Sakshatkar.com : Sakshatkartv.com

.

Item Post Navigation Display

Home Recent Posts Display

Related Posts Display

गुरुवार, 10 अप्रैल 2014

शनि के चांद पर पानी होने की संभावना

0

शनि चंद्रमा

सौरमंडल के दूसरे सबसे बड़े ग्रह शनि के एक चंद्रमा इन्सेलादस की सतह के नीचे पानी का 'सागर' होने के पर्याप्त सबूत मिले है. इस नए खोज ने ब्रह्मांड में पृथ्वी के बाहर जीवन होने की संभावना को बढ़ा दिया है
जब से अंतरिक्ष में जेट विमानों ने इसके दक्षिणी ध्रुव से बर्फीली चीज़ों को टूट कर गिरते देखा है तब से वैज्ञानिक उत्साहित है.

साइंस पत्रिका ने इसकी विस्तृत रिपोर्ट छापी है.नासा के अंतरिक्ष यान कासिनी की मदद से शोधकर्ता पानी के अत्यंत सूक्षम गुरुत्वाकर्षण संकेत का भी पता लगाएंगें.
प्रोफ़ेसर लुसियानो लेस ने बीबीसी न्यूज़ से कहा, "हमने जो मापा है उसके हिसाब से यह उत्तरी अमेरिका के सुपीरियर झील के आकार के एक बड़े जलाशय के अस्तित्व में होने की संभावना है. "
यह इटली के गार्डा झील से 245 गुना बड़ा हो सकता है.

अनुकूल परिस्थितियाँ

इन्सेलादस
कासिनी से मिले आकड़ों के मुताबिक़ इन्सेलादस के बर्फिले सतह के 40 किमी नीचे तरल पदार्थ है.
प्रोफ़ेसर लेस और उनकी टीम के निष्कर्षों के मुताबिक़ 500 किमी चौड़ा यह चंद्रमा सूक्षमजीवों के जीवन के अस्तित्व के लिहाज़ से पृथ्वी के बाद सबसे उपयुक्त जगह होगी.
कासिनी से मिले आकड़ों के मुताबिक़ इन्सेलादस के बर्फ़ीले सतह के 40 किमी नीचे तरल पदार्थ है.
कासिनी ने सबसे पहले 2005 में इस चंद्रमा पर फैले हुए वातावरण का पता लगाया था तब से वहाँ पानी के सागर होने की संभावना को बल मिला है.
कासिनी जब पहली बार शनि ग्रह में पहुँचा था तो वहां पर अंधेरा था. उस वक्त शनि में सर्दी का मौसम चल रहा था.
इसके वातावरण में खनिज और जल वाष्प होने के संकेत मिले है.
"मैं सोचता हूँ जीवन मौजूद होने की संभावनाओं वाली सूची में इन्सेलादस का नाम सबसे ऊपर है."
प्रोफेसर एंड्रयू कोट्स, ब्रिटेन कासिनी वैज्ञानिक
कासिनी लवण और कार्बन युक्त जैविक अणुओं का पता भी लगा रहा है.
इन्सेलादस के चारों ओर की कक्षा विकेन्द्रीत है. यह गोलाकार नहीं है. इसलिए इस विशाल ग्रह के द्वारा इन्सेलादस के बर्फ को गर्म कर के और पिघला के गुरुत्वाकर्षण को कम और ज़्यादा करने की संभावना रहती है.
सौर मंडल में कई कैसे चंद्रमाएँ है जिस पर जीवन होने की मजबूत संभावनाएँ है. शनि का सबसे बड़ा उपग्रह टाइटन , बृहस्पति के चन्द्रमाओं यूरोपा, गेनीमेड और कैलिस्टो और नेपच्यून के ट्राइटन इस श्रेणी में आते हैं.
चट्टान में पानी की मौजूदगी होने की वज़ह से इनमें से इन्सेलादस और यूरोपा पर जीवन होने की अधिक संभावना है.

क्योंकि इससे रसायनिक प्रक्रियाओं की संभावना बढ़ जाती है जो जीवन उत्पन्न होने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ तैयार करती है.sabhar :http://www.bbc.co.uk/

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

Ads

 
Design by Sakshatkar.com | Sakshatkartv.com Bollywoodkhabar.com - Adtimes.co.uk | Varta.tv