यूरोपीय अधिकारियों ने पहली बार जीन थेरेपी के वाणिज्यिक इस्तेमाल की अनुमति दी हैजीन थेरेपी- उपचार की एक ऐसी विधि है जिसकी सहायता से मानव के आनुवंशिक कोड में किसी ग़लती को सुधारा जा सकता है चीन दुनिया का पहला ऐसा देश है जहाँ जीन थेरेपी का वाणिज्यिक दृष्टि से उपयोग करने की आधिकारिक तौर पर अनुमति दी गई है। यूरोप और अमरीका में इस विधि से इलाज अबी तक केवल अनुसंधान प्रयोगशालाओं में ही किया जा सकता है।यूरोपीय आयोग ने एक छोटी-सी डच कंपनी को इस दुर्लभ बीमारी का इलाज करने की मंज़ूरी दी है। इस बीमारी का संबंध मानव शरीर में अतिरिक्त चर्बी होने से है जिससे छुटकारा पाना लगभग असंभव है। इस बीमारी का उपचार करने के लिए जो नई दवाई बनी है उसका नाम Glybera है। इस दवाई में एक ऐसा वायरस डाला जाता है जो मानव की मांसपेशियों की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं के स्थान पर नई स्वस्थ
कोशिकाएँ बनाने में मददगार होता है। sabhar :http://hindi.ruvr.ru
सोमवार, 25 नवंबर 2013
यूरोपीय आयोग ने पहली बार जीन थेरेपी के वाणिज्यिक इस्तेमाल की अनुमति दी
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