यह मामला इतना गंभीर है कि अमेरिकी फौज से रिटायर हो चुके कई पुरुष और महिलाओं ने अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के खिलाफ मुकदमा किया है। मुकदमा करने वालों में 25 महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं (मुकदमा कायम करते समय कुल लोगों की तादाद महज 17 थी)। इन लोगों का दावा है कि सशस्त्र सेनाओं में ड्यूटी के दौरान यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है।
यह मुकदमा फरवरी में सामने आया था। तब से और ऐसे 400 लोग सामने आए हैं, जिन्होंने सेना में यौन उत्पीड़न की शिकायत की है। इस मुकदमे को सुजैन बर्क लड़ रही हैं। ये सभी लोग इस समय अदालत के उस फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें उसे यह तय करना है कि इस मामले में ट्रायल शुरू होगा या नहीं।
लेकिन जानकार मानते हैं कि यह मुकदमा आगे चले या नहीं, लेकिन इस पूरी कोशिश ने अमेरिकी सेना के काले सच से पर्दा उठा दिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग के डिपार्टमेंट एसएपीआरओ की 2010 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल अमेरिकी सेना में यौन अपराधोंके 3,158 मामले दर्ज किए गए। लेकिन इनमें से महज 529 ही कोर्ट तक पहुंच सके और इनमें भी 104 में ही सज़ा मिल पाई।
अमेरिका में बुजुर्गों से जुड़े विभाग ने एक स्टडी की है, जिसके मुताबिक सेना में तैनात हर तीन महिला सैनिकों में से एक ड्यूटी के दौरान यौन हिंसा का सामना करती है। जबकि सिविल सोसाइटी में यह आंकड़ा हर छह महिलाओं में से एक का है। sabhar : bhaskar.com