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शनिवार, 12 अप्रैल 2014

मध्ययुग में प्रताड़ना के खौफनाक तरीके, देखें तस्वीरें

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मध्ययुग में प्रताड़ना के 10 खौफनाक तरीके, देखें तस्वीरें


मध्ययुग को कभी अच्छा नहीं माना गया। यूं कह लें कि बर्बरता का दूसरा नाम था 'मध्ययुग'। शरीर के अंगों पर जानलेवा प्रहार करने से लेकर उसे छिन्न-भिन्न करने का आदेश देना उन दिनों आम बात हुआ करती थी। किसी ने गलती से भी अगर जुर्म कर दिया और जुर्माना देने में असमर्थ साबित होता, तो उसे खौफनाक अंजाम से गुजरना पड़ता था। व्यक्ति की जीभ-होठ काट दिए जाते थे।
 
प्रताड़ना की ये तो इंतिहा है
 
पीड़ित को बेरहमी से मौत के घाट उतारा जाता था। इस युग के अधिकांश लोग गरीबी व बीमारी के चपेट में थे। उन पर जमींदारों का जोर चलता था। इसके अलावा वे जमींदारों के गुलाम हुआ करते थे। आइए, नजर डालते हैं मध्ययुग में प्रताड़ना के 10 खौफनाक तरीकों पर, जिसे पढ़कर आपकी भी रूह कांप उठेगी। 
 
धारदार पोल घुसेड़ देते
 
15वीं सदी में व्लाद तृतीय वालाशिया का राजकुमार था। व्लाद को ड्रैकुला नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि वह बेहद निर्दयी था। अपराध सिद्ध होने पर वह धारदार पोल को पीड़ित की शरीर के आर-पार करने का हुक्म सुनाता था। पोल की मोटाई इतनी होती थी कि उसे देख किसी भी इंसान की रूह कांप उठे।
 
जिस शख्स को ये सजा मिलती थी, उसे जबरन धारदार पोल पर बैठने के लिए मजबूर किया जाता था। पोल धीरे-धीरे उसके शरीर को चीरता हुआ निकल जाता था। तीन दिन की असहनीय पीड़ा झेलने के बाद आखिरकार पीड़ित की मौत हो जाती थी। व्लाद इस कदर जालिम इंसान था कि खाना खाते वक्त उसे ऐसा देखने में बड़ा आनंद आता था। जरा सोचिए, तब हैवानियत किस कदर सिर चढ़कर बोलती थी। 

मध्ययुग में प्रताड़ना के 10 खौफनाक तरीके, देखें तस्वीरें

जूडस क्रैडल यानी यहूदी पालना
 
यहूदी पालना एकबारगी देखने में धारदार पोल से जरा कम कष्टदाई लगे, लेकिन ये इंसान को तड़पा-तड़पा कर मारने वाला हथियार था। लोगों को नग्न कर यहूदी पालने में बिठाया जाता था। प्रताड़ना की ये प्रक्रिया बेहद खौफनाक होती थी। पीड़ित को तीन जगह से बंधे एक रिंगनुमा खाली सीट पर लटका दिया जाता था। फिर इसके नीचे यहूदी पालने को लगाया जाता। इस दौरान पीड़ित के पैर को रस्सी से बांध दिया जाता था, जिसे नीचे खड़े कुछ लोग पकड़े होते थे। सजा का आदेश मिलते ही, लोग रस्सी को एकदम से खींच देते। गौरतलब है कि स्त्री को उलटा और पुरुष को सीधे इस जानलेवा हथियार पर बिठा कर सजा दी जाती थी। इस सजा के दौरान लोग घंटों रस्सी को खींचते रहते थे।
 धातु का पिंजड़ा
 
इसे कॉफिन प्रताड़ना कहा जाता था। मध्ययुग में ये काफी प्रचलित था। अगर आपको ध्यान हो तो किसी हॉलीवुड फिल्म में आपने इस तरह से सजा देते हुए देखा होगा। पीड़ित को इस पिंजरे में कैद किया जाता था, ताकि वह अपनी जगह से हिल भी न सके। इसके बाद पिंजड़े को किसी पेड़ से लटका दिया जाता था। इस तरह की सजा ईशनिंदा जैसे गंभीर अपराध के लिए दी जाती थी। पीड़ित को या तो आदमखोर जानवर काट खाते या फिर वह पक्षियों का निवाला बनता था। हालांकि, देखने वाले पीड़ित का दर्द बढ़ाने के लिए उस पर पत्थरों से भी हमला करते थे। 

मध्ययुग में प्रताड़ना के 10 खौफनाक तरीके, देखें तस्वीरें

हड्डीतोड़ शैय्या
 
मध्ययुग में इस प्रताड़ना को सबसे दर्दनाक माना जाता था। हड्डीतोड़ शैय्या एक लकड़ी का फ्रेम है। इसमें लकड़ी के दो पट्टे ऐसे होते थे, जो लीवर के सहारे ऊपर की ओर उठाए जाते थे। लीवर शैय्या के दोनों ओर होता था। दोनों पट्टों पर नुकीली कीलें होती थीं। सजा देते वक्त पीड़ित के हाथ-पांव बांध कर उसे इस पर लिटा दिया जाता था। फिर शुरू होता था प्रताड़ना का खेल। शैय्या के दोनों ओर एक-एक व्यक्ति लीवर को मजबूती से उठाता और जैसे-जैसे पट्टा उठता पीड़ित की हड्डियां कड़कड़ाहट की आवाज के साथ टूटती जातीं। ये खेल तब तक चलता, जब तक पीड़ित दम नहीं तोड़ देता।

मध्ययुग में प्रताड़ना के 10 खौफनाक तरीके, देखें तस्वीरें
ब्रेस्ट रिपर
 
ये प्रताड़ना सिर्फ महिलाओं को दी जाती थी। अगर कोई महिला दूसरे पुरुष के साथ अंतरंग संबंध बनाती पाई जाती या फिर उस पर इस तरह का आरोप साबित होता, तो ब्रेस्ट रिपर के जरिए उसे प्रताड़ना दी जाती थी। रिपर को महिला के ब्रेस्ट से लगाकर जोर से दबा दिया जाता था। हालांकि, हैवानियत की इंतिहा इतनी ही नहीं, चिमटानुमा इस हथियार को आग पर तपाया जाता था। इस प्रताड़ना के दौरान पीड़िता के उभार को पूरी तरह से निकाल बाहर किया जाता था।  

मध्ययुग में प्रताड़ना के 10 खौफनाक तरीके, देखें तस्वीरें

घातक हथियार
 
तस्वीर में देख आप अंदाजा लगा सकते हैं कि छोटा-सा ये हथियार पीड़ित के लिए कितना कष्टदायक साबित हो सकता है। इस हथियार का इस्तेमाल केवल महिलाओं को सजा देने के लिए किया जाता था। ये सजा उन महिलाओं की दी जाती थी, जिन पर समलैंगिक होने या फिर बच्चा गिराने का आरोप सिद्ध होता था। ये नुकीला हथियार दो हिस्सों में बंट जाता है। इस सजा से शायद ही कोई महिला बच पाई थी।

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ब्रेकिंग व्हील
 
ब्रेकिंग व्हील को कैथरीन व्हील के नाम से भी जाना जाता था। इससे पीड़ित जिंदा नहीं बचता था। लेकिन ये उसे इतना तड़पा कर मारता था कि देखने वालों की रूह कांप उठती थी। पीड़ित को व्हील से बांध कर उस पर हथौड़े से तब-तक प्रहार किया जाता था, जब तक उसके शरीर की हड्डियां टूट नहीं जातीं। फिर मरने के लिए उसे छोड़ दिया जाता। ऐसा भी कहा जाता है कि जिन पर दया आ जाती, उनकी सिर्फ छाती और पेट पर ही हथौड़े से वार किया जाता था। हालांकि, पीड़ित किसी भी सूरत में जिंदा नहीं बचता था।
मध्ययुग में प्रताड़ना के 10 खौफनाक तरीके, देखें तस्वीरें
आरी प्रताड़ना
 
ये सजा पीड़ित को घोर व गंभीर अपराध के लिए दी जाती थी। इसमें एक खंभे के सहारे पीड़ित का पैर बांधकर उसे उलटा लटका दिया जाता था। फिर जो होता था, उसे आप तस्वीर में देख सकते हैं। महिलाओं के साथ भी ऐसा ही किया जाता था।

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हेड क्रसर
 
तस्वीर में आप देख सकते हैं कि एक टोपीनुमा यंत्र प्रताड़ना के लिए बनाया गया है। पीड़ित का सिर इस टोपी से जकड़ दिया जाता था। इसके बाद एक व्यक्ति धीरे-धीरे लीवर को घुमाने लगता था। जैसे-जैसे लीवर घूमता, टोपी से लगे रॉड पास आते जाते। फिर एक झटके में पीड़ित का सिर आवाज के साथ फट जाता।
 

मध्ययुग में प्रताड़ना के 10 खौफनाक तरीके, देखें तस्वीरें

नी स्प्लिटर
 
इस हथियार को देखते ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये कितना खतरनाक होगा। इसे नी स्प्लिटर कहते हैं। मतलब, पैरों को कुचलते हुए बेरहमी से अलग कर देने वाला हथियार। sabhar :http://www.bhaskar.com/


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बुधवार, 30 अक्टूबर 2013

इस निर्वस्त्र बाबा के चमत्कारों को देख अचंभित रह जाते थे लोग, देखें तस्वीरें

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इस निर्वस्त्र बाबा के चमत्कारों को देख अचंभित रह जाते थे लोग, देखें तस्वीरें

संत शोभन सरकार को अनुयायी चमत्कारी मानते हैं। उनके सोने के खजाने संबंधी दावों ने एक बार फिर भारतीय बाबाओं को सुर्खियों में ला दिया है। इनसे पहले भी यहां कई ऐसे साधु-संत हुए हैं, जिनकी चर्चाएं रही हैं। इनमें नीम करोली बाबा और देवरहा बाबा का नाम प्रमुख है। दैनिकभास्कर.कॉम ऐेसे ही बाबाओं पर प्रस्तुत कर रहा है एक विशेष सीरिज। 
 
इसी कड़ी में प्रस्तुत है त्रैलंग स्वामी की कहानी
 
विचित्रता के लिए मशहूर भारत को साधु-संतों की भूमि के रूप में जाना जाता है। अपनी साधना, अलौकिक शक्ति और चमत्कार के लिए कई संत पूरी दुनिया में मशहूर हैं। इनमें त्रैलंग स्वामी का नाम सम्मान से लिया जाता है।
 
300 साल जीवित रहे त्रैलंग स्वामी ने अपनी साधना की शुरूआत शमशान घाट से की। उनके बारे में कहा जाता है कि कई बार जहर पीने के बाद भी वह जीवित रहे। वह कई बार गंगा के ऊपर बैठे रहते तो कभी कई-कई दिनों के लिए गंगा नदी के अंदर रहते। वह गर्मी के दिनों भी दिन के समय की कड़ी धूप में मणिकर्णिका घाट की गर्म शिलाओं पर बैठे रहते थे। 
 
त्रैलंग स्वामी ने बनारस पुलिस को अपने चमत्कार के रूबरू कराया। एक बार बनारस पुलिस ने उन्हें जेल डाल दिया था। जिस कोठरी में पुलिस ने स्वामी को ताला बंद कर रखा गया था। वहां से स्वामी बार-बार छत पर पहुंच जाया करते थे। हताश होकर पुलिस अधिकारियों ने कोठरी के सामने पहरा भी बैठा दिया था। किन्तु हर बार स्वामी छत पर टहलते दिखाई पड़ते थे।  
आगे जानिए इस चमत्कारी बाबा की अनोखी कहानियां...
 
DISCLAIMER- बाबाओं के चमत्कार संबंधी तथ्य उनके अनुयायियों की मान्यता और कुछ पुस्तकों पर आधारित हैं। vartabook.com किसी भी तरह के अंधविश्वास का विरोध करता है।

इस निर्वस्त्र बाबा के चमत्कारों को देख अचंभित रह जाते थे लोग, देखें तस्वीरें

त्रैलंग स्वामी कई हफ्तों तक बिना भोजन के रहा करते थे। उनके चमत्कारों के संबंध में यह भी कहा जाता है कि उनका शरीर बहुत विशाल था, वजन करीब 137 किलो का था। इसके बावजूद वह जिस भी रूप में चाहते, अपने शरीर का उपयोग कर लेते थे। 

 इस निर्वस्त्र बाबा के चमत्कारों को देख अचंभित रह जाते थे लोग, देखें तस्वीरें

स्वामी जी लीला इतनी प्रचलित है कि उनके ऊपर बंगाली भाषा में दो फिल्मे भी बन चुकी हैं। 1971 में बनी यह दोनों फिल्मों में उनके जीवन का एक-एक घटना का वर्णन मिलता है। लेखक रॉबर्ट अर्नेट ने भी त्रैलंग स्वामी के चमत्कारों का बखान किया है। साथ ही उन्होंने स्वामी जी के बारे में बताते हुए यह भी कहा है कि वह लोगों या अपने नास्तिक आस्तिक भक्तों के मन को किताबों की तरह पढ़ लिया करते थे।
इस निर्वस्त्र बाबा के चमत्कारों को देख अचंभित रह जाते थे लोग, देखें तस्वीरें

गणपति सरस्वती का त्रैलंग स्वामी नाम उत्तर प्रदेश के वाराणसी की साधना के दौरान ही पड़ा था। 1887 में वाराणसी में मृत्यु से पहले स्वामी असी घाट. हनुमान घाट, दाशेश्वमेध घाट सहित कई यहां के कई अलग-अलग घाटों पर रहे। यही पर कई प्रमुख समकालीन बंगाली संतों जैसे रामकृष्ण, स्वामी विवेकानंद, महेन्द्रनाथ गुप्ता, लाहिरी महाशय और स्वामी अंभेदानंद, स्वामी भास्करानंद सरस्वती जैसे कई महान संतों ने उनसे मुलाकात की।
इस निर्वस्त्र बाबा के चमत्कारों को देख अचंभित रह जाते थे लोग, देखें तस्वीरें

त्रैलंग स्वामी का जन्म 1601 में हुआ। उन्हें गणपति सरस्वती भी कहा जाता है। उनके पिता का नृसिंह राव और माता का नाम विद्यावती था। अपनी माता की मृत्यु के बाद उन्होंने अपना घर छोड़ दिया था। 52 तक घर में रहने के बाद वह बाहर निकले और गुरू की खोज में जुट गए। शमशान घाट पर अपनी साधना की शुरूआत की, यहां उन्होंने 20 साल तक तपस्या की। इसके बाद वह कई स्थानों में घूमते हुए वाराणसी पहुंचे।

इस निर्वस्त्र बाबा के चमत्कारों को देख अचंभित रह जाते थे लोग, देखें तस्वीरें

वाराणसी में उन्होंने 150 वर्ष तक साधना की। इनकी बंगाल में बड़ी मान्यता थी। वहां स्वामी अपनी यौगिक एवं आध्यात्मिक शक्तियों एवं लंबी आयु के लिए खासा प्रसिद्ध रहे हैं। इन्हें भगवान शिव का एवं रामकृष्ण का अवतार माना जाता है। साथ ही इन्हें वाराणसी के चलते फिरते शिव की उपाधि भी दी गई है। अपने जन्म के 300 साल बाद पौष की एकादशी 1881 में उन्होंने उनकी मृत्यु हुई। 
इस निर्वस्त्र बाबा के चमत्कारों को देख अचंभित रह जाते थे लोग, देखें तस्वीरें
त्रैलंग स्वामी की रोचक बातें
 
त्रैलंग स्वामी हमेशा नग्न रहा करते थे। इस वजह से उन्हें कई बार बनारस पुलिस ने जेल में भी डाला था। जिस कोठरी में पुलिस ने स्वामी को ताला बंद कर रखा गया था। वहां से स्वामी त्रैलंग बार-बार छत पर पहुंच जाया करते थे। पुलिस बार-बार कोठरी के ताले लगवाती और स्वामी शीघ्र ही छत पर टहलते दिखाई देते। हताश होकर पुलिस अधिकारियों ने कोठरी के सामने पहरा भी बैठा दिया किन्तु इस बार भी स्वामी शीघ्र छत पर टहलते दिखाई दिए।

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त्रैलंग स्वामी सदा मौन धारण किए रहते थे। वह निराहार रहने थे, इसके बावजूद भी यदि कोई भक्त कुछ पेय पदार्थ लाते तो उसे वह बहुत प्यार से गृहण कर अपना उपवास तोड़ते थे। एक बार एक नास्तिक ने एक बाल्टी चूना घोलकर स्वामी जी के सामने रख दिया और उसे गाढ़ा दही बताया। स्वामी जी ने तो उसे पी लिया लेकिन कुछ ही देर बाद वह नास्तिक व्यक्ति छटपटाने लगा। स्वामी जी से अपने प्राणो की रक्षा की भीख मांगने लगा। 

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त्रैलंग स्वामी ने अपना मौन भंग करते हुए कहा कि तुमने मुझे विष पीने के लिए दिया। तुमने यह नही जाना कि तुम्हारा जीवन मेरे जीवन के साथ एकाकार है। यदि मैं यह नही जानता होता कि मेरे पेट में उसी तरह ईश्वर विराजमान है जिस तरह वह विश्व के अणु-परमाणु में है तब तो चूने के घोल ने मुझे मार ही डाला होता। अब तो तुमने कर्म का देवी अर्थ समझ लिया है, अत: फिर कभी किसी के साथ चालाकी करने की कोशिश मत करना। इसके बाद वह नास्तिक कष्ट मुक्त हो गया। sabhar : bhaskar.com




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मंगलवार, 1 अक्टूबर 2013

उसे असली महिलाओं से चिढ़ थी, इसीलिए बना बैठा डॉल से संबंध, देखें तस्वीरें

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उसे असली महिलाओं से चिढ़ थी, इसीलिए बना बैठा डॉल से संबंध, देखें तस्वीरें

अमेरिका ने अभी शटडाउन की घोषणा कर दी है। लाखों लोगों को बिना सैलरी के नौकरी से छुट्टी दे दी जाएगी। ऐसे कठिन में दौर में कोई भी पुरुष दो बीवियों की तो सोच भी नहीं सकता है, लेकिन मिशिगन के रहने वाले डेवकेट ने पत्नी की लाख मनाही के बाद भी उसकी सौतन घर ले आए हैं। दरअसल 40 वर्षीय डेवकेट रोबोट फैन हैं और उन्हें डॉल के साथ रहना बहुत पसंद है। उन्हें यह इतना पसंद था कि उन्होंने डॉल से ही शादी कर ली थी, लेकिन इस सुखद प्रेम कहानी में अजीब मोड़ तब आया, जब डेवकेट अपनी पत्नी की सौत को घर ले आए।

डेवकेट (काल्पनिक नाम) का मानना है कि उन्हें ऑर्गेनिक वीमेन यानी असलियत की महिलाओं से चिढ़ है। असली महिलाएं कभी भी धोखा दे सकती हैं, लेकिन प्लास्टिक की बीवी और रखैल कभी भी छोड़ कर नहीं जाएंगी। पहली प्लास्टिक बीवी सिडोर कुरोनेको के बाद ऐलना वोस्ट्रीकोवा का आगमन हो चुका है। दोंनों महिलाओं के साथ मिशिगन के प्लैट में रहता है। ऐलना अब उनके साथ उनके ऑफिस जाती है।
बकौल डेवकेट, मैं इन प्लास्टिक की मूरतों से ज्यादा सहज होता हूं। पेशे से बतौर आईटी वर्कर डेवकेट आईडॉक्टर्स संगठन का सदस्य है। उसे टेक्नोसेक्शुअल भी कहा जाता है। इनका कहना है कि उन्हें रोबोट पसंद हैं। वह आपकी हर जरूरत को पूरा करते हैं और सार्थक रिश्ता बना सकते हैं। डेवकेट ने दोनों डॉल को दुनिया की मशहूर कंपनी रियल डॉल से छह हजार डॉलर में खरीदा था।
उसे असली महिलाओं से चिढ़ थी, इसीलिए बना बैठा डॉल से संबंध, देखें तस्वीरें

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सोमवार, 5 अगस्त 2013

सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें

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सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें

एक-दूसरे में खोया हुआ यह प्रेमी जोड़ा आमतौर पर अन्य दूसरे जोड़ों जैसा ही लगे। इसके बावजूद यह औरों से खास हैं। इन दोनों में कुछ ऐसा बॉन्ड है, जो इन्हें दूसरों से अलग बनाता है। लड़की की तरह दिखने वाली कैटी हिल लड़का है और उनके ब्वॉयफ्रेंड एरिन लड़की है। दोनों ने अपना सेक्स बदला है।
 
अमेरिका के ओक्लाहामा के तुल्सा में रहने वाले कपल में लड़की रहने तक एरिन का नाम एमरल्ड था, जबकि कैटी लड़का होने तक ल्यूक नाम से जानी जाती थी। 17 साल के एरिन की मुलाकात कैटी जेंडर चेंज सर्जरी के बाद हुई। दोनों ने साथ जीने की कसमें खाई और आज यह जोड़ा आम प्रेमी जोड़ों की तरह लाइफ को इंज्वॉय कर रहा है। 
 
19 वर्षीय कैटी ने अपनी जिंदगी के शुरुआती 15 साल लड़के के रूप में बिताए। जन्म से ही लड़का के रूप में पैदा हुई कैटी का बचपन से अपनी सेक्शुअलिटी से संघर्ष चलता रहा है। वहीं लड़की पैदा हुए एरिन को लड़कों की तरह व्यवहार करना अच्छा लगता था।
 
 
ओक्लाहामा के तुल्सा में आजकल इन दोनों के प्रेम के खूब चर्चे हैं। दोनों ने ही हार्मोन थैरेपी से अपना सेक्स बदल लिया। हैरत की बात यह है कि हार्मोंस बदलने से पहले दोनों एक-दूसरे को बिल्कुल भी नहीं जानते थे।
सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें
कैटी एक साल पहले यूनिवर्सिटी स्टूडेंट थी। सेक्स चेंज सर्जरी के लिए उसे 35 हजार डॉलर (करीब 20 लाख रुपए) डोनेशन में मिले थे। यह डोनेशन अखबार में छपी स्टोरी के बाद एक गुमनाम दाता ने दिए थे। 

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17 वर्षीय ब्वॉयफ्रेंड एरिन अभी भी स्कूल में है। एक ऑपरेशन में उसके ब्रेस्ट को खत्म कर दिया था। आज वह गर्व के साथ छाती खोल के अपनी फिजिक दिखाता है। जून में क्लीवलैंड में हुई ब्रेस्ट सर्जरी के बाद उसकी यह पहली तस्वीर है, जिसमें वह नंगे बदन दिखाई दे रहा है। 

सेक्स बदल कर खूब मस्ती कर रहा है ट्रांसजेंडर टीनेज कपल, देखें तस्वीरें


ऑपरेशन के बाद एरिन ने बताया, मैं अपने ब्रेस्ट से नफरत करता था। क्योंकि मेरा शुरू से मानना था कि मैं कोई लड़की नहीं हूं। अब मैं आम लड़कों के तरह नंगा भी घूम सकता है। सड़कों पर यहां-वहां टहल सकता हूं। मैं स्वीमिंग पूल में बिना कपड़ों के तैर सकता हूं। अब कोई भी अपनी त्यौरियां नहीं चढ़ाता।

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उसने बताया कि उसका परिवार सर्जरी के बाद एकदम बदल गया। वह काफी सपोर्टिव हो गए। बकौल एरिन, मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे ऐसा परिवार मिला, जो मुझे समझ सके।

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कैटी और एरिन को मिले हुए पूरे दो साल हो गए हैं। वे पहली बार ट्रांसजेंडर सपोर्ट ग्रुप में मिले थे। पहली बार में ही दोनों ने अपने अहसास साझा किए थे। एरिन के बारे में कैटी कहती है, वह सिर्फ मेरा है। मुझे पहली बार में ही एरिन मर्दो जैसा लगा था। ट्रांसजेंडर होने के नाते मैं उसको ज्यादा समझ सकती हूं। 
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एक-दूसरे में खोया हुआ यह प्रेमी जोड़ा आमतौर पर अन्य दूसरे जोड़ों जैसा ही लगे। इसके बावजूद यह औरों से खास हैं। इन दोनों में कुछ ऐसा बॉन्ड है, जो इन्हें दूसरों से अलग बनाता है। लड़की की तरह दिखने वाली कैटी हिल लड़का है और उनके ब्वॉयफ्रेंड एरिन लड़की है। दोनों ने अपना सेक्स बदला है।
 
अमेरिका के ओक्लाहामा के तुल्सा में रहने वाले कपल में लड़की रहने तक एरिन का नाम एमरल्ड था, जबकि कैटी लड़का होने तक ल्यूक नाम से जानी जाती थी। 17 साल के एरिन की मुलाकात कैटी जेंडर चेंज सर्जरी के बाद हुई। दोनों ने साथ जीने की कसमें खाई और आज यह जोड़ा आम प्रेमी जोड़ों की तरह लाइफ को इंज्वॉय कर रहा है। 
 
19 वर्षीय कैटी ने अपनी जिंदगी के शुरुआती 15 साल लड़के के रूप में बिताए। जन्म से ही लड़का के रूप में पैदा हुई कैटी का बचपन से अपनी सेक्शुअलिटी से संघर्ष चलता रहा है। वहीं लड़की पैदा हुए एरिन को लड़कों की तरह व्यवहार करना अच्छा लगता था।
 
 
ओक्लाहामा के तुल्सा में आजकल इन दोनों के प्रेम के खूब चर्चे हैं। दोनों ने ही हार्मोन थैरेपी से अपना सेक्स बदल लिया। हैरत की बात यह है कि हार्मोंस बदलने से पहले दोनों एक-दूसरे को बिल्कुल भी नहीं जानते थे

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