैमर दुबई के अपने बैंकर दोस्त के साथ। 

sabhar : bhaskar.com


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ड्राइवर बोला- हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए आशुतोष महाराज को बनाया बंधक

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ड्राइवर बोला- हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए आशुतोष महाराज को बनाया बंधक

जालंधर/चंडीगढ़. दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल के संस्थापक आशुतोष महाराज की समाधि में रहने की बात को झूठा करार देते हुए उनके पूर्व ड्राइवर पूर्ण सिंह ने सोमवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी। याचिका में कहा गया कि महेश कुमार झा उर्फ आशुतोष महाराज को संपत्ति ट्रांसफर करने व गद्दी के लालच में बंधक बनाकर रखा गया है।
याचिका पर जस्टिस एमएमएस बेदी ने 11 फरवरी के लिए आश्रम को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने साथ ही 5 फरवरी के लिए सुनवाई तय करते हुए मामले पर सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। याचिका में आश्रम के प्रचारक विशालानंद, अरविंदानंद, मोहन पूरी, नरेद्रानंद और सर्वानंद को प्रतिवादी बनाते हुए कहा गया कि महाराज को संपत्ति के लालच में बंधक बनाकर रखा गया है। लोगों के सामने जानबूझकर कहा जा रहा है कि वे गहन समाधि में हैं। ड्रामा रचा जा रहा है।
कहा जा रहा है कि महाराज बिलकुल ठीक हैं और उनकी बॉडी में कोई चेंज नहीं आया। याचिका में दावा किया गया है कि संस्थान के पास करोड़ों रुपए नकद व एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है। यह संपत्ति 1983 से अब तक अर्जित की गई है। पूर्व ड्राइवर ने मांग की है कि महाराज को तुरंत रिहा कराया जाए।

ड्राइवर बोला- हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए आशुतोष महाराज को बनाया बंधक
आश्रम का दावा- कोई विवाद नहीं
दो दिन तक मीडिया से दूर रहे आश्रम के प्रबंधन से जुड़े सदस्यों ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इसमें तीन बिंदु रखे...
1.  आशुतोष महाराज की सेहत जांच करने वाले डॉ. हरपाल को सामने लाए, जिन्होंने कहा कि महाराज क्लीनिकली डेड हैं।
2.  चार प्रमुख स्वामी एक साथ सामने आए। ये थे स्वामी अरविंदानंद, स्वामी आदित्य नंद, स्वामी वरिंदरानंद और स्वामी सर्वानंद। स्वामी आदित्य नंद ने कहा कि आश्रम की गद्दी संभालने और जायदाद को लेकर कोई विवाद नहीं है।
3.  इस बात की पुष्टि की गई है कि महाराज को समाधि के दौरान लेटी हुई अवस्था में कोल्ड चेंबर में रखा गया है।
 
ड्राइवर बोला- हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए आशुतोष महाराज को बनाया बंधक

पूर्ण सिंह ड्राइवर नहीं था: आश्रम
हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले पूर्ण सिंह के बारे में स्वामी आदित्यनंद ने कहा, 'महाराज जी ने उसे कभी ड्राइवर रखा ही नहीं था। यहां सभी जितने भी लोग हैं, वे स्वयंसेवी हैं। सभी बिना वेतन काम करते हैं। महाराज जी अच्छा काम कर रहे हैं। जिन्हें परेशानी है वो अफवाहें फैला रहे हैं।
ड्राइवर बोला- हजार करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए आशुतोष महाराज को बनाया बंधक

पूरे देश में हैं संस्थान के अनुयायी
आशुतोष महाराज ने 1983 में जालंधर के नूरमहल में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की स्थापना की थी। देशभर से बड़ी गिनती में श्रद्धालु यहां आते हैं। एक गवॢनंग बॉडी प्रबंधन संभालती है, जो धार्मिक प्रचार के साथ-साथ आयुर्वेदिक मेडिसन बनाने, साहित्य प्रकाशन, मीडिया और आश्रम संचालन के प्रबंध देखती है। ब्रह्मज्ञान के प्रचार के साथ-साथ आश्रम नशे की कुरीति खत्म करने के लिए अहम रोल अदा कर रहा है। 1991 में वल्र्ड पीस नामक सोसायटी बनाई गई। इसका हेडक्वार्टर दिल्ली में है। सोसायटी का ग्लोबल नेटवर्क है। चंडीगढ़, हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश में आश्रम की बड़ी शाखाएं हैं। sabhar : bhaskar.com

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सोमवार, 3 फ़रवरी 2014

प्रेमियो के अधिकार के लिये धरना- प्रदर्शन

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Photo: Love Dharma की तरफ से हमारी अरविंद केजरीवाल से 5 मांगे हैं जिनको लेकर हम 27 जनवरी से दिल्ली की सड्को पर उतर कर आंदोलन करने जा रहे हैं ... 

यदि आप भी हमारे इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहे तो हमे 09891333875 पर संपर्क कर सकते हैं । 

:::::::::::::::::

देश मे हर आयाम पर प्रेम के सम्मान के लिए हमारी सरकार से 5 मांगे हैं ...

1- होटल / पार्क / रेस्टोरेन्ट और सार्वजनिक स्थानो पर धर्म और समाज के नाम पर प्रेमियो का अपमान बंद करो ...!
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=MXbMcFhP86o

2- प्रेमियो को उनका हक़ दिलाने के लिए ""प्रेम आयोग"" का गठन करो ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=iVlhOq21wwo

3 - स्कूल और कालजो मे प्रेम और ध्यान के विषय को सम्मालित किया जाये ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=X7YtQmV-ARU

4 - जनलोकपाल के गठन के साथ ही जिस दिन से वो लागू किया जाये ... उसी दिन सभी अपराधो को माफी देकर नये समाज के निर्माण का गठन करो ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=Q1BeFnqOTOg

5 - वैशयावृति को कानूनी मान्यता प्रदान कर वैशयाओ को दलालो के चुंगल से मुक्त करो ... !
see video ... http://www.youtube.com/watch?v=abZes2gn0Ao 


***********************************************
आंदोलन कि रूपरेखा इस प्रकार है ....

* हमारी हर मांग पर हमारे नज़रिये को दर्शाते हुए हमने उसको वीडियो के रूप मे आपके सामने रखा है जिससे हमारी बातों को अधूरा समझने कि बजाय उसे पूरा समझा जाये , इसको आप  
हमारी  वेब-साइट  www.lovedharma.org ( 21 तारीख से online ) और youtube पर उपलब्ध हैं  !!

* 27 जनवरी से प्रेमियो का एक समूह  दिल्ली और देश की सरकार तक हमारी मांगो को पहुंचाने के लिये दिल्ली कि सड्को पर उतर कर पम्फ़लेट बाटने और प्रचार प्रसार करने के लिये उतरेगा .... !!

* प्रतिदिन के आंदोलन का स्थान और प्रेमियो के द्वारा किए जा रहे प्रयास को उनके चित्रो और संदेशो को facebook , whatsapp , और अन्य माध्यमों से इन्टरनेट पर प्रचार किया जाएगा ... !

* 5 फरवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को हम अपनी मांगो से अवगत कराकर 8 दिन का वक़्त इन मुद्दो पर कार्यवाही के लिये सौपेंगे / ज्ञापन देंगे ,,, और 14 फरवरी को प्रेमियो का हुजूम केजरीवाल के घर के सामने शांतिप्रिय ढंग से प्रदर्शन करेंगे जिसमे "" स्वामी शशांक आनद ""  का  एक दिवसीय अनशन शामिल है ॥

* यदि फिर भी कोई कार्यवाही न हुई तो हम इस आंदोलन को आमरण अनशन तक लेकर जाएँगे ... !!

~~~ आप सब के आशीर्वाद  और सहयोग के बिना ये सब संभव न होगा ~~~

अधिक जानकारी के लिए हमारे पेज :- https://www.facebook.com/pages/Www-lovedharma-org/1430738557160982




ओशो सन्यासी स्वामी शशांक आनंद प्रेमियो के अधिकार के लिये धरना- प्रदर्शन करने जा रहे है | स्वामी जी पहले भी शाहजहाँपुर से  लोकसभा प्रत्याशी  संघपाल गौतम को लड़ाया था  जिसमे बिहार के मशहूर लव गुरु मटुक नाथ और उनकी प्रेमिका जूली ने प्रचार किया था जिसमे मतदाताओ का काफी समर्थन मिला था | इनकी प्रमुख मांगे निम्नलिखित है -


:::::::::::::::::

देश मे हर आयाम पर प्रेम के सम्मान के लिए  सरकार से 5 मांगे हैं ...

1- होटल / पार्क / रेस्टोरेन्ट और सार्वजनिक स्थानो पर धर्म और समाज के नाम पर प्रेमियो का अपमान बंद करो ...!
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=MXbMcFhP86o

2- प्रेमियो को उनका हक़ दिलाने के लिए ""प्रेम आयोग"" का गठन करो ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=iVlhOq21wwo

3 - स्कूल और कालजो मे प्रेम और ध्यान के विषय को सम्मालित किया जाये ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=X7YtQmV-ARU

4 - जनलोकपाल के गठन के साथ ही जिस दिन से वो लागू किया जाये ... उसी दिन सभी अपराधो को माफी देकर नये समाज के निर्माण का गठन करो ... !
see video ...
http://www.youtube.com/watch?v=Q1BeFnqOTOg

5 - वैशयावृति को कानूनी मान्यता प्रदान कर वैशयाओ को दलालो के चुंगल से मुक्त करो ... !
see video ... http://www.youtube.com/watch?v=abZes2gn0Ao


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आंदोलन कि रूपरेखा इस प्रकार है ....

* हमारी हर मांग पर हमारे नज़रिये को दर्शाते हुए हमने उसको वीडियो के रूप मे आपके सामने रखा है जिससे हमारी बातों को अधूरा समझने कि बजाय उसे पूरा समझा जाये , इसको आप
हमारी वेब-साइट www.lovedharma.org ( 21 तारीख से online ) और youtube पर उपलब्ध हैं !!

* 27 जनवरी से प्रेमियो का एक समूह दिल्ली और देश की सरकार तक हमारी मांगो को पहुंचाने के लिये दिल्ली कि सड्को पर उतर कर पम्फ़लेट बाटने और प्रचार प्रसार करने के लिये उतरेगा .... !!

* प्रतिदिन के आंदोलन का स्थान और प्रेमियो के द्वारा किए जा रहे प्रयास को उनके चित्रो और संदेशो को facebook , whatsapp , और अन्य माध्यमों से इन्टरनेट पर प्रचार किया जाएगा ... !

* 5 फरवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को हम अपनी मांगो से अवगत कराकर 8 दिन का वक़्त इन मुद्दो पर कार्यवाही के लिये सौपेंगे / ज्ञापन देंगे ,,, और 14 फरवरी को प्रेमियो का हुजूम केजरीवाल के घर के सामने शांतिप्रिय ढंग से प्रदर्शन करेंगे जिसमे "" स्वामी शशांक आनद "" का एक दिवसीय अनशन शामिल है ॥

* यदि फिर भी कोई कार्यवाही न हुई तो हम इस आंदोलन को आमरण अनशन तक लेकर जाएँगे ... !! sawami ji facebook wall se

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सात आश्चर्यजनक बातें गिद्धों के बारे में

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गिद्ध


गिद्ध एक ऐसी बदसूरत चिड़िया है जिसकी खानपान की आदतें पारिस्थितिकी तंत्र या ईको सिस्टम के लिए ज़रूरी हैं. हालांकि इसके लिए उसे श्रेय शायद ही दिया जाता है.
खैर, गिद्ध के बारे में हम चाहें जैसी भी राय रखते हों, लेकिन उनके बारे में एक बात तो साफ़ है कि वो ख़तरे में हैं.

ये पक्षी जिन शवों को खाते हैं, उससे उनके शरीर में ज़हर पहुंच रहा है. कुछ लोग मानते हैं कि जानवरों को दी जाने वाली दवाओं के कारण ऐसा हो रहा है, जबकि दूसरे लोग मानते हैं कि नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे पिछले एक दशक के दौरान भारत, नेपाल और पाकिस्तान में उनकी तादात में 95 प्रतिशत तक की कमी आई है और ऐसे ही रुझान पूरे अफ्रीका में देखे गए हैं.
क्लिक करेंशिकार के कारण इनकी संख्या घट रही है. इनका शिकार इसलिए भी किया जा रहा है ताकि ये गैंडों और हाथियों की मौत के बारे में चेतावनी न दे सकें.
साइमन थॉमसेट जैसे संरक्षणवादी इन पक्षियों की दुर्दशा को लेकर जागरुकता फैलाने का काम कर रहे हैं. वो गिद्धों के अनूठे गुणों को बताकर हमारे नज़रिए को बदलने के लिए भी काम कर रहे हैं.
आइए उनके ऐसे ही कुछ गुणों के बारे में जानते हैं.

1. बुलंद उड़ान

गिद्ध सबसे ऊंची उड़ान भरने वाला पक्षी है. इसकी सबसे ऊंची उड़ान को क्लिक करेंरूपेल्स वेंचर ने 1973 में आइवरी कोस्ट में 37,000 फीट की ऊंचाई पर रिकॉर्ड किया था, जब इसने एक हवाई जहाज को प्रभावित किया था. ये ऊंचाई एवरेस्ट (29,029 फीट) से काफ़ी अधिक है और इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से ज़्यादातर दूसरे पक्षी मर जाते हैं.
थॉमसेट बताते हैं, "इसके बाद गिद्ध को लेकर हुए अध्ययनों से उनके हीमोग्लोबिन और ह्दय की संरचना से संबंधित कई ऐसी विशेषताओं के बारे में पता चला, जिनके चलते वो असाधारण वातावरण में भी सांस ले सकते हैं."
गिद्ध भोजन की तलाश में एक बड़े इलाक़े पर नज़र डालने के लिए अक्सर ऊंची उड़ान भरते हैं.

2. अफ्रीका के सबसे बड़े पेटू

गिद्ध
थॉमसेट बताते हैं, "अफ्रीका आने वाले प्रत्येक पर्यटक को लगता है कि जंगली जानवरों को खाने वालों में सबसे आगे शेर, हाइना, तेंदुए, चीते, जंगली कुत्ते और गीदड़ हैं. लेकिन ऐसा है नहीं."
वो एक उदाहरण अफ्रीकी क्षेत्र सेरेंगेती का उदाहरण देते हैं, जहां एक अनुमान के मुताबिक़ हर साल मृत पशुओं का सड़ा माँस और कंकाल कुल चार करोड़ टन से अधिक होते हैं.
वो बताते हैं, "मांसाहारी जीव (स्तनधारी) इसके केवल 36 प्रतिशत हिस्से को खा सकते हैं और बाकी क्लिक करेंगिद्धों के हिस्से में आता है. इस संसाधन के लिए जीवाणु और कीड़े गिद्धों से मुक़ाबला करते हैं, लेकिन इसके बावजूद गिद्ध ही सबसे बड़े उपभोक्ता हैं."
गिद्ध बीमारियों को फैलने से रोकने के साथ ही जंगली कुत्तों जैसे अन्य मुर्दाख़ोरों की संख्या को सीमित रखने में भी मददगार साबित होते हैं.

3. कोई सरहद न इन्हें रोके

गिद्ध अपने भोजन के लिए काफ़ी अधिक दूरी तय कर सकते हैं. रूपेल्स वेंचर ने हाल में एक गिद्ध को तंजानिया स्थित अपने घोंसले से उड़ात भरते हुए केन्या के रास्ते सूडान और ईथोपिया तक सैर करते हुए कैमरे में क़ैद किया.
शोधकर्ताओं के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने पाया कि सूखे के दौरान केन्या के मसाई मारा रिज़र्व से ये पक्षी जंगली हिरणों का पीछा करते हुए अपने भोजन की तलाश में दूसरे स्थानों तक जाते हैं.
सीमाओं को पार करने की इस आदत के कारण इन पक्षियों को परेशानी भी उठानी पड़ती है. एक बात तो सऊदी अरब में स्थानीय मीडिया ने इन पक्षियों पर क्लिक करेंइसराइली जासूस होने का आरोप भी लगा दिया.

4. करामाती पेशाब

गिद्ध
तुर्की के गिद्ध अपने पैरों पर पेशाब करते हैं और उनकी ये आदत आपको भले ही अच्छी न लगे, लेकिन वैज्ञानिकों का अनुमान है कि उनकी इस आदत से उन्हें बीमारियों से बचने में मदद मिलती है.
सड़े हुए मांस पर खड़े होने के कारण गिद्धों के पैरों में गंदगी लग जाती है और ऐसा अनुमान है कि गिद्धों के पेशाब में मौजूद अम्ल उनके पैरों को कीटाणुओं से मुक्त बनाने में मदद करता है.

5. असीमित विस्तार

दक्षिण अफ्रीकी केप गिद्ध एक सीध में करीब 1000 किलोमीटर तक की दूरी तय करने के लिए बिजली के विशाल खंभों का अनुसरण करते हैं.
ऐसी मानवनिर्मित चीज़ों की मदद लेने के अपने जोखिम भी हैं. बिजली के खंभों पर ठहरने या घोंसला बनाने से तारों से चिपक जाने और करंट लगने का जोखिम रहता है.
बिजली के तार निजी खेतों से भी गुजरते हैं और भोजन की तलाश में इन स्थानों पर घूमने के दौरान ज़हर की चपेट में आने की आशंका भी बनी रहती है.

6. विविधतापूर्ण खानपान

गिद्ध
ये सही है कि गिद्धों को सड़ा हुआ मांस और मृत पशुओं को खाने के लिए जाना जाता है, लेकिन सभी गिद्ध केवल सड़ा हुआ मांस नहीं खाते हैं.
जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर होता है पाम नट वल्चर (गिद्ध) कई तरह के अखरोट, अंजीर, मछली और कभी कभी पक्षियों को भी खाता है. कंकालों के मुक़ाबले इसे कीड़े और ताजा मांस पसंद है.
गिद्धों की सबसे बड़ी अफ्रीकी प्रजाति लैप्पेट-फेस्ड वल्चर के पंख 2.9 मीटर तक चौड़े होते हैं और इसे मुर्गी के जिंदा बच्चे भोजन के रूप में अधिक पसंद हैं.

7. मजबूत पेट

बिर्डड वल्चर दुनिया का एक मात्र ऐसा जानवर है जो अपने भोजन में 70 से 90 प्रतिशत तक हड्डियों को शामिल कर सकता है और उनके पेट का अम्ल उन चीजों से भी पोषक तत्व ले सकते हैं, जिसे दूसरे जानवर छोड़ देते हैं.

गिद्धों के पेट का अम्ल इतना शक्तिशाली होता है कि वो हैजे और एंथ्रेक्स के जीवाणुओं को भी नष्ट कर सकता है जबकि दूसरी कई प्रजातियां इन जीवाणुओं के प्रहार से मर सकती हैं. sabhar :http://www.bbc.co.uk/

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शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर :अजीबो-गरीब डेटिंग साइट्स

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12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

गैजेट डेस्क। तकनीक का विकास जैसे-जैसे हो रहा है, दुनिया में सब कुछ काफी करीब आता जा रहा है। चाहे इटली का पिज्जा हो या फिर फ्रांस की लोकप्रिय चाय, ये हर कहीं उपलब्ध है बस एक क्लिक पर। आज दुनिया डिजिटल हो गई है। इसी के साथ डेटिंग वेबसाइट्स का चलन भी बढ़ गया है। एक या दो नहीं, ऐसी वेबसाइट्स की संख्या हजारों में है। OnlineDatingMagazine.com के हिसाब से इंटरनेट पर करीब 5000 डेटिंग साइट्स हैं। इनमें से 2300 वेबसाइट्स अमेरिकी हैं।
 
अगर डेटिंग साइट्स की बात की जाए तो दुनिया में कुछ इतनी अजीबो-गरीब डेटिंग साइट्स हैं, जिनके बारे में जानकर शायद आप अचरज हो। इनमें से कुछ तो भूतों और वैंपायर की डेटिंग के लिए भी हैं। यहां अलग से ऐसे लोगों के लिए फोरम बने हैं, जो या तो खुद को भूत बताते हैं या फिर वैंपायर और जोम्बी जैसे लोगों पर विश्वास करते हैं। इतना ही नहीं, दुनिया में सबसे बदसूरत लोगों के लिए भी अलग से डेटिंग वेबसाइट बनी हुई है। इसी के साथ, सिर्फ शादीशुदा लोगों की डेटिंग के लिए अलग से एक वेबसाइट बनी हुई है। एश्ली मैडिसन नाम की यह वेबसाइट विवादों में भी रही है। 
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

Cupidtino
 
एप्पल की लोकप्रियता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस कंपनी के दीवानों के लिए अलग से एक डेटिंग साइट है। इस साइट पर एप्पल फैन लड़के और लड़कियों को आपस में मिलवाया जाता है। यह साइट जितनी अजीब है, उतना ही सरल इसका काम है। अगर आप एप्पल के फैन हैं और किसी खास की तलाश है, तो शायद यह वेबसाइट आपकी मदद कर सकती है।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर





DiaperMates
 
इस साइट का नाम जितना अजीब है, काम भी उतना ही अजीब है। इस साइट से वो लोग जुड़ते हैं जो एडल्ट साइज डायपर पहनने के शौकीन होते हैं। यहां ऐसे लोग अपनी फोटोज भी शेयर करते हैं। साथ ही, एक जैसे इंटरेस्ट वाले लोग यहां पर डेटिंग करते हैं।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

 420Dating
 
जी हां, यह साइट धोखेबाज लोगों के लिए नहीं है। फिर भी इस साइट पर एक खास किस्म के लोग ही डेटिंग करते हैं। इस साइट का लोगो है 'व्हाय टॉक अलोन'। इस साइट पर वो लोग जो स्मोकिंग के शौकीन हैं, आपस में मेल-जोल बढ़ाते हैं। इसमें एक वार्निंग भी दी जाती है कि गैरकानूनी चीजों के इस्तेमाल के लिए वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होगी।

12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

ZombieHarmony
 
यह एक विचित्र साइट है। इस साइट पर जोम्बी लोग आपस में डेटिंग करते हैं। ये ऐसे लोग होते हैं, जिन्हें कोई विचित्र बीमारी होती है या फिर कोई अंग नहीं होता है। इस साइट पर हर किसी को डेटिंग करने का हक है।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

The Atlasphere
 
अल्टास्पियर एक ऐसी कम्युनिटी है, जिसमें ऐन रैंड (AYN RAND) की लिखी हुई किताबों के चाहने वाले एक जगह पर मिलते हैं। इस साइट पर 22000 यूजर्स हैं और साथ ही 12000 लोगों की डेटिंग प्रोफाइल हैं।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर


Vampire Passions
 
नाम की तरह ही यह साइट बड़ी अजीब है। इस साइट से वो लोग जुड़ते हैं, जिन्हें वैंपायर बहुत पसंद होते हैं। इन लोगों को अलग-अलग कैटेगरीज में विभाजित भी किया जाता है, जैसे काउंट ड्रैकुला (DRACULA), टीम एडवर्ड, बफी, न्यूली टर्नड (नए बने वैंपायर) वगैरह होते हैं। इस साइट पर हजारों लोग जुड़े हुए हैं। 

12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

Pounced
 
इस वेबसाइट पर 'फरी फैंडम' का स्लोगन लिखा हुआ है। इसका नाता उन लोगों से है जो कला की दुनिया से जुड़े हुए हैं और साथ ही जानवरों से प्यार करते हैं। इसमें लेखक, आर्टिस्ट, पब्लिशर सभी जानवरों की कॉस्ट्यूम पहनते हैं। इस साइट पर एक जैसी रुचि वाले लोग डेटिंग करते हैं।
Pounced
 
इस वेबसाइट पर 'फरी फैंडम' का स्लोगन लिखा हुआ है। इसका नाता उन लोगों से है जो कला की दुनिया से जुड़े हुए हैं और साथ ही जानवरों से प्यार करते हैं। इसमें लेखक, आर्टिस्ट, पब्लिशर सभी जानवरों की कॉस्ट्यूम पहनते हैं। इस साइट पर एक जैसी रुचि वाले लोग डेटिंग करते हैं।

12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर


Darwin Dating
 
चार्ल्स डार्विन का एक सिद्धांत था। वह था 'सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट'। मतलब सबसे मजबूत इंसान ही आगे बढ़ेगा। इस सिद्धांत पर ही यह साइट चलती है। यह साइट सिर्फ उन लोगों के लिए है, जो दिखने में अच्छे हैं। अगर आपके चेहरे पर दाग हैं, स्किन साफ नहीं है या आप आकर्षक नहीं हैं तो इस साइट का हिस्सा नहीं बन सकते। इस साइट पर कई चीजें बैन हैं। अगर फिर भी आप अप्लाई करना चाहते हैं तो इस साइट पर मौजूदा मेंबर्स आपको रेटिंग देंगे।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर


The Ugly Bug Ball
 
इंटरनेट पर अगर खूबसूरत लोगों की डेटिंग के लिए साइट बन सकती है तो बदसूरत लोगों के लिए भी वेबसाइट है। यह वेबसाइट है 'द अग्ली बग बॉल'। इस वेबसाइट पर केवल बदसूरत लोगों को ही एंट्री मिलती है। इस साइट को TUBB के नाम से भी जाना जाता है।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

FarmersOnly.com
 
अगर आप किसान हैं और किसी साथी की तलाश में हैं तो यह साइट आपके काम आ सकती है। इस साइट पर करीब 1,50,000 रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। एग्रीकल्चर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स से लेकर जानवरों से प्रेम करने वाले और जमीन से जुड़े हुए लोग इस साइट पर साथी की तलाश कर सकते हैं। इस साइट का लोगों है - 'सिटी फोक जस्ट डोंट गेट इट ("City folk just don't get it")'. 

12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर
Ashley Madison
 
यह दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब वेबसाइट्स में से एक होने के साथ-साथ काफी कॉन्ट्रोवर्शियल भी है। 'जिंदगी छोटी है, एक अफेयर हो जाए', यह इस साइट का स्लोगन है। इस साइट पर आपको कई ऐसे कई लोग मिल जाएंगे जो शादीशुदा होने के बाद भी अफेयर के बारे में सोचते हैं। असल में यह साइट शादीशुदा लोगों को डेटिंग की सुविधा देती है।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

WealthyMen
 
कोई अमीर आदमी अगर किसी खूबसूरत लड़की से मिलना चाहता है तो इस साइट पर लॉगइन कर सकता है। सभी डेटिंग साइट्स में से यह सबसे अजीब मानी जा सकती है। इस साइट पर ऐसे पुरुष हैं जो 1 लाख डॉलर सालाना से ज्यादा कमाते हैं। ज्यादातर इनमें 'शुगर डैडी (ऐसे अमीर अधेड़ जो कम उम्र लड़कियों से संबंध बनाते हैं और इसके बदले उन्हें महंगे गिफ्ट देते हैं)' इमेज वाले लोग हैं। sabhar : bhaskar.com















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गैजेट्स का आने वाला कल कैसा होगा ? घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी

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FUTURE TECH: घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी
गैजेट्स का आने वाला कल कैसा होगा... यह सवाल सभी के जेहन में है। गैजेट्स बनाने वाली कंपनियां इसका जवाब अपने कॉन्सेप्ट के जरिए देती हैं...
 
एडजीरो बंबू फोन
 
स्मार्टफोन में कई तरह के बदलाव हो रहे हैं। हाल में कुछ कंपनियों ने कर्व्ड मोबाइल फोन भी पेश किए। आने वाले दिनों में भी कर्व्ड डिस्प्ले मार्केट में छाने को तैयार हैं। क्या आप बंबू यानी बांस से बने स्मार्ट फोन के बारे में सोच सकते हैं? ब्रिटिश यूनिवर्सिटी के एक स्टूडेंट ने इसकी डिजाइन तैयार कर ली है। एडजीरो बंबू फोन का कॉन्सेप्ट इस स्टूडेंट के दिमाग में तब आया, जब उसे लगा कि स्मार्टफोन्स में डायवर्सिटी की कमी आने लगी है। ये अल्ट्रालाइट वेट ईको-फ्रैंडली डिवाइस एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन करेगी।
 
गैजेट्स की दुनिया निराली है। समय के साथ गैजेट्स में कई तरह के बदलाव आए हैं। नई टेक्नोलॉजी और कॉन्सेप्ट्स के बारे में सोचने वालों के भी क्या कहने। ये लोग असंभव को भी संभव करने के बारे में सोचते हैं। ये ऐसे कॉन्सेप्ट्स के बारे में सोचते हैं, जो हमारी सोच से भी परे होते हैं। इनकी सोच के बारे में सोचकर आप भी दंग रह जाएंगे। जरा सोचिए किसी टैब का ऐसा डिस्प्ले जो आपकी जरूरत के हिसाब से मुड़ जाए या बांस का बना मोबाइल या ट्रांसपैरेंट टोस्टर या मल्टीटच कीबोर्ड और माउस। ये कॉन्सैप्ट किसी सपने की तरह हैं, जिन्हें साकार होने में कई सालों का वक्त लगेगा। कंपनियां इनको लेकर अभी काम कर रही हैं।
 
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फुजित्सु ब्रीदबुक
 
आज की तारीख में मार्केट में कई तरह के टैबलेट मौजूद हैं। अगर हम 20 साल बाद की बात करें तो टैबलेट कैसे होंगे? इसका जवाब फुजित्सु के ब्रीदबुक में मिलता है। ये ऐसा कॉन्सेप्ट है, जो टैबलेट की दुनिया बदलकर रख देगा। ब्रीदबुक का डिस्प्ले  लेक्सिबल होगा। यानी आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसे मोड़ सकेंगे। ब्रीदबुक में टैबलेट से जुड़े सारे फीचर्स होंगे। फ्रंट, रियर कैमरा के साथ इसमें इंडक्टिव चार्जिंग की सुविधा मौजूद होगी।
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होलोग्राम वॉच
 
होलोग्राम शब्द होलोग्राफी से बना हुआ है। होलोग्राफी ऐसी टेकनीक है, जिससे 3डी इमेज बनाई जा सकती है। आप कई प्रोडक्ट्स के पैकेट्स में इसे देख सकते हैं, जो उनके ओरिजनल होने का सबूत होते हैं। पर अगर ऐसी किसी घड़ी की बात की जाए, जो इस तकनीक से बनी हुई हो। इसे पहनने वाला जब अपनी कलाई को हिलाएगा तो होलोग्राफिक टाइम दिखाई देगा। जैसा कि आप फोटो में देख रहे हैं....ब्रेसलेट जैसी इस घड़ी की डिजाइन के दो सिरों के बीच स्पेस है। टाइम इसी के बीच में दिखाई देगा।
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सपैरेंट टोस्टर
 
अभी तक मार्केट में ट्रांसपैरेंट वॉच मौजूद हैं। पर कई डिजाइन कंपनियां दूसरे ट्रांसपैरेंट गैजेट्स के कॉन्सेप्ट पर काम कर रही हैं। इन्हीं में से एक इनवेस्टिबल्स ने ट्रांसपैरेंट टोस्ट का कॉन्सेप्ट पेश किया है। इस टोस्टर में ऐसे ग्लास लगाए जाएंगे जो इतने गर्म हो जाएंगे कि ब्रेड टोस्ट हो जाए। अभी की बात करें तो ग्लास इतने गर्म नहीं हो रहे कि ब्रेड टोस्ट हो जाए। बस थोड़ी सी गर्म हो रही है। लेकिन ये कॉन्सेप्ट बेहतरीन है। देखिए ये कब हकीकत बनता है।

FUTURE TECH: घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी

इलेक्ट्रोलक्स ऑर्बिट वॉशिंग मशीन
 
हम काफी आगे की बात कर रहे हैं। ये ऐसा कॉन्सेप्ट है, जिसके बारे में डिजाइनर्स कह रहे हैं कि इसे पूरा होने में 25 साल लग सकते हैं। देखने में अलग ये वॉशिंग मशीन क्रियोजेनिक क्लीनिंग सिस्टम से लैस होगी, इससे कपड़े धोने के लिए पानी या क्लीनिंग कैमिकल्स की जरूरत नहीं पड़ेगी।
FUTURE TECH: घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी
रिमेंबर रिंग
 
अब आपको किसी की बर्थडेट, मैरिज एनिवर्सरी जैसी अहम तारीखों को याद रखने में परेशानी नहीं होगी। अभी तो शायद आप इसके लिए फोन पर रिमाइंडर लगाते होंगे या कैलेंडर पर मार्क करते होंगे। लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि ये आपको न दिखे या आप मिस कर जाएं। रिमेंबर रिंग पर आपको इंपौर्टेंट तारीखों को भूलने नहीं देगी। इस रिंग में लगा हॉट-स्पॉट 10 सेकेंड के लिए 50 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो जाएगा। ऐसा उस दिन हर घंटे होगा ताकि आप भूल नहीं पाएं।
FUTURE TECH: घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी



एपिडिजिटल पैच
 
एपिडिजिटल पैच के बाद आपको घड़ी पहनने की जरूरत नहीं होगी। इस पैच में नैनोबोट्स लगे होंगे, जो स्किन के बाहरी हिस्से (एपिडर्मिस) की बेसल लेयर में एबसॉर्ब हो जाएंगे। इससे स्किन में एनिमेटेड टैपोग्राफिक टाइम इमेज बनेगी। ये नैनोबोट्स कई दिनों में खुद ब खुद खत्म हो जाते हैं।

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मल्टीटच कीबोर्ड-माउस
 
समय के साथ कीबोर्ड और माउस में कई तरह के बदलाव आए हैं। फ्यूचर की बात करें तो मल्टी-टच कीबोर्ड और माउस मार्केट में उतर रहे होंगे। टेंपर्ड ग्लास और सॉलिड मेटल बेस से बने ये कीबोर्ड और माउस वायरलेस होंगे। इनकी डिजाइन टच स्क्रीन टेक्नोलॉजी पर बेस्ड होगी, जिसे फ्रस्ट्रेटेड टोटल इंटर्नल रिफ्लेक्शन कहा जाता है। ये हमारे इशारों (मोशंस) को ट्रैक करने के लिए स्मॉल एलईडी लाइट्स और कैमरा का इस्तेमाल करके कंप्यूटर्स को भेजता है।
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शुक्रवार, 31 जनवरी 2014

सालों बाद खोपड़ी के संस्कार के बाद लड़की की आत्मा को मिली मुक्ति!

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सच्ची कहानी पार्ट-5: खोपड़ी के संस्कार के बाद लड़की की आत्मा को मिली मुक्ति!


वाराणसी. एक ऐसी कहानी जिसका राज मृत लड़की की खोपड़ी से जुड़ा था। बड़े-बड़े तंत्र साधक मृत इंसानों की खोपड़ियों को रखकर आत्माओं का आह्वान करते थे। एक ऐसी ही लड़की की सच्ची दास्तां जिसने एक तांत्रिक के चक्कर में आकर आत्महत्या कर ली थी।
 
कोलकाता की इस लड़की का रहस्य बनारस के शमशान घाट पर मिली खोपड़ी के बाद खुला। महेश बाबू (बदला हुआ नाम) 1950 के आस-पास पुनर्जन्म और मृत आत्माओं की सच्चाई पर तांत्रिकों के साथ रिसर्च में जुटे थे। उन्होंने देखा कि ऐसे तांत्रिक हैं जो मनुष्य की मृत खोपड़ी को रखकर क्रिया द्वारा आत्मा को बुला लेते हैं। 
 कोलकाता की मृत लड़की की खोपड़ी कैसे पहुंची काशी 
 
तांत्रिक की साधना को कोई झुठला नहीं सकता। इसी को लेकर महेश बाबू अपने शोष कार्य में लगे थे। कई सालों तक महेश और साधक महेंद्र बाबू (बदला हुआ नाम) अलग-अलग खोपड़ियों की आत्माओं से संपर्क साधते रहे। इन दिन शमशान घाट पर विचरण के दौरान दोनों लोगों को एक खोपड़ी मिली। इसके बाद बंद कमरे में रात को साधना शुरू हुई। एक लड़की की रोने की आवाज आने लगी, तभी सामने एक परछाई दिखती प्रतीत हुई। 

सच्ची कहानी पार्ट-5: खोपड़ी के संस्कार के बाद लड़की की आत्मा को मिली मुक्ति!

 
आगे जानिए सुमन की आत्मा को कैसे मिली मुक्ति

महेंद्र बाबू ने लोहबान को आग में डालते हुए, आत्मा से पूछा कौन हो तुम, बनारस कैसे आई? क्या नाम है तुम्हारा? सिसकती लड़की ने मानो जबाब दिया, 'सुमन (बदला हुआ नाम) नाम है मेरा। मैं कोलकाता की रहने वाली थी। मैं बीमार रहती थी तो मुझे परिवार वाले एक तांत्रिक के पास लेकर गए थे। मेरे ऊपर साया बताकर उसने मुझपर बहुत जुल्म किया। एक दिन परेशान होकर चौबीस साल की उम्र में मैंने नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। मेरी आत्मा भटकती रही। कुछ सालों बाद नदी से मेरे कपाल को एक दूसरे तांत्रिक ने निकाल लिया और साधना करने के लिए काशी पहुंच गया। तांत्रिक गलत सिद्धियां करना चाहता था, मैंने उसको मंसूबे में कामयाब नहीं होने दिया। अपनी शक्ति से कपाल को गंगा के अंदर पहुंचा दिया। वर्षों बाद मेरा कपाल आप लोगों को मिल गया।' 
कैसे मिली सुमन की आत्मा को मुक्ति
 
सुमन की आत्मा ने साधक से प्रार्थना कि उसे साधना के जरिए मुझे मुक्ति दिला दें। साधक महेंद्र बाबू और रिसर्च कर रहे महेश बाबू ने सुमन को मुक्ति दिलाने की ठान ली। दोनों ने मिलकर विधि विधान के साथ शमशान घाट पर कपाल का संस्कार किया। सुमन की आत्मा उस दिन आखरी बार सामने आई और ये कहकर ओझल हो गई कि तंत्र साधना की सिद्धियां सही दिशा में हो तो वर्षों बाद भी मुक्ति मिल सकती है। 

इसीलिए विधि विधान के साथ अकाल मृत्यु के बाद होना चाहिए संस्कार 
 
हर धर्म और जाती में मनुष्य के मृत्यु के बाद उसका संस्कार किया जाता है। जो लोग अकाल मृत्यु से मरते हैं, उनकी आत्माओं को मुक्ति नहीं मिलती। इसीलिए पिंड दान का भी विधान प्राचीन काल से चला आ रहा है। गया और बनारस उन सिद्ध स्थलियों में से है जहां आत्माओं को बैठाया जाता है। पिशाच मोचन में आज भी पितृ पक्ष के दिन हजारों लोग पितरों की मुक्ति के लिए जाते हैं। 

मरने के 10 साल बाद लौटी प्रेमिका की अतृप्त आत्मा
 
वाराणसी. 1952 की यह कहानी बनारस से जुड़ी है। यहां एक अतृप्त प्रेमिका ने मरने के दस साल बाद प्रेमी के साथ चार दिनों तक रही और अत्यधिक कामुक होने के नाते प्रेमी के साथ पत्नी की तरह भोग भी करती रही। हरिशचंद्र शमसान घाट से इस कहानी की नई शुरुआत होती है। 
 नीलम और मानिक (बदला हुआ नाम) एक साथ पढ़ते थे। पढ़ाई के दौरान दोनों में नजदीकियां बढ़ी और प्यार हो गया। दोनों ने शादी की ठान ली। नीलम कश्मीर की रहने वाली थी, उसके माता पिता वहीं रहते थे। नीलम अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई करती थी। उसने कश्मीर जाकर घर वालों से मानिक के प्यार का जिक्र किया और शादी की बात कही। घर वालों ने शादी से इंकार के बाद नीलम को बनारस जाने से रोक दिया।
 
एक दिन अपने प्रेमी की याद में उसने ख़ुदकुशी कर ली। मानिक ने नीलम के बारे में बहुत पता करना चाहा, लेकिन उसे कुछ पता नही चला। नीलम के परिवार वालों ने कश्मीर छोड़ दिया। मानिक भी नीलम के प्यार में बदहवास एक तांत्रिक से मिला। तांत्रिक ने एक मंत्र उसको दिया और कहा शमशान पर रोज बैठो वहीं से तुम्हे नीलम का साथ मिलेगा।
 
दस साल बीत गए, एक दिन एक सुन्दर सी युवती मानिक से मिली और पूछा कैसो हो तुम? मानिक समझ नहीं पाया, थोडी देर बाद रूपवती नाम की इस युवती ने तपाक से बोला 'मैं तुम्हारी नीलम हूं, घर ले चलो मुझे।' 
 
 
आगे जानिए आखिर क्यों 10 साल बाद नीलम उससे सिर्फ चार दिनों के लिए मिलने आई...

क्या मानिक नीलम की आत्मा के साथ रहा चार दिनों तक 
 
मानिक ने समझा उसकी नीलम उसे मिल गई। वह उसको लेकर छोटे से घर में आ गया। मानिक ने कमरे में नीलम से ये जानने कि बहुत कोशिश की वह इतने सालों तक कहा रही। उसने जबाब नहीं दिया बल्कि मानिक को बाहो में भरकर प्यार करने लगी। उसने कहा 'पत्नी को पति ही पूरा कर सकता है और मैं भी पूरी होने तुम्हारे पास आई हूं।' इतना कहकर दोनों वासना में मुद्रित हो गए। चार दिनों तक यह सिलसिला लगातार चलता रहा। अगले दिन मानिक जब बिस्तर से उठा तो देखा कि नीलम गायब थी। कई दिनों तक उसने नीलम को काशी की गलियों और तमाम जगहों पर ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिली। मानिक तांत्रिक बाबा के पास पहुंचा और उसने सारी बाते बताई। तांत्रिक बाबा ने चौंकाने वाला सच मानिक को बताया। 

जानिए क्या बताया तांत्रिक बाबा ने 
 
बाबा ने बताया कि मानिक तुम और नीलम एक दूसरे को दस वर्षों पहले पति पत्नी मान चुके थे। तुमसे शादी न होने के कारण नीलम ने आत्महत्या कर ली थी, लेकिन नीलम ने तुमको पति मान लिया था और अपने शरीर को भी सिर्फ तुमको ही सौंपना चाहती थी। मरने की वजह से उसकी आत्मा अतृप्त रह गई। वह पति के रूप में अपने शरीर को तुमको सौंपना चाहती थी। ऐसी अतृप्त आत्माएं स्थूल शरीर को ग्रहण किए भटकती रहती हैं। इनको सुक्ष्म शरीरधारी प्रेतात्माएं कहते हैं। जो इच्छा अनुसार विचरण करती हैं। तांत्रिक बाबा ने बताया कि 'मैंने जो मन्त्र दिया था उसकी शक्ति ने नीलम को तुमसे मिला दिया। नीलम की आत्मा भी पति के रूप में तुमसे शरीर के साथ सहवास कर तृप्त हो गई। अब उसके अगले जन्म का मार्ग खुल गया। जब तक आत्मा तृप्त नहीं होती वह भटकती रहती।' 
क्या यही सच है
 
जीवात्मा अपने स्थूल शरीर को छोड़कर दूसरे स्थूल शरीर में अपनी भोग, वासना, लालसा और अतृप्त इच्छाओं को पूर्ण करने के लिए प्रवेश करती है। यही पर वह सूक्ष्म शरीर के साथ हो जाती हैं। मृत्यु के बाद भी वैसी ही अनुभूति को पाना चाहती हैं। इसी स्थिति में भोग वासना के लिए नीलम की आत्मा भी सूक्ष्म शरीर के साथ आई थी। भोग वासना से तृप्त होकर वह आत्मा फिर चली गई।  
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रविवार, 19 जनवरी 2014

इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

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इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

नई दिल्ली. दिल्ली का चाणक्यपुरी इलाका, यहीं बना है भारत का सबसे आलीशान होटल लीला पैलेस। वही होटल जिसमें केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। इसी होटल में है कमरा नम्बर 345 जिसमें सुनंदा पुष्कर रुकी थीं। कमरा कोई आम कमरा नहीं बल्कि सुइट है। ऐसा ही एक और सुइट कमरा नम्बर 342 भी शशि थरूर के नाम से बुक था। थरूर ने दो कमरो की बुकिंग कराई थी। इसकी खासियत ये है कि आपको बुकिंग के बाद से ही तमाम सुविधाएं मिलती हैं। होटल में सबसे महंगा महाराजा सुइट है। जिसका एक दिन का किराया साढ़े 5 लाख रुपए है। भारत में एक से बढ़कर एक शानदार और महंगे होटल हैं लेकिन दिल्ली का लीला होटल सभी को मात देता।

मुंबई के जाने माने लीला होटल समूह ने इस होटल के लिए जमीन 700 करोड़ रुपए में खरीदी थी। इस फाइव स्टार डीलक्स होटल के निर्माण पर 900 करोड़ रुपए खर्च आया था। इस होटल में 260 कमरे और सुइट हैं। होटल के एक कमरे पर जमीन सहित निर्माण में लगभग 6 करोड़ रुपए का खर्च आया था। अमूमन महानगरों में फाइव स्टार होटल के एक कमरे पर 75 लाख से 1.8 करोड़ रुपए की लागत आती है।

एक्सपर्टस का कहना है कि 1700 करोड़ रुपए में 260 कमरों का होटल बनाना न केवल भारत बल्कि सारी दुनिया में संभवत सबसे महंगा है। उनका मानना है कि इसका लागत निकालने के लिए जरुरी है कि होटल में सबसे न्यूनतम प्रति दिन का किराया भी 22,000 रुपए होना चाहिए। हालांकि इसके एक सुइट का एक दिन का किराया साढ़े 5 लाख रुपए है। इस होटल के कमरों का किराया दिल्ली के अन्य होटलों की तुलना में 10-15 प्रतिशत अधिक है। दिल्ली के चाणक्यपुरी में बने इस होटल को एक महल का रुप दिया गया है। नामी गिरामी कलाकर सतीश गुजराल ने इसका म्यूल बनाया है।

इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया
इस होटल में एक हजार पीतल के कमल बनाए गए हैं जिन पर 22 कैरट सोने का पानी चढ़ाया गया है। भारत के कई नामी कलाकारों ने इस होटल के लिए काम किया है। इस होटल को आधुनिक कला का अनूठा उदाहरण भी माना जाता है।
इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

करीब 1700 करोड़ की कीमत से बने इस होटल में 260 कमरे और सुइट बने हुए हैं। कमरों और होटल की लागत के मामले में ये भारत का सबसे महंगा होटल है। यहां के 1 कमरे को बनाने के लिए करीब 6.53 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं।
इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया
इस होटल के साधारण कमरे में ठहरने का एक रात का किराया कम से कम 20,000 रुपये है। दिल्ली के ओबरॉय और आईटीसी मौर्य के साधारण कमरों का भी किराया इतना नहीं है। इस होटल के निर्माण पर जो लोन लिया गया है उसका सालाना ब्याज 125 करोड़ रुपये होगा।
इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया
इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया
इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया


इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

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