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सोमवार, 3 फ़रवरी 2014

सात आश्चर्यजनक बातें गिद्धों के बारे में

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गिद्ध


गिद्ध एक ऐसी बदसूरत चिड़िया है जिसकी खानपान की आदतें पारिस्थितिकी तंत्र या ईको सिस्टम के लिए ज़रूरी हैं. हालांकि इसके लिए उसे श्रेय शायद ही दिया जाता है.
खैर, गिद्ध के बारे में हम चाहें जैसी भी राय रखते हों, लेकिन उनके बारे में एक बात तो साफ़ है कि वो ख़तरे में हैं.

ये पक्षी जिन शवों को खाते हैं, उससे उनके शरीर में ज़हर पहुंच रहा है. कुछ लोग मानते हैं कि जानवरों को दी जाने वाली दवाओं के कारण ऐसा हो रहा है, जबकि दूसरे लोग मानते हैं कि नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे पिछले एक दशक के दौरान भारत, नेपाल और पाकिस्तान में उनकी तादात में 95 प्रतिशत तक की कमी आई है और ऐसे ही रुझान पूरे अफ्रीका में देखे गए हैं.
क्लिक करेंशिकार के कारण इनकी संख्या घट रही है. इनका शिकार इसलिए भी किया जा रहा है ताकि ये गैंडों और हाथियों की मौत के बारे में चेतावनी न दे सकें.
साइमन थॉमसेट जैसे संरक्षणवादी इन पक्षियों की दुर्दशा को लेकर जागरुकता फैलाने का काम कर रहे हैं. वो गिद्धों के अनूठे गुणों को बताकर हमारे नज़रिए को बदलने के लिए भी काम कर रहे हैं.
आइए उनके ऐसे ही कुछ गुणों के बारे में जानते हैं.

1. बुलंद उड़ान

गिद्ध सबसे ऊंची उड़ान भरने वाला पक्षी है. इसकी सबसे ऊंची उड़ान को क्लिक करेंरूपेल्स वेंचर ने 1973 में आइवरी कोस्ट में 37,000 फीट की ऊंचाई पर रिकॉर्ड किया था, जब इसने एक हवाई जहाज को प्रभावित किया था. ये ऊंचाई एवरेस्ट (29,029 फीट) से काफ़ी अधिक है और इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से ज़्यादातर दूसरे पक्षी मर जाते हैं.
थॉमसेट बताते हैं, "इसके बाद गिद्ध को लेकर हुए अध्ययनों से उनके हीमोग्लोबिन और ह्दय की संरचना से संबंधित कई ऐसी विशेषताओं के बारे में पता चला, जिनके चलते वो असाधारण वातावरण में भी सांस ले सकते हैं."
गिद्ध भोजन की तलाश में एक बड़े इलाक़े पर नज़र डालने के लिए अक्सर ऊंची उड़ान भरते हैं.

2. अफ्रीका के सबसे बड़े पेटू

गिद्ध
थॉमसेट बताते हैं, "अफ्रीका आने वाले प्रत्येक पर्यटक को लगता है कि जंगली जानवरों को खाने वालों में सबसे आगे शेर, हाइना, तेंदुए, चीते, जंगली कुत्ते और गीदड़ हैं. लेकिन ऐसा है नहीं."
वो एक उदाहरण अफ्रीकी क्षेत्र सेरेंगेती का उदाहरण देते हैं, जहां एक अनुमान के मुताबिक़ हर साल मृत पशुओं का सड़ा माँस और कंकाल कुल चार करोड़ टन से अधिक होते हैं.
वो बताते हैं, "मांसाहारी जीव (स्तनधारी) इसके केवल 36 प्रतिशत हिस्से को खा सकते हैं और बाकी क्लिक करेंगिद्धों के हिस्से में आता है. इस संसाधन के लिए जीवाणु और कीड़े गिद्धों से मुक़ाबला करते हैं, लेकिन इसके बावजूद गिद्ध ही सबसे बड़े उपभोक्ता हैं."
गिद्ध बीमारियों को फैलने से रोकने के साथ ही जंगली कुत्तों जैसे अन्य मुर्दाख़ोरों की संख्या को सीमित रखने में भी मददगार साबित होते हैं.

3. कोई सरहद न इन्हें रोके

गिद्ध अपने भोजन के लिए काफ़ी अधिक दूरी तय कर सकते हैं. रूपेल्स वेंचर ने हाल में एक गिद्ध को तंजानिया स्थित अपने घोंसले से उड़ात भरते हुए केन्या के रास्ते सूडान और ईथोपिया तक सैर करते हुए कैमरे में क़ैद किया.
शोधकर्ताओं के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने पाया कि सूखे के दौरान केन्या के मसाई मारा रिज़र्व से ये पक्षी जंगली हिरणों का पीछा करते हुए अपने भोजन की तलाश में दूसरे स्थानों तक जाते हैं.
सीमाओं को पार करने की इस आदत के कारण इन पक्षियों को परेशानी भी उठानी पड़ती है. एक बात तो सऊदी अरब में स्थानीय मीडिया ने इन पक्षियों पर क्लिक करेंइसराइली जासूस होने का आरोप भी लगा दिया.

4. करामाती पेशाब

गिद्ध
तुर्की के गिद्ध अपने पैरों पर पेशाब करते हैं और उनकी ये आदत आपको भले ही अच्छी न लगे, लेकिन वैज्ञानिकों का अनुमान है कि उनकी इस आदत से उन्हें बीमारियों से बचने में मदद मिलती है.
सड़े हुए मांस पर खड़े होने के कारण गिद्धों के पैरों में गंदगी लग जाती है और ऐसा अनुमान है कि गिद्धों के पेशाब में मौजूद अम्ल उनके पैरों को कीटाणुओं से मुक्त बनाने में मदद करता है.

5. असीमित विस्तार

दक्षिण अफ्रीकी केप गिद्ध एक सीध में करीब 1000 किलोमीटर तक की दूरी तय करने के लिए बिजली के विशाल खंभों का अनुसरण करते हैं.
ऐसी मानवनिर्मित चीज़ों की मदद लेने के अपने जोखिम भी हैं. बिजली के खंभों पर ठहरने या घोंसला बनाने से तारों से चिपक जाने और करंट लगने का जोखिम रहता है.
बिजली के तार निजी खेतों से भी गुजरते हैं और भोजन की तलाश में इन स्थानों पर घूमने के दौरान ज़हर की चपेट में आने की आशंका भी बनी रहती है.

6. विविधतापूर्ण खानपान

गिद्ध
ये सही है कि गिद्धों को सड़ा हुआ मांस और मृत पशुओं को खाने के लिए जाना जाता है, लेकिन सभी गिद्ध केवल सड़ा हुआ मांस नहीं खाते हैं.
जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर होता है पाम नट वल्चर (गिद्ध) कई तरह के अखरोट, अंजीर, मछली और कभी कभी पक्षियों को भी खाता है. कंकालों के मुक़ाबले इसे कीड़े और ताजा मांस पसंद है.
गिद्धों की सबसे बड़ी अफ्रीकी प्रजाति लैप्पेट-फेस्ड वल्चर के पंख 2.9 मीटर तक चौड़े होते हैं और इसे मुर्गी के जिंदा बच्चे भोजन के रूप में अधिक पसंद हैं.

7. मजबूत पेट

बिर्डड वल्चर दुनिया का एक मात्र ऐसा जानवर है जो अपने भोजन में 70 से 90 प्रतिशत तक हड्डियों को शामिल कर सकता है और उनके पेट का अम्ल उन चीजों से भी पोषक तत्व ले सकते हैं, जिसे दूसरे जानवर छोड़ देते हैं.

गिद्धों के पेट का अम्ल इतना शक्तिशाली होता है कि वो हैजे और एंथ्रेक्स के जीवाणुओं को भी नष्ट कर सकता है जबकि दूसरी कई प्रजातियां इन जीवाणुओं के प्रहार से मर सकती हैं. sabhar :http://www.bbc.co.uk/

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शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर :अजीबो-गरीब डेटिंग साइट्स

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12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

गैजेट डेस्क। तकनीक का विकास जैसे-जैसे हो रहा है, दुनिया में सब कुछ काफी करीब आता जा रहा है। चाहे इटली का पिज्जा हो या फिर फ्रांस की लोकप्रिय चाय, ये हर कहीं उपलब्ध है बस एक क्लिक पर। आज दुनिया डिजिटल हो गई है। इसी के साथ डेटिंग वेबसाइट्स का चलन भी बढ़ गया है। एक या दो नहीं, ऐसी वेबसाइट्स की संख्या हजारों में है। OnlineDatingMagazine.com के हिसाब से इंटरनेट पर करीब 5000 डेटिंग साइट्स हैं। इनमें से 2300 वेबसाइट्स अमेरिकी हैं।
 
अगर डेटिंग साइट्स की बात की जाए तो दुनिया में कुछ इतनी अजीबो-गरीब डेटिंग साइट्स हैं, जिनके बारे में जानकर शायद आप अचरज हो। इनमें से कुछ तो भूतों और वैंपायर की डेटिंग के लिए भी हैं। यहां अलग से ऐसे लोगों के लिए फोरम बने हैं, जो या तो खुद को भूत बताते हैं या फिर वैंपायर और जोम्बी जैसे लोगों पर विश्वास करते हैं। इतना ही नहीं, दुनिया में सबसे बदसूरत लोगों के लिए भी अलग से डेटिंग वेबसाइट बनी हुई है। इसी के साथ, सिर्फ शादीशुदा लोगों की डेटिंग के लिए अलग से एक वेबसाइट बनी हुई है। एश्ली मैडिसन नाम की यह वेबसाइट विवादों में भी रही है। 
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

Cupidtino
 
एप्पल की लोकप्रियता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस कंपनी के दीवानों के लिए अलग से एक डेटिंग साइट है। इस साइट पर एप्पल फैन लड़के और लड़कियों को आपस में मिलवाया जाता है। यह साइट जितनी अजीब है, उतना ही सरल इसका काम है। अगर आप एप्पल के फैन हैं और किसी खास की तलाश है, तो शायद यह वेबसाइट आपकी मदद कर सकती है।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर





DiaperMates
 
इस साइट का नाम जितना अजीब है, काम भी उतना ही अजीब है। इस साइट से वो लोग जुड़ते हैं जो एडल्ट साइज डायपर पहनने के शौकीन होते हैं। यहां ऐसे लोग अपनी फोटोज भी शेयर करते हैं। साथ ही, एक जैसे इंटरेस्ट वाले लोग यहां पर डेटिंग करते हैं।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

 420Dating
 
जी हां, यह साइट धोखेबाज लोगों के लिए नहीं है। फिर भी इस साइट पर एक खास किस्म के लोग ही डेटिंग करते हैं। इस साइट का लोगो है 'व्हाय टॉक अलोन'। इस साइट पर वो लोग जो स्मोकिंग के शौकीन हैं, आपस में मेल-जोल बढ़ाते हैं। इसमें एक वार्निंग भी दी जाती है कि गैरकानूनी चीजों के इस्तेमाल के लिए वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होगी।

12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

ZombieHarmony
 
यह एक विचित्र साइट है। इस साइट पर जोम्बी लोग आपस में डेटिंग करते हैं। ये ऐसे लोग होते हैं, जिन्हें कोई विचित्र बीमारी होती है या फिर कोई अंग नहीं होता है। इस साइट पर हर किसी को डेटिंग करने का हक है।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

The Atlasphere
 
अल्टास्पियर एक ऐसी कम्युनिटी है, जिसमें ऐन रैंड (AYN RAND) की लिखी हुई किताबों के चाहने वाले एक जगह पर मिलते हैं। इस साइट पर 22000 यूजर्स हैं और साथ ही 12000 लोगों की डेटिंग प्रोफाइल हैं।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर


Vampire Passions
 
नाम की तरह ही यह साइट बड़ी अजीब है। इस साइट से वो लोग जुड़ते हैं, जिन्हें वैंपायर बहुत पसंद होते हैं। इन लोगों को अलग-अलग कैटेगरीज में विभाजित भी किया जाता है, जैसे काउंट ड्रैकुला (DRACULA), टीम एडवर्ड, बफी, न्यूली टर्नड (नए बने वैंपायर) वगैरह होते हैं। इस साइट पर हजारों लोग जुड़े हुए हैं। 

12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

Pounced
 
इस वेबसाइट पर 'फरी फैंडम' का स्लोगन लिखा हुआ है। इसका नाता उन लोगों से है जो कला की दुनिया से जुड़े हुए हैं और साथ ही जानवरों से प्यार करते हैं। इसमें लेखक, आर्टिस्ट, पब्लिशर सभी जानवरों की कॉस्ट्यूम पहनते हैं। इस साइट पर एक जैसी रुचि वाले लोग डेटिंग करते हैं।
Pounced
 
इस वेबसाइट पर 'फरी फैंडम' का स्लोगन लिखा हुआ है। इसका नाता उन लोगों से है जो कला की दुनिया से जुड़े हुए हैं और साथ ही जानवरों से प्यार करते हैं। इसमें लेखक, आर्टिस्ट, पब्लिशर सभी जानवरों की कॉस्ट्यूम पहनते हैं। इस साइट पर एक जैसी रुचि वाले लोग डेटिंग करते हैं।

12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर


Darwin Dating
 
चार्ल्स डार्विन का एक सिद्धांत था। वह था 'सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट'। मतलब सबसे मजबूत इंसान ही आगे बढ़ेगा। इस सिद्धांत पर ही यह साइट चलती है। यह साइट सिर्फ उन लोगों के लिए है, जो दिखने में अच्छे हैं। अगर आपके चेहरे पर दाग हैं, स्किन साफ नहीं है या आप आकर्षक नहीं हैं तो इस साइट का हिस्सा नहीं बन सकते। इस साइट पर कई चीजें बैन हैं। अगर फिर भी आप अप्लाई करना चाहते हैं तो इस साइट पर मौजूदा मेंबर्स आपको रेटिंग देंगे।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर


The Ugly Bug Ball
 
इंटरनेट पर अगर खूबसूरत लोगों की डेटिंग के लिए साइट बन सकती है तो बदसूरत लोगों के लिए भी वेबसाइट है। यह वेबसाइट है 'द अग्ली बग बॉल'। इस वेबसाइट पर केवल बदसूरत लोगों को ही एंट्री मिलती है। इस साइट को TUBB के नाम से भी जाना जाता है।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

FarmersOnly.com
 
अगर आप किसान हैं और किसी साथी की तलाश में हैं तो यह साइट आपके काम आ सकती है। इस साइट पर करीब 1,50,000 रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। एग्रीकल्चर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स से लेकर जानवरों से प्रेम करने वाले और जमीन से जुड़े हुए लोग इस साइट पर साथी की तलाश कर सकते हैं। इस साइट का लोगों है - 'सिटी फोक जस्ट डोंट गेट इट ("City folk just don't get it")'. 

12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर
Ashley Madison
 
यह दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब वेबसाइट्स में से एक होने के साथ-साथ काफी कॉन्ट्रोवर्शियल भी है। 'जिंदगी छोटी है, एक अफेयर हो जाए', यह इस साइट का स्लोगन है। इस साइट पर आपको कई ऐसे कई लोग मिल जाएंगे जो शादीशुदा होने के बाद भी अफेयर के बारे में सोचते हैं। असल में यह साइट शादीशुदा लोगों को डेटिंग की सुविधा देती है।
12 अजीबो-गरीब DATING साइट्स, शादीशुदा लोगों को भी मिलते हैं पार्टनर

WealthyMen
 
कोई अमीर आदमी अगर किसी खूबसूरत लड़की से मिलना चाहता है तो इस साइट पर लॉगइन कर सकता है। सभी डेटिंग साइट्स में से यह सबसे अजीब मानी जा सकती है। इस साइट पर ऐसे पुरुष हैं जो 1 लाख डॉलर सालाना से ज्यादा कमाते हैं। ज्यादातर इनमें 'शुगर डैडी (ऐसे अमीर अधेड़ जो कम उम्र लड़कियों से संबंध बनाते हैं और इसके बदले उन्हें महंगे गिफ्ट देते हैं)' इमेज वाले लोग हैं। sabhar : bhaskar.com















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गैजेट्स का आने वाला कल कैसा होगा ? घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी

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FUTURE TECH: घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी
गैजेट्स का आने वाला कल कैसा होगा... यह सवाल सभी के जेहन में है। गैजेट्स बनाने वाली कंपनियां इसका जवाब अपने कॉन्सेप्ट के जरिए देती हैं...
 
एडजीरो बंबू फोन
 
स्मार्टफोन में कई तरह के बदलाव हो रहे हैं। हाल में कुछ कंपनियों ने कर्व्ड मोबाइल फोन भी पेश किए। आने वाले दिनों में भी कर्व्ड डिस्प्ले मार्केट में छाने को तैयार हैं। क्या आप बंबू यानी बांस से बने स्मार्ट फोन के बारे में सोच सकते हैं? ब्रिटिश यूनिवर्सिटी के एक स्टूडेंट ने इसकी डिजाइन तैयार कर ली है। एडजीरो बंबू फोन का कॉन्सेप्ट इस स्टूडेंट के दिमाग में तब आया, जब उसे लगा कि स्मार्टफोन्स में डायवर्सिटी की कमी आने लगी है। ये अल्ट्रालाइट वेट ईको-फ्रैंडली डिवाइस एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन करेगी।
 
गैजेट्स की दुनिया निराली है। समय के साथ गैजेट्स में कई तरह के बदलाव आए हैं। नई टेक्नोलॉजी और कॉन्सेप्ट्स के बारे में सोचने वालों के भी क्या कहने। ये लोग असंभव को भी संभव करने के बारे में सोचते हैं। ये ऐसे कॉन्सेप्ट्स के बारे में सोचते हैं, जो हमारी सोच से भी परे होते हैं। इनकी सोच के बारे में सोचकर आप भी दंग रह जाएंगे। जरा सोचिए किसी टैब का ऐसा डिस्प्ले जो आपकी जरूरत के हिसाब से मुड़ जाए या बांस का बना मोबाइल या ट्रांसपैरेंट टोस्टर या मल्टीटच कीबोर्ड और माउस। ये कॉन्सैप्ट किसी सपने की तरह हैं, जिन्हें साकार होने में कई सालों का वक्त लगेगा। कंपनियां इनको लेकर अभी काम कर रही हैं।
 
FUTURE TECH: घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी

फुजित्सु ब्रीदबुक
 
आज की तारीख में मार्केट में कई तरह के टैबलेट मौजूद हैं। अगर हम 20 साल बाद की बात करें तो टैबलेट कैसे होंगे? इसका जवाब फुजित्सु के ब्रीदबुक में मिलता है। ये ऐसा कॉन्सेप्ट है, जो टैबलेट की दुनिया बदलकर रख देगा। ब्रीदबुक का डिस्प्ले  लेक्सिबल होगा। यानी आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसे मोड़ सकेंगे। ब्रीदबुक में टैबलेट से जुड़े सारे फीचर्स होंगे। फ्रंट, रियर कैमरा के साथ इसमें इंडक्टिव चार्जिंग की सुविधा मौजूद होगी।
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होलोग्राम वॉच
 
होलोग्राम शब्द होलोग्राफी से बना हुआ है। होलोग्राफी ऐसी टेकनीक है, जिससे 3डी इमेज बनाई जा सकती है। आप कई प्रोडक्ट्स के पैकेट्स में इसे देख सकते हैं, जो उनके ओरिजनल होने का सबूत होते हैं। पर अगर ऐसी किसी घड़ी की बात की जाए, जो इस तकनीक से बनी हुई हो। इसे पहनने वाला जब अपनी कलाई को हिलाएगा तो होलोग्राफिक टाइम दिखाई देगा। जैसा कि आप फोटो में देख रहे हैं....ब्रेसलेट जैसी इस घड़ी की डिजाइन के दो सिरों के बीच स्पेस है। टाइम इसी के बीच में दिखाई देगा।
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सपैरेंट टोस्टर
 
अभी तक मार्केट में ट्रांसपैरेंट वॉच मौजूद हैं। पर कई डिजाइन कंपनियां दूसरे ट्रांसपैरेंट गैजेट्स के कॉन्सेप्ट पर काम कर रही हैं। इन्हीं में से एक इनवेस्टिबल्स ने ट्रांसपैरेंट टोस्ट का कॉन्सेप्ट पेश किया है। इस टोस्टर में ऐसे ग्लास लगाए जाएंगे जो इतने गर्म हो जाएंगे कि ब्रेड टोस्ट हो जाए। अभी की बात करें तो ग्लास इतने गर्म नहीं हो रहे कि ब्रेड टोस्ट हो जाए। बस थोड़ी सी गर्म हो रही है। लेकिन ये कॉन्सेप्ट बेहतरीन है। देखिए ये कब हकीकत बनता है।

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इलेक्ट्रोलक्स ऑर्बिट वॉशिंग मशीन
 
हम काफी आगे की बात कर रहे हैं। ये ऐसा कॉन्सेप्ट है, जिसके बारे में डिजाइनर्स कह रहे हैं कि इसे पूरा होने में 25 साल लग सकते हैं। देखने में अलग ये वॉशिंग मशीन क्रियोजेनिक क्लीनिंग सिस्टम से लैस होगी, इससे कपड़े धोने के लिए पानी या क्लीनिंग कैमिकल्स की जरूरत नहीं पड़ेगी।
FUTURE TECH: घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी
रिमेंबर रिंग
 
अब आपको किसी की बर्थडेट, मैरिज एनिवर्सरी जैसी अहम तारीखों को याद रखने में परेशानी नहीं होगी। अभी तो शायद आप इसके लिए फोन पर रिमाइंडर लगाते होंगे या कैलेंडर पर मार्क करते होंगे। लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि ये आपको न दिखे या आप मिस कर जाएं। रिमेंबर रिंग पर आपको इंपौर्टेंट तारीखों को भूलने नहीं देगी। इस रिंग में लगा हॉट-स्पॉट 10 सेकेंड के लिए 50 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो जाएगा। ऐसा उस दिन हर घंटे होगा ताकि आप भूल नहीं पाएं।
FUTURE TECH: घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी



एपिडिजिटल पैच
 
एपिडिजिटल पैच के बाद आपको घड़ी पहनने की जरूरत नहीं होगी। इस पैच में नैनोबोट्स लगे होंगे, जो स्किन के बाहरी हिस्से (एपिडर्मिस) की बेसल लेयर में एबसॉर्ब हो जाएंगे। इससे स्किन में एनिमेटेड टैपोग्राफिक टाइम इमेज बनेगी। ये नैनोबोट्स कई दिनों में खुद ब खुद खत्म हो जाते हैं।

FUTURE TECH: घड़ी से दिखेगा टीवी, तारीख याद दिलाएगी अंगूठी

मल्टीटच कीबोर्ड-माउस
 
समय के साथ कीबोर्ड और माउस में कई तरह के बदलाव आए हैं। फ्यूचर की बात करें तो मल्टी-टच कीबोर्ड और माउस मार्केट में उतर रहे होंगे। टेंपर्ड ग्लास और सॉलिड मेटल बेस से बने ये कीबोर्ड और माउस वायरलेस होंगे। इनकी डिजाइन टच स्क्रीन टेक्नोलॉजी पर बेस्ड होगी, जिसे फ्रस्ट्रेटेड टोटल इंटर्नल रिफ्लेक्शन कहा जाता है। ये हमारे इशारों (मोशंस) को ट्रैक करने के लिए स्मॉल एलईडी लाइट्स और कैमरा का इस्तेमाल करके कंप्यूटर्स को भेजता है।
sabhar : bhaskar.com


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शुक्रवार, 31 जनवरी 2014

सालों बाद खोपड़ी के संस्कार के बाद लड़की की आत्मा को मिली मुक्ति!

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सच्ची कहानी पार्ट-5: खोपड़ी के संस्कार के बाद लड़की की आत्मा को मिली मुक्ति!


वाराणसी. एक ऐसी कहानी जिसका राज मृत लड़की की खोपड़ी से जुड़ा था। बड़े-बड़े तंत्र साधक मृत इंसानों की खोपड़ियों को रखकर आत्माओं का आह्वान करते थे। एक ऐसी ही लड़की की सच्ची दास्तां जिसने एक तांत्रिक के चक्कर में आकर आत्महत्या कर ली थी।
 
कोलकाता की इस लड़की का रहस्य बनारस के शमशान घाट पर मिली खोपड़ी के बाद खुला। महेश बाबू (बदला हुआ नाम) 1950 के आस-पास पुनर्जन्म और मृत आत्माओं की सच्चाई पर तांत्रिकों के साथ रिसर्च में जुटे थे। उन्होंने देखा कि ऐसे तांत्रिक हैं जो मनुष्य की मृत खोपड़ी को रखकर क्रिया द्वारा आत्मा को बुला लेते हैं। 
 कोलकाता की मृत लड़की की खोपड़ी कैसे पहुंची काशी 
 
तांत्रिक की साधना को कोई झुठला नहीं सकता। इसी को लेकर महेश बाबू अपने शोष कार्य में लगे थे। कई सालों तक महेश और साधक महेंद्र बाबू (बदला हुआ नाम) अलग-अलग खोपड़ियों की आत्माओं से संपर्क साधते रहे। इन दिन शमशान घाट पर विचरण के दौरान दोनों लोगों को एक खोपड़ी मिली। इसके बाद बंद कमरे में रात को साधना शुरू हुई। एक लड़की की रोने की आवाज आने लगी, तभी सामने एक परछाई दिखती प्रतीत हुई। 

सच्ची कहानी पार्ट-5: खोपड़ी के संस्कार के बाद लड़की की आत्मा को मिली मुक्ति!

 
आगे जानिए सुमन की आत्मा को कैसे मिली मुक्ति

महेंद्र बाबू ने लोहबान को आग में डालते हुए, आत्मा से पूछा कौन हो तुम, बनारस कैसे आई? क्या नाम है तुम्हारा? सिसकती लड़की ने मानो जबाब दिया, 'सुमन (बदला हुआ नाम) नाम है मेरा। मैं कोलकाता की रहने वाली थी। मैं बीमार रहती थी तो मुझे परिवार वाले एक तांत्रिक के पास लेकर गए थे। मेरे ऊपर साया बताकर उसने मुझपर बहुत जुल्म किया। एक दिन परेशान होकर चौबीस साल की उम्र में मैंने नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। मेरी आत्मा भटकती रही। कुछ सालों बाद नदी से मेरे कपाल को एक दूसरे तांत्रिक ने निकाल लिया और साधना करने के लिए काशी पहुंच गया। तांत्रिक गलत सिद्धियां करना चाहता था, मैंने उसको मंसूबे में कामयाब नहीं होने दिया। अपनी शक्ति से कपाल को गंगा के अंदर पहुंचा दिया। वर्षों बाद मेरा कपाल आप लोगों को मिल गया।' 
कैसे मिली सुमन की आत्मा को मुक्ति
 
सुमन की आत्मा ने साधक से प्रार्थना कि उसे साधना के जरिए मुझे मुक्ति दिला दें। साधक महेंद्र बाबू और रिसर्च कर रहे महेश बाबू ने सुमन को मुक्ति दिलाने की ठान ली। दोनों ने मिलकर विधि विधान के साथ शमशान घाट पर कपाल का संस्कार किया। सुमन की आत्मा उस दिन आखरी बार सामने आई और ये कहकर ओझल हो गई कि तंत्र साधना की सिद्धियां सही दिशा में हो तो वर्षों बाद भी मुक्ति मिल सकती है। 

इसीलिए विधि विधान के साथ अकाल मृत्यु के बाद होना चाहिए संस्कार 
 
हर धर्म और जाती में मनुष्य के मृत्यु के बाद उसका संस्कार किया जाता है। जो लोग अकाल मृत्यु से मरते हैं, उनकी आत्माओं को मुक्ति नहीं मिलती। इसीलिए पिंड दान का भी विधान प्राचीन काल से चला आ रहा है। गया और बनारस उन सिद्ध स्थलियों में से है जहां आत्माओं को बैठाया जाता है। पिशाच मोचन में आज भी पितृ पक्ष के दिन हजारों लोग पितरों की मुक्ति के लिए जाते हैं। 

मरने के 10 साल बाद लौटी प्रेमिका की अतृप्त आत्मा
 
वाराणसी. 1952 की यह कहानी बनारस से जुड़ी है। यहां एक अतृप्त प्रेमिका ने मरने के दस साल बाद प्रेमी के साथ चार दिनों तक रही और अत्यधिक कामुक होने के नाते प्रेमी के साथ पत्नी की तरह भोग भी करती रही। हरिशचंद्र शमसान घाट से इस कहानी की नई शुरुआत होती है। 
 नीलम और मानिक (बदला हुआ नाम) एक साथ पढ़ते थे। पढ़ाई के दौरान दोनों में नजदीकियां बढ़ी और प्यार हो गया। दोनों ने शादी की ठान ली। नीलम कश्मीर की रहने वाली थी, उसके माता पिता वहीं रहते थे। नीलम अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई करती थी। उसने कश्मीर जाकर घर वालों से मानिक के प्यार का जिक्र किया और शादी की बात कही। घर वालों ने शादी से इंकार के बाद नीलम को बनारस जाने से रोक दिया।
 
एक दिन अपने प्रेमी की याद में उसने ख़ुदकुशी कर ली। मानिक ने नीलम के बारे में बहुत पता करना चाहा, लेकिन उसे कुछ पता नही चला। नीलम के परिवार वालों ने कश्मीर छोड़ दिया। मानिक भी नीलम के प्यार में बदहवास एक तांत्रिक से मिला। तांत्रिक ने एक मंत्र उसको दिया और कहा शमशान पर रोज बैठो वहीं से तुम्हे नीलम का साथ मिलेगा।
 
दस साल बीत गए, एक दिन एक सुन्दर सी युवती मानिक से मिली और पूछा कैसो हो तुम? मानिक समझ नहीं पाया, थोडी देर बाद रूपवती नाम की इस युवती ने तपाक से बोला 'मैं तुम्हारी नीलम हूं, घर ले चलो मुझे।' 
 
 
आगे जानिए आखिर क्यों 10 साल बाद नीलम उससे सिर्फ चार दिनों के लिए मिलने आई...

क्या मानिक नीलम की आत्मा के साथ रहा चार दिनों तक 
 
मानिक ने समझा उसकी नीलम उसे मिल गई। वह उसको लेकर छोटे से घर में आ गया। मानिक ने कमरे में नीलम से ये जानने कि बहुत कोशिश की वह इतने सालों तक कहा रही। उसने जबाब नहीं दिया बल्कि मानिक को बाहो में भरकर प्यार करने लगी। उसने कहा 'पत्नी को पति ही पूरा कर सकता है और मैं भी पूरी होने तुम्हारे पास आई हूं।' इतना कहकर दोनों वासना में मुद्रित हो गए। चार दिनों तक यह सिलसिला लगातार चलता रहा। अगले दिन मानिक जब बिस्तर से उठा तो देखा कि नीलम गायब थी। कई दिनों तक उसने नीलम को काशी की गलियों और तमाम जगहों पर ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिली। मानिक तांत्रिक बाबा के पास पहुंचा और उसने सारी बाते बताई। तांत्रिक बाबा ने चौंकाने वाला सच मानिक को बताया। 

जानिए क्या बताया तांत्रिक बाबा ने 
 
बाबा ने बताया कि मानिक तुम और नीलम एक दूसरे को दस वर्षों पहले पति पत्नी मान चुके थे। तुमसे शादी न होने के कारण नीलम ने आत्महत्या कर ली थी, लेकिन नीलम ने तुमको पति मान लिया था और अपने शरीर को भी सिर्फ तुमको ही सौंपना चाहती थी। मरने की वजह से उसकी आत्मा अतृप्त रह गई। वह पति के रूप में अपने शरीर को तुमको सौंपना चाहती थी। ऐसी अतृप्त आत्माएं स्थूल शरीर को ग्रहण किए भटकती रहती हैं। इनको सुक्ष्म शरीरधारी प्रेतात्माएं कहते हैं। जो इच्छा अनुसार विचरण करती हैं। तांत्रिक बाबा ने बताया कि 'मैंने जो मन्त्र दिया था उसकी शक्ति ने नीलम को तुमसे मिला दिया। नीलम की आत्मा भी पति के रूप में तुमसे शरीर के साथ सहवास कर तृप्त हो गई। अब उसके अगले जन्म का मार्ग खुल गया। जब तक आत्मा तृप्त नहीं होती वह भटकती रहती।' 
क्या यही सच है
 
जीवात्मा अपने स्थूल शरीर को छोड़कर दूसरे स्थूल शरीर में अपनी भोग, वासना, लालसा और अतृप्त इच्छाओं को पूर्ण करने के लिए प्रवेश करती है। यही पर वह सूक्ष्म शरीर के साथ हो जाती हैं। मृत्यु के बाद भी वैसी ही अनुभूति को पाना चाहती हैं। इसी स्थिति में भोग वासना के लिए नीलम की आत्मा भी सूक्ष्म शरीर के साथ आई थी। भोग वासना से तृप्त होकर वह आत्मा फिर चली गई।  
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रविवार, 19 जनवरी 2014

इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

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इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

नई दिल्ली. दिल्ली का चाणक्यपुरी इलाका, यहीं बना है भारत का सबसे आलीशान होटल लीला पैलेस। वही होटल जिसमें केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। इसी होटल में है कमरा नम्बर 345 जिसमें सुनंदा पुष्कर रुकी थीं। कमरा कोई आम कमरा नहीं बल्कि सुइट है। ऐसा ही एक और सुइट कमरा नम्बर 342 भी शशि थरूर के नाम से बुक था। थरूर ने दो कमरो की बुकिंग कराई थी। इसकी खासियत ये है कि आपको बुकिंग के बाद से ही तमाम सुविधाएं मिलती हैं। होटल में सबसे महंगा महाराजा सुइट है। जिसका एक दिन का किराया साढ़े 5 लाख रुपए है। भारत में एक से बढ़कर एक शानदार और महंगे होटल हैं लेकिन दिल्ली का लीला होटल सभी को मात देता।

मुंबई के जाने माने लीला होटल समूह ने इस होटल के लिए जमीन 700 करोड़ रुपए में खरीदी थी। इस फाइव स्टार डीलक्स होटल के निर्माण पर 900 करोड़ रुपए खर्च आया था। इस होटल में 260 कमरे और सुइट हैं। होटल के एक कमरे पर जमीन सहित निर्माण में लगभग 6 करोड़ रुपए का खर्च आया था। अमूमन महानगरों में फाइव स्टार होटल के एक कमरे पर 75 लाख से 1.8 करोड़ रुपए की लागत आती है।

एक्सपर्टस का कहना है कि 1700 करोड़ रुपए में 260 कमरों का होटल बनाना न केवल भारत बल्कि सारी दुनिया में संभवत सबसे महंगा है। उनका मानना है कि इसका लागत निकालने के लिए जरुरी है कि होटल में सबसे न्यूनतम प्रति दिन का किराया भी 22,000 रुपए होना चाहिए। हालांकि इसके एक सुइट का एक दिन का किराया साढ़े 5 लाख रुपए है। इस होटल के कमरों का किराया दिल्ली के अन्य होटलों की तुलना में 10-15 प्रतिशत अधिक है। दिल्ली के चाणक्यपुरी में बने इस होटल को एक महल का रुप दिया गया है। नामी गिरामी कलाकर सतीश गुजराल ने इसका म्यूल बनाया है।

इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया
इस होटल में एक हजार पीतल के कमल बनाए गए हैं जिन पर 22 कैरट सोने का पानी चढ़ाया गया है। भारत के कई नामी कलाकारों ने इस होटल के लिए काम किया है। इस होटल को आधुनिक कला का अनूठा उदाहरण भी माना जाता है।
इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

करीब 1700 करोड़ की कीमत से बने इस होटल में 260 कमरे और सुइट बने हुए हैं। कमरों और होटल की लागत के मामले में ये भारत का सबसे महंगा होटल है। यहां के 1 कमरे को बनाने के लिए करीब 6.53 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं।
इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया
इस होटल के साधारण कमरे में ठहरने का एक रात का किराया कम से कम 20,000 रुपये है। दिल्ली के ओबरॉय और आईटीसी मौर्य के साधारण कमरों का भी किराया इतना नहीं है। इस होटल के निर्माण पर जो लोन लिया गया है उसका सालाना ब्याज 125 करोड़ रुपये होगा।
इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया
इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया
इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

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इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

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सच्ची घटना: पुनर्जन्म

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सच्ची घटना-2: पेंटिंग में बसी थी पिछले जन्म की पत्नी की आत्मा!

वाराणसी. क्या मरने के बाद किसी की आत्मा ऑइल पेंटिंग में सालों तक रह सकती हैं? इस सच्ची घटना में शैलेश बाबू के साथ कुछ ऐसा ही हुआ।
 बात उन दिनों कि है जब शैलेश बाबू डिब्रूगढ़ टी-स्टेट में लोगों के लिए मेस चलाया करते थे। 
हरी बाबू (बदला हुआ नाम) भी उन दिनों काशी से डिब्रूगढ़ काम करने पहुंचे थे।शैलेश बाबू की मेस में हरी बाबू भी लोगों के साथ रहने लगे। 
वहीं शैलेश बाबू की पत्नी की एक बड़ी सी ऑइल पेंटिंग उनके कमरे में टंगी थी। एक रात हरी बाबू ने एक बहुत सुंदर महिला को शैलेश बाबू का पांव बिस्तर पर दबाते देखा, यह देख उनके होश उड़ गए क्योंकि महिला की शक्ल ऑइल पेंटिंग वाली महिला से हूबहू मिल रही थी।
 हरी बाबू 60 के दशक में टी स्टेट में काम करने के लिए डिब्रूगढ़ पहुंचे थे। मेस शैलेश बाबू चलाते थे, अजनबी शहर होने के कारण हरी बाबू ने मेस में ही रहना पसंद किया। 
एक दिन देर रात पूर्णिमा के दिन हरी बाबू ने शाम को शैलेश बाबू के कमरे में रखी ऑइल पेंटिंग को देखा तो उन्हें विचित्र सी रहस्यमय अनुभूति महसूस हुई। उसी रात को नींद न आने पर वह हरी बाबू के कमरे से बाहर आए, तो उन्होंने शैलेश बाबू के पास दो स्त्रियों को देखा। 
दोनों उनकी सेवा कर रही थी। हरी बाबू चीखे, कि शैलेश बाबू गैर औरतों के साथ।इतना कहते ही दोनों स्त्रियां अचानक गायब हो गई। 
नीचे से मेस में ही काम करने वाले जतीन बाबू भी चले आए। शैलेश बाबू उठकर कमरे में गए। हरी बाबू भी कमरे में दाखिल हुए, जैसे ही उनकी नजर ऑइल पेंटिंग पर पड़ी, रौंगटे खड़े हो गए। पेंटिंग में महिला की आंखे (हरी बाबू) को घूर रही थी, मानो कोई साक्षात देख रहा हो।
 उस दिन से उन्हें चित्र से डर लगने लगा। जतीन बाबू ने सुबह बताया कि शैलेश बाबू आपसे बहुत प्यार करते हैं, हरी बाबू का चेहरा उनके दामाद से मिलता है। इसी लिए शैलेश बाबू उनके प्यार करते हैं। उस दिन के बाद से हरी जब भी ऑइल पेंटिंग की ओर देखते, मानो उसे यही लगता कि महिला साक्षात् कुछ कहना चाहती हो।
 क्या संबंध था शैलेश और हरी में, कौन थी दोनों महिलाएं जो शैलेश बाबू की सेवा करती थी

मेस के सारे स्टाफ विजयादशमी पर छुट्टी पर चले गए। 
हरी बाबू ने एक रात फिर देखा कि दो महिलाएं छत पर शैलेश बाबू के पैर दबा रही हैं। वह फिर से चीख पड़े कि पलक झपकते दोनों महिलाए फिर से गायब हो गई।
 बहुत पूछने पर जतीन बाबू ने बताया कि 'वह शैलेश बाबू की बेटी और पत्नी की आत्माएं थी। एक दिन मैं सच जानने के लिए शैलेश बाबू के कमरे में दाखिल हुआ। 
ऑइल पेंटिंग की महिला आखों में अंगार लिए मानो मुझे नुकसान पहुंचाना चाहती थी। 
जतीन बाबू ने मुझे उस दिन बचा लिया।
 कमरे से बाहर आकर जतीन बाबू ने दोनों आत्माओं के रहस्यों को बताया कि ऑइल में शैलेश बाबू की स्वर्गवासी पत्नी और दूसरी महिला उनकी बेटी है, जिसकी हत्या उसके पति ने शराब के नशे में कर दी थी। शैलेश बाबू अपने दामाद को बेहद प्यार करते थे। दामाद की शक्ल तुमसे मिलती है।
 जतीन बाबू ने एक और चौंकाने वाला सच बताया कि दामाद खीरु मेरा ही बेटा था, जिसकी शक्ल तुम्हारी तरह थी। पत्नी और बेटी शैलेश बाबू को मरने के बाद भी प्यार करती रही। ऑइल पेंटिंग में मानों उनकी पत्नी का वास है। इसी कारण से उस पेंटिग कि महिला अपने दामाद के रूप में देख तुमसे चिढ़ती थी।' 
जानिए फिर क्या हुआ

पूरी कहानी सुनने के बाद हरी बाबू ने फैसला लिया कि वह डिब्रूगढ़ छोड़कर कही और चले जाएंगे। 
हरी बाबू अगले दिन कोलकाता की ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचे। जतिन बाबू और शैलेश बाबू उनको छोड़ने आए। जतीन ने हरी बाबू से कहा कि आज दूसरी बार उनका बेटा उनसे दूर जा रहा है।
 शैलेश बाबू ने सिर्फ इतना कहा 'कि पिछले जन्म में तुमने सांस और पत्नी के प्यार को नहीं समझा था, 
इसी सीख के लिए इस जन्म में तुम यहां आए थे।' तभी ट्रेन चल पड़ी, ऑइल पेंटिंग वाली महिला मानो सामने खड़ी थी और यही कह रही थी कि इस जन्म में जीवन साथी को बहुत प्यार देना।

 मौत के 25 साल बाद पुनर्जन्म ले वापस लौटी प्रेमिका



सच्ची घटना-1: मौत के 25 साल बाद पुनर्जन्म ले वापस लौटी प्रेमिका


वाराणसी. घटना बनारस के नामी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले दो प्रेमी युगलों से जुड़ी है।
 आज़ादी के कुछ सालों बाद ग्रेजुएशन कर रहे मनोज (बदला हुआ नाम) और शांति (बदला हुआ नाम) एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे। दोनों एमए के बाद शादी करने वाले थे।

एक दिन अचानक शांति की मौत एक मामूली-सी बीमारी के कारण हो गई।
 मनोज ने शमशान घाट पर अपनी आंखों के सामने प्रेमिका को जलते देखा। शांति ने मानो उसी समय मनोज के कानों में ये कहा - 'मैं वापस आऊंगी और अगले जन्म में तुम्हारी बंनूगी।'

मनोज शांति के मरने के बाद टूट सा गया था। उसने शादी न करने का मन बना लिया।
 वह कोलकाता काम करने चला गया। 25 साल बाद उसकी मुलाकात ऐसे लोगों से हुई जो मृत आत्माओं से संपर्क साध लेते हैं। मनोज शांति की आत्मा से मिलना चाहता था।
मृत आत्माओं से संपर्क साधने वाले मिथलेश बाबू पितृ पक्ष की अमावस्या के दिन अपने घर के बड़े से हॉल में मृत आत्माओं से संपर्क लिए साधना को बैठ गए।
उन्होंने अपनी 20 वर्षीय बेटी मोहिनी (बदला हुआ नाम) को सामने बिठाया और साधना शुरू कर दी। मनोज का मिथलेश बाबू ने मोहिनी से परिचय करवाया।
धीरे-धीरे हॉल का माहौल रहस्यमय होता गया।
 मोहिनी की आवाज भारी होने लगी, उसने उठकर मनोज को गले से लगा लिया और बोलने लगी 'मैं सुरभि हूं, जिसका तुमने शांति के जाने के बाद खूब इस्तेमाल किया और मरने के लिए सड़क पर छोड़ दिया।'
दरअसल, सुरभि शांति की ही सहेली थी।
वह शांति की मौत के बाद मनोज के नजदीक आ गई थी। बाद में मनोज और सुरभि का रोड एक्सीडेंट हुआ, जिसमें सुरभि की मौत हो गई।
जानिए मोहिनी के शरीर से कैसे बाहर निकली सुरभि की आत्मा

मिथलेश बाबू ने मोहिनी को बैठने को कहा तो शरीर में प्रवेश सुरभि की आत्मा चीखने लगी - 'मनोज मेरा है।'
 साधना फिर से शुरू करते हुए उन्होंने कुछ मंत्रों को पढ़ा और मोहिनी गिर पड़ी। चंद मिनटों बाद वह तपाक से फिर खड़ी हो गई। मोहिनी के कंठ से निकला - 'बेटा क्या कर रहे हो, सुरभि अतृप्त आत्मा है।
 वह तुम्हारा जीवन बर्बाद कर देगी। अमावस्या की वजह से मैंने तुम्हें बचा लिया।' यह मनोज की मां थी। मां की आत्मा मोहिनी के शरीर में अचानक खूब जोर-जोर से हंसने लगी। मोहिनी के मुख से भारी आवाज आई - तुझे तेरा प्यार मिल गया, जिसकी वजह से तू 25 सालों तक भटकता रहा।
 मोहिनी ही तेरी शांति है, जिसने इस जन्म में तुझे अपने पास बुला लिया है। मां की आत्मा मोहिनी के शरीर से निकलते ही मोहिनी को सबकुछ याद आ गया।
मिथलेश बाबू ने बताया कि मोहिनी ने ही शांति का जन्म लिया है।
 मनोज को सहज ही विश्वास नहीं हो पा रहा था। मोहिनी ने जब कुछ पुरानी बातों का जिक्र मनोज से किया तो वह समझ गया कि शांति का पुनर्जन्म हुआ है। उम्र के फासले के बाद भी दोनों विवाह को तैयार हो गए।
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शुक्रवार, 10 जनवरी 2014

अमेरिकी किशोर वेटलिफ्टर :उम्र 14 साल लेकिन ताकत उम्र से दोगुनी

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उम्र 14 साल लेकिन ताकत उम्र से दोगुनी, जानें यह कैसे हुआ...

शक्तिशाली बनना हर बच्चे का सपना होता है। जैक शेलेनश्लेगर इस सपने के काफी करीब पहुंच चुके हैं। 14 साल के इस बच्चे का चेहरा अभी भी मासूम है, मगर शरीर किसी बॉडी बिल्डर का है। छोटी उम्र में अपने पिता को जिम करते देख इन्हें प्रेरणा मिली। तब से ही जैक ने वर्कआउट शुरू कर दिया।
 
14 साल की उम्र में यह अमेरिकी किशोर वेटलिफ्टर बन चुका है। वजन उठाने की प्रतिस्पर्धा में जैक अपने आयु वर्ग के कई विश्व रिकॉर्ड तोड़ चुका है। पिछले वर्ष पावरलिफ्टिंग बैंच प्रेस चैंपियनशिप पेनसिल्वेनिया में जैक ने 136 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी आयु और वजन के सभी लोगों को काफी पीछे छोड़ दिया।
 
जैक कहता है, पिछले ढाई साल में एक दिन भी नहीं बीता जब उसने ट्रेनिंग नहीं की हो। मुझे अपने पिता से प्रेरणा मिलती है वे सुपर स्ट्रॉन्ग हैं। जैक के ट्रेनर का कहना है यह बच्चा मानसिक रूप से शक्तिाशाली है। यह हार नहीं मानता। जो आंतरिक शक्ति इसमें है वह अधिक उम्र के लोगों में भी नहीं होती। 
उम्र 14 साल लेकिन ताकत उम्र से दोगुनी, जानें यह कैसे हुआ...

उम्र 14 साल लेकिन ताकत उम्र से दोगुनी, जानें यह कैसे हुआ...

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पुनर्जन्म की वैज्ञानिक संभावना

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Journey of Souls



एक न्यूरोसर्जन के पास मौत के अनुभव

डॉ. एबेन अलेक्जेंडर बोस्टन में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में 25 साल सहित अधिक 15 साल के लिए एक शैक्षिक न्यूरोसर्जन कर दिया गया है. 2008 के नवम्बर में, वह अपने जीवन बदल गया है और उसे वह मानव मस्तिष्क और चेतना के बारे में पता था कि वह सोचा था कि सब कुछ पर पुनर्विचार करने का कारण है कि एक के पास मौत के अनुभव था. एलेक्स Tsakiris के साथ हाल ही में एक साक्षात्कार में, डॉ. एबेन अलेक्जेंडर वह उसे क्या हुआ के लिए किसी भी शारीरिक विवरण के साथ आने में असमर्थ रहा है और मन मस्तिष्क से स्वतंत्र है निष्कर्ष निकाला है कि कैसे बताते हैं. नीचे दिए गए साक्षात्कार के लिए सुनो और पर एक प्रतिलिपि पढ़ें Skeptico.com.

महिला के पास मौत के अनुभव के बाद कैंसर का इलाज


अनीता Moorjani देर चरण के कैंसर के कारण एक कोमा में गिर गई. उसका पति वह (उसके अंगों नीचे बंद थे) जीना 36 घंटे से भी कम था कि डॉक्टरों ने कहा था. सभी जबकि, अनीता, एक के पास मौत के अनुभव हो रहा था उसके शरीर पर लौटने या, तो सबसे उल्लेखनीय चिकित्सा कभी प्रलेखित किया था, उसे अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला नहीं करने का विकल्प दिया गया था. उन्होंने कहा कि यह उसके शरीर से बाहर होना चाहते हैं और अतीत और भविष्य, अनुभव timelessness देखने के लिए उसकी क्षमता भी शामिल है कि अन्य दायरे में, उसके जीवन का उद्देश्य पता है कि दूसरों की भावनाओं को महसूस करते हैं, और यह भी पता था कि क्या हमारे साथ साझा करने में सक्षम है पहली जगह में उसके जीवन के लिए खतरा बीमारी का कारण क्या है. यह समझने के बाद उसके स्वास्थ्य की कुल वसूली के लिए नेतृत्व किया. अपनी नई किताब मुझे सावधान करने के लिए मर रहा है अनुभव बताता है.
आत्मा की यात्रा
तुम मृत्यु से डरते हो? क्या आप मरने के बाद आप के लिए होने जा रहा है पता नहीं क्या है? यह आप डरते हैं क्योंकि आप कहीं और है और आपके शरीर यह सिर्फ इच्छाधारी सोच मर जाता है, या होने के बाद वहां से वापस आ जाएगी से आया है जो एक जगह है संभव है?
यह मनुष्य, अकेले धरती के सभी प्राणियों की, सामान्य जीवन जीने के क्रम में मृत्यु के भय को दबाने चाहिए कि एक विरोधाभास है. फिर भी हमारे जैविक वृत्ति हमें हमारे होने के लिए इस परम खतरे भूल जाते हैं कभी नहीं देता है. जैसे हम बड़े होते, मौत की काली छाया हमारी चेतना में उगता है. यहां तक ​​कि धार्मिक लोगों personhood के अंत के रूप में मौत का डर है. मौत का हमारा सबसे बड़ा भय परिवार और दोस्तों के साथ सारे संगठनों का अंत हो जाएगा कि मौत की शून्यता के बारे में विचार लाता है. मरने हमारे सभी सांसारिक लक्ष्यों लक्ष्यों को व्यर्थ लगता है.
मौत के बारे में हमें सब कुछ का अंत हो गया, तो जीवन वास्तव में अर्थहीन होगा. हालांकि, हमारे भीतर कुछ शक्ति मैं एक उच्च शक्ति और यहां तक ​​कि एक शाश्वत आत्मा के साथ एक कनेक्शन की भावना करने के लिए कर रहा हूँ एक इसके बाद के गर्भ धारण करने के लिए मनुष्य के लिए सक्षम बनाता है. हम वास्तव में एक आत्मा है, तो यह कहाँ मौत के बाद जाना है? हमारे भौतिक जगत के बाहर बुद्धिमान आत्माओं से भरा स्वर्ग में किसी प्रकार का वास्तव में है क्या? यह कैसा दिखता है? हम वहाँ मिलता है जब हम क्या करते हैं? इस स्वर्ग के आरोप में एक सर्वोच्च जा रहा है? इन सवालों में ही मानव जाति और हम में से ज्यादातर के लिए एक रहस्य बना के रूप में पुराने हैं.
मृत्यु के बाद जीवन के रहस्य को सच जवाब ज्यादातर लोगों के लिए एक आध्यात्मिक दरवाजे के पीछे बंद रहते हैं. हम अपने एकमात्र पहचान आत्मा और मानव मस्तिष्क के विलय में है, जो एक सचेत स्तर पर, एड्स के बारे में भूलने की बीमारी में बनाया गया है, क्योंकि यह है. पिछले कुछ वर्षों में आम जनता अस्थायी एक लंबी सुरंग, चमकदार रोशनी, और अनुकूल आत्माओं के साथ भी संक्षिप्त मुठभेड़ों देखने के बारे में बताने की मृत्यु हो गई और फिर वापस जीवन के लिए आया था, जो लोगों के बारे में सुना है. लेकिन इन खातों में से कोई भी हमें मृत्यु के बाद जीवन के बारे में पता करने के लिए सब वहाँ की एक झलक से अधिक दिया गया है.


माइकल न्यूटन की किताब, आत्माओं की यात्रा भावना दुनिया के बारे में एक अंतरंग पत्रिका है. यह पृथ्वी पर जीवन खत्म हो गया है क्या हमारे पास होता स्पष्ट विस्तार से पता चलता है जो वास्तविक मामले इतिहास की एक श्रृंखला प्रदान करता है. आप आध्यात्मिक सुरंग से परे और वे अंत में एक और जीवन में पृथ्वी पर लौटने से पहले आत्माओं के लिए क्या transpires जानने के लिए आत्मा दुनिया में ही लिया जाएगा.

विक्टर Zammit द्वारा पुस्तक के अध्याय 29 से अंश, एक वकील Afterlife के लिए प्रकरण प्रस्तुत
पुनर्जन्म intelligences से महत्वपूर्ण संदेश बार बार हमें सूचित पिछले कुछ दशकों में इस धरती पर हमें मनुष्य के लिए विभिन्न देशों में फैलता है कि, (संक्षेप में कहें):
  • सभी मनुष्य अपने विश्वासों के बावजूद शारीरिक मौत, जीवित रहते हैं.
  • मौत के बिंदु पर हम सब अपने अनुभवों, हमारे चरित्र और हमारे आकाशीय (आत्मा) के शरीर के साथ हमारे मन ले - जो पृथ्वी शरीर की नकल है. यह मौत के बिंदु पर पृथ्वी को शरीर से बाहर आता है और एक चांदी के तार से पृथ्वी शरीर से जुड़ा है. चांदी की हड्डी भौतिक शरीर से कटे है जब मौत होती है. रजत बिर्च, नौ से अधिक पुस्तकें प्रेषित किया है जो पुनर्जन्म से एक उच्च खुफिया, पुनर्जन्म में आकाशीय शरीर और हमारे आसपास हमारी दुनिया अब हमें लगता है बस के रूप में ठोस हो जाएगा कि हमें बताते हैं.
  • स्वर्ग के रूप में ऐसी बात या "नीचे" नरक "आकाश में" वहाँ कोई नहीं: पुनर्जन्म का स्थान पृथ्वी तल से बदल नहीं है. सबसे कम करने के लिए उच्चतम कंपन से - एक ही कमरे में अलग दुनिया या "क्षेत्रों" या "विमानों" अंतर - घुसना भीतर अलग रेडियो फ्रीक्वेंसी कर रहे हैं बस के रूप में.
  • विभिन्न स्तरों या पुनर्जन्म में "क्षेत्रों" कर रहे हैं - सबसे कम कंपन से उच्चतम करने के लिए. शारीरिक मौत पर हम पृथ्वी पर हमारे जीवन भर में जमा कंपन समायोजित कर सकते हैं, जो इस क्षेत्र के लिए जाना. सरल शब्दों में कहें, सबसे आम लोगों "तीसरे" क्षेत्र के लिए जाने की संभावना है - कुछ लोगों को यह कहते कंपन अधिक है, की स्थिति बेहतर "Summerland." - यह उच्च क्षेत्रों से हमें ले जाएगा. हम उच्च क्षेत्रों की कल्पना भी करने के लिए बहुत सुंदर हैं कि सूचित कर रहे हैं. बहुत, बहुत कम कंपन के साथ उन लोगों के लिए बहुत गंभीर समस्या मौजूद है.
  • अनंत काल और अनन्त फटकार के लिए नर्क अनजान के दिल और दिमाग में हेरफेर करने के लिए पुरुषों द्वारा आविष्कार किया गया था - वे मौजूद नहीं है. विशेष रूप से, अंधेरे अप्रिय और भी भयावह हैं कि पुनर्जन्म में निचले क्षेत्रों Whilst वहाँ - अनंत काल के लिए वहाँ नहीं है नीचे समाप्त - कुछ उन्हें "नरक" कहते हैं. हमेशा दया और unselfishness का सबक सीखने के लिए तैयार किसी भी आत्मा के लिए उपलब्ध मदद है.
  • आप शरीर से मुक्त और पुनर्जन्म में प्रवेश कर रहे हैं, आप भारी लपट की भावना का अनुभव करेंगे. कुछ संचारकों मिलाना यह एक भारी गोताखोरों 'सूट दूर ले जा रही है.
  • मौत के बिंदु पर मन की स्थिति महत्वपूर्ण है. कुछ होश में अधिक से गुजारें और नई आगमन के स्वागत के लिए आने वाले लोगों को प्यार की पूरी तरह से वाकिफ हैं, दूसरों को बेहोश कर रहे हैं और rest.In की एक खास जगह पर ले जाया जाता है हमारी दुनिया के सबसे नजदीक क्षेत्रों, मन वास्तविकता बनाता है. तो कुछ भी पाने की उम्मीद जो लोग अच्छी तरह से गहरी नींद में रह सकते हैं.
  • कुछ समय के लिए बीमार हो गया है जो उन लोगों को खुद के अपने मानसिक तस्वीर बदल सकते हैं और उनके दिमाग के साथ एक स्वस्थ आकाशीय शरीर बनाने के लिए मदद की जरूरत हो सकती. "अस्पताल" इस purpose.Ordinary उचित लोगों को अपने प्रियजनों से मुलाकात कर रहे हैं के लिए मौजूद हैं - आत्मा के साथी जुड़ रहे हैं. हायर ज्ञान afterlife में हमारी उपस्थिति हमारे लिए सबसे अच्छा उम्र के लिए वापसी कर सकते हैं कि हमें सूचित - ज्यादातर लोगों के लिए, मध्य बिसवां दशा के लिए जल्दी से.
  • नास्तिक, अज्ञेयवादी और दूसरों के उच्च क्षेत्रों पर गुजर से भारग्रस्त नहीं किया जा सकता है - वे महत्वपूर्ण हो जाएगा था क्या के लिए अपने जीवन और प्रेरणा में क्या किया था, वे अंदर विश्वास नहीं क्या
  • धार्मिक अनुष्ठानों, जैसे बपतिस्मा और बयान में भाग लेने, और creeds और dogmas में गैर विश्वास नहीं उच्च आध्यात्मिकता और उच्च पुनर्जन्म क्षेत्रों को प्राप्त करने से उलझाना नहीं किसी को भी करता है.
  • जल्द ही खत्म पार करने के बाद आप एक जीवन की समीक्षा का अनुभव होगा. अपने जीवन की समीक्षा में आप अपने विचारों, शब्दों और कर्मों और वे दूसरों पर पड़ा प्रभाव से सभी का अनुभव होगा. नहीं, शरीर न्यायाधीशों तुम. आप बाहर सेट करना है के साथ अपने जीवन की वास्तविकता और दूसरों पर था प्रभाव की तुलना द्वारा अपने आप को न्यायाधीश.
  • पुनर्जन्म से लोगों को प्यार करता था, हाल ही में पहुंचे और दूसरों को अभी भी पृथ्वी और उनमें से कुछ भी उनके 'गाइड' बन सकता है पर रहने वाले लोगों को प्यार की यात्रा करने की शक्ति है.
  • पुनर्जन्म में संप्रेषण दूर संवेदन द्वारा किया जाता है. दूर संवेदन द्वारा किया जाता है (और किया जा रहा है) हो सकता है और afterlife में उन लोगों के साथ earthplane को संचार.
  • आमतौर पर संक्रमण के तीन महीने के भीतर हाल में पहुंचे प्रियजनों, नेत्रहीन हस्तांतरित करने की अनुमति दी जाती है - सपनों के माध्यम से या प्रेत और अन्य तरीकों से - वे अभी भी जीवित हैं कि सबूत. कई शारीरिक विकलांग लोगों को पृथ्वी पर था, अपने स्वयं केfunerals.Any गायब हो जाएगा भाग लेने के लिए चुनते हैं. एक बार जब वे विकृति, बीमारी, अंधापन या प्रतिकूल पृथ्वी पर उन्हें प्रभावित करने वाले किसी भी अन्य चीज के रूप में ऐसी कोई बात नहीं होगी मानसिक रूप से समायोजित किया है.
  • मन afterlife में भारी शक्ति है. यह बात वहाँ बना सकते हैं और शरीर सोचा की गति से यात्रा करने के लिए पैदा कर सकता है, यदि आप दुनिया में किसी भी स्थान पर हैं और आप तुरंत वहाँ कल्पना उदा. पृथ्वी पर कुछ लोगों को दूसरों की तुलना में पुनर्जन्म के लिए एक बेहतर संक्रमण है. हम पुनर्जन्म के बारे में अधिक ज्ञान, संक्रमण आसान. यह भी आप अपने मन पर नियंत्रण करने में सक्षम हैं, सकारात्मक लगता है और एक समय में एक बात पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है.
  • कुछ लोगों को "दो दुनियाओं के बीच." अटक जाते हैं वे अभी भी खुद को ठोस लग रहा है, क्योंकि वे वास्तव में मृत्यु हो गई है कि स्वीकार नहीं करते. कुछ प्रकाश के लिए जा रहा से डर रहे हैं. कई मानसिक भ्रम की स्थिति में मिलता है और दशकों के लिए और भी हजारों साल के लिए खो दिया हो सकता है.
  • पुनर्जन्म में, खाने या पीने या सोने के लिए जाने की कोई जरूरत नहीं है. कोई रात का समय, कोई बारिश या खराब मौसम है. सभी प्रकाश है.
  • आप एक ही कंपन के अन्य लोगों के साथ मिश्रण और सहकारी प्रयासों में उनके साथ शामिल होने का अवसर होगा.
  • आप आमतौर पर अपने जीवन से पसंदीदा घर की अक्सर सटीक प्रतिकृति, एक घर में अपने आप मिल जाएगा. यदि आप हमेशा चाहती है घर का एक स्पष्ट मानसिक तस्वीर है और आप इसे अर्जित किया है अगर, आप इसे बना सकते हैं.
  • सभी जानवरों को भी मौत के जीवित रहते हैं. आप आने तक आम तौर पर आप के पास किसी के लिए परवाह कर रहे हैं प्यार करता था जो पालतू जानवर के साथ फिर से होने की उम्मीद कर सकते हैं. Undomesticated जानवरों को अपने अपने क्षेत्रों में मौजूद रहेंगे.
  • आप अपने पसंदीदा हितों को आगे बढ़ाने के लिए जारी रख सकते हैं. आप पढ़ने के कला, संगीत का आनंद लें, संगीत कार्यक्रम में भाग लेने या खेल खेलने के लिए जारी रख सकते हैं. या फिर आप बागवानी कर सकते हैं.
  • एक अभी भी अधिक है, और भी सुंदर क्षेत्रों के लिए पुनर्जन्म और प्रगति में आध्यात्मिक सबक सीख सकते हैं.
  • उन पर पार या दूसरों को कम सूचित की मदद करने में मदद करने के - तुम भी सीखने के हॉल के पास जाओ, और आध्यात्मिक काम करने के लिए जारी करने का अवसर होगा. आप बचाव के काम करने के लिए तरह हो सकता है - गहरे स्थानों और जो प्रकाश की ओर आने के लिए प्रकाश के क्षेत्र में होने की अर्हता में खो उन बताए. आप अपना समय खर्च में रचनात्मक कैसे हो सकता है.
  • आप आध्यात्मिक परिष्कृत करने के लिए जारी रखने और परिस्थितियों और अधिक सुंदर और इससे पहले कि आप में थे एक से बेहतर होगा, जहां एक उच्च दायरे में स्नातक करने के लिए वृद्धि की आध्यात्मिकता से अपने कंपन को बढ़ाने के लिए है जब अंत में, वहाँ एक समय आएगा.
  • अगले क्षेत्र के लिए यह "परिवर्तन" धीरे - धीरे और स्वाभाविक रूप से होता है. तुम अपने आप को एक गहरी नींद में जा पाते हैं और अगले level.In उच्च क्षेत्रों को जगाने, आप अपने अस्तित्व तीन dimensionally के किसी भी अवधि में किसी भी घटना को याद करते हैं और देखने में सक्षम हो जाएगा.
  • प्रेम, बिना शर्त प्यार, ब्रह्मांड में जाना जाता है सबसे शक्तिशाली बल है. यह पुनर्जन्म में अपने प्रियजनों के साथ लिंक है.
  • आप या कोई भी न्यायाधीशों के निचले क्षेत्रों के लिए आप की निंदा करता है. आप पृथ्वी पर जीवन के दौरान अर्जित कम कंपन (कम आध्यात्मिकता) से कम भीषण क्षेत्रों ("नरक") करने के लिए अपने आप को निंदा करते हैं. लगातार बुरे थे जो लोग हैं, उनके संक्रमण पर, या तो अकेले छोड़ दिया या बहुत ही कम कंपन के उन अन्य लोगों के द्वारा और एक ही बहुत कम आध्यात्मिकता के साथ मुलाकात कर रहे हैं. वे स्वाभाविक रूप से गहरा निचले क्षेत्रों की ओर आकर्षित कर रहे हैं. हालांकि प्रगति की सार्वभौमिक कानून सुनिश्चित करता है कि भविष्य में कुछ समय में कम कंपन के साथ उन अंततः, यह समय के eons लेता है - भले भी सदियों या वर्षों के हजारों - उच्च कंपन और उच्च क्षेत्रों से स्नातक प्राप्त करते हैं.
  • स्वार्थ आध्यात्मिकता के खिलाफ सबसे बड़ी अपराधों में से एक है और बहुत ही कर्म है.
  • ऊर्जा - सकारात्मक या नकारात्मक - एक 'वापसी है. "आप किसी के प्रति अच्छा ऊर्जा बाहर भेजते हैं, तो अच्छा है कि ऊर्जा अभी या बाद में वापस आ रहा है. आप गलत तरीके से किसी के खिलाफ बेईमान जा रहा है, या धोखाधड़ी के द्वारा,, परेशान, बदनाम झूठ बोल रही है या किसी को नुकसान के कारण से नकारात्मक ऊर्जा बाहर भेजने के लिए, नकारात्मक ऊर्जा का उस तरह का अनिवार्य रूप से आप के लिए वापस आ जाएगी.
  • "तुम क्या बोना काटना होगा" - कारण और प्रभाव के कानून - मान्यता प्राप्त सार्वभौमिक आध्यात्मिक कानून है. कर्मा आप इसे से दूर नहीं होगा. अन्य लोगों के खिलाफ सभी नकारात्मक कर्मों के प्रयोजन के लिए अनुभव किया जाना है "निरंतर आध्यात्मिक शोधन."
  • बिजली और अन्य लोगों के व्यवस्थित उत्पीड़न का स्वार्थ, शोषण सबसे कर्म के कार्यों में से दो हैं. भीषण कर्म जिसका काम समाज की रक्षा के लिए था, लेकिन खुद को जान - बूझकर उनकी सत्ता का दुरुपयोग, इरादतन अपराधों में लिप्त हैं और दूसरों को नुकसान और चोट के कारण उन इंतजार कर रहा है.
  • आप सिर्फ आदेश का पालन कर रहे थे कि दावा करके अपने बुरे व्यवहार के लिए माफ नहीं किया जाएगा.
  • क्रूरता - मानसिक या मनुष्य या पशुओं के खिलाफ शारीरिक - अत्यधिक कर्म है और न्यायोचित नहीं है.
  • जो लोग लगातार गाली दी और परेशान दूसरों माफी माँगने के लिए पुनर्जन्म में अपने शिकार का सामना करना पड़ेगा. गंभीर प्रतिकार के बाद, अपराधियों वे किसी भी प्रगति करने की अनुमति दी जाती है इससे पहले पीड़ितों से माफी माफी माँगता हूँ और की तलाश करनी होगी.
  • ड्रग्स, शराब, जुआ, तंबाकू, या सेक्स में overindulgence - - पृथ्वी पर गहरा बहुत मजबूत व्यसनों में फंस गए हैं जो लोग उन्हें संतुष्ट करने की कोशिश कर रहा सूक्ष्म स्तर पर पकड़ा प्राप्त कर सकते हैं.
  • एक चेतावनी: कुछ hallucinogenic दवाओं भौतिक शरीर की नकल बाहर लिफ्ट करने के लिए शक्ति है. पुनर्जन्म, दवा लेने वाला "से संस्थाओं द्वारा देखा ... वे कोई आत्मा था मानो दयनीय लग रहा है ... वे आंखों के पीछे खाली पड़े हैं. शरीर के बाहर, अन्य निचली संस्थाओं दवा लेने के शरीर में प्रवेश करने का प्रयास करते हैं - तो आपको अधिकार है ".
  • मृत्युशय्या रूपांतरण? हम कर दिया गया है और हम बार बार उच्च सूत्रों ने सूचित किया जा रहा है कि हम अपने कंपन को बदल नहीं है मरने के तुरंत बाद - नहीं, भले ही एक पश्चाताप शीघ्र ही मृत्यु से पहले. हम हमारे साथ हम पृथ्वी पर हमारे पूरे जीवनकाल के दौरान प्राप्त या खो संचित कंपन (अध्यात्म) ले. पश्चाताप के रूप में बपतिस्मा मौत के तुरंत बाद "एक बेहतर सौदा 'होने का एक तरीका के रूप में पूरी तरह से बेमानी है.
  • रजत बिर्च - क्या आप पृथ्वी पर अपने वजूद को दिया होता सच्चे ज्ञान प्राप्त करने के लिए सिर्फ एक व्यक्ति की मदद की है.
  • हर कोई "अवतार." करने के लिए है न
  • आप एक सपना चलाने के लिए इस दुनिया में नहीं आते - दर्द के बिना, समस्याओं के बिना, पीड़ित. अधिक अपने अनुभव, कई गलतियों से अधिक शिक्षा, अधिक मूल्यवान अपने जीवनकाल विविध.
  • आप में से कई को धोखा दिया जाएगा, बदनाम, गलत तरीके से परेशान ... लेकिन न्याय किया जाएगा ... अपनी दुनिया में, हो सकता है, लेकिन निश्चित रूप से दुनिया में आने के लिए नहीं. सार्वभौमिक कानूनों आप उन के बारे में पता कर रहे हैं या नहीं, कार्य करते हैं.
  • पुनर्जन्म से संस्थाओं के साथ संवाद स्थापित करने में कुछ निहित खतरों रहे हैं. पुनर्जन्म से वे कभी कभी हमारे मन पढ़ सकते हैं और हमारे मन में विचार और विचारों को रख सकते हैं. लोअर, शरारती संस्थाओं नकारात्मक विचार और विचारों को रख सकते हैं और सकारात्मक अधिक प्रबुद्ध संस्थाओं सकारात्मक विचार और विचारों के साथ सहायता करते हैं. एक बड़ा सौदा मर्जी से व्यायाम करने के लिए छोड़ दिया है.
  • हम अपनी रोजमर्रा की समस्याओं के साथ मुकाबला करने में हमारी मदद करने के लिए पुनर्जन्म से शक्तिशाली संरक्षक कॉल करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन वे हमारे लिए निर्णय लेने के लिए नहीं होगा.
  • पदार्थवादी और दूसरों को पृथ्वी पर अपने पिछले दस या बीस साल के बारे में चिंता बहुत अधिक समय खर्च करते हैं और अगले दस, बीस हजार साल, पचास हजार साल में उन्हें होने जा रहा है जो उनकी सोच समय के एक छोटे अंश खर्च नहीं करते ... और बहुत, बहुत बहुत लंबे समय तक.
  • क्या आत्महत्या चीजों की एक संख्या पर निर्भर करेगा जो एक व्यक्ति को कुछ नहीं होगा. प्रेरणा हमेशा बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि एक अपरिहार्य मृत्यु और आत्महत्याएं जिम्मेदारियों से बचने के लिए एक है जो की आत्महत्या अगर उदाहरण के लिए, एक बड़ा अंतर हो जाएगा. समस्याओं और जिम्मेदारियों से बचने के लिए अपनी जान ले जो लोग पुनर्जन्म में उनकी समस्याओं और जिम्मेदारियों में वृद्धि की संभावना है.
  • प्रगति के कानून के अनुरूप है, अंत में, यह समय के eons लेता है, भले ही सभी उच्च क्षेत्रों से प्रगति करेगा.
  • पुनर्जन्म में की तरह आकर्षित करती है जैसे. पृथ्वी तल पर विपरीत, कम कंपन के साथ उन उच्च क्षेत्रों में उन लोगों के साथ आसानी से मिश्रण नहीं कर सकते.
  • स्व जिम्मेदारी - अंत में, आप अपने आप को पृथ्वी तल पर अपने समय के दौरान सभी कार्य करता है और चूक के लिए जिम्मेदार हैं.
  • पुनर्जन्म में रहते थे होने के लिए जीवन की तरह - सौंदर्य, शांति, प्रकाश और सबसे अच्छे लोगों को इंतजार है कि प्यार - अकल्पनीय है. sabhar :trans4mind.com

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प्रोफेसर स्वर्णलता तिवारी से मिलकर आपको इस बात यकीन हो जाएगा कि पुनर्जन्म होता है

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पुनर्जन्म की बातों पर लोग एक बारगी विश्वास नहीं करते, क्योंकि ऐसी बातें यदा कदा ही होती हैं। लेकिन ऐसा नहीं कि जो इस धरती से गया है वह वापस लौटकर नहीं आता। गीता में भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं ही कहा कि आत्मा अमर है और यह शरीर बदलता रहता है।

लेकिन ऐसा भी नहीं है कि आत्मा को अपने पूर्व जन्म की बातें याद नहीं होती हैं। आत्मा को अपने कई-कई जन्मों की बातें याद रहती हैं। भोपाल के एमवीएम कॉलेज से प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुईं प्रोफेसर स्वर्णलता तिवारी से मिलकर आपको इस बात यकीन हो जाएगा कि पुनर्जन्म होता है और आत्मा को कई जन्मों की बातें याद रहती हैं।




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इन्होंने अपने पूर्व जन्म के परिवारजनों को पहचान लिया और पिछले जन्म के रिश्तेदारों ने भी इनकी बात को सच माना है। इसलिए पिछले जन्म के रिश्ते भी यह निभा रही हैं।

स्वर्णलता तिवारी का कहना है कि इनका पूर्व जन्म मध्यप्रदेश के कटनी में हुआ था। पिछले जन्म के भाई जब कटनी से मिलने इनके घर भोपाल पहुंचे तो इन्होंने झट से उन्हें पहचान लिया। यह अपने पूर्व जन्म के घर पर गई तो अपने पड़ोसियों को भी बिना किसी दिक्कत के पहचान लिया।

बचपन में यह एक दिन अचानक ही असमिया भाषा में गीत गाने लगी। इन्हें असमिया भाषा में गाते सुनकर लोग बड़े हैरान हुए। तब इन्होंने बताया कि इनका दूसरा जन्म असम के सिलहट में हुआ था। उस जन्म में जब वह आठ-नौ साल की थीं तब एक सड़क हादसे में इनकी मौत हो गई।

वहीं बचपन में एक दिन अचानक बैठे-बैठे उन्हें अपना दूसरा जन्म भी याद आ गया। उनका दूसरा जन्म सिलहट में हुआ था, जहां वो महज आठ-नौ साल की थीं और स्कूल जाते वक्त एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी।

अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. स्टेफन ने स्वर्णलता के केस का अध्ययन किया है और इसे एक्स्ट्रा मेमोरी का नाम दिया है। स्वर्णलता में एक अद्भुत शक्ति यह भी है वह आने वाली घटनाओं को पहले ही जान लेती हैं। इनके अनुसार विवाह से पहले ही इन्होंने अपने होने वाले ससुराल का घर देख लिया था।sabhar :http://www.amarujala.com

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