शुक्रवार, 27 सितंबर 2013
एक ओवर पांच छक्के
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धौनी ने इस मैच में आते ही शॉट खेलने शुरू कर दिए थे और देखते ही देखते वह मैच के केंद्र में आ गए। फिर आया पारी का वो 18वां ओवर, जिसे फेंकने आए तिषारा परेरा की गेंदों की धौनी ने धज्जियां उड़ा दी। इस ओवर में धौनी ने पांच छक्के उड़ाए और कुल 34 रन बटोरते हुए इसे चैंपियंस लीग टी20 टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे महंगा ओवर बना दिया। दूसरे छोर पर काफी देर से 84 पर अटके रैना से सभी को शतक की उम्मीद थी, लेकिन स्टेन की गेंद पर परेरा ने बाउंड्री पर शानदार कैच लपक कर दर्शकों का दिल तोड़ दिया।
धौनी ने यूं तो इससे पहले कई बार धमाल करके दिखाए हैं लेकिन एक ओवर में पांच छक्कों का यह धमाल उनके बल्ले से पहली बार निकला है। धौनी की टीम अब उनकी इसी पारी के दम पर और रैना के धुआंधार 84 रनों के साथ लगातार दो मैच जीतकर सातवें आसामान पर है। JAGRAN.COM
नोकिया के इस फोन में है 41 मेगापिक्सल कैमरा, जाने इसकी खासियत
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सितंबर 27, 2013 in नोकिया के इस फोन में है 41 मेगापिक्सल कैमरा
फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए नोकिया ने 41 मेगापिक्सल कैमरा वाला लुमिया 1020 भारत में भी उतार दिया है। घरेलू बाजार में इसकी बिक्री 11 अक्टूबर से शुरू होगी। इसकी कीमत की घोषणा 10 अक्टूबर को की जाएगी। मगर माना जा रहा है कि यह 47-48 हजार रुपये रह सकती है। फिलहाल यह अमेरिकी बाजार में बिक रही है जहां इसकी कीमत 800 डॉलर है।
विंडोज 8 पर चलने वाला यह स्मार्टफोन 32 जीबी की मेमोरी क्षमता से लैस है। साथ ही इसमें नोकिया प्रो कैमरा एप्लीकेशन है जो प्रोफेशनल क्वालिटी की फोटो खींचने में मददगार है। इसकी खासियत यह है कि इससे पहले आप फोटो खींच सकते हैं, फिर अपने मनमुताबिक शॉट को बड़ा कर सकते हैं। नोकिया इंडिया ने इसके लिए वोडाफोन के साथ करार किया है। इसके तहत ग्राहकों को दो जीबी का 3जी डाटा दो महीने तक मुफ्त इस्तेमाल की सुविधा मिलेगी।
बैटरी 2000एमएएच की है। कंपनी के मुताबिक टॉक टाइम 2जी पर 19.1 घंटे और 3जी पर 13.3 घंटे तक है। 63 घंटे तक इस पर गाने सुने जा सकते हैं। इसमें वायरलेस चार्जिग भी है। इसका वजन 158 ग्राम है। इसमें एक फीचर ड्यूल कैप्चर है। इसकी मदद से एडिटिंग जैसे कामों के लिए 38 मेगापिक्सल की आती है और सोशल शेयरिंग जैसे कामों के लिए 5 मेगापिक्सल की पिक्चर आती है। इस फोन के साथ ही कंपनी के पास लूमिया रेंज के 13 मॉडल हो गए हैं। JAGRAN.COM
दूसरों को हंसाने वाले कपिल खुद गमजदा
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सितंबर 27, 2013 in दूसरों को हंसाने वाले कपिल खुद गमजदा
दूसरों को हंसाने वाले कॉमेडियन कपिल शर्मा आजकल खुद दुखी हैं। पहले तो उनके टीवी सीरियल 'कॉमेडी नाइट विद कपिल' के सेट पर भयंकर आग लगने से लगभग 20 करोड़ का नुकसान हो गया और अब वे सर्विस टैक्स न चुकाने के मामले में फंस गए हैं।
खबर है कि कपिल शर्मा पर लगभग 60 लाख रुपए का सर्विस टैक्स बकाया है। सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया, 'कपिल ने अपने आयोजकों से तो सर्विस टैक्स की रकम ली हुई है, लेकिन उसे अभी तक जमा नहीं कराया है। इसलिए उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।'
बताया जा रहा है कि कपिल शर्मा ने लगभग 60 लाख रुपए सर्विस टैक्स जल्द से जल्द चुकाने का आश्ववासन दिया है। अगर कपिल ने समय पर बकाया सर्विस टैक्स का भुगतान न किया तो उनके बैंक एकाउंट सील किए जा सकते हैं। सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट ने बॉलीवुड की कई हस्तियों पर अपना शिकंजा कस रखा है। JAGRAN.COM
इस सीरियल ने तोड़े टीआरपी के सभी रिकॉर्ड
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सितंबर 27, 2013 in सीरियल ने तोड़े टीआरपी के सभी रिकॉर्ड
सिंहासन पर बैठे हस्तिनापुर नरेश धृतराष्ट्र, समय का घूमता चक्र और लक्ष्य पर निशाना साधता धनुर्धर, कुछ ऐसा ही नजारा है सीरियल 'महाभारत' का। 16 सितंबर से सबके टीवी स्क्रीन पर दिखाई देने वाले सीरियल 'महाभारत' ने टीवी रेटिंग के पिछले तीन साल के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
इस सीरियल को अब तक 849 की टीवी रेटिंग मिली है। युवाओं में इस सीरियल को लेकर काफी जोश है। चैनल स्टार प्लस के मार्केटिंग विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष निखिल मधोक ने बताया कि पिछले तीन साल में किसी सीरियल को लॉन्चिंग के साथ ही इतना अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला है, लेकिन इस सीरियल को युवाओं का बहुत प्यार मिल रहा है।
गौरतलब है कि नए 'महाभारत' की शूटिंग अजमेर के आमेर में हो रही है। ये सीरियल 16 सितंबर से ऑन एयर हो गया है। दूरदर्शन पर आने वाले बी आर चोपड़ा के पुराने महाभारत ने लोगों के दिल और दिमाग पर एक गहरी छाप छोड़ी थी। इस सीरियल की लोकप्रियता इतनी थी कि इसका नाम 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में शामिल कल लिया गया था।
गौरतलब है कि पुरानी महाभारत के दुर्योधन रह चुके पुनीत इस्सर नई महाभारत में परशुराम का रोल निभा रहे हैं। इसके अलावा शाहिर शेख, शायतंनी घोष भी मुख्य किरदार में नजर आएंगे। JAGRAN.COM
गुरुवार, 26 सितंबर 2013
यह है भारत का ऐसा राज्य जहां 20 से 50 हजार में बेच दी जाती हैं लड़कियां
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सितंबर 26, 2013 in यह है भारत का ऐसा राज्य जहां 20 से 50 हजार में बेच दी जाती हैं लड़कियां

भिवानी/चंडीगढ़। हमारे देश के हरियाणा राज्य के हालात ऐसे हो चुके हैं कि वहां पर लड़कों की शादी करने के लिए लड़कियों का आकाल पड़ता जा रहा है। ऐसे में यहां के लोग दूसरे राज्यों से महज 20 से 50 हजार रूपए में लड़कियां खरीद कर अपने बच्चों की शादियां करने पर मजबूर हैं। यही नहीं अपने राज्य में लड़कियों के अभाव में यहां बहुपत्नी प्रथा के कई किस्से भी सूर्खियों में रहे हैं। लड़कियों का खरीद फरोख्त का धंधा इस राज्य में किसी से छिपा नहीं है लेकिन इस धंधे में भी फरेब के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में मां सी कहे जाने वाली मौसी ने अपनी भतीजी को महज 20 हजार रूपए में बेच डाला। भतीजी का कसूर इतना था कि अपने पति की मारपीट से तंग आकर वह अपनी मौसी के पास शरण लेने आई थी।

हरियाणा में कोई भैंस भी खरीदे तो वह 70-80 हजार से कम में नहीं मिलेगी लेकिन बंगाल की युवतियों का सौदा 20 से 50 हजार में ही हो जाता है। सोमवार को बच निकली युवती की मौसी भी अब फरार है। हालांकि इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। कन्या भू्रण हत्या का दंश झेल रहे हरियाणा में लोग इन लड़कियों को बहू बनाने को आतुर हैं लेकिन किसी को धोखा मिलता है तो एकाध का घर भी बस जाता है।

युवती के अनुसार दलाल इन्हें हरियाणा में लाकर 20 से 50 हजार रुपये में बेच देते हैं। इसके बाद युवती की किस्मत होती है कि उसे ठीक घर मिले या शराबी पति। जांच में सामने आया है कि कुछ महिलाएं इस नेटवर्क को चला रही है। एक बार बेचने के कुछ समय बाद लड़कियां भाग जाती है और उन्हें फिर से किसी अन्य जगह में बेचा जाता है। पुलिस अब उस गिरोह की मुखिया महिलाओं को ही पकडऩे की तैयारी के नाम की चर्चाएं हैं, जो इस तरह के दलालों से संपर्क कर शादी करवाती है।

लड़की बेचने वाले गिरोह की जांच में जुटी को शुरूआत में कुछ अहम सुराग हाथ लगे है। सूत्रों के अनुसार लड़की बेचने का गिरोह चलाने वाली बंगाल की दो महिलाएं अब तक हरियाणा प्रदेश के विभिन्न जिलों में दो दर्जन से अधिक लड़कियों को बेच चुकी हैं। भिवानी बेचने के लिए लाई गई लड़की ने भी इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि उसे भी दूसरी बार बेचा जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रदेश के सभी बड़े शहरों में बंगाल की दलाल महिलाओं का नेटवर्क है। अब इनकी गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं।

भिवानी/चंडीगढ़। हमारे देश के हरियाणा राज्य के हालात ऐसे हो चुके हैं कि वहां पर लड़कों की शादी करने के लिए लड़कियों का आकाल पड़ता जा रहा है। ऐसे में यहां के लोग दूसरे राज्यों से महज 20 से 50 हजार रूपए में लड़कियां खरीद कर अपने बच्चों की शादियां करने पर मजबूर हैं। यही नहीं अपने राज्य में लड़कियों के अभाव में यहां बहुपत्नी प्रथा के कई किस्से भी सूर्खियों में रहे हैं। लड़कियों का खरीद फरोख्त का धंधा इस राज्य में किसी से छिपा नहीं है लेकिन इस धंधे में भी फरेब के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में मां सी कहे जाने वाली मौसी ने अपनी भतीजी को महज 20 हजार रूपए में बेच डाला। भतीजी का कसूर इतना था कि अपने पति की मारपीट से तंग आकर वह अपनी मौसी के पास शरण लेने आई थी।
हरियाणा में कोई भैंस भी खरीदे तो वह 70-80 हजार से कम में नहीं मिलेगी लेकिन बंगाल की युवतियों का सौदा 20 से 50 हजार में ही हो जाता है। सोमवार को बच निकली युवती की मौसी भी अब फरार है। हालांकि इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। कन्या भू्रण हत्या का दंश झेल रहे हरियाणा में लोग इन लड़कियों को बहू बनाने को आतुर हैं लेकिन किसी को धोखा मिलता है तो एकाध का घर भी बस जाता है।
युवती के अनुसार दलाल इन्हें हरियाणा में लाकर 20 से 50 हजार रुपये में बेच देते हैं। इसके बाद युवती की किस्मत होती है कि उसे ठीक घर मिले या शराबी पति। जांच में सामने आया है कि कुछ महिलाएं इस नेटवर्क को चला रही है। एक बार बेचने के कुछ समय बाद लड़कियां भाग जाती है और उन्हें फिर से किसी अन्य जगह में बेचा जाता है। पुलिस अब उस गिरोह की मुखिया महिलाओं को ही पकडऩे की तैयारी के नाम की चर्चाएं हैं, जो इस तरह के दलालों से संपर्क कर शादी करवाती है।
लड़की बेचने वाले गिरोह की जांच में जुटी को शुरूआत में कुछ अहम सुराग हाथ लगे है। सूत्रों के अनुसार लड़की बेचने का गिरोह चलाने वाली बंगाल की दो महिलाएं अब तक हरियाणा प्रदेश के विभिन्न जिलों में दो दर्जन से अधिक लड़कियों को बेच चुकी हैं। भिवानी बेचने के लिए लाई गई लड़की ने भी इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि उसे भी दूसरी बार बेचा जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रदेश के सभी बड़े शहरों में बंगाल की दलाल महिलाओं का नेटवर्क है। अब इनकी गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं।
20 से 50 हजार रुपये में बेची जाती है लड़कियां
युवती ने पुलिस को बताया कि उसे पहले हिसार में भी मौसी ने 20 हजार रुपये में किसी को बेच दिया था। तब वह वहां से वह किसी तरह निकल कर वापस बंगाल चली गई। अब उसकी मौसी उसे बेचने के लिए भिवानी ले आई। लड़की ने बताया कि उसके माता- पिता ने पहले उसकी बंगाल में ही शादी की थी। मगर जिसके साथ शादी की वह शराब पीकर मारपीट करता था। जिसके बाद वह अपनी मौसी के पास चली गई। मौसी ही उसका सहारा है लेकिन वह हर बार उसका इस्तेमाल कर रुपये कमाती है। sabhar : bhaskar.com
इस पूर्व क्रिकेट कप्तान के उड़े होश, जब बिस्तर के नीचे मिला मगरमच्छ!
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सितंबर 26, 2013 in जब बिस्तर के नीचे मिला मगरमच्छ!, पूर्व क्रिकेट कप्तान के उड़े होश
आपको कैसा महसूस होगा अगर आप सुबह सो कर उठें और आपको पता चले कि आपके बिस्तर के नीचे 8 फुट लंबा घातक मगरमच्छ आराम फरमा रहा हो। जाहिर है कि कोई भी कांप उठेगा, ऐसा ही कुछ हुआ जिंबॉब्वे के पूर्व कप्तान व शानदार ऑलराउंडर गाए विटल के साथ लेकिन हैरानी की बात यह रही कि विटल तब तक इस बात से अंजान रहे जब तक उनके घर काम करने वाली एक कर्मचारी ने चीख-चीख कर इसका खुलासा नहीं किया।
गाय विटल के लिए यह तो एक आम सुबह ही थी, वह बिस्तर से उठे, जमीन पर कदम रखे और चल पड़े अपनी दिनचर्या निभाने, लेकिन तभी उनके घर काम करने वाली एक कर्मचारी की जैसे ही उन्होंने चीखें सुनीं तो वह हैरान रह गए और जब वह वापस अपने कमरे में पहुंचे तो बिस्तर के नीचे अफ्रीका के सबसे घातक मगरमच्छों में से एक, 8 फुट लंबे नाइल मगरमच्छ को आराम फरमाते देख उनके होश उड़ गए। विटल इसलिए और कांप उठे क्योंकि जांच के बाद पता चला कि वह मगरमच्छ पूरी रात उनके बिस्तर के नीचे ही था, और सुबह जब विटल ने पहली बार बिस्तर के नीचे कदम रखा था तब उनके पैर ठीक उस खतरनाक जीव के मुंह के सामने ही थे।
40 वर्षीय विटल ने इसके बाद तुरंत मगरमच्छ पकड़ने वालों को बुलाकर इस जीव से दूरी बनाने में सफलता पाई, हालांकि अब शायद इस किस्से के बाद वह हर रात बिस्तर के नीचे एक बार देखकर ही सोने जाएंगे। गाय विटल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद जंगलों की सफारी से संबंधित अपने पारिवारिक व्यवसाय में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। विटल ने जिंबाब्वे की तरफ से 46 टेस्ट मैच और 147 वनडे मैच खेले और कुछ मैचों में जिंबाब्वे क्रिकेट टीम की कमान भी संभाली। उन्होंने दोनों फॉर्मेट में तकरीबन ढाई हजार रन बनाए जबकि टेस्ट और वनडे में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 139 विकेट भी हासिल किए। SHABAR : JAGARAN.COM
अगर ध्यान भटका तो स्पीड पर खुद कंट्रोल कर लेगी यह कार!
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सितंबर 26, 2013 in अगर ध्यान भटका तो स्पीड पर खुद कंट्रोल कर लेगी यह कार!


उन्होंने ड्राइवर के हर 15 किमी चलने के दौरान ब्रेन रिकार्ड लिए और देखा कि क्या होता जब ड्राइवर का दिमाग विचलित होता है।

रिसर्च टीम के अनुसार जैसे ड्राइवर का अटेंशन ड्राइविंग से हटता है, यह कार तुरंत ही रेस को कम कर लेती है। अभी इसे हुंडई आई 40 पर तैयार किय गया है। sabhar : bhaskar.com
क्या आपने ऐसी कार के बारे में सुना है जो दुर्घटना होने से पहले खुद को संभाल ले। ड्राइवर के मूड को भांपकर गति को संतुलित कर ले। आप सोचेंगे कि ऐसी भी कोई कार होती है क्या! तो जनाब आपको बता दें कि जल्दी ही ऐसी कार सड़क पर फर्राटे भरती दिखेगी।
ऑस्ट्रेलिया के रोड सेफ्टी रिसर्चर्स द्वारा ‘अटेंशन पॉवर्ड कार’ पेश की गई है। यह कार सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक मिसाल साबित हो सकती है। रॉयल ऑटो मोबाइल क्लब ने इस कार को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह ड्राइवर के दिमाग को पढ़कर उसके अनुरूप स्पीड तय कर लेती है। यानी जैसे ही ड्राइवर का दिमाग विचलित होगा, कार तुरंत अपनी स्पीड पर काबू पा लेगी जिससे दुर्घटना होने से बच सकती है। चलिए अब हम आपको कार की अन्य खूबियों से अवगत कराते हैं।
कार के अंदर 14 सेंसर लगे हुए हैं जो कि ड्राइवर के ब्रेन को मॉनिटर करते रहते हैं, और वे ये देखते हैं कि कब-कब उसका ब्रेन विचलित होता है।
टेस्टिंग फेज में शोधकर्ताओं ने ड्राइवर के मोबाइल फोन उपयोग करने, कार में रेडियो चैनल बदलने, ड्रिंकिंग वाटर और रोड मैप को देखने संबंधी ब्रेन रिकार्ड का निरीक्षण किया । इसकी के अनुरूप कार की प्रोग्रामिंग की गई।
उन्होंने ड्राइवर के हर 15 किमी चलने के दौरान ब्रेन रिकार्ड लिए और देखा कि क्या होता जब ड्राइवर का दिमाग विचलित होता है।
रिसर्च टीम के अनुसार जैसे ड्राइवर का अटेंशन ड्राइविंग से हटता है, यह कार तुरंत ही रेस को कम कर लेती है। अभी इसे हुंडई आई 40 पर तैयार किय गया है। sabhar : bhaskar.com
आसाराम की 'शिल्पी' के समर्पण के बाद उसके पिता ने क्या-क्या कहा, जानिए
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सितंबर 26, 2013 in आसाराम की 'शिल्पी' के समर्पण

रायपुर। आसाराम की करीबी शिल्पी गुप्ता ने बुधवार को जोधपुर के कोर्ट में समर्पण कर दिया। जब उसने कोर्ट में सरेंडर किया तो भास्कर की टीम उसके निवास स्थान पहुंची और पिता एमके गुप्ता से बात की। गुप्ता सरकारी विभाग में पदस्थ हैं। प्रस्तुत है बातचीत के अंश...
सच सामने आ जाएगा : पिता
1.सवाल- शिल्पी ने सरेंडर कर दिया है? आप कुछ कहना चाहेंगे?
जवाब- मैं पहले भी तनाव में नहीं था। अब भी नहीं। अगर ऐसा होता तो इस समय जोधपुर में होता। मुझे बिल्कुल भी चिंता नहीं है।
2.सवाल- बेटी को पूरे प्रकरण में किस हद तक जिम्मेदार मानते हैं?
जवाब- बिल्कुल भी नहीं। मेरी बेटी के साथ-साथ आसाराम बापू भी निर्दोष हैं। इंतजार कीजिए, जल्द ही सबकुछ साफ हो जाएगा।
जवाब- बिल्कुल भी नहीं। मेरी बेटी के साथ-साथ आसाराम बापू भी निर्दोष हैं। इंतजार कीजिए, जल्द ही सबकुछ साफ हो जाएगा।
3.सवाल- शिल्पी इतने दिन गायब रही? आपने उसे तलाश करने की कोशिश नहीं की?
जवाब- नहीं। उसका रास्ता अलग है। वो अपना काम कर रही है। सच के रास्ते पर चलने में अक्सर अड़चनें आती हैं। मैं सच जानता हूं इसलिए मैंने जानबूझकर एक बार भी उससे संपर्क नहीं किया।
जवाब- नहीं। उसका रास्ता अलग है। वो अपना काम कर रही है। सच के रास्ते पर चलने में अक्सर अड़चनें आती हैं। मैं सच जानता हूं इसलिए मैंने जानबूझकर एक बार भी उससे संपर्क नहीं किया।
4.सवाल- अब आप क्या करेंगे? क्या आप जोधपुर जाएंगे?
जवाब- नहीं, मैंने कहा न, मुझे चिंता नहीं। मेरे जाने की जरूरत ही नहीं। सबकुछ जैसे बिगड़ा है, वैसे ही ठीक हो जाएगा।
जवाब- नहीं, मैंने कहा न, मुझे चिंता नहीं। मेरे जाने की जरूरत ही नहीं। सबकुछ जैसे बिगड़ा है, वैसे ही ठीक हो जाएगा।
5.सवाल- क्या आपकी बेटी छिंदवाड़ा के आश्रम में रहती है?
जवाब-नहीं। वो तो बस आना-जाना ही करती है। आमतौर पर जब भी वह जाती है, अनुष्ठान में शामिल होकर लौट आती है।
जवाब-नहीं। वो तो बस आना-जाना ही करती है। आमतौर पर जब भी वह जाती है, अनुष्ठान में शामिल होकर लौट आती है।
6.सवाल- तो क्या वो घर पर रहती है?
जवाब-नहीं। घर पर नहीं रहती। बीच-बीच में आती-जाती रहती है। जब मां की तबीयत खराब होती है, तो कुछ दिन ठहर जाती है।
जवाब-नहीं। घर पर नहीं रहती। बीच-बीच में आती-जाती रहती है। जब मां की तबीयत खराब होती है, तो कुछ दिन ठहर जाती है।
7.सवाल- इस पूरे मामले को आप किस तरह से देखते हैं?
जवाब- अब इसमें क्या कहा जा सकता है। मीडिया को जितना उछालना था, उछाल दिया। जब सच सामने आएगा, तब देखेंगे। आप एफआईआर पढ़कर देख लें। उसी में सच नजर आ रहा है। sabhar : bhaskar.com
जवाब- अब इसमें क्या कहा जा सकता है। मीडिया को जितना उछालना था, उछाल दिया। जब सच सामने आएगा, तब देखेंगे। आप एफआईआर पढ़कर देख लें। उसी में सच नजर आ रहा है। sabhar : bhaskar.com
ऐसे ही अमेरिका से आगे नहीं निकला चीन, देखें कैसे उगा दी मरीज के माथे पर नाक
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सितंबर 26, 2013 in देखें कैसे उगा दी मरीज के माथे पर नाक

(तस्वीर - जोओलिन के माथे पर नई नाक विकसित की गई है। इसे पुरानी नाक की जगह ट्रांसप्लांट किया जाएगा।) sabhar : bhaskar.com
बीजिंग। कृत्रिम अंग विकसित करने के बारे में आपने सुना और पढ़ा तो बहुत होगा। अगर देखा नहीं है तो यहां देख लीजिए। चीन के फुजियान प्रांत में डॉक्टरों ने एक व्यक्ति के माथे पर नाक उगाई है। दरअसल 22 वर्षीय जाओलिन का 2012 में एक्सीडेंट हो गया था। जिससे उससे नाक में बहुत गहरी चोट आई।
इन्फेक्शन बढ़ता चला गया और नाक काटने की नौबत आ गई। तब डॉक्टरों ने स्टेम सेल तकनीक नई नाक विकसित करने की सोची। और इसके लिए उन्होंने जाओलिन का माथा चुना।
क्या है इसके पीछे का विज्ञान
क्या है इसके पीछे का विज्ञान
डॉक्टर्स ने त्वचा के ऊत्तकों (स्किन टिशू) को जाओलिन के माथे पर प्लांट किया। इसे डॉक्टर्स ने नाक की शेप में काटा और बीच में कार्टिलेज (नरम हड्डी) लगा दी। यह हड्डी जाओलिन के शरीर से निकाली गई पसली (रिब) की है।
डॉक्टर्स अब जाओलिन के इन्फेक्टड नाक को हटाकर इसे ट्रांसप्लांट करने की तैयारी में हैं। डॉक्टरों का कहना है कि नई नाक अच्छी शेप में है और जल्द इसे ट्रांस्प्लांट करने के लिए सर्जरी की जाएगी।
(तस्वीर - फुजोहू के एक अस्पताल में जाओलिन की संक्रमित और विकृत नाक का निरीक्षण करते डॉक्टर। )
(तस्वीर - जोओलिन के माथे पर नई नाक विकसित की गई है। इसे पुरानी नाक की जगह ट्रांसप्लांट किया जाएगा।) sabhar : bhaskar.com
बुधवार, 25 सितंबर 2013
1 लाख साल बाद कैसा दिखेगा इंसान, छोड़नी पड़ेगी धरती, नहीं मिलेगी सूर्य की रोशनी
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सितंबर 25, 2013 in 1 लाख साल बाद कैसा दिखेगा इंसान

लंदन. मानव आदिकाल में क्या खाता था, कैसे चलता था, उसके शरीर की बनावट कैसी थी, इस बारे में तो वैज्ञानिकों के पास कई अहम जानकारियां हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आज से 1 लाख वर्ष बाद मानव का चेहरा कैसा होगा? उसकी आंखें छोटी हो जाएंगी या बड़ी। उसका माथा कैसा होगा और कैसी होगी नाक? मानव आज जैसा दिखता है, क्या 20,000 साल बाद भी ऐसा ही दिखेगा? इन सवालों के ठोस जवाब आज दुनिया में किसी के पास नहीं है, लेकिन दो शख्स ऐसे हैं, जिन्होंने इस पहेली का हल निकालने की कोशिश है। इनके के नाम हैं डिजाइनर-रिसर्चर निकोलस लैम और वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में कम्प्यूटेश्नल जीनोमिक्स विशेषज्ञ डॉक्टर एलन क्वान।
'ऑब्जर्वर टैक मंथली' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों ने रिसर्च और शानदार आर्टवर्क के जरिये ये बताया है कि मानव आज से 20,000, 60,000 या 1 लाख वर्ष बाद कैसा दिखेगा? शायद हालीवुड फिल्म 'क्लोज एनकाउंटर ऑफ द थर्ड काइंड' में दिखाए गये एलियन के जैसा या फिर...? जानें आगे...
हवा-प्रकाश के असर से बदलेगा चेहरा
वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में कम्प्यूटेश्नल जीनोमिक्स विशेषज्ञ डॉक्टर क्वान की रिसर्च के मुताबिक, 1 लाख वर्ष बाद इंसान के चेहरे की उनकी परिकल्पना में दो बातें बेहद अहम हैं। एक, हमारा पर्यावरण तेजी बदलेगा और दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि वैज्ञानिक ह्यूमन बायलॉजी पर और ज्यादा पकड़ बना लेंगे। इंसान के चेहरे में बदलाव के लिए हवा और प्रकाश में बदलाव बेहद अहम होंगे। ये दोनों कारण तय करेंगे कि इंसान का चेहरा 1 लाख वर्ष बाद कैसा आकार लेगा। साथ ही इंसान जिस चेहरे के साथ जन्म लेगा, वैज्ञानिक उसे बदलने में भी सक्षम होंगे। डॉक्टर क्वान कहते हैं कि आज से 60,000 वर्ष बाद इंसानी चेहरे में बदलाव या यूं कहें कि क्रमिक विकास चर्चा का केंद्र रहेगा। ह्यूमन जीनोम कंट्रोल करने की वैज्ञानिको की क्षमता भी बहुत विकसित हो जाएगी।
सिर का साइज बढ़ेगा, छोड़नी पड़ेगी धरती
बदलाव के इस क्रम में सबसे रोचक तथ्य यह है कि इंसान का सिर बहुत बड़ा होगा। आंखें कुछ ऐसी दिखेंगी जैसे बाहर निकल आई हों। इसके अलावा, माथा और नाक के नथुने भी बड़े होंगे, जिससे दूसरे ग्रहों पर सांस लेने में दिक्कत नहीं होगी। ऐसा भी कह सकते हैं कि मानव खुद अपने चेहरे को ऐसा आकार भी दे सकेगा, जिससे वह अन्य ग्रहों पर रहने में सक्षम हो सके, क्योंकि आने वाले वर्षों में इंसान को धरती छोड़कर अन्य ग्रहों पर रहने के लिये मजबूर होना पड़ सकता है। शायद ऐसी जगहों पर जहां प्रकाश कम होगा। ये स्थान सूर्य की पहुंच से काफी दूर हो सकते हैं। जब बड़ी संख्या में लोग ओजोन परत के बाहर रहने लगेंगे, तब उन्हें अल्ट्रावायलेट किरणों यानी यूवी रेडिएशन से रोगों का खतरा रहेगा और इंसान की स्किन प्रभावित होगी।
60,000 साल बाद मानव मॉर्फोलॉजी जेनेटिक्स में मास्टर हो जाएगा और तब हम बच्चों का DNA बदल पाने में भी सक्षम होंगे। ऐसे में संभव है कि उनकी नाक सीधी हो और चेहरे को परफेक्ट आकार दिया जा सकेगा। लैम को उम्मीद है कि उनका यह आर्टवर्क वैज्ञानिकों को 1 वर्ष बाद इंसानी चेहरे की परिकल्पना के बारे में और ठोस तथ्य तालाशने में मदद देगा।
(फोटो कैप्शन: लैम और क्वान की रिसर्च के अनुसार 60,000 साल बाद इंसान का चेहरा इस प्रकार से बदलेगा। रिसर्च के मुताबिक, बदलाव का सबसे ज्यादा प्रभाव मानव के माथे और आंखों पर पड़ेगा। आंखों का आकार बहुत बड़ा जाएगा। इतना ही नहीं, उस समय तक वैज्ञानिकों के पास इतनी क्षमता होगी कि चेहरे में आमूलचूल बदलाव कर सकें। sabhar : bhaskar.com
पार्टनर की ज़रूरत कम कर रहे हैं ये 'सेक्स खिलौने', चीन का है इसमें बड़ा हाथ
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सितंबर 25, 2013 in चीन का है इसमें बड़ा हाथ, पार्टनर की ज़रूरत कम कर रहे हैं ये 'सेक्स खिलौने'

तेजी से आधुनिक होते समाज में इंसान की प्राकृतिक ज़रूरतें भी टेक्नोलॉजी से अछूती नहीं रह गई हैं। शारीरिक सुख अब पार्टनर्स तक सीमित नहीं है। इंसान ने इसके भी विकल्प तलाश लिए हैं और ये विकल्प है 'सेक्स टॉयज'। उदारवादी देशों में लोगों के बीच 'सेक्स टॉयज' का चलन तेजी से बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर 'सेक्स टॉयज' का व्यापार 15 बिलियन डॉलर्स तक पहुंच गया है। इंसानों को काल्पनिक सेक्स सुख पहुंचाने वाले इन खिलौनों के बिजनेस में हर साल 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो रही है।
अमेरिका इन काल्पनिक सुख प्रदान करने वाले खिलौनों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। यहां तकरीबन हर बड़े कमर्शियल आउटलेट पर 'सेक्स टॉयज' आसानी से मिल जाते हैं। वहीं, भारत और दक्षिण अफ्रीका का मामला कुछ अलग है। भारत में किसी भी तरह के 'सेक्स टॉय' को बेचना आईपीसी की धारा 292 के तहत दण्डनीय है। यहां इन खिलौनों को बेचने पर दो साल की कैद का प्रावधान है। दक्षिण अफ्रीका में भी 'सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट, 1957' की धारा 18A के तहत अप्राकृतिक सेक्स को बढ़ावा देने वाली किसी भी तरह के उत्पाद को बेचने पर कड़ी पाबंदी है। इनके अलावा भी अधिकतर देशों में इन खिलौनों के इस्तेमाल पर पाबंदी है। हां, ये अलग बात है कि दुनिया भर में चोरी-छुपे इनका इस्तेमाल किया जा रहा है।
'सेक्स टॉयज' के प्रोडक्शन की बात की जाए तो आपको जानकर हैरानी होगी कि वैश्विक बाजार में सप्लाई किए जाने वाले 70 प्रतिशत 'सेक्स टॉयज' का निर्माण चीन में किया जाता है।

sabhar : bhaskar.com
तेजी से आधुनिक होते समाज में इंसान की प्राकृतिक ज़रूरतें भी टेक्नोलॉजी से अछूती नहीं रह गई हैं। शारीरिक सुख अब पार्टनर्स तक सीमित नहीं है। इंसान ने इसके भी विकल्प तलाश लिए हैं और ये विकल्प है 'सेक्स टॉयज'। उदारवादी देशों में लोगों के बीच 'सेक्स टॉयज' का चलन तेजी से बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर 'सेक्स टॉयज' का व्यापार 15 बिलियन डॉलर्स तक पहुंच गया है। इंसानों को काल्पनिक सेक्स सुख पहुंचाने वाले इन खिलौनों के बिजनेस में हर साल 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो रही है।
अमेरिका इन काल्पनिक सुख प्रदान करने वाले खिलौनों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। यहां तकरीबन हर बड़े कमर्शियल आउटलेट पर 'सेक्स टॉयज' आसानी से मिल जाते हैं। वहीं, भारत और दक्षिण अफ्रीका का मामला कुछ अलग है। भारत में किसी भी तरह के 'सेक्स टॉय' को बेचना आईपीसी की धारा 292 के तहत दण्डनीय है। यहां इन खिलौनों को बेचने पर दो साल की कैद का प्रावधान है। दक्षिण अफ्रीका में भी 'सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट, 1957' की धारा 18A के तहत अप्राकृतिक सेक्स को बढ़ावा देने वाली किसी भी तरह के उत्पाद को बेचने पर कड़ी पाबंदी है। इनके अलावा भी अधिकतर देशों में इन खिलौनों के इस्तेमाल पर पाबंदी है। हां, ये अलग बात है कि दुनिया भर में चोरी-छुपे इनका इस्तेमाल किया जा रहा है।
'सेक्स टॉयज' के प्रोडक्शन की बात की जाए तो आपको जानकर हैरानी होगी कि वैश्विक बाजार में सप्लाई किए जाने वाले 70 प्रतिशत 'सेक्स टॉयज' का निर्माण चीन में किया जाता है।
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