घटना के मुताबिक, एक दिन 70 वर्षीय दशरथ(तब 66) ने अपनी बेटी की ननद को अपने मोहजाल में फंसाया और उसे घर ले गया। ननद की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। घर में अकेला पाकर उसने लड़की के संग अपनी वासना मिटा दी। हालांकि इस बारे में लड़की ने किसी को कुछ नहीं बताया, पर एक दिन जब घरवालों को पता चला कि वो गर्भवती है, तो जैसे भूचाल आ गया।
लार्डगंज थानांतर्गत आगा चौक के पास रहने वाले दशरथ बेन की पुत्री प्रसव के लिए वर्ष 2009 में अस्पताल में भर्ती थी। उसकी देखभाल के लिए उसकी ननद भी अस्पताल में थी। वहां पहुंचे आरोपी दशरथ ने बेटी की मानसिक रूप से विक्षिप्त ननद से कहा कि वह अपने घर चली जाए, अस्पताल में वह रुकेगा।
इस मामले में अब 70 साल का दशरथ 7 साल जेल की सजा भुगतेगा। इस घटना ने समाज को स्तब्ध कर दिया है। लोगों का कहना है कि समाज को ऐसी विकृतियों से बचाने के लिए चिंतन करना जरूरी है। sabhar : bhaskkar.com