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रविवार, 11 सितंबर 2022

चार्ल्स सम्राट घोषित, पहली बार जनता बनी गवाह

ऐतिहासिक समारोह में शाही परंपरा, इतिहास और आधुनिकता की झलक... टीवी पर सीधा प्रसारण व सार्वजनिक रूप से हुआ एलान, मां के पदचिह्नों पर चलने का जताया संकल्प लंदन। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बेटे और उनके उत्तराधिकारी राजा चार्ल्स तृतीय ब्रिटेन के नए सम्राट बन गए। शनिवार सुबह लंदन में बकिंघम पैलेस के पास सेंट जेम्स महल में हुए आधिकारिक समारोह में उन्होंने तमाम शाही प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूरी करते हुए राजगद्दी संभाली। दुखी मन से बात कर रहा : चार्ल्स प्रधानमंत्री, छह पूर्व प्रधानमंत्रियों, वरिष्ठ मंत्रियों और चुनिंदा सांसदों समेत बड़े राजनेताओं, चर्च ऑफ इंग्लैंड के नेता और शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से मिलकर बनी परिषद के समक्ष आधिकारिक तौर पर राजघराने की कमान लेने के बाद 73 वर्षीय चार्ल्स को बड़ी धूमधाम से तोपों की सलामी दी गई। फिर महल की बालकनी से सार्वजनिक बयान जारी करते हुए उनके महाराजा बनने का एलान हुआ। किंग चार्ल्स-3 ने लंदन के सेंट जेम्स पैलेस में अपने संबोधन के दौरान कहा, मैं आज आपसे बहुत दुखी मन के साथ बात कर रहा हूं। पूरी जिंदगी महारानी और मेरी प्यारी मां, मेरे तथा मेरे पूरे परिवार के लिए प्रेरणास्त्रोत और मिसाल रहीं। Geo मां ने जो संकल्प लिया, पूरा किया राज्यारोहण परिषद (एक्सेशन काउंसिल) के शाही रिवाजों के साथ हुए कार्यक्रम में न सिर्फ राजघराने की परंपरा, इतिहास और आधुनिकता का बेजोड़ संगम दिखा बल्कि टीवी पर सीधे प्रसारण के साथ पहली बार ब्रिटिश जनता इस भव्य अवसर का गवाह बनी। 300 वर्ष में पहली बार नए महाराजा का एलान सार्वजनिक रूप से किया गया। अब तक यह प्रक्रिया बंद कमरों में संपन्न होती थी और बाद में लंदन गजट में प्रकाशन के साथ खुलासा होता था। महाराजा घोषित होने के बाद राज सिंहासन पर बैठे किंग चार्ल्स-तृतीय। उनके पास महारानी का ताज भी रखा है। एजेंसी पीएम ट्र्स ने ली किंग के प्रति वफादारी की शपथ Me सम्राट के प्रति निष्ठा की शपथ लेतीं पीएम लिज ट्रस। एजेंसी ■उनके प्यार, लगाव, मार्गदर्शन, समझ व मिसाल बनने के लिए उनके दिल से कर्जदार हैं जैसा कि कोई भी परिवार अपनी मां के लिए होता है। हमें उनके जाने पर गहरा दुख है। मैं आपसे उसी आजीवन सेवा का वादा करता हूं। 123 •ब्रिटिश पीएम लिज ट्रस और उनकी सरकार के वरिष्ठ सदस्यों ने हाउस ऑफ कॉमन्स में किंग चार्ल्स-3 के प्रति वफादारी की शपथ ली। सर्वप्रथम हाउस अध्यक्ष लिंडसे हॉयले ने निष्ठा का संकल्प लिया। इसके बाद सांसदों व पीएम ने शपथ ली। ■ दरअसल, ब्रिटेन में सभी सांसदों को राजपरिवार के सबसे प्रमुख व्यक्ति के प्रति निष्ठा की शपथ लेनी होती है। वरिष्ठ सांसदों के लिए यह जरूरी है। एक्सेशन काउंसिल : राजा (संप्रभू शासक) की मौत और उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा का काम एक्सेशन काउंसिल का होता है। इसमें ब्रिटेन के प्रतिष्ठित पूर्व व मौजूदा राजनेता, शाही अधिकारी, चर्च ऑफ इंग्लैंड के प्रमुख व लंदन के लॉर्ड मेयर शामिल होते हैं, ये सभी प्रिवी काउंसिल (ब्रिटिश शासक के राजनीतिक सलाहकार या एक तरह के दरबारी) के सदस्य होते हैं। शासक की मौत के 24 घंटे के भीतर यह परिषद सेंट जेम्स पैलेस में मौत के साथ ही उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा की जाती है। न्यूज डायरी 1947 में अपने 21वें जन्मदिन पर महारानी ने केपटाउन से राष्ट्रमंडल को संबोधित करते हुए अपना जीवन, चाहे वो छोटा हो या बड़ा हो, लोगों की सेवा में लगाने की शपथ ली थी। उन्होंने कर्तव्य के लिए त्याग किए। ■ एक शासक के तौर पर उनका समर्पण और निष्ठा कभी कम नहीं हुई, फिर चाहे परिवर्तन और प्रगति का समय हो, खुशी और उत्सव का समय हो या दुख और क्षति का समय हो। ईश्वर सम्राट की रक्षा करे: तमाम प्रोटोकॉल के साथ हुई ताजपोशी के बाद महल में उपस्थित ब्रिटेन के अहम और राजघराने के वरिष्ठ लोगों ने एक स्वर में कहा, 'ईश्वर सम्राट की रक्षा करे।' यह दुनिया के लिए सबसे चौंकाने वाला क्षण भी रहा। फिर चार्ल्स ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन की औपचारिक जानकारी देने के साथ देश के नाम अपना संबोधन शुरू किया, जिसमें उन्होंने मां की विरासत को जारी रखने और कर्तव्य पालन की प्रतिबद्धता जताई। ताजपोशी से पहले और और राज दरबार की पहली बैठक आधिकारिक तौर पर राजा घोषित किए जाने के बाद शासक दरबारियों (प्रिवी काउंसिल) के साथ पहली बैठक करता है। इस दौरान राजा एक भाषण देता है, जिसमें कई व्यक्तिगत घोषणाएं करता है, साथ ही संघ अधिनियम, 1707 के तहत चर्च ऑफ स्कॉटलैंड की रक्षा की शपथ लेता है। नई जिम्मेदारियों संग मेरा जीवन बदल जाएगा मैं संकल्प लेता हूं कि जीवनभर निष्ठा, सम्मान और प्यार के साथ आपकी सेवा करने की कोशिश करूंगा। नई जिम्मेदारियों के साथ मेरा जीवन भी बदल जाएगा। मैं दान और उन दूसरे कार्यों को बहुत ज्यादा समय और ऊर्जा नहीं दे सकूंगा। बेशुमार दौलत छोड़ गईं बाद बाद में महीनों तक महीनों तक अपने वारिस चार्ल्स के लिए रानी एलिजाबेथ द्वितीय करीब 50 करोड़ डॉलर की निजी संपत्तियां और 28 अरब डॉलर से ज्यादा की परिसंपत्तियां छोड़कर गई हैं। चार्ल्स को राजा के तौर पर ब्रिटिश राजघराने की तमाम संपत्तियों से होने वाली आय का 1525 फीसदी भत्ते के तौर पर मिलता रहेगा। इसके अलावा प्रिवी पर्स (गुप्त निजी खजाने) की आय भी शासक को मिलती है। चलेगी चलेगी रस्म अदायगी चार्ल्स को शनिवार को सेंट जेम्स पैलेस में आधिकारिक तौर पर यूनाइटेड किंग्डम (इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स व उत्तरी आयरलैंड) का राजा घोषित कर तो दिया गया है लेकिन अभी चार्ल्स का राज्याभिषेक नहीं हुआ है। सैकड़ों वर्ष पुरानी कई रस्में हैं, जिनके पूरा किए जाने के बाद चार्ल्स की ताजपोशी होगी। इन प्रक्रियाओं के अहम पड़ाव और किरदारों को समझिए। राजा की हिफाजत की गुहार भाषण के बाद गार्टर ( राजा का प्रमुख सलाहकार) सेंट जेम्स पैलेस की बालकनी में खड़े होकर तेज आवाज में नए शासक की घोषणा करते हुए ईश्वर से शासक की रक्षा की गुहार लगाता है। इसके तुरंत बाद पूरे इंग्लैंड में दर्जनों से ज्यादा तोपें राजा की सलामी में गोले दागती हैं। इसके बाद गार्टर की तरफ से नए राजा की घोषणा की पूरे इंग्लैंड में मुनादी की जाती है। इसके बाद 24 घंटे तक राजध्वज पूरा फहराया जाता है, बाद में शोक के तौर पर आधा फहरता है। राजनिष्ठा की शपथ राजा घोषित किए जाने और मुनादी के बाद संसद का सत्र आयोजित किया जाता है, जिसमें सभी सांसद व प्रधानमंत्री सहित सरकार के सभी ओहदेदार नए शासक के प्रति वफादार होने की शपथ लेते हैं। ■ प्रोटेस्टेंट उत्तराधिकारी की शपथ नए शासक को एक्सेशन डिक्लेरेशन एक्ट, 1910 के मुताबिक यह शपथ लेनी होती है कि वह एक वफादार प्रोटेस्टेंट है और प्रोटेस्टेंट उत्तराधिकार की व्यवस्था को जारी रखेगा। हालांकि, यह शपथ आम चुनाव के बाद संसद की पहली बैठक के दौरान ली जाती है। अस्पतालों के मरीजों में छह पहली बार गुज्जर मुस्लिम राज्यसभा के लिए नामित : ■ राज्याभिषेक कई तरह की रस्म अदायगी और शोक से उबरने के कई माह बाद नए शासक की ताजपोशी होती है। रानी एलिजाबेथ द्वितीय की ताजपोशी उन्हें शासक घोषित किए जाने के 16 माह बाद हुई थी। - चार्ल्स की ताजपोशी की तारीख अभी तय नहीं है। ■ लेकिन, मैं जानता हूं कि ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दूसरे भरोसेमंद हाथों में जाएगी। ये मेरे परिवार के लिए भी बदलाव का समय है। मैं अपनी प्यारी पत्नी कैमिला से भी मदद पर भरोसा करता हूं। sabhar amar ujala dainik

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