Sakshatkar.com : Sakshatkartv.com

.

Item Post Navigation Display

Home Recent Posts Display

Related Posts Display

मंगलवार, 20 अगस्त 2013

कुछ यूं होता है धंधा, क्योंकि यहां वेश्यावृत्ति एक धर्म के सामान है

0

STRANGE: कुछ यूं होता है धंधा, क्योंकि यहां वेश्यावृत्ति एक धर्म के सामान है

अमेरिका के रूरल नेवादा में प्रॉस्टीट्यूशन लीगल है। उस इलाके में कई ब्रॉथेल हैं। इनमें वेश्याएं बेरोक-टोक जिस्म का व्यापार करती हैं।
फोटोग्राफर मार्क मैक एन्ड्रयूज ने इन ब्रॉथेल्स के बीच 5 साल बिताए और वेश्याओं के जीवन और लाइफ स्टाइल से जुड़ी अनेकों तस्वीरें खींची।
'नेवादा रोज' नाम से एक प्रोजक्ट करते हुए उन्होंने अपने 5 साल यहां बिताए और अपने रिसर्च में इन वेश्याओं की लाइफस्टाइल को करीब से जाना।
STRANGE: कुछ यूं होता है धंधा, क्योंकि यहां वेश्यावृत्ति एक धर्म के सामान है

बैटल माउंटेन के एक वेश्यालय में कस्टमर्स के आने के पहले एक वेश्या तैयार होती हुई
STRANGE: कुछ यूं होता है धंधा, क्योंकि यहां वेश्यावृत्ति एक धर्म के सामान है
कार्सन सिटी के लव रॉन्च में निकोल की फीस चुकाने के लिए कस्टमर एटीएम से पैसे निकाल रहा है। निकोल अपने कस्टमर से चिपकी है।

STRANGE: कुछ यूं होता है धंधा, क्योंकि यहां वेश्यावृत्ति एक धर्म के सामान है

कार्सन सिटी के ही लव रॉन्च ब्रॉथेल के पार्लर में ग्रुप में बैठी वेश्याएं।

STRANGE: कुछ यूं होता है धंधा, क्योंकि यहां वेश्यावृत्ति एक धर्म के सामान है
बनी रॉन्च की प्रॉस्टीट्यूट्स हॉल में बैठी चाय का आनंद ले रही हैं। sabhar : bhaskar.com










Read more

यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!

0

यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!


इंदौर। महाभारत के बारे में जानने वाले लोग अश्वत्थामा के बारे में निश्चित तौर पर जानते होंगे। महाभारत के कई प्रमुख चरित्रों में से एक अश्वत्थामा का वजूद आज भी है। अगर यह पढ़कर आप हैरान हो रहे हैं, तो हम आपको बता दें कि अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने निकले अश्वत्थामा को उनकी एक चूक भारी पड़ी और भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें युगों-युगों तक भटकने का श्राप दे दिया।पिछले लगभग पांच हजार वर्षों से अश्वत्थामा भटक रहे हैं। हम यहां आपको महाभारत काल के अश्वत्थामा से जुड़ी वो खास बातें बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही मालूम होगा।
यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!
अश्वत्थामा महाभारतकाल अर्थात द्वापरयुग में जन्मे थे। उनकी गिनती उस युग के श्रेष्ठ योद्धाओं में होती थी। वे गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र व कुरु वंश के राजगुरु कृपाचार्य के भानजे थे। द्रोणाचार्य ने ही कौरवों और पांडवों को शस्त्र विद्या में पारंगत बनाया था।
यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!
महाभारत के युद्ध के समय गुरु द्रोण ने हस्तिनापुर राज्य के प्रति निष्ठा होने के कारण कौरवों का साथ देना उचित समझा।अश्वत्थामा भी अपने पिता की भांति शास्त्र व शस्त्र विद्या में निपुण थे। पिता-पुत्र की जोड़ी ने महाभारत के युद्ध के दौरान पांडवों की सेना को छिन्न-भिन्न कर दिया था।
 यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!
पांडव सेना को हतोत्साहित देख श्रीकृष्ण ने द्रोणाचार्य का वध करने के लिए युधिष्ठिर से कूटनीति का सहारा लेने को कहा। इस योजना के तहत युद्धभूमि में यह बात फैला दी गई कि अश्वत्थामा मारा गया है। 
 यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!
जब द्रोणाचार्य ने धर्मराज युधिष्ठिर से अश्वत्थामा की मृत्यु की सत्यता जाननी चाही तो युधिष्ठिर ने जवाब दिया कि अश्वत्थामा हतो नरो वा कुंजरो वा (अश्वत्थामा मारा गया है, लेकिन मुझे पता नहीं कि वह नर था या हाथी)। यह सुन गुरु द्रोण पुत्र मोह में शस्त्र त्याग कर किंकर्तव्यविमूढ़ युद्धभूमि में बैठ गए और उसी अवसर का लाभ उठाकर पांचाल नरेश द्रुपद के पुत्र धृष्टद्युम्न ने उनका वध कर दिया।  
यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!

पिता की मृत्यु ने अश्वत्थामा को विचलित कर दिया। महाभारत युद्ध के पश्चात जब अश्वत्थामा ने पिता की मृत्यु का प्रतिशोध लेने के लिए पांडव पुत्रों का वध कर दिया तथा पांडव वंश के समूल नाश के लिए उत्तरा के गर्भ में पल रहे अभिमन्यु पुत्र परीक्षित को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया, तब भगवान श्री कृष्ण ने परीक्षित की रक्षा कर दंड स्वरुप अश्वत्थामा के माथे पर लगी मणि निकालकर उन्हें तेजहीन कर दिया और युगों-युगों तक भटकते रहने का शाप दिया था।  
यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!

कहा जाता है कि असीरगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश के ही जबलपुर शहर के गौरीघाट (नर्मदा नदी) के किनारे भी अश्वत्थामा भटकते रहते हैं।  स्थानीय निवासियों के अनुसार कभी-कभी वे अपने मस्तक के घाव से बहते खून को रोकने के लिए हल्दी और तेल की मांग भी करते हैं।मान्यता के अनुसार असीरगढ़ के किले में स्थित शिव मंदिर में महाभारतकाल के अश्वत्थामा आज भी पूजा-अर्चना करने आते हैं। असीरगढ़ का किला बुरहानपुर शहर से 20 किलोमीटर दूर है।
 यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!
कई लोगों ने इस बारे में अपनी आपबीती भी सुनाई।किसी ने बताया कि उनके दादा ने उन्हें कई बार वहां अश्वत्थामा को देखने का किस्सा सुनाया है। तो किसी ने कहा- जब वे मछली पकडऩे वहां के तालाब में गए थे, तो अंधेरे में उन्हें किसी ने तेजी से धक्का दिया था। शायद धक्का देने वाले को उनका वहां आना पसंद नहीं आया। गांव के कई बुजुर्गों की मानें तो जो एक बार अश्वत्थामा को देख लेता है, उसका मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है।
 यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!

किले में स्थित तालाब में स्नान करके अश्वत्थामा शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने जाते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वे उतावली नदी में स्नान करके पूजा के लिए यहां आते हैं। आश्चर्य कि बात यह है कि पहाड़ की चोटी पर बने किले में स्थित यह तालाब बुरहानपुर की तपती गरमी में भी कभी सूखता नहीं। तालाब के थोड़ा आगे गुप्तेश्वर महादेव का मंदिर है। मंदिर चारो तरफ से खाइयों से घिरा है। किंवदंती के अनुसार इन्हीं खाइयों में से किसी एक में गुप्त रास्ता बना हुआ है, जो खांडव वन (खंडवा जिला) से होता हुआ सीधे इस मंदिर में निकलता है।इसी रास्ते से होते हुए अश्वत्थामा मंदिर के अंदर आते हैं। भले ही इस मंदिर में कोई रोशनी और आधुनिक व्यवस्था न हो, यहां परिंदा भी पर न मारता हो, लेकिन पूजा लगातार जारी है। शिवलिंग पर प्रतिदिन ताजा फूल एवं गुलाल चढ़ा रहता है।
यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!
कब से शुरू हुआ यह सिलसिला
बुरहानपुर के इतिहासविद डॉ. मोहम्मद शफी (प्रोफेसर, सेवा सदन महाविद्यालय, बुरहानपुर) ने बताया कि बुरहानपुर का इतिहास महाभारतकाल से जुड़ा हुआ है। पहले यह जगह खांडव वन से जुड़ी हुई थी।
 किले का नाम असीरगढ़ यहां के एक प्रमुख चरवाहे आसा अहीर के नाम पर रखा गया था। किले को यह स्वरूप 1380 ई. में फारूखी वंश के बादशाहों ने दिया था।जहां तक अश्वत्थामा की बात है, तो शफी साहब फरमाते हैं कि मैंने बचपन से ही इन किंवदंतियों को सुना है। मानो तो यह सच है न मानो तो झूठ।लेकिन इतना अवश्य है कि इस किले से कई सुरंगें जुड़ी हुई हैं। इन सुरंगों का दूसरा मुंह कहां है, यह कोई नहीं बता सकता। जब तक इन सुरंगों का राज नहीं खुलेगा, तब तक इस किंवदंती से भी परदा नहीं उठेगा।
यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, पागल हो जाता है देखने वाला!

sabhar : bhaskar.com















Read more

बुधवार, 7 अगस्त 2013

महिलाओं से संबंध के चलते सुर्खियों में आया साधू, फोन पर घंटों करता था बात

0

महिलाओं से संबंध के चलते सुर्खियों में आया साधू, फोन पर घंटों करता था बात


जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में मंगलवार को पुलिस की ओर से बनाड़ निवासी रामस्नेही महाराज समरथराम के चाल-चलन व पुलिस रिकॉर्ड संबंधित रिपोर्ट पेश की गई। इसमें बताया गया कि घर से भाग कर संन्यासिन बनने जोधपुर आई भीलवाड़ा जिलांतर्गत गंगापुर निवासी 22 वर्षीय युवती से समरथराम ने 13 अगस्त 2012 से 17 जून 2013 के बीच कुल 51 हजार 749 सैकंड बात की।

इसके लिए युवती की मां के फोन पर 98 बार संपर्क साधा गया। इस मामले में महाराज के खिलाफ गंगापुर पुलिस थाने में गत 20 जुलाई को एफआईआर दर्ज की गई है। महाराज के खिलाफ इसी थाने में एक अन्य एफआईआर अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार मामले के तहत भी दर्ज है। इस मामले में समरथराम पर एक दलित युवती की लज्जाभंग के प्रयास का आरोप है।

संन्यासिन बनने आई युवती के मामले में मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश एनके जैन व न्यायाधीश अरुण भंसाली की खंडपीठ में पुलिस की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद पुरोहित व प्रद्युम्न सिंह के माध्यम से केस डायरी व तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की गई।
पुलिस की रिपोर्ट पेश करते हुए सरकारी वकील राजलक्ष्मी सिंह चौधरी ने कहा कि रिपोर्ट में 58 वर्षीय महाराज के युवती से लंबी बातचीत का ब्यौरा कॉल डिटेल में आया है। उनके कई अन्य महिलाओं से बातचीत का भी ब्यौरा उजागर हुआ है। 
पुलिस ने 25 वर्षीय एक दलित महिला की उस रिपोर्ट पर भी एफआईआर दायर की है जिसमें महिला ने महाराज पर रामकथा के दौरान उसे एकांत में कमरे में बुला कर लज्जा भंग करने के प्रयास का आरोप लगाया है।

अदालत ने पूछा- एफआईआर के बावजूद गिरफ्तार क्यों नहीं किया
खंडपीठ ने पुलिस की ओर से एफआईआर की जानकारी देने के बाद पूछा कि इसके बावजूद अब तक महाराज को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? साथ ही संन्यासिन बनने आई युवती को अदालत में पेश करने के आदेश भी दिए। गौरतलब है कि युवती को हाईकोर्ट के न्यायाधीश पीके लोहरा की एकलपीठ के आदेश पर नारी निकेतन भेज दिया गया था।
इस आदेश के खिलाफ युवती की ओर से यह कहते हुए अपील की गई, कि वह बालिग है और अपनी इच्छा से संन्यासिन बन महाराज के साथ रहना चाहती है। इस पर सुनवाई के बाद खंडपीठ ने सरकारी वकील राजलक्ष्मी सिंह से महाराज के चाल-चलन के बारे में अदालत में रिपोर्ट पेश करने को कहा था। sabhar : bhaskar.com





Read more

70 वर्ष में सेक्स की तलब, कर बैठा यह गुनाह!

0

PHOTOS: 70 वर्ष में सेक्स की तलब, कर बैठा यह गुनाह!

घटना के मुताबिक, एक दिन 70 वर्षीय दशरथ(तब 66) ने अपनी बेटी की ननद को अपने मोहजाल में फंसाया और उसे घर ले गया। ननद की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। घर में अकेला पाकर उसने लड़की के संग अपनी वासना मिटा दी। हालांकि इस बारे में लड़की ने किसी को कुछ नहीं बताया, पर एक दिन जब घरवालों को पता चला कि वो गर्भवती है, तो जैसे भूचाल आ गया।
PHOTOS: 70 वर्ष में सेक्स की तलब, कर बैठा यह गुनाह!


अपनी बेटी की मानसिक रूप से विक्षिप्त ननद के साथ बलात्कार करने के आरोप में 70 साल का दशरथ अब सात साल कैद भुगतेगा। अदालत ने आरोपी पर 15 हजार रुपयों का जुर्माना भी ठोंका।

लार्डगंज थानांतर्गत आगा चौक के पास रहने वाले दशरथ बेन की पुत्री प्रसव के लिए वर्ष 2009 में अस्पताल में भर्ती थी। उसकी देखभाल के लिए उसकी ननद भी अस्पताल में थी। वहां पहुंचे आरोपी दशरथ ने बेटी की मानसिक रूप से विक्षिप्त ननद से कहा कि वह अपने घर चली जाए, अस्पताल में वह रुकेगा।
PHOTOS: 70 वर्ष में सेक्स की तलब, कर बैठा यह गुनाह!


इसके बाद जब लड़की अपने घर के लिए रवाना हुई तो कुछ देर बाद आरोपी भी अस्पताल से निकल गया। इसके बाद बेटी की ससुराल पहुंचकर आरोपी दशरथ ने अपने समधी से कहा कि वे अस्पताल चले जाएं, क्योंकि वहां पर कोई नहीं है। यह सुनकर समधी अस्पताल चले गए और तभी आरोपी दशरथ ने पीडि़त लड़की (अपनी बेटी की ननद) को घर में अकेली पाकर उसका बलात्कार कर दिया। साथ ही उसे धमकी भी दी कि वह यह बात किसी को न बताए।
कुछ दिन बाद पीडि़त लड़की की तबियत बिगड़ी। इलाज के दौरान डॉटर ने उसकी सोनोग्राफी कराई, जिसमें उसके गर्भवती होने का पता चला। पहले तो पीडि़त लड़की ने कुछ नहीं बताया, लेकिन जब पिता ने सख्ती की तब उसने पूरी घटना अपने घर वालों को बता दी। तब मामले की शिकायत लार्डगंज थाने में की गई, जहां पर आरोपी के खिलाफ  भादंवि की धारा 376, 506बी के तहत प्रकरण दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया गया। ट्रायल के दौरान मानसिक रूप से विक्षिप्त लड़की ने पूरी घटना का विवरण बताया। हालांकि कुछ समय बाद एक हादसे में उसकी मौत हो गई थी।












इस मामले में अब 70 साल का दशरथ 7 साल जेल की सजा भुगतेगा। इस घटना ने समाज को स्तब्ध कर दिया है। लोगों का कहना है कि समाज को ऐसी विकृतियों से बचाने के लिए चिंतन करना जरूरी है। sabhar : bhaskkar.com

Read more

मंगलवार, 6 अगस्त 2013

वीना मलिक के हॉट सीन ने मचाया बवाल

0

वीना मलिक के हॉट सीन ने मचाया बवाल

मुंबई: पाकिस्तान की हॉट अभिनेत्री वीना मलिक एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वीना की कन्नड फिल्म ‘सिल्क सक्कत मगा’ में उनके हॉट सीन ने बवाल मचा दिया है। इस फिल्म के हॉट सीन के विरोध में हिंदू संगठन श्रीराम सेना ने विरोध प्रदर्शन किया और फिल्म का बहिष्कार किया। उनका कहना है कि इस फिल्म से समाज में गलत संदेश जाएगा। इससे संस्कृति और समाज पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। श्रीराम सेना ने हुबली, बेलगाम, मैसूर, धारवाड़ समेत कई शहरों में फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी है।

फिल्म रिलीज होने के 4 दिन बाद ही विवादों में घिर गई। फिल्म 2 अगस्त को रिलीज हुई थी। फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने से निर्देशक त्रिशूल काफी दुखी है। निर्देशक का कहना है कि मैं समझ नहीं पाया कि फिल्म का विरोध क्यों किया जा रहा है। इसमें पाकिस्तानी अभिनेत्री ने मुख्य भूमिका निभाई है या कुछ और। उन्होंने कहा, पाकिस्तान से हमारे मधुर संबंध हैं और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता रहता है। वीना भी इस बहिष्कार से दुखी है। उल्लेखनीय है कि फिल्म में वीना बिकनी में नजर आई है। साथ उसने अपने सह कलाकार के साथ लिप लॉक सीन भी दिए हैं

वीना मलिक ने रियलटी शो बिग बॉस से काफी सुर्खियां बटोरी थी। वीना की यह कन्नड़ भाषा फिल्म ‘सिल्क सक्कत मगा’ द डर्टी पिक्चर का रिमेक है। इस फिल्म में वीना मलिक के अलावा सना खान, अक्षय और साधु कोकिला भी अहम रोल में हैं।  sabhar :http://zeenews.india.com

Read more

अब तो लैब में ही बन गई किडनी

0



अमरीकी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि प्रयोगशाला में विकसित किए गए एक क्लिक करेंगुर्दे को सफलतापूर्वक जानवरों में प्रत्यारोपित कर दिया गया है. इसने मूत्र बनाना भी शुरू कर दिया है.
इसी तकनीक से शरीर के अन्य अंग पहले ही बनाकर मरीज़ों को लगाए जा चुके हैं लेकिन गुर्दा अब तक बनाए गए अंगों में गुर्दा सबसे जटिल अंग है.

गुर्दा ख़ून की सफ़ाई करके इसमें से फ़ालतू पानी और बेकार के तत्व निकालता है. प्रत्यारोपण के लिए इसकी मांग भी सबसे ज़्यादा है.
'नेचर मेडिसन' नाम के जनरल में प्रकाशित शोध के अनुसार कृत्रिम रूप से बनाए गए गुर्दे अभी तक प्राकृतिक गुर्दे की तुलना में कम कारगर साबित हुए हैं.

अपार संभावनाएं

लेकिन पुनर्उत्पादक दवाओं के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं.
शोधकर्ताओं का विचार है कि पुरानी किडनी को निकालकर इसमें से सभी पुरानी कोशिकाओं को निकाल दिया जाए. इससे यह मधुमक्खी के छत्ते जैसा ढांचा रह जाएगा. इसके बाद मरीज़ के शरीर से कोशिकाएं लेकर इसका पुनर्निर्माण किया जाएगा.
वर्तमान अंग प्रत्यारोपण के मुकाबले इसमें दो बड़े फ़ायदे होंगे.
अंग प्रत्यारोपण के लिए गुर्दे की मांग सबसे अधिक है
पहला तो यह कि कोशिकाएं मरीज़ के शरीर से तालमेल बैठा लेंगी. इसलिए शरीर के इनकार से बचने के लिए प्रतिरोधक क्षमता को दबाने के लिए ज़िंदगी भर दवाइयां खाने की ज़रूरत नहीं रहेगी.
इसके अलावा यह प्रत्यारोपण के लिए अंगों की उपलब्धता को भी बढ़ाएगा. ज़्यादातर प्रत्यारोपित अंगों के शरीर अस्वीकार कर देता है लेकिन नए अंग बनने तक अन्य को नमूने के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

बड़ा कदम

मैसाचुसेट्स के सामान्य अस्पताल में शोधकर्ताओं ने प्रयोग योग्य कृत्रिम गुर्दे बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. 
उन्होंने चूहे की एक किडनी ली और डिटर्जेंट से उसकी सभी पुरानी कोशिकाओं को धो दिया.
बचा हुआ प्रोटीन का जाल बिल्कुल गुर्दे जैसा दिख रहा था. इसमें अंदर ख़ून की कोशिकाओं और निकासी के पाइप का जटिल ढांचा भी मौजूद था.
प्रोटीन के इस ढांचे को गुर्दे से सही भाग में सही कोशिका को भेजने के लिए इस्तेमाल किया गया जहां वो पुनर्निर्माण के लिए ढांचे के साथ मिल गए.
इसके बाद एक खास तरह के अवन, जिसमें चूहे के शरीर जैसे तापमान को पैदा किया गया था, में इसे रखा गया.
"सिर्फ़ अमरीका में ही एक लाख लोग गुर्दे के प्रत्यारोपण का इंतज़ार कर रहे हैं और साल में सिर्फ़ 18,000 प्रत्यारोपण ही होते हैं"
डॉ हैराल्ड ओट, शोधदल के प्रमुख
जब इस गुर्दे की प्रयोगशाला में जांच की गई तो प्राकृतिक के मुकाबले इसने 23% मूत्र निर्माण किया.
इसके बाद शोध दल ने इस गुर्दे को एक चूहे में प्रत्यारोपित कर दिया लेकिन इसकी मूत्र निर्माण क्षमता 5% तक गिर गई.

कम ही काफ़ी है

लेकिन शोधदल के प्रमुख डॉ हैराल्ड ओट, कहते हैं कि सामान्य प्रक्रिया का छोटा सा भाग हासिल कर लेना भी काफ़ी है. “अगर आप हेमोडायलिसिस पर हैं और गुर्दा 10% से 15% काम करना शुरू कर देता है तो आप डायलिसिस से मुक्ति पा सकते हैं. आपको पूरी सफलता हासिल करने की ज़रूरत नहीं है.”
वह कहते हैं कि इसकी संभावनाएं असीमित हैं, “सिर्फ़ अमरीका में ही एक लाख लोग गुर्दे के प्रत्यारोपण का इंतज़ार कर रहे हैं और साल में सिर्फ़ 18,000 प्रत्यारोपण ही होते हैं.”
हालांकि इंसान पर इसके प्रयोग के बारे में विचार करने से पहले ही भारी शोध की ज़रूरत है. sabhar :www.bbc.co.uk

Read more

सोमवार, 5 अगस्त 2013

शानदार एक्शन नजर आ रहा है ऋतिक रोशन की कृष 3 के पहले ट्रेलर में

0



ऋतिक रोशन की मोस्ट अवेटेड फिल्म कृष-3 का ट्रेलर रिलीज हो गया है. फिल्म ऐक्शन और फील के मामले में हॉलीवुड की किसी फिल्म से कम नहीं लग रही है. फिल्म का डायरेक्शन राकेश रोशन ने किया है. ऋतिक हर बार की तरह सुपरहीरो के अवतार में हैं. ऋतिक का मानना है कि इस सुपरहीरो फिल्म ने उन्हें मजबूत इनसान बनने में मदद दी है.

ऋतिक कहते हैं, “इस फिल्म को बनाने का सफर अपने आप में काफी महत्वपूर्ण रहा है. फिल्म बनाना लोगों की सेवा करने जैसा है. कृष-3 से जुड़ी कई चुनौतियों के जरिये मैंने काफी कुछ सीखा है. अगर आप अपना एटीट्यूड स्ट्रांग रखते हैं तो आप किसी भी तरह की परिस्थिति से उबर सकते हैं.”

फिल्म में कोई मिल गया वाला जादू नजर आ रहा है और ऋतिक डबल रोल में दिख रहे हैं. यही नहीं, कंगना रनोट भी धमाकेदार अंजाम में हैं जबकि ग्लैमर बिखेरने का काम प्रियंका चोपड़ा के हवाले है. वे ऋतिक रोशन को लिप किस करती दिख रही हैं. कृष-3, 4 नवंबर को दीवाली के मौके पर रिलीज हो रही है. फिल्म 3डी में भी रिलीज होगी. इस बिग बजट फिल्म का दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. sabhar : http://aajtak.intoday.in

Read more

इस छोटी सी बच्ची ने किया कमाल, आइंस्टीन को भी छोड़ा पीछे

0


Einstein
लंदन। ब्रिटेन में एक स्कूली छात्रा ने बुद्धिमत्ता के मामले में भौतिक शास्त्र के महारथी वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और भौतिकविद् स्टीफन हॉकिंग को मात दे दी है।
ब्रिटिश मेनसा के प्रवक्ता ने बताया कि 11 वर्षीय केरिस कुकसामी पारनेल ने मेनसा आइक्यू टेस्ट में 162 अंक हासिल किए। वह हॉकिंग, आइंस्टीन और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स से ज्यादा बुद्धिमान है, जिनका आइक्यू स्तर 160 है।
छठी कक्षा में पढ़ने वाली पारनेल ने मेनसा आइक्यू प्रतियोगिता में हिस्सा अपने पिता से ज्यादा अंक हासिल करने के लिए लिया था, जिन्होंने 142 अंक हासिल किए थे। डेली एक्सप्रेस अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पारनेल ने न केवल अपने पिता से बल्कि टेस्ट में मिलने वाले सर्वाधिक 162 अंक हासिल किए हैं।' नार्थहैंपटन निवासी पारनेल ने गत 27 जुलाई को परीक्षा दी थी। वह यह टेस्ट देने वाली सबसे कम उम्र की प्रतिभागियों में से एक हैं। पारनेल ने कहा, 'टेस्ट देने का मेरा मकसद अपने पिता से ज्यादा अंक हासिल करना था, लेकिन मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं इतने ज्यादा अंतर से जीत जाऊंगी।' वह एक बैंकर बनना चाहती हैं। उल्लेखनीय है कि जिंदा रहते हुए आइंस्टीन ने कभी आइक्यू टेस्ट नहीं दिया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उनका आइक्यू स्तर 160 के करीब था। sabhar :http://www.jagran.com

Read more

सनी लियोन अब हुस्न से नहीं, एक्शन से मचाएंगी धमाल

0

सनी लियोन अब हुस्न से नहीं, एक्शन से मचाएंगी धमाल

मुंबई: पोर्न स्टार से बॉलीवुड अभिनेत्री बनी सनी लियोन की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सनी बॉलीवुड में हॉट भूमिका से इंट्री की थी, लेकिन उसकी डिमांड एक्शन फिल्मों में भी होने लगी है। सनी अब अब निर्देशक देवांग ढोलकिया की फिल्म `टीना एंड लोलो` में मारधाड़ वाली भूमिका निभाने जा रही हैं। इस फिल्म में अपने किरदार को सहज रूप में पर्दे पर उतारने के लिए वह ट्रेनिंग ले रही हैं। फिल्म की शूटिंग जल्द शुरू होने वाली है। सूत्रों ने बताया, वह वाकई में कड़ी मेहनत कर रही हैं। यह पूरी तरह मारधाड़ वाली फिल्म है। इसमें अलग तरह का मारधाड़ दिखेगा और सनी कड़ी मेहनत कर रही हैं। वह इसे लेकर बहुत रोमांचित हैं।

सनी लियोन ने रीयलिटी शो `बिग बॉस-5` से मनोरंजन दुनिया की मुख्यधारा में कदम रखा था। और उसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। सनी ने बॉलीवुड में मशहूर फिल्म निर्माता महेश भट्ट की फिल्म जिस्म-2 से इंट्री की। सनी लियोन बॉलीवुड में अपनी पहली ही फिल्म से मौजूदगी का ऐहसास करा दिया। उसके बाद उनकी अगली हिंदी फिल्म `रागिनी एमएमएस-2` होगी और वह `जैकपॉट` में भी काम कर रही हैं।

सनी लियोन ने अपने पहले ही आइटम नंबर से वह सबके दिलों पर राज करती नजर आई। फिल्म `शूट एट वडाला` में आइटम सॉन्ग `लैला तेरी ले लेगी` जैसे ही रिलीज हुआ और पूरी तरह से लोगों के दिलों पर छा गया।  sabhar : http://zeenews.india.com

Read more

सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें

0

सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें

एक-दूसरे में खोया हुआ यह प्रेमी जोड़ा आमतौर पर अन्य दूसरे जोड़ों जैसा ही लगे। इसके बावजूद यह औरों से खास हैं। इन दोनों में कुछ ऐसा बॉन्ड है, जो इन्हें दूसरों से अलग बनाता है। लड़की की तरह दिखने वाली कैटी हिल लड़का है और उनके ब्वॉयफ्रेंड एरिन लड़की है। दोनों ने अपना सेक्स बदला है।
 
अमेरिका के ओक्लाहामा के तुल्सा में रहने वाले कपल में लड़की रहने तक एरिन का नाम एमरल्ड था, जबकि कैटी लड़का होने तक ल्यूक नाम से जानी जाती थी। 17 साल के एरिन की मुलाकात कैटी जेंडर चेंज सर्जरी के बाद हुई। दोनों ने साथ जीने की कसमें खाई और आज यह जोड़ा आम प्रेमी जोड़ों की तरह लाइफ को इंज्वॉय कर रहा है। 
 
19 वर्षीय कैटी ने अपनी जिंदगी के शुरुआती 15 साल लड़के के रूप में बिताए। जन्म से ही लड़का के रूप में पैदा हुई कैटी का बचपन से अपनी सेक्शुअलिटी से संघर्ष चलता रहा है। वहीं लड़की पैदा हुए एरिन को लड़कों की तरह व्यवहार करना अच्छा लगता था।
 
 
ओक्लाहामा के तुल्सा में आजकल इन दोनों के प्रेम के खूब चर्चे हैं। दोनों ने ही हार्मोन थैरेपी से अपना सेक्स बदल लिया। हैरत की बात यह है कि हार्मोंस बदलने से पहले दोनों एक-दूसरे को बिल्कुल भी नहीं जानते थे।
सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें
कैटी एक साल पहले यूनिवर्सिटी स्टूडेंट थी। सेक्स चेंज सर्जरी के लिए उसे 35 हजार डॉलर (करीब 20 लाख रुपए) डोनेशन में मिले थे। यह डोनेशन अखबार में छपी स्टोरी के बाद एक गुमनाम दाता ने दिए थे। 

सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें

17 वर्षीय ब्वॉयफ्रेंड एरिन अभी भी स्कूल में है। एक ऑपरेशन में उसके ब्रेस्ट को खत्म कर दिया था। आज वह गर्व के साथ छाती खोल के अपनी फिजिक दिखाता है। जून में क्लीवलैंड में हुई ब्रेस्ट सर्जरी के बाद उसकी यह पहली तस्वीर है, जिसमें वह नंगे बदन दिखाई दे रहा है। 

सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें


ऑपरेशन के बाद एरिन ने बताया, मैं अपने ब्रेस्ट से नफरत करता था। क्योंकि मेरा शुरू से मानना था कि मैं कोई लड़की नहीं हूं। अब मैं आम लड़कों के तरह नंगा भी घूम सकता है। सड़कों पर यहां-वहां टहल सकता हूं। मैं स्वीमिंग पूल में बिना कपड़ों के तैर सकता हूं। अब कोई भी अपनी त्यौरियां नहीं चढ़ाता।

सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें

उसने बताया कि उसका परिवार सर्जरी के बाद एकदम बदल गया। वह काफी सपोर्टिव हो गए। बकौल एरिन, मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे ऐसा परिवार मिला, जो मुझे समझ सके।

सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें

कैटी और एरिन को मिले हुए पूरे दो साल हो गए हैं। वे पहली बार ट्रांसजेंडर सपोर्ट ग्रुप में मिले थे। पहली बार में ही दोनों ने अपने अहसास साझा किए थे। एरिन के बारे में कैटी कहती है, वह सिर्फ मेरा है। मुझे पहली बार में ही एरिन मर्दो जैसा लगा था। ट्रांसजेंडर होने के नाते मैं उसको ज्यादा समझ सकती हूं। 
सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें

एक-दूसरे में खोया हुआ यह प्रेमी जोड़ा आमतौर पर अन्य दूसरे जोड़ों जैसा ही लगे। इसके बावजूद यह औरों से खास हैं। इन दोनों में कुछ ऐसा बॉन्ड है, जो इन्हें दूसरों से अलग बनाता है। लड़की की तरह दिखने वाली कैटी हिल लड़का है और उनके ब्वॉयफ्रेंड एरिन लड़की है। दोनों ने अपना सेक्स बदला है।
 
अमेरिका के ओक्लाहामा के तुल्सा में रहने वाले कपल में लड़की रहने तक एरिन का नाम एमरल्ड था, जबकि कैटी लड़का होने तक ल्यूक नाम से जानी जाती थी। 17 साल के एरिन की मुलाकात कैटी जेंडर चेंज सर्जरी के बाद हुई। दोनों ने साथ जीने की कसमें खाई और आज यह जोड़ा आम प्रेमी जोड़ों की तरह लाइफ को इंज्वॉय कर रहा है। 
 
19 वर्षीय कैटी ने अपनी जिंदगी के शुरुआती 15 साल लड़के के रूप में बिताए। जन्म से ही लड़का के रूप में पैदा हुई कैटी का बचपन से अपनी सेक्शुअलिटी से संघर्ष चलता रहा है। वहीं लड़की पैदा हुए एरिन को लड़कों की तरह व्यवहार करना अच्छा लगता था।
 
 
ओक्लाहामा के तुल्सा में आजकल इन दोनों के प्रेम के खूब चर्चे हैं। दोनों ने ही हार्मोन थैरेपी से अपना सेक्स बदल लिया। हैरत की बात यह है कि हार्मोंस बदलने से पहले दोनों एक-दूसरे को बिल्कुल भी नहीं जानते थे

सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें

सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें
सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें

sabhar : bhaskar.com



Read more

रविवार, 4 अगस्त 2013

आतंकवाद से मुकाबले का गुर भारत से सीखेगा अमेरिका

0



US Army
वाशिंगटन। आतंकवाद से मुकाबले में भारतीय सेना की सफलता से अमेरिकी सेना प्रमुख खासे प्रभावित हैं। वह चाहते हैं कि अमेरिकी सैनिक भारतीय सेना से आतंकवाद से लड़ाई के गुर सीखें। इसी मकसद से उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं के संयुक्त अभ्यास का प्रस्ताव रखा है।
अमेरिकी सेना प्रमुख जनरल रे आडिएर्नो ने कहा कि संयुक्त अभ्यास से भारतीय सेना के जटिल हालात में आतंकवाद से मुकाबले के अनुभवों से हमें लाभ होगा। एक साक्षात्कार में आडिएर्नो ने कहा कि पहाड़ी वातावरण में हम संयुक्त अभ्यास करना पसंद करेंगे क्योंकि भारतीय सेना पिछले कई वर्षो से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से मुकाबला करती आई है। हमने आतंकवाद से लड़ाई में जो कुछ सीखा है, उसे साझा करना चाहते हैं। अनुभवों की तुलना कर यह देखना चाहते हैं कि हम एक-दूसरे से कितना सीख सकते हैं और भविष्य में प्रत्यक्ष रूप से हम कैसे इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए यह मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण है।
पिछले महीने भारत की यात्रा के दौरान 58 वर्षीय आडिएर्नो अपने भारतीय समकक्ष जनरल बिक्रम सिंह से मुलाकात करने के अलावा रक्षा मंत्री से भी मिले थे और उत्तरी कमांड मुख्यालय उधमपुर का दौरा किया था। आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना की सफलता से प्रभावित अमेरिकी सेना प्रमुख ने कहा कि उनका देश कठिन माहौल और दुर्गम क्षेत्र में भारत के अनुभवों से बहुत कुछ सीखना चाहता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में संयुक्त अभ्यास की इच्छा जताते हुए कहा कि अमेरिकी सेना भारत से यह भी सीखना चाहती है कि वह कैसे अपनी लंबी सीमाओं की रक्षा करती है। भारत और अमेरिकी सेना 2003 में पहाड़ी लद्दाख क्षेत्र में संयुक्त अभ्यास कर चुकी हैं।
हाल में भारतीय सीमाओं में चीन की सेना द्वारा घुसपैठ की घटनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में अमेरिकी सेना प्रमुख ने कहा कि यह नियमित बात है और स्थितियां नियंत्रण में हैं। भारतीय सेना के महत्वाकांक्षी आधुनिकीकरण कार्यक्रम में उन्होंने अमेरिकी सहायता की भी इच्छा जताई। sabhar : http://www.jagran.com

Read more

Ads

 
Design by Sakshatkar.com | Sakshatkartv.com Bollywoodkhabar.com - Adtimes.co.uk | Varta.tv