I: इटेलियन स्वीट पैपर:
स्वीट पैपर जूस शरीर के लिए फायदेमंद है। कैंसर के पीड़ितों को स्वीट पैपर जूस पीना ही चाहिए। इसमें ३क् प्रकार के कैरेटनॉइड्स होते हैं। डायट में विटामिन-सी की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं तो ये परफेक्ट ऑप्शन है।
J: हैलापीनो (तीखी या हरी मिर्च): इसके स्पेलिंग jalapeno होते हैं लेकिन उच्चरण हैलापीनो होता है। इसका जूस पीने से माइग्रेन की समस्या कम होने लगती है।
K: कैल (एक तरह की गोभी):
जूस में कैल की मात्रा 20 से 22 फीसदी ही डालें। इसका अर्दी फ्लेवर काफी तेज़ होता है। इसमें कैलोरी काफी कम और फाइबर ज्यादा होता है।
L: लैमन (नींबू): इसमें विटामिन-सी की मात्रा सबसे ज्यादा होती हैं। इसे पीने से हर तरह की समस्याओं से राहत मिलती है।
M: मिंट (पुदीना): पुदीना को जूस में डालकर पीने से पाचन शक्ति बढ़ती है। दर्द से राहत मिलती है। एक्ने भी ठीक होते हैं।
N: नस्टरशम (जलकुंभी, अमेरिकी पौधा): ये एक नेचुरल एंटीबायोटिक है। इसमें विटामिन-सी की मात्रा ज्यादा होती है। इसका जूस पीने से फ्लू और कोल्ड से राहत मिलती है। अधिक फायदे के लिए दिन में तीन-चार पत्ते खा लें।
O: ऑरेन्ज (संतरा):
रोज एक ग्लास ऑरेन्ज जूस पीने से कैंसर का खतरा टलता है। गुर्दे की बीमारियां नहीं होती हैं। हार्ट हेल्थ मजबूत होती है। कॉलेस्ट्र्ॉल लेवल कम होता है।
P; पाइनएपल (अननास):
ये स्वीट फ्रूट है। जूस के लिए ऐसा अननास चुनें जो बाहर से सख्त और अंदर से थोड़ा नर्म हो। इसमें विटामिन और मिनरल की मात्रा ज्यादा होती है। इसे पीने से हड्डियां मजबूत होती हैं।
Q: क्वेश्च प्लम (आलूबुखारा): इसका फ्लेवर खट्टा होता है। मध्यम आकार के प्लम में पोटेशियम की मात्रा 113 मिलिग्राम होती है। इससे गुर्दे की बीमारियां कम होती हैं।
R: रसबेरी: ये एक फ्रूट रिच डायट है। इसमें विटामिन-सी की मात्रा ज्यादा होने के कारण घाव जल्दी भरते हैं। इससे हॉरमोन्स का उत्पादन बढ़ता है।
S: समर स्क्वैश: माइल्ड फ्लेवर होने के कारण इसे पीने में मजा आता है। इसमें विटामिन-ए, बी6 और सी, मैगनेशियम, फाइबर, फोलेट, रिबोफ्लेविन, फॉस्फोरस, मैग्नेशियम की मात्रा ज्यादा होने के कारण शरीर काबरेहाइड्रेट्स और ग्लूकोस को तेज़ी से प्रॉसेस करता है।
T: टर्मरिक रूट (हल्दी की जड़)
टर्मरिक रूट से जूस को पीला रंग होता है। हफ्ते में तीन बार टर्मरिक वाला जूस पीने से हड्डियों को मजबूती मिलती है। ये एक एंटी-ऑक्सीडेंट है। कैंसर के पीड़ितों के लिए फायदेमंद है।
U: अगली टोमैटो : इसमें विटामिन, मिनरल और एंटी-ऑक्सीडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है। दिल की बीमारियां नहीं होती।
V: वियतनामी सिनमन (दालचीनी) ये पेट के लिए बेहद फायदेमंद है। जूस में इसे डालकर पीने से जुकाम और खांसी की आशंका काफी कम हो जाती है।
W: वॉटरमैलन (तरबूज) ये सभी जूस में सबसे रिफ्रेशिंग ड्रिंक है। इसे रोज़ पीने से चेहरे पर चमक आती है। पेट की परेशानियां नहीं होती है।
X:एक्स फैक्टर जूस के टेस्ट और फ्लेवर को बदलने के लिए कामू-कामू और गोजी बेरीज जैसे सप्लीमेंट्स डालें। ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं।
Y: यम (जमीकंद) इसमें स्वीट पोटेटो की वेरायटी है। इसमें सिनमन और जिंजर डालने से तीखा और खट्टा टेस्ट आएगा।
Z: जूकीनी (तुरई जैसी एक सब्जी) अक्टूबर के महीने तक ज़ूकीनी का जूस पी सकते हैं। इसे पीने से कूल और रीफ्रेशिंग महसूस करते हैं। अगर कुछ अच्छा पीने का मन हो तो यही पीएं। SABHAR : BHASKAR.COM