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शुक्रवार, 13 जनवरी 2012

दिलफरेब हसीना से बनाया संबंध, दुल्हन बनाने की बात की तो...

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मोहाली. गांव कंडाला में गत माह हुए कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। कत्ल की वजह अवैध संबंध बताए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

गांव कंडाला में 7 दिसंबर को एक लाश मिली थी मृतक की पहचान उत्तराखंड के जिला नैनीताल के रहने वाले कुलभूषण के रूप में हुई। एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कुलभूषण पड़ोस में रहने वाली माधवी से जबर्दस्ती शादी करना चाहता था, जो उसकी हत्या का कारण बना।

पूर्व प्रेमी से मिलकर किया कत्ल

एसएसपी ने बताया कि माधवी दो साल पहले अपने पति महेश के साथ पंचकूला में रहती थी, जहां उसके शमशेर से अवैध संबंध बन गए। इसका पता महेश को चला, जिसके बाद वह माधवी को लेकर नैनीताल चला गया। नैनीताल में माधवी और कुलभूषण की दोस्ती हो गई, जिसके बाद कुलभूषण माधवी पर शादी के लिए दवाब डालने लगा। इससे परेशान होकर माधवी ने अपने पुराने प्रेमी शमशेर को बताया और कुलभूषण का कत्ल करने का फैसला किया।

माधवी ने कुलभूषण को बहाना यह बताया कि वह पीजीआई से कुछ डॉक्यूमेंट्स लाना चाहती है, इसलिए वह कुलभूषण को अपने साथ पंजाब ले आई और पहले से बनाए प्लान के तहत उसने अपने प्रेमी शमशेर और उसके दोस्तों सुबीर, मनोज शर्मा और हरिंदर सिंह के साथ मिलकर कुलभूषण का कत्ल कर दिया। पुलिस ने माधवी और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। sabhar : bhaskar.com

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कोठी में हो रहा था जिस्म का सौदा, बाहर से आईं गोरी मैम

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मोहाली/जीरकपुर. खरड़ सीआईए स्टाफ ने सेक्टर 68 में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर तीन विदेशी महिलाओं सहित दिल्ली की एक और एक सरहिंद की एक महिला को गिरफ्तार किया है। कोर्ट से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
 

 
पुलिस के अनुसार मोहाली के सेक्टर 68 की एक कोठी में सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था। इस मामले में मोहब्बत हरि मोवा, जीमीरा हरि मोवा उज्बेकिस्तान, मेहरी तुर्कमेनिस्तान, प्रति उर्फ रुचि, दिल्ली और सरहिंद की डॉ. अमरजीत कौर गिल को गिरफ्तार किया गया है। उधर, जीरकपुर पुलिस ने देहव्यापार के आरोप में अजय कुमार बिंटा, संदीप उर्फ राहुल, प्रिया, रत्ना, पायर और रीना को गिरफ्तार किया है।
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गुरुवार, 12 जनवरी 2012

पांच तरकीब जो बदल देंगी आपकी दुनिया

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आईबीएम वैसे तो आधुनिक कंप्यूटरों और तकनीक के लिए मशहूर है, लेकिन अब यह कंपनी पांच ऐसी नई तरकीब बाजार में ला रही है जिससे इंसान की जिंदगी बदल सकती है.

 
आईबीएम ने दिमाग में चल रहे विचारों को भांपने वाली मशीनों का आविष्कार किया है. इन मशीनों से पता लगाया जा सकेगा कि आप किस तरह के व्यक्ति से बात कर रहे हैं और उसके दिमाग में क्या चल रहा है. इस आविष्कार का नाम "आईबीएम 5 इन 5 है" और इसके लिए सामाजिक ट्रेंडों पर शोध किया गया है. 2017 से कंपनी अपने शोध के नतीजों का इस्तेमाल करना शुरू करेगी. "5 इन 5" का मतलब है, पांच ऐसे आविष्कार जो आने वाले सालों और महीनों में इंसान की जिंदगी बदल सकते हैं.
इनमें से पहला है पीपुल पॉवर. आईबीएम के वैज्ञानिकों का कहना है कि मनुष्य के हिलने डुलने से बहुत सारी ऊर्जा पैदा होती है और भविष्य में इसका सही तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा. अब कंपनी ऐसे तकनीक पर काम कर रही है जो किसी के चलने या काम करने से पैदा हो रही गर्मी को कहीं जमा कर सके ताकि उसका उपयोग बाद में किया जा सके.
दूसरी खोज के बारे में आईबीएम का कहना है कि स्काइवॉकर और एक्स मेन फिल्मों की तरह अब कंपनी ऐसी तकनीक बना रही है जिससे दिमाग को कंप्यूटर या स्मार्टफोन से जोड़ा जा सकता है. मिसाल के तौर पर आप अगर किसी को फोन करना चाहें, तो आपको केवल उसके बारे में सोचना होगा और फोन अपने आप कनेक्ट हो जाएगा. कंप्यूटर के स्क्रीन को भी आप अपनी सोच से नियंत्रित कर सकेंगे.
भविष्य में पासवर्ड की भी जरूरत नहीं होगी क्योंकि आंखों में रेटिना और आवाज से कंप्यूटर आपको पहचान लेगा. एटीएम से अगर आप पैसे निकालना चाहें, तो आपको बस मशीन के सामने खड़ा होना पड़ेगा. आपकी रेटिना को पढ़ कर कंप्यूटर अपने आप आपको पहचान लेता है और आपको पैसे निकालने में आसानी होती है.
तीसरी खोज पर एक बयान में कंपनी ने लिखा, "हूदीनी से लेकर स्काइवॉकर और फिर एक्स मेन, दिमाग को पढ़ना साइंस फिक्शन तक सीमित रह गया है, लेकिन कल्पना के फैंस की मन्नतें पूरी हो सकती हैं." हूदीनी एक मशहूर अमेरिकी जादूगर थे जो लोगों की भीड़ के बीचोंबीच से गायब होने और अपने आप को जंजीरों से छुड़ाने में अव्वल थे. अब माइंड रीडिंग एक आम बात होने वाली है.
आईबीएम ने अपने आविष्कारों में अमीरों को ही नहीं बल्कि समाज के हर स्तर के व्यक्ति को शामिल करने की कोशिश की है. दुनिया में ऐसे करोड़ों लोग हैं जिनके पास कंप्यूटर और यहां तक कि बिजली की सुविधा नहीं है. लेकिन कंपनी का कहना है कि आने वाले पांच सालों में दुनिया के 80 प्रतिशत लोगों के पास सेलफोन होगा और इससे बहुत सारे लोग वह सब काम कर पाएंगे जो वह इस समय नहीं कर पा रहे.
आईबीएम के 5 इन 5 में पांचवीं खोज आपके ईमेल इनबॉक्स में आपकी पसंद के संदेश लाएगी. बेकार के संदेश अब आपके ईमेल इनबॉक्स को भरेंगे नहीं. इंटरनेट में आपकी पसंदों को मापा जाएगा और उसके मुताबिक आपको संदेश भेजे जाएंगे.
रिपोर्टः एएफपी/मानसी गोपालकृष्णन
संपादनः महेश झा  sabhar : http://www.dw-world.de
 
 

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पहली बार छह भ्रूणों से पैदा हुए बंदर

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वैज्ञानिकों ने पहली बार कई भ्रूणों को मिलाकर बंदर बनाए. अमेरिकी वैज्ञानिकों के मुताबिक बंदरों को छह भ्रूणों की कोशिकाओं से बनाया गया है. खोज मोटापे, दिल की बीमारियों और डायबिटीज से लड़ने में मददगार साबित हो सकती है.

वैज्ञानिकों ने शुरुआती चरण में ही एक बंदरिया में मिश्रित भ्रूण कोशिकाएं डाल दीं. इस चरण को टोटीपोटेंट कहा जाता है. टोटीपोटेंट के दौरान भ्रूण की कोशिशकाएं एक शरीर के रूप में भी विकसित हो सकती है और अन्य जीवित ऊतकों में भी बदल सकती हैं. इस तरह तीन स्वस्थ बंदर के बच्चे पैदा हुए. इन नर बंदरों के नाम रोकु, हेक्स और काइमेरो रखे गए हैं.
प्रयोग में शामिल करने वाले शुखरात मितालिपोव कहते हैं, "कोशिशकाएं निष्क्रिय नहीं होती है. वह साथ में रहती हैं और ऊतक बनाने या अंग बनाने के काम में लग जाती हैं."
चूहों पर इस तरह के प्रयोग पहले हो चुके हैं. 'नॉक आउट' नाम के चूहों को वैज्ञानिकों ने इसी तरह भ्रूण प्रत्यारोपण के जरिए बनाया. मितालिपोव कहते हैं, "हम हर चीज के लिए चूहों को आधार नहीं बना सकते हैं. अगर हम स्टेम सेल थेरेपी को प्रयोगशाला से निकाल कर क्लीनिकों तक ले जाना चाहते है, चूहे से इंसानों तक ले जाना चाहते हैं तो हमें यह समझना होगा कि वानरों की कोशिशकाएं क्या कर सकती है और क्या नहीं."
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि कोशिकाओं का यह व्यवहार भविष्य में मोटापे, दिल की बीमारी, मधुमेह और पार्किंसन्स जैसी बीमारियों से लड़ने के काम आएगा.
रिपोर्ट: एपी/ओ सिंह
संपादन: एम गोपालकृष्णन
 sabhar :http://www.dw-world.de

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बुधवार, 11 जनवरी 2012

बाथटब में टॉपलेस विद्या का यह अंदाज देख उड़ जाएंगे होश, देखें वीडियो

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बॉलीवुड के फेमस फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी हर साल फ़िल्मी सितारों का एक बेहद हॉट कैलेंडर लॉन्च करते हैं| 2012 के लिए भी वह ऐसा कैलेंडर लाने की तैयारी शुरू कर चुके हैं| डब्बू बॉलीवुड के हॉट सेलेब्स के साथ कैलेंडर के लिए फोटोशूट शुरू कर चुके हैं|



सितारों संग फोटोशूट का टीजर यू ट्यूब पर जारी किया गया है| इसी कड़ी में विद्या बालन ने भी इस कैलेंडर के लिए एक फोटो शूट कराया| सभी अभिनेत्रियों को पीछे छोड़ते हुए विद्या ने बाथटब में टॉपलेस होकर एक से पोज दिए| विद्या ने बाथ टब में बैठ ऐसी ऐसी अदाएं दिखाईं हैं जिसे देख अच्छे अच्छों के होश उड़ जाएं| देखिए विद्या के सेक्सी फोटोशूट की एक झलक इस वीडियो में: sabhar : bhaskar.com

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मंगलवार, 10 जनवरी 2012

लंबी प्रक्रिया के बाद खुद ही ममी में परिवर्तित हो जाते थे जापानी भिक्षु

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उत्तरी जापान में लगभग दो दर्जन से अधिक जापानी भिक्षुओं की ममी मिली थी। इतिहासकारों के अनुसार इन बौद्ध भिक्षुओं को 'सोकूसिनबुत्सू' के नाम से जाना जाता था। शूगेन्दों (बौद्ध धर्म का पुराना पंथ) के अनुयायियों के अनुसार जापान के ये भिक्षु अपने पापों से मुक्ति के लिए आत्मबलिदान दिया करते थे और स्वयं को ममी में परिवर्तित किया करते थे।
इतिहासकारों के अनुसार देह त्यागने की इस प्रथा की शुरूआत 1000 साल पहले माउंट कोया स्थित मंदिर के कुकई नामक एक भिक्षु ने की थी। 'सेल्फ ममीफिकेशन' (जीवित शरीर को ममी में बदलना) की इस प्रथा को तीन प्रक्रियाओं के अनुसार अंजाम दिया जाता था और इस प्रक्रिया को पूरी होने में दस साल का समय लगता था।
सेल्फ ममीफिकेशन की प्रक्रिया -
इस प्रक्रिया का पहला चरण था खान-पान बदलना। इस चरण में भिक्षु मंदिर के आस-पास जंगलों में मिलने वाले बीज आदि खाया करते थे। इस तरह का आहार भिक्षुओं द्वारा 1000 दिनों तक लिया जाता था। लंबे समय तक इस तरह के आहार लेने से उनके शरीर की चर्बी कम हो जाती थी।
इसके बाद की प्रक्रिया-
भिक्षु खाने में सिर्फ देवदार के पेड़ की जड़ें खाया करते थे। परिणामस्वरूप उनके शरीर की नमी ख़त्म होने लगती थी और उनका शरीर सूखने लगता था और शरीर पर कंकाल मात्र शेष रह जाता था।
1000 दिनों की इस प्रक्रिया में भिक्षु ऊरूषि नामक पेड़ के पत्तों से बनी चाय का सेवन किया करते थे। यह काफी जहरीला होता है।
अंतिम प्रक्रिया-
इस अंतिम प्रक्रिया में भिक्षु एक बंद कमरे में खुद को कैद कर लिया करते थे, जहां कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो जाती थी और भिक्षु का शरीर स्वयं ही ममी में परिवर्तित हो जाता था।
ममी बनने की अनोखी प्रक्रिया-
मिस्त्र के इतिहास में झांका जाए तो ममी बनाने के लिए मृतकों की देह पर रासायनिक लेप लगाया जाता था, लेकिन इन भिक्षुओं के द्वारा अपनाई जाने वाली लंबी प्रक्रिया और अनोखे आहार सेवन के कारण इनका शरीर स्वयं ही ममी में परिवर्तित हो जाता था। कई चरणों में होने वाली सेल्फ ममीफिकेशन में हर प्रक्रिया 1000 दिनों की होती थी, जिसके कारण इसे पूरा होने में लगभग 10 सालों का समय लगता था। sabhar : bhaskar.com
 
 
 
 
 
 
 
 

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तेल, दाल के लिए पाकिस्तानी महिलाओं को करना पड़ता है सेक्स

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पेशावर. पाकिस्तान के फाटा इलाके में महिलाओं की हालत बहुत ज़्यादा खराब है। पाकिस्तान के इस बेहद अशांत इलाके में महिलाओं की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दाल और तेल जैसी रोजमर्रा की मामूली चीजों के बदले कैंपों में रह रहीं महिलाओं को सेक्स के लिए मजबूर किया जाता है।

फेडरली एडमिनिस्टर्ड ट्राइबल एरिया यानी फाटा में कबिलाई महिलाओं का आतंकवादी और सुरक्षा कर्मी-दोनों शोषण कर रहे हैं। ख्वेंदो कोर (बहन का घर का पश्तो भाषा में अनुवाद) नाम के मानवाधिकार संगठन ने फाटा में 'महिलाओं और लड़कियों पर संकट का असर' शीर्षक से रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में शोषण और दमन की कई रिपोर्ट शामिल हैं। इन्हीं में से एक रिपोर्ट में बताया गया है कि  फाटा के एक शिविर में रह रही काशमाला बीबी नाम की महिला अपने बच्चे को दूध पिला रही थी। तभी पांच आतंकी उसके शिविर में घुस आए और महिला के स्तन के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। आतंकियों में शामिल एक शख्स ने वहां मौजूद दूसरी महिला को स्तन के टुकड़े खाने को कहा।

खैबर पख्तूनख्वा के आईडीपी शिविरों में रह रहीं महिलाओं की हालत सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। फाटा के नहकाई और जालोजी नाम के शिविरों में महिलाओं की हालत का अंदाजा एक महिला के बयान से लगाया जा सकता है। जालोजी शिविर में रहने वाली 22 साल की निगत के मुताबिक, 'शिविर के मुख्य द्वार पर जब मैं तेल और दाल लेने गई थी, तब एक सुरक्षा अधिकारी ने इन चीजों के बदले मेरे साथ सेक्स किया।'

ख्वेंदो कोर की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि फाटा में झूठी शान के नाम पर हत्याओं के मामले भी बहुत बढ़ गए हैं। इनमें ज़्यादातर मामलों में पहले महिलाओं के साथ बलात्कार किया जाता है। चूंकि,  इस इलाके में बलात्कार को परिवार की शान के खिलाफ माना जाता है, इसलिए उनकी हत्या कर दी जाती है।  जबर्दस्ती शादी, कबीलों में महिलाओं की अदला-बदली, झूठी शान के लिए हत्या और चचेरे भाई-बहनों के बीच शादियों से अपंग पैदा होने वाले बच्चों के चलते इस इलाके में महिलाओं की ज़्यादा निर्भर बना दिया है।

इस इलाके में महिलाओं को सिर्फ जुल्म का ही नहीं सामना करना पड़ता है। बल्कि उन्हें इंसाफ के लिए लंबा फासला तय करना पड़ता है। इस इलाके में महिलाओं को 'जिरगा' के जरिए ही इंसाफ की मांग की इजाजत है। फाटा इलाके में महिलाएं सीधे कोर्ट में अपील नहीं कर सकती हैं। जिरगा ही तय करता है कि किसी भी मामले में महिलाएं कैसे आगे बढ़ें। sabhar : bhaskar.com


 
 
 

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जी जीनपिंग अगले साल बन सकते हैं चीन के राष्ट्रपति

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बीजिंग. चीन के शीर्ष नेतृत्व में अगले साल बड़े परिवर्तन होने की संभावना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उपराष्ट्रपति जी जीनपिंग राष्ट्रपति हू जिंताओ का स्थान लेंगे। कम्युनिस्ट पार्टी सीपीसी के आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रपति जिंताओ और प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ अगले साल सेवानिवृत्त हो सकते हैं। 







सीपीसी पोलित ब्यूरो के नौ में से सात सदस्यों का दूसरा कार्यकाल खत्म हो जाएगा या उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी हो जाएगी। हू और वेन समेत उनके स्तर के नेता 2003 से अब तक दो कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इस साल पार्टी कांग्रेस के बाद उनके सेवानिवृत्त होने की संभावना है। इनके बाद सिर्फ उपराष्ट्रपति जी जीनपिंग और उप प्रधानमंत्री ली केकियांग ही स्थायी समिति में बने रहेंगे। 



रिपोर्ट में कहा गया है कि 18वें नेशनल पार्टी कांग्रेस में पार्टी महासचिव चुने जाने वाला नेता ही 2013 में होने वाले नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में चुने जाने के बाद राष्ट्रपति पद पर नियुक्त होगा। गौरतलब है कि हू जिंताओ की ओर से जी को शक्तिशाली सैन्य आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद से ही उनका नाम राष्ट्रपति पद के लिए प्रमुखता से लिया जा रहा है। वहीं अगले साल ही अमेरिका,रूस,फ्रांस और जर्मनी में भी चुनाव होने हैं। sabhar : bhaskar.com

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ब्रह्माण्ड और भौतिकी को समझ लिया नहीं समझ पाए महिलाओं को

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कैंब्रिज.अपने जीवन में स्टीफन हॉकिंग ने ब्रह्माण्ड और भौतिकी के कई रहस्य सुलझाए हैं लेकिन एक रहस्य उनकी समझ से बाहर है। स्टीफन ने माना है कि उन्हें महिलाएं रहस्यमय लगती हैं और उन्हें समझना नामुमकिन है।

हॉकिंग इस रविवार को अपना सत्तरवां जन्मदिवस मनाने वाले हैं। इस मौके पर ‘न्यू साइंटिस्ट’ पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने माना कि वह दिन का अधिकतर वक्त महिलाओं के बारे में सोचते हैं और वे उन्हें समझ नहीं आती। हॉकिंग ने कहा कि ‘ब्लैक होल’ में बारे में एक धारणा अब तक उनकी सबसे बड़ी गलती है।
 
हॉकिंग मानते थे कि ब्लैकहोल में सूचनाएं खत्म हो जाती हैं लेकिन बाद में उन्होंने अपना विचार बदल लिया। विज्ञान के क्षेत्र में उतरे रहे युवाओं को हॉकिंग नया क्षेत्र और विचार चुनने का सुझाव देते हैं।

एब्रीफ हिस्ट्री ऑफ हॉकिंग

जन्म 8 जनवरी 1942 स्थान ऑक्सफोर्ड (इंग्लैंड) विवाह दो बार (दोनों बार तलाक) जेन हॉकिंग (1965-1991) एलेन मैसन (1995-2006) वर्तमान पद कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के अप्लाइड मैथमेटिक्स व थ्योरिटिकल फिजिक्स विभाग में थ्योरिटिकल कॉस्मोलॉजी सेंटर के निदेशक (शोध)

हॉकिंग कहते हैं..

॥मेरा लक्ष्य सीधा है। मुझे समझना है कि ब्रह्माण्ड कैसा है, क्यों है और जैसा है वैसा क्यों है।


॥हम एक आम सितारे के चारों ओर घूमने वाले छोटे से ग्रह पर रहने वाले विकसित बंदर हैं। लेकिन हम ब्रह्माण्ड को समझ सकते हैं और यह हमें कुछ खास बनाता है।

जिनका जीना ही बना रहस्य

दुनिया के सबसे प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का जीवन भी उनके शोध के विषयों की तरह एक रहस्य है। जब वह 21 साल के थे तभी उन्हें पता चला था कि उन्हें ल्यू गेहरिग्स डिजीज नामक मोटर न्यूरॉन संबंधी समस्या है। इस तरह की बीमारियों से ग्रस्त अधिकतर इंसान कुछेक साल ही जी पाते हैं, हॉकिंग इस 8 तारीख को 70 साल के हो जाएंगे। इस क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सक हॉकिंग के दीर्घायु होने को करिश्मा मानते हैं। हॉकिंग उन चुनिंदा वैज्ञानिकों में से हैं जिन्हें रॉकस्टार या फिल्मी सितारों जैसी प्रसिद्धि मिली है।

1988 में अपनी पुस्तक ‘द ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ के बाद वह पूरी दुनिया में चर्चा में आए। ब्रह्माण्ड के स्वरूप का सरल वर्णन करने वाली उनकी इस किताब की लाखों प्रतियां बिकीं। ब्लैक होल और बिग-बैंग जैसी खगोलीय घटनाओं पर उनके शोध और विचारों ने कई अहम खोजों के लिए रास्ता बनाया है। ताज्जुब की बात है कि ये सभी महान काम हॉकिंग ने एक व्हील चेयर पर एक कंप्यूटर और वायस जेनरेटर के जरिए किए।

हॉकिंग की व्हीलचेयर पर लगे इस कंप्यूटर और वायस सिंथेसाइजर के जरिए वह अपना चेहरा हिलाकर अपनी बात रखते हैं। एक इन्फ्रारेड कैमरा उनकी भंगिमाओं के जरिए शब्द चुनता है और कंप्यूटर-जनित आवाज उसे लोगों तक पहुंचाती है। हालांकि, हॉकिंग को इस मशीन से एक शिकायत है, ‘इसमें मेरी आवाज किसी अमेरिकी जैसी लगती है।’

हॉकिंग की लोकप्रियता ने उन्हें ‘द सिंपसंस’ और स्टार ट्रेक जैसे टीवी कार्यक्रमों का भी हिस्सा बना दिया है। हालांकि, हॉकिंग खुद भी लोकप्रियता पसंद करते हैं और मजाकिया हैं। उनसे अक्सर पूछने वालों के लिए उन्होंने अपने कंप्यूटर पर एक मैसेज रिकॉर्ड कर रखा है,‘ नहीं, मैं स्टीफन हॉकिंग नहीं हूं, पर उन जैसा लगता जरूर हूं।’ इस रविवार को उनके जन्मदिन के लिए कैंब्रिज यूनिवर्सिटी ‘द स्टेट ऑफ यूनिवर्स’ विषय पर एक सेमिनार आयोजित कर रही है जिसमें हॉकिंग सहित विश्व के 27 बड़े वैज्ञानिक वक्ता होंगे। sabhar : bhaskar.com
 
 
 
 

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ऋतिक ने भी जमकर दिए किसिंग सींस, देखिए तस्वीरें

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अपना 38 वां जन्मदिन मना रहे ऋतिक रोशन अपने अब तक के फ़िल्मी करियर में कई अभिनेत्रियों के साथ नजर आए हैं|



इनमें से कुछ के साथ ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री जबरदस्त साबित हुई है| फिल्मों में इनके संग ऋतिक ने किसिंग सीन्स भी दिए हैं| आइये देखते हैं इन हॉट एक्ट्रेसेस के साथ फिल्माए गए ऋतिक के कुछ हॉट किसिंग सीन्स:
 

अमीषा पटेल: अपनी पहली ही फिल्म 'कहो न प्यार है' में ऋतिक ने अमीषा पटेल के साथ एक किसिंग सीन दिया था| इन दोनों की जबरदस्त केम्सिट्री के चलते यह फिल्म सुपर हिट साबित हुई थी और ऋतिक रातों रात स्टार बन गए थे|
 

बारबरा मोरी: फिल्म काइट्स में ऋतिक ने हॉट मेक्सिकन अभिनेत्री के साथ जमकर हॉट और किसिंग सींस देकर सबको चौंका दिया था| किसी को उम्मीद नहीं थी कि ऋतिक किसी अभिनेत्री के साथ बड़े परदे पर इतने इंटिमेट सींस भी दे सकते हैं मगर उन्होंने ऐसा कर दिया| फिल्म के रिलीज़ होने के समय इनके अफेयर की चर्चा भी बहुत सुनने को मिली थी|
 

ऐश्वर्या राय: फिल्म धूम 2 में ऋतिक रोशन की जोड़ी पहली बार बच्चन बहू के साथ बनी| इस फिल्म में इन दोनों की जबरदस्त केमिस्ट्री की खूब तारीफ हुई| आमतौर पर ऐश बड़े परदे पर किसिंग सीन करने से बचती हैं मगर फिल्म में उन्होंने ऋतिक के साथ एक बेहद गरमा गरम किसिंग सीन देकर सबको चौंका दिया|
 

कैटरीना कैफ: बड़े परदे पर पहली बार ऋतिक और हॉट कैटरीना कैफ की जोड़ी 'जिंदगी मिलेगी न दोबारा' में नजर आई| इस फिल्म में भी कैट-ऋतिक के लिप लॉक सीन को खूब चर्चा मिली
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तस्वीरों में देखें सेक्स के बाद सुरंग से निकल मुंह छुपा भागती लड़कियां

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मुंबई। अंधेरी स्थित रत्ना पार्क बार में छापा मारकर महाराष्ट्र पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का भांडाभोड़ किया है। यहां से आठ लड़कियों सहित कई दलालों को गिरफ्तार किया गया है। सभी को पीटा एक्ट के तहत मामला दर्ज़ कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, इस बार में लड़कियों को बिल्कुल सकरी जगह (सुरंग) में छुपाया गया था। बार के अंदर किचन से जुड़े एक छोटे से केबिन में लडकियो को छिपाकर रखा गया था। पुलिस रेड के दौरान इन्हें यहीं छुपा दिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, सेक्स रैकेट में लिप्त लडकियों को चालाकी से छुपाकर रखा जाता था। इन्हे सिंगर का कार्ड भी बनाकर दिया गया था। जबकि लडकियां सिंगर नहीं, बल्कि सेक्स रैकेट में शामिल थी। देह व्यापार का सारा कारोबार मैनेजर चलता था। मैनेजर सहित 5 लोगो को गिरफ़्तार किया गया है। sabhar : bhaskar.com




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